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भाजपा ने नरेन्द्र मोदी की सहायता के लिए चुनावी पुरोधाओं की टीम घोषित की

भाजपा ने २०१४ के लिए प्रमुख प्रचारक नरेन्द्र मोदी की सहायता के लिए चुनावी पुरोधाओं की टीम की घोषणा कर दी है| इसमें वरिष्ठ नेताओं को सम्मान जनक दाईत्व सौंपा गया है| लेकिन एन डी ऐ का कुनबा बढाने के लिए कोई जिम्मेदारी की घोषणा नही की गई | बूथ मेनेजमेंट और सोशल मीडिया को महत्त्व देने पर विशेष दबाब दिया गया | इसमें मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान+ छत्तीस गढ़ के सी एम् रमन सिंह और गोवा के चीफ मिनिस्टर मनोहर पार्रिकर को शामिल किया गया हैजबकि श्री मति सुषमा स्वराज और अरुण जेटली को संयुक्त रूप से सबसे महत्वपूर्ण प्रचार समिति की कमान दी गई है।
२०१४ के चुनावों में उतरने के लिए केंद्रीय चुनाव अभियान समिति के अंतर्गत 19 उपसमितियां बनाई गई है।
नरेंद्र मोदी और राजनाथ के सबसे विश्वस्त अमित शाह और सुधांशु त्रिवेदी को भी महत्व दिया गया है|
पूर्व पार्टी अध्यक्ष मुरली मनोहर जोशी चुनावी घोषणापत्र तैयार करवाएंगे | जोशी के अलावा दो पूर्व अध्यक्ष नितिन गडकरी और एम वेंकैया नायडू का भी महत्व बरकरार रखते हुए दोनों नेताओं को उप समितियों के अध्यक्ष के साथ-साथ मार्गदर्शक भी बनाया गया है।
नितिन गडकरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए प्रभारी की भी जिम्मेदारी दी गई है। उनकी सहायता के लिए नवजोत सिंह सिद्धू को लगाया गया है|
नवयुवकों, संगठित-असंगठित मजदूरों और अलग-अलग पेशों से जुड़े वर्गो के लिए अलग-अलग जिम्मेदारी बांटी गई है|
प्रवक्ता अनत कुमार ने बताया के इस टीम के साथ अगस्त से मिशन-2014 की औपचारिक शुरुआत की जायेगी|

भाजपा के देशी अध्यक्ष राज नाथ सिंह भी इंडियन प्रवासी समुदाय को संबोधित करने के लिए अमेरिका जायेंगे

भाजपा के देशी अध्यक्ष राज नाथ सिंह भी इंडियन प्रवासी–[ Diaspora] समुदाय को संबोधित करने के लिए
अमेरिका [ OFBJP meet in New Jersey, ]जायेंगे|
भाजपा के कन्वेनर विजय जोली ने आज बताया कि पार्टी अध्यक्ष राज नाथ सिंह २० से २५ जुलाई को अमेरिका जायेंगे जहाँ २१ जुलाई को ओऍफ़ बी जे पी के यूं एस चैप्टर को टी वी एशिया सभागार [ न्यू जर्सी] में संबोधित करेंगे| इस इवेंट को टी वी एशिया+ आदि अनेको माध्यम द्वारा , सीधे प्रसारण से ,लगभग १.५ मिलियन अमेरिकी और केनेडियन दर्शकों तक पहुँचाया जाएगा| इसके अलावा भी अनेको कार्यक्रम आयोजित किये जायेंगे
ओऍफ़ बी जे पी के यूं एस अध्यक्ष जयेश पटेल और महेश मेहता भी आयेंगे

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था पर भाजपा ने चिंता व्यक्त की

उत्तर प्रदेश में कानून व्यवस्था के दिनों दिन बिगड़ने पर कांग्रेस के पश्चात अब भाजपा ने भी चिंता व्यक्त की |भाजपा प्रवक्ता, टेक्नोक्रेट, डॉ सुधांशू त्रिवेदी ने पार्टी की सामान्य ब्रीफिंग में समाज वादी पार्टी की यूं पी में सरकार पर कटाक्ष करते हुए कहा कि कानून व्यवस्था की समस्या नैसर्गिक रूप से सपा के साथ जुड़ी रहती है लेकिन इस बार तो सभी उम्मीदें ध्वस्त हो चुकी हैं| गुना और बलिया के विधायक से लेकर मंत्री आज़म खान +शिव पाल यादव+ और यहाँ तक कि पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव भी कानून व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा चुके हैं |
डॉ त्रिवेदी ने कहा कि बी एस पी के भ्रष्टाचार से त्रस्त उत्तर प्रदेश की जनता ने सपा को सत्ता सौंपी थी लेकिन मात्र डेड़ वर्षों में ही व्यवस्था बद से बत्तर हो गई है | युवा मुख्य मंत्री अखिलेश यादव की सरकार से उम्मीदें समाप्त हो गई हैं| उन्होंने आरोप लगाया कि सरकर के छह शक्ति केंद्र बने हुए हैं |शिव पाल यादव कहते हैं कि थानों पर समाज वादियों का कब्जा है|आज़म खान कहते हैं कि उन्होंने ऍफ़ आई आर दर्ज़ कराई और दूसरों ने पैसे देकर उनकी ऍफ़ आई आर को कही रफा दफा करवा लिया|पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह कहते हैं कि यदि में सत्ता में होता तो तत्काल सभी कुछ ठीक कर लेता|
डॉ सुधांशू त्रिवेदी ने कहा कि चूंकि सपा केंद्र में कांग्रेस की सरकर को सहयोग दे रही है ऐसे में प्रदेश में कांग्रेस भी सपा को सपोर्ट करने को बाध्य है ऐसे में इन दोनों पार्टियों से कोई उम्मीद नही है इसीलिए लोक सभा के चुनावों में दोनों को उखाड़ फैंकना जरुरी है |इससे पूर्व कांग्रेस कि नेत्री रीता बहुगुणा जोशी भी यह ओपचारिकता निभा चुकी हैं

भाजपा ने , संकीर्ण राजनीती से ऊपर उठ कर, उत्तराखंड में राष्ट्रीय आपदा घोषित किये जाने की मांग को दोहराया

प्रमुख विपक्षी दल भाजपा ने आज पुनः उतराखंड त्रासदी को राष्ट्रीय आपदा घोषित किये जाने की मांग को दोहराया है और संकीर्ण राजनीतिक स्वार्थों से ऊपर उठ कर आपदा के कारण जान कर इसकी पुनरावृति की रोक थाम के लिए राष्ट्रीय स्तर पर यौजना बनाये जाने पर बल दिया है|
भाजपा के सांसद और प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने आज पार्टी की प्रेस ब्रीफिंग में कहा कि उत्तराखंड की त्रासदी से आम जन दुखी है और सच्चे दिल से सहयोग करना चाहता है|इसी उद्देश्य से अनेकों प्रदेशों के मुख्य मंत्री वहां जा कर अपनी संवेदनाएं प्रकट कर रहे हैं और सहायता का हाथ बड़ा रह रहें|लेकिन दुर्भाग्य से देश के प्रधान मंत्री राष्ट्र के नाम कोई सन्देश नही दे रहे|विकराल /भयावह/ त्रासदी पर उनका मौन आश्चर्यजनक है|अमेरिका का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा की अमेरिका में अगर एक बन्दूक से लोग मारे जाते हैं तो डेमोक्रेट्स बराक ओबामा सरकार अपने विपक्षी रिपब्लिकन्स को साथ लेकर चलती हैभारत में इसके ठीक उलट सात दिन बीतने पर भी पी एम् ने शेष दलों से सहयोग की मांग नही की है|इस त्रासदी में कांग्रेस सरकार भी संकीर्ण मानसिकता का परिचय देते हुए नरेन्द्र मोदी के सहयोग के हाथ को निशाना बनाने में लगी है|
जावडेकर ने बताया के इस त्रासदी के कारण उत्तराखंड के पुनर्निर्माण की जरुरत है|मकान+सड़कें+पुल+ अस्पताल+मंदिरों का निर्माण किया जाना है|लेकिन मोदी भयग्रस्त सरकार आपदा को राष्ट्रीय आपदा तक घोषित नही कर रही है|
उन्होंने इस आपदा से सबक सीखने के लिए लेसन[सबक] लर्न[सीख] नॅशनल कमीशन बनाये जाने की मांग भी की |

कहत कबीर सुनो भाई साधो , होनी होके रही

कर्मों के विधान से कोई भी नहीं बच नहीं सका। एक पौराणिक आख्यान के माध्यम से कबीर दास जी हमें समझाते हैं :-
राहु केतु औ भानु चंद्रमा , विधि संयोग परी ।
कहत कबीर सुनो भाई साधो , होनी होके रही ।
कबीर दास जी फरमाते हैं कि जो राहु और केतु हैं उनका ग्रहण भानु और चंद्रमा को लगता है । उसकी कहानी इस प्रकार है – समुद्र मंथन हो रहा था । उसमें से अमृत , शराब और जहर तीनों ही निकले । जो देवता थे उन्होंने सोचा कि हम अमृत पीयें और शराब राक्षसों को पिलायें , विष तो महादेव जी ने पी लिया था । देवताओं ने अमृत पीना शुरू कर दिया तो एक राक्षस जिसका नाम राहु था, उसको मालुम हो गया । उसने अपना भेष बदला और देवताओं की पंक्ति मेंजाकर बैठ गया । उसने अमृत पीया , अमृत अभी मुंह में ही था , गले के नीचे भी नहीं उतरा था कि भगवान विष्णु को पता चल गया , भगवान विष्णु ने तुरंत उसका सिर काट दिया । अब जो सिर कटा हुआ है उसको केतु बोलते हैं और जो नीचे का धड़ है , उसको राहु बोलते है। चंद्रमा और सूर्य ने यह बात भगवान विष्णु को बताई थी । चंद्रमा और सूर्य को कुछ – कुछ समय बाद जो ग्रहण लगता है , राहु और केतु ही उसका निमित्त होते हैं । इस दोहे का कोई सम्बन्ध जे दी यूं और भाजपा के गठबंधन से नही है|
संत कबीर दास जी,
प्रस्तुति राकेश खुराना

उ. प्र.हंडिया विधान सभा के लिए हुए उप चुनाव में भाजपा को हार अपेक्षित थी

उत्तर प्रदेश में हंडिया विधान सभा के लिए हुए उप चुनाव में सत्ता रुड समाज वादी पार्टी ने बेशक भाजपा और कांग्रेस की जमानत जब्त करा दी है लेकिन २०१४ में लोक सभा के लिए होने वाले चुनावों पर नज़रें गडाए प्रदेश भाजपा हतोत्साहित नही है|उलटे पार्टी का कहना है कि इस सीट पर उन्हें कोई उम्मीद नहीं थी ये नतीजे अपेक्षित ही थे|इस पराजय के कारणों को जानने के लिए जब प्रदेश अध्यक्ष से बात की गई तो भाजपा प्रदेश अध्यक्ष डॉ लक्ष्मी कान्त वाजपई का कहना है कि हंडिया विधान सभा छेत्र कभी भी भाजपा ने अपने दम पर नहीं जीती| पहले राकेश धर त्रिपाठी भाजपा में आये तो उनके समक्ष भाजपा संगठन गौंड़ हो गया|उसके पश्चात त्रिपाठी बसपा में चले गए और उनका अपना संगठन भी उनके साथ ही चला गया|जाहिर है ऐसे में भाजपा के अपने संगठन का अभाव हो गया|| संगठन के आभाव में चुनाव में उतरने की मजबूरी को बताते हुए डॉ वाजपई ने बताया के भाजपा सत्ता रुड सपा को वाकओवर देना नही चाहती थी | पिछले छह माह से वहां संगठन को खडा करने के प्रयास किये जा रहे हैं जिसके फलस्वरूप पिछली बार से ग्यारह सौ वोट[३८००] अधिक मिले हैं| बेशक तीसरा स्थान मिला है लेकिन अपने राष्ट्रीय प्रतिद्वंदी कांग्रेस को चौथे स्थान पर धकेल दिया है| यह आंकड़े संतोषजनक नहीं कहे जा सकते इसीलिए २०१४ के लोक सभा के चुनावों तक संगठन खडा हो जाएगा और अच्छे नतीजे मिलेंगे|

दिल्ली में लगभग निष्क्रिय हो चुके भजपा के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल को पार्टी कार्यकर्ताओं ने भी नजर अंदाज किया

[नई दिल्ली]आम आदमी पार्टी [आप] के आन्दोलनों के समक्ष लगभग निष्क्रिय हो चुके , भारतीय जनता पार्टी की दिल्ली प्रदेश अध्यक्ष, विजय गोयल को पार्टी में ही नजर अंदाज किया जाने लगा है|विजय गोयल के पार्टी में घटते कद का सत्य बुधवार की रात सामने आया जब भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में केंद्रीय मंत्री श्री मति आरती मेहरा की ओर से दिए गए एक भोज में गोयल और उनके कुछ समर्थक आमंत्रितों में नही थे| इसे लेकर कई अर्थ निकाले जा रहे हैं।प्राप्त जानकारी के अनुसार इस भोज में कई विधायकों और वरिष्ठ नेताओं को आमंत्रित किया गया लेकिन पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष विजय गोयल और उनसे जुड़े कुछ खास लोगों को विशेष कारणों से नजरअंदाज किया गया| कहा जा रहा है कि गोयल की कार्यपद्धति से पार्टी का एक बड़ा तबका गोयल से नाखुश है ।
भाजपा के वरिष्ठ नेता व दिल्ली विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता विजय कुमार मल्होत्रा+ डॉ. हर्षवर्धन+ पूर्व मुख्यमंत्री साहिब सिंह वर्मा[अब स्वर्गीय] के पुत्र प्रवेश वर्मा+ विजय जौली, सुभाष आर्या, महेंद्र नागपाल, राम किशन सिंघल, आदि विधायकों सहित पार्टी के अनेकों कद्दावर लोग उपस्थित थे।
आने वाले विधानसभा चुनाव से पहले इस तरह के भोज आयोजन के कई मायने निकाले जा रहे हैं। कहा जा रहा है कि प्रदेश अध्यक्ष गोयल को प्रदेश अध्यक्ष बने अभी चार महीने ही बीते हैं और नवंबर में होने वाले दिल्ली विधानसभा चुनाव में पार्टी मुख्यमंत्री के तौर पर अपनी दावेदारी प्रचारित करनी शुरू कर दी है जिसे अधिकाँश लोग स्वीकार करने के मूड में नहीं है |इस दौरान उन्होंने ब्लॉक अध्यक्ष से लेकर प्रदेश कार्यकारिणी तक का गठन किया है। ब्लॉक अध्यक्षों की घोषणा के दिन से ही पार्टी में नाराजगी शुरू हो गई थी। असंतुष्ट नेताओं का कहना था कि ब्लॉक अध्यक्ष+प्रदेश कार्यकारिणी के चयन में वरिष्ठता व जमीनी कार्यकर्ताओं का ध्यान नही रखा गया
इस भोज ने यह साबित कर दिया है कि भाजपा प्रदेश इकाई में विजय गोयल थोपे गए अध्यक्ष हैं और यदि समय रहते इसका हल नहीं किया गया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में पार्टी को स्वाभाविक नुकसान उठाना पड़ सकता है।दिल्ली[MCD ]की मेयर रह चुकी श्री मति आरती मेहरा से पूछने पर उन्होंने बताया कि पार्टी में राष्ट्रीय मंत्री बनाये जाने पर उन्होंने यह पार्टी दी थी और यह उनकी निजी पार्टी थी |उन्होंने विजय गोयल के प्रति अपने विचारों के पत्ते तो नहीं खोले उन्होंने गोयल अच्छा अध्यक्ष बताते हुए यह भी जरूर कहा कि अभी तक पार्टी ने दिल्ली के मुख्य मंत्री पद के लिए किसी के नाम को फायनल नहीं किया है| प्रयास करने पर भी विजय गोयल से संपर्क नही हो पाया |हमेश फोन उनके समर्थकों द्वारा ही उठाया गया|

एक्टिविस्ट लोकायुक्त की लटकती तलवार से बचाव के लिए गुजरात में ढाल के रूप में बिल पास कराया तो सबको गुस्सा आया

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक बेचारा दुखी भाजपाई

ओये झल्लेया हसाड़े सोणे नरेन्द्र मोदी के खिलाफ ये क्या षड्यंत्र रचा जा रहा है?जो कुछ भी करने लगते हैं कांग्रेस और मीडिया वाले अपना खाना पीना सब छोड़ छाड़ कर बेचारे मोदी के पीछे ही पड जाते हैं| मोदी को हमने अपनी पार्टी के केंद्र में लिया तो इनके पेट में मरोड़ उठने लगे |अब देखो सुप्रीम कोर्ट और गवर्नर के आदेशों का पालन करते हुए गुजरात में लोकायुक्त को शक्तिशाली और प्रभावी बनाने के लिए लोकायुक्त बिल पास कराया तो इसे लोक तंत्र पर ही खतरा बता दिया गया|ओये छान तो बोले सो बोले लेकिन छन्नी भी बोली जिसमे सैंकड़ो छेद |इस कांग्रेस ने केंद्र में जन लोकपाल बिल का जिस तरह मजाक बनाया उसे देश अभी तक भूला नहीं है |अब ये लोग हमें ही निशाना बना रहे हैं|कहा जा रहा है कि गुजरात में लोकायुक्त की नियुक्ति में अब राज्यपाल की कोई भूमिका नहीं रह गई है।
भाई हमने गुजरात में अब लोकायुक्त के अलावा चार उप−लोकायुक्त भी बना दिए हैं|इनका अनुमोदन सुप्रीम कोर्ट द्वारा किया जाएगा|
जो प्रक्रिया केन्द्र सरकार लोकपाल की नियुक्ति के लिए अपना रही है वही प्रक्रिया गुजरात सरकार लोकायुक्त की नियुक्ति के लिए अपना रही है इस पर भी इन्हें ऐतराज है| ओये पहले कहा जाता था कि समरथ को नहीं दोष गुसाईं लेकिन अब तो समरथ राजनीतिक मोदी में ही सारे अवगुण तलाशे जा रहे हैं |ओये ये लोग गोस्वामी तुलसी दास जी से भी बड़े हो गए

एक्टिविस्ट लोकायुक्त की लटकती तलवार से बचाव के लिए गुजरात में ढाल के रूप में बिल पास कराया तो सबको गुस्सा आया

एक्टिविस्ट लोकायुक्त की लटकती तलवार से बचाव के लिए गुजरात में ढाल के रूप में बिल पास कराया तो सबको गुस्सा आया


झल्ला

ओ मेरे सेठ जी जो आप दिखाना चाह रहे हो वैसा सब कुछ नहीं है| दरअसल राज्यपाल कमला बेनीवाल ने न्यायाधीश आर ऐ मेहता को लोकायुक्त बना कर मुख्य मंत्री को चुनौती दी है|ये न्यायाधीश महोदय गुजरात में मोदी के खिलाफ काम कर रहे एक्टिविस्ट के सहयोगी रहे हैं|इसीलिए अपने ऊपर लटक रहे इस एक पक्षीय तलवार से बचने के लिए मोदी ने ढाल के रूप में लोकायुक्त बिल पास करा लिया है| अब तलवार और ढाल का तो पुराना रिश्ता रहा है|जहां तलवार होगे वहां ढाल भी जरुरी है|

नई कार्यकारिणी में नरेन्द्र मोदी को सुरक्षा कवच और वरुण गाँधी को उत्तर प्रदेश में नया चैलेन्ज मिला

भाजपा ने २०१४ के लोक सभा के चुनावों में विजय निर्माण के लिए अपने राजनीतिक अभियंताओं के दल की घोषणा कर दी है|इस में विशेष तौर से आज केवल दो तीन नामो पर चर्चा किया जाना श्रेयकर रहेगा|
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राज नाथ सिंह के लिए घोषित टीम में गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी के साथ उनके विशेष सिपाहसालार अमित शाह और उत्तर प्रदेश में सांसद वरुण गांधी को राष्ट्रीय टीम में शामिल किया गया है|इससे कई निशाने साधने के प्रयास किये गए हैं|
नरेन्द्र मोदी अभी तक विरोधियों के अलावा अनेकों एन जी ओ के निशाने पर रहे हैं| मोदी के अलावा गुजरात के ही अमित शाह भी आरोपों में घिरे हैं|यहाँ तक की उन्हें जमानत पर छोड़ा गया है| तमाम विरोधों के बावजूद पहले अमित शाह को राज्य की मुख्य राजनीतिक धारा में लाया गया और अब अमित को राष्ट्रीय धारा में शामिल किया गया है|इसका एक प्रभाव तो यह हुआ है के आज नरेन्द्र मोदी से ज्यादा अमित शाह की आलोचना होने लग गई है| विरोध के स्वरों का लक्ष्य बदलने लग गया है|नरेन्द्र मोदी की कम और अमित शाह की आलोचना ज्यादा हो रही है|अमित के अपराधिक और साम्प्रदाईक दंगों के रिपोर्ट कार्ड को आगे लाया जा रहा है| गुजरात में विपक्षी और भाजपा में अपने नेताओं के सुरों में अमित गूंजने लगा है| आजकल नरेन्द्र मोदी अमेरिका की प्रशंसा पाने के लिए जरुरत से ज्यादा व्यस्त दिखाई देते हैं लेकिन इसके साथ ही केंद्र में भी मोदी की ढाल के रूप में अमित शाह को इंट्रोड्यूस कर दिया गया है|शायद यही पार्टी का उद्देश्य भी हो सकता है|
इसके अलावा युवा सांसद वरुण गाँधी को महासचिव के पद पर प्रोमोट किया गया है|उत्तर प्रदेश से सांसद वरुण को उत्तर प्रदेश में बड़ी भूमिका दी जा सकती है|वरुण के चचेरे बड़े भाई राहुल गांधी के मुकाबिले भाजपा को प्रभावी चेहरे की तलाश थी जो अब दूर हो सकती है| पिली भीत में दिए अपने विवादित बयानों से वरुण गांधी ने एक विशेष तबके को अपनी तरफ आकर्षित किया है|यह उनकी उपलब्धि साबित हो सकती है|इसके अलावा यह कहना अनुचित नहीं होगा के कांग्रेस के राहुल गांधी भरसक प्रयासों के बावजूद भी कांग्रेस को उत्तर प्रदेश में कुछ ख़ास मुकाम नहीं दिला सके अब यदि वरुण गांधी यहाँ हिट हो जाते हैं तो स्वाभाविक रूप से दोनों भाईयों में तुलना शुरू हो जायेगी और इसका लाभ वरुण को राष्ट्रीय स्तर पर जरुर मिलेगा

संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है

 संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है:

संसद ने पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया और कहा ,पी ओ के सहित सम्पूर्ण जे & के भारत का अभिन्न अंग है:

पकिस्तान के निचले सदन में कल पास किये गए भारत के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव के जवाब में भारतीय संसद ने भी कडा रुख अख्तियार करते हुए पाकिस्तान के विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पारित किया | स्पीकर मीरा कुमार ने निंदा प्रस्ताव पडा और सभी ने मेजें थपथपा कर इसका समर्थन किया|इस प्रस्ताव में पाकिस्तान को चेतावनी दी गई है कि भारत के विरुद्ध आतंकवादी गतिविधियों से अलग रह कर आतंकवाद के विरुद्ध जंग की अपनी वचनबद्धता का पालन करे |इसके अलावा पूरे विस्श्व को भी यह सन्देश दिया गया कि पाक के कब्जे वाले काश्मीर सहित जे &के भारत का अभिन्न अंग है और रहेगा|
इससे पूर्व राज्यसभा में नेता विपक्ष अरुण जेटली ने सरकार से पाकिस्तान के इस प्रस्ताव के खिलाफ संसद में बहस की मांग की |श्री जेटली ने राज्यसभा में कहा कि आधिकारिक तौर पर ये पुष्ट हो गया है कि पाकिस्तान क्या चाहता है| अब समय आ गया है| भारत सरकार को कड़ा फैसला लेना चाहिए। पाकिस्तान से बातचीत का कोई फायदा नहीं है। इस तरह के प्रस्ताव पास करने से दोनों देशों के बीच शांति नहीं बहाल हो सकती है। इसलिए इस मुद्दे पर चर्चा के लिए किसी एक तारीख का चयन कर चर्चा करा लेनी चाहिए। वहीं नेता विपक्ष के चर्चा की मांग पर कांग्रेस के राजीव शुक्ला ने कहा कि सरकार विदेश मुद्दे को लेकर बहस को तैयार है।उन्होंने कहा कि विपक्ष द्वारा तय तारीख पर सरकार बहस के लिए तैयार है। उधर समाजवादी पार्टी के नेता कमाल फारूकी का कहना है कि पाकिस्तान को भारत के अंदरूनी मसले पर दखल देने का कोई हक नहीं है।
वहीं लोकसभा की प्रारम्भिक कार्यवाही को हंगामे के बाद स्थगित करना पड़ा।सपा +बसपा+शिव सेना+भाजपा आदि ने भी मीरा कुमा के प्रस्ताव का समर्थन किया
बीजेपी ने मांग की कि संसद में पाकिस्तान के प्रस्ताव का विरोध होना चाहिए और इस मुद्दे पर बहस कराई जानी चाहिए। यशवंत सिन्हा के अलावा प्रकाश जावडेकर ने भी दोनों सदनों में प्रश्नकाल स्थगित करने का नोटिस दिया।
गौरतलब है कि पाकिस्तान ने अपनी संसद में अफजल को फांसी दिये जाने की निंदा करते हुए एक प्रस्ताव पास किया है |पाकिस्तान की इस हरकत को बीजेपी ने भारत के आंतरिक मामले में हस्तक्षेप बताया है और और संसद से पाकिस्तान को जवाब देने की मांग की है|