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Tag: वातावरण

पोलिस अधिकारी और प्रशासनिक व्यवस्थापकों को पर्यटकों के साथ व्यवहार की ट्रेनिग दी जानी चाहिए

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक मेरठी

ओये झल्लेया ये हसाडा सोणा मेरठ किधर जा रहा है? यहाँ आये दिन विदेशी पर्यटकों के साथ बदसलूकी हो रही है| [१]मेरठ की दौराला पुलिस ने का ही वियतनाम के एक निर्दोष नागरिक को केवल अपनी धमक दिखलाने के लिए मोदी पुरम के समीप सड़क पर मुर्गा बना दिया और उस बहारे को सारी जिन्दगी के लिए अपमान का नासूर दे दिया [२] आस्ट्रेलिया से 19 सितंबर 2008 को भारत घूमने आई विदेशी युवती के साथ बस में सवार एक युवक ने दौराला क्षेत्र में ही छेड़खानी की थी पोलिस ने आँखे बंद कर ली [३] फ्रांसीसी युवतियां उत्तराखंड की बस से २०१० में हरिद्वार जा रही थी। बस के मेरठ में प्रवेश करते ही युवकों ने फ्रांसीसी युवतियों से छेड़खानी शुरू कर दी। परतापुर ब्रिज पर हंगामा हो गया ||ओये एक तरफ तो हम सरकार से यहाँ पर्यटन को बढावा देने के लिए यौज्नाएं मांगते नहीं थक रहे और दूसरी तरफ यहाँ से गुजरने वाले गिनती के ही पर्यटकों की ऐसी की तैसी करने में जुटे हैं| ऐसे कैसे चलेगा|

पोलिस अधिकारी और प्रशासनिक व्यवस्थापकों को पर्यटकों के साथ व्यवहार की ट्रेनिग दी जानी चाहिए


झल्ला

हाँ जी बात तो आप जी की सौलह आने सही है हमारे संस्कृति भी कहती है के अतिथि देवो भव|अब पूर्वजों के इस उपदेश को किताबों में ही बंद करके रख छोड़ें तब भी हसाडी सोणी सरकारें पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए करोड़ों रुपये की योजनाएं चलाती हैं| आये दिन टी वी विज्ञापनों में आमिर खान जैसे सेलेब्रेटी अथितियों का सम्मान करने के उपदेश दे रहे हैं|और तो और टर्की जैसा देश अपने इस्ताम्बुल के लिए पर्यटकों को लुभाने के लिए भारत में पापड बेल रहा है लेकिन हमारे यहाँ कुल्हाड़ी पर ही पैर मरने के तैय्यारी चल रही है| विदेशी मेहमानों के साथ अगर यहां की पुलिस मुर्गा बनाने जैसा सुलूक करेगी तो विदेशों में देश की क्या तस्वीर बनेगी।एक तो पहले से ही घोषित यौजनाएं [महाभारत सर्किट] ठन्डे बसते में पडी हैं और दूसरे ये दुर्व्यवहार ऐसे में भला कौन यहां आना चाहेगा और कैसे हमारी आर्थिक गाड़ी के पहिये रफ़्तार पकड़ेंगे |इसीलिए झल्लेविचारानुसार सबसे पहले पोलिस अधिकारी और प्रशासनिक व्यवस्था को पर्यटकों के साथ व्यवहार के ट्रेनिग दी जानी चाहिए|