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जनरल बिक्रम सिंह और आवा अध्यक्षा सुरजीत कौर ने शहीद हेमराज के परिवार का व्रत तुडवाया, ढाड्स बंधाया

इंडियन आर्मी के जनरल बिक्रम सिंह अपनी पत्नी और आर्मी वाइव्स वेलफेयर एसोसिएशन [ऐ.डब्लू.डब्लू.ऐ.]अध्यक्षा श्रीमति सुरजीत कौर के साथ शहीद हेमराज के परिजनों से मिलने उत्तर प्रदेश के मथुरा पहुंचे।यहाँ उन्होंने परिवार जनों का व्रत तुड़वाया उन्हें ढाड्स बंधाया और शहीद लांस नायक को श्रधांजली अर्पित की|इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हेमराज के परिवार का पूरा ख्याल रखा जाएगा और उन्हें उनका पूरा हक दिलाया जाएगा।
मथुरा जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर हेमराज के गांव-शेरनगर पहुंचे जनरल बिक्रम सिंह ने कहा, मैं हेमराज के परिवार को बताने आया हूं कि वह हमारे परिवार का हिस्सा हैं। सेना और पूरा देश उनके सपूत की कुर्बानी की कद्र करता है और हमेशा करता रहेगा।
जनरल सिंह ने कहा, मेरा पूरा आश्वासन है कि शहीद हेमराज के परिवार की ओर से जो भी मांग होगी, उसे सेना पूरा करेगी। परिजनों को उनका पूरा हक दिलाया जाएगा।
सेना प्रमुख करीब 20 मिनट तक वहां रुके। उन्होंने कहा कि परिजनों की कुछ मांगों और गांव के विकास को लेकर वह केंद्र तथा राज्य सरकार से बातचीत करेंगे।
परिजनों ने गांव में हेमराज की मूर्ति स्थापित करने की मांग भी की है। साथ ही वे पाकिस्तान को मुंहतोड़ जवाब देने की मांग कर रहे हैंऔर सेना इस दिशा में अपना काम कर रही है।
जनरल सिंह ने पाकिस्तान के इस दावे से इंकार किया कि भारतीय सेना के हमले में उसके एक सैनिक की मौत हो गई। सेना प्रमुख ने कहा कि यदि पाकिस्तान का कोई सैनिक मारा भी गया होगा तो वह जवाबी कार्रवाई में मारा गया होगा। भारतीय सैनिक अनुशासित हैं और एलओसी पार नहीं करते।
गौरतलब है की शहीद लांसनायक हेम राज को एल ओ सी पर शहीद कर दिया गया था और उसका सर भी काट ड़ाला गया था| क्षुब्ध परिवार सिर की मांग को लेकर व्रत पर बैठा था |पिछले दिनों

जनरल बिक्रम सिंह और आवा अध्यक्षा सुरजीत कौर

और भाजपा आदि दलों के नेता वहां आये मगर वहां पीड़ित परिवार और गावं का विश्वास नही जीत पाए | आज सेनाअध्यक्ष को अपने बीच पाकर उनका विश्वास लौटा और व्रत तोड़ने पर सहमती दी

जनरल बिक्रम सिंह भी आज गरजे : पाकिस्तान को चेताया:भारत को ‘जब और जहां चाहे’ जवाब देने का अधिकार है

वायु सेना के बाद आज थल सेना के अध्यक्ष जनरल बिक्रम सिंह ने भी कड़े शब्दों का प्रयोग करते हुए पाकिस्तान को चेताया है कि भारत को ‘जब और जहां चाहे’ जवाब देने का अधिकार है।सिर काटने को ‘अस्वीकार्य’ और ‘अक्षम्य’ करार देते हुए सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना को आक्रामक तरीके से सटीक जवाब देने को कहा गया है।
सेना प्रमुख ने कहा कि जम्मू-कश्मीर के मंढेर इलाके में नियंत्रण रेखा[एल ओ सी] पर छह जनवरी को दो भारतीय सैनिकों की हत्या पाकिस्तान सेना की सोची समझी और पहले से इरादा करके की गई कार्रवाई थी|इसके लिए प्लान बना कर पहले रेकी की गई फिर मीडिया में दुष्प्रचार किया गया उसके बाद हमारे सैनिको कि हत्या कि गई और सर काटा गया| अब भारत को पूरा अधिकार है कि वह ‘जब चाहे जहां चाहे’ इसका जवाब दे।उन्होंने शहीद हेमराज के परिवार से मिलने के लिए सैनिक दिवस के बाद मथुरा जाने की भी बात कही |
सेना दिवस की पूर्व संध्या पर एक संवाददाता सम्मेलन में जनरल सिंह ने कहा कि संघर्ष विराम नवंबर 2003 से प्रभावी है और ‘कुछ अपवाद’ को छोड़कर, जिनके लिए पूरी तरह

जनरल बिक्रम सिंह

पाकिस्तान जिम्मेदार है, अपनी जगह पर कायम है।
उन्होंने कहा कि बेशक यह हमला पाकिस्तानी सेना के जवानों ने किया, लेकिन इसमें लश्करे तैयबा के आतंकवादियों के उनके साथ होने की संभावना से इंकार नहीं किया जा सकता।जनरल सिंह ने कहा कि सरकार और सेना के स्तर पर पाकिस्तान के साथ इस मामले को उठाया जा रहा है, सेना के कमांडरों को निर्देश दिया गया है कि उकसाए जाने पर खामोश नहीं रह सकते। उन्होंने अपने कमांडरों को आक्रामक होने केआदेश दिए| पाकिस्तानी सेना की आलोचना करते हुए जनरल सिंह ने कहा कि सिर काटना हर तरह के नियमों के खिलाफ है।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्थानीय इकाई की तरफ से कुछ ‘सामरिक भूलें’ हुई’, जिन पर बाद में विचार किया जाएगा क्योंकि इस मौके पर जांच से बलों के मनोबल पर असर पड़ेगा।सेना प्रमुख ने कहा कि हमारी टीमें दुश्मन के हमले का जवाब देने के लिए संतुलित होनी चाहिएं।जनरल सिंह ने मामूली झड़प के जंग में बदलने की संभावना से इनकार किया और पाकिस्तान के परमाणु ब्लैकमेल को भी खारिज करते हुए कहा कि स्थानीय टकराव का इससे कोई वास्ता नहीं है। पाकिस्तान कार्रवाई का किसी तरह का जवाब दिए जाने के बारे में, उन्होंने कहा कि यह सरकार का फैसला होना चाहिए। सेना प्रमुख ने कहा कि वह पाकिस्तानी सैनिकों के हाथों मारे गए सैनिक हेमराज सिंह की विधवा के दुख में भागीदार हैं।उन्होंने कहा कि मुझे दुख है उसके तमाम दुख और तकलीफ के लिए, वह सेना परिवार का हिस्सा हैं। उन्हें तमाम सुविधाएं प्रदान की जाएंगी। सैनिक का सिर काटने की घटना पर सेना प्रमुख ने कहा कि भारतीय सेना कभी इस तरह का काम नहीं करेगी।उन्होंने कहा कि हम दुश्मन के शव को भी सम्मान देते हैं। यह हमारे मूल्य हैं |