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Tag: शीला दीक्षित

राहुल गांधी ने दिल्ली में मेट्रो+एयरपोर्ट के लिए भी शीला दीक्षित को श्रेय दिया और पीठ थपथपाई

कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में मेट्रो+ एयरपोर्ट के लिए भी सूबे मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को श्रेय देकर उनकी पीठ थपथपाई।
राजधानी के मंगोलपुरी में रविवार को आयोजित अपनी पहली रैली में राहुल ने प्रदेश में कांग्रेस सरकार की तारीफ में कोई कसर नहीं छोड़ी। मेट्रो+ एयरपोर्ट+ सुदृढ़ परिवहन व्यवस्था+ बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं+ शिक्षा के क्षेत्र में प्रगति आदि का जिक्र करते हुए कहा कि बीते 15 वर्षो में मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की अगुवाई में सरकार ने खूब विकास कार्य किए है । मेट्रो का उल्लेख करते हुए कहा कि दिल्ली मेट्रो के लोग इंडोनेशिया में भी जाकर अपनी प्रतिभा दिखा रहे हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली में 130 फ्लाईओवर व ओवरब्रिज बनाए गए हैं।
विश्वविद्यालयों में युवाओं के लिए 50 हजार सीटें उपलब्ध कराई गई हैं।
अनधिकृत कॉलोनियों को नियमित किया गया और 45 पुनर्वास कॉलोनियों को मालिकाना हक दिया गया।
दिल्ली में अन्य प्रदेशों से आने वाले लोगों के बारे में राहुल ने कहा कि दिल्ली की सरकार लोगों को साथ लेकर चलती है और उन्हें भी आगे बढ़ाने के इंतजाम करती है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष महिला आरक्षण विधेयक पारित नहीं होने देना चाहता, वह इसकी राह में रोड़े अटका रहा है। उन्होंने कहा कि हमारी पार्टी साधारण युवा कार्यकर्ताओं को लोकसभा व विधानसभाओं का सदस्य बनाना चाहती है। कांग्रेस गरीबों के हित में कानून बनाती है और उन्हें अधिकार देती है, जबकि विपक्ष गरीबों के बारे में सोचता तक नहीं। शिक्षा का अधिकार+ सूचना का अधिकार+ रोजगार का अधिकार सहित खाद्य सुरक्षा कानून के लिए हमारी सरकार ने रकम भी उपलब्ध कराई। उन्होंने राजस्थान सरकार का जिक्र करते हुए कहा कि वहां की कांग्रेस सरकार लोगों को मुफ्त में दवाएं उपलब्ध करा रही है। कांग्रेस की अगुवाई वाली संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की सरकार ने भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार की तुलना में तीन गुना ज्यादा सड़कें बनवाई हैं।
राहुल ने कहा कि कांग्रेस विनम्रता के साथ गरीबों के लिए संघर्ष करती है, जबकि विपक्ष राजनीतिक लाभ के लिए हथकंडे अपनाता है। उन्होंने कहा कि सच्चा कांग्रेसी वही है जो कमजोर की लड़ाई लड़ता है। इस अवसर पर मुख्यमंत्री शीला दीक्षित+ केंद्रीय मंत्री कृष्णा तीरथ+ अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव डॉ. शकील अहमद+ सांसद महाबल मिश्रा+ रमेश कुमार+ अरविंदर सिंह लवली + हारून यूसुफ+ दिल्ली सरकार के मंत्री राजकुमार चौहान,आदि ने भी भाषण दिए

बिजली वालों ने अरविन्द केजरीवाल की बिजली कनेक्शन का बलात्कार किया

बिजली वालों ने अरविंद केजरीवाल के घर की बिजली काटी तो केजरीवाल ने खुद जोड़ लिया कटा कनेक्शन|
बिजली वालों ने आज आम आदमी पार्टी[आप] नेता अरविंद केजरीवाल के घर का बिजली कनेक्शन काट दिया जिसे बाद में केजरीवाल ने खुद जोड़ लिया. बिजली पानी आंदोलन के चलते अरविंद केजरीवाल के परिवार वालों ने भी मार्च महीने से ही गाजियाबाद स्थित अपने घर का बिजली का बिल नहीं भरा था जिसके चलते यूपी बिजली बोर्ड ने उनके कौशांबी स्थित गिरनार अपार्टमेंट के घर की बिजली काट दी.| गौरतलब है कि पिछले कुछ दिनों से कुछ कांग्रेस के वक्ताओं ने आप पार्टी पर आरोप लगाने शुरू कर दिए थे कि आप के नेता दूसरों को तो बिजली का बिल नही देने के लिए भड़का रहे हैं और खुद बिजली पानी के बिल भर रहे हैं |अब अरविन्द केजरीवाल की बिजली काट कर उन्होंने अपने ही कथन को जुठालाया है | अरविन्द केजरीवाल और मुख्य मंत्री शीला दीक्षित में मुह जबानी बहस के पश्चात अभी तक पवन खेडा के माध्यम से ही खतोखिताबत[पत्राचार] ही चल रही थीअब फिर से लड़ाई सड़क पर आती दिख रही है और सड़क की लड़ाई में आप अपने हाथ दिखा ही चुकी है कनेक्शन की इस कटौती से बेशक दिल्ली की सरकार ने रिक्शा टेम्पो के पर लगे पोस्टर वॉर से ध्यान हटाने का प्रयास किया है लेकिन बिजली के मुद्दे को चुनावों तक ज़िंदा रखने के लिए आप को यह अवसर मिल गया है|
अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि “मैंने दिल्ली के लोगों से बिजली के बिल नहीं भरने की अपील की थी. मेरे परिवार ने तय किया कि बिल नहीं भरने से दिल्लीवासियों को जो परेशानी होगी उसे झेलने के लिए हम भी तैयार हैं इसलिए हमने मार्च से बिल भरना बंद कर दिया था. गांधीजी ने कहा था कि सरकार की गलत नीति का डटकर विरोध करना चाहिए और इस विरोध के चलते सरकार अगर सजा देती है तो उसे भुगतने के लिए भी तैयार रहना चाहिए. मैंने सत्याग्रही का फर्ज निभाया और इसके सभी परिणाम भुगतने को तैयार हूं.”
आप पार्टी ने दिल्ली में पानी और बिजली के नाजायज बिलों के खिलाफ सत्याग्रह शुरू किया था. पार्टी ने सबूतों के साथ बिजली के बढ़े दामों का सच जनता के सामने रखा था कि किस तरह शीला दीक्षित खुलेआम बिजली कंपनियों को भारी मुनाफा पहुंचा रही हैं और इसका खामियाजा आम आदमी को महंगी बिजली के रूप में चुकाना पड़ रहा है. शीला दीक्षित की इस मिलीभगत के चलते ही दिल्ली में बिजली के दाम दो साल में दोगुना से ज्यादा बढ़ा दिए गए.
इस मुद्दे पर दिल्लीवासियों को एकजुट करते हुए अरविंद केजरीवाल ने मार्च महीने में 15 दिनों का अनशन किया था. उन्होंने जनता से आह्वान किया था कि बिजली और पानी के नाजायजों बिलों के प्रति अपना विरोध जताने के लिए वह बिलों का भुगतान रोक दे. अरविंद केजरीवाल समेत पार्टी के कार्यकर्ता दिल्ली में उन घरों के बिजली के कटे कनेक्शन जोड़ रहे हैं जिनकी बिजली, निजी बिजली कंपनियों ने बिलों का भुगतान न कर पाने के कारण काट दी थी.

बसपाई पार्षद का दिल्ली में अपमान: ये तो शीलागिरी है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक उपेक्षित बसपाई पार्षद

ओये झाल्लेया ये क्या हो रहा है ओये दिल्ली की चीफ मिनिस्टर श्रीमती शीला दीक्षित ने दिल्ली के मयूर विहार फेज़−3 में पूर्वी दिल्ली के कोंडली इलाके में एक सामुदायिक भवन के उद्घाटन किया इस दौरान हसाड़ी लोकल युवा पार्षद प्रियंका गौतम की इन्सल्ट कर दी।सामुदायिक भवन के उद्घाटन बोर्ड में बसपा के स्थानीय पार्षद का नाम नहीं लिख कर दलितों के साथ अन्याय किया गया है।इस के विरोध में जनता ने भी जमकर हंगामा कर दिया । इसके बाद मुख्यमंत्री को काले झंडे भी दिखाए। लेकिन इस सब हंगामे के बावजूद जल्दबाजी में कार्यक्रम को खत्म करते हुए सी एम् ने कह दिया की हमने पार्षद को युवा और अनुभव की कमी के कारण माफ़ कर दिया है । ओये गलती खुद करो माफ़ पीड़ित को करो ये तो सरासर नाइंसाफी है ।

झल्ला

ओ बाऊ जी आज कल इनकी गुड्डी सातवें आसमान पर उड़ रही हैं इसीलिए इन्हें बिजली पानी का विरोध नज़र नहीं आ रहा| इनके लिए अरविन्द केजरीवाल के बिजली आन्दोलन के झटके बेअसर है|प्याज की कीमतों से आंसू नहीं निकलते हैं| ऐसे में ये एक पार्षद को ये क्या समझेंगे ।गनीमत समझो की इन्होने एक पार्षद को बच्चा समझ कर माफ़ कर दिया वरना तो श्री मति सोनिया और राहुल गाँधी जैसे बड़ों के गले लगने वाली शीला दीक्षित ने तो बड़े बड़ों को बड़ा कर दिया है|

“आप” ने आज बिजली के दामों में फ्राड का आरोप लगा कर मुख्य मंत्री,विद्युत् उत्पादक और रेग्युलेटरी कॉर्पोरेशन को घेरा

जनांदोलन में गुरु रहे अन्ना हजारे ने जन लोक पाल पर केंद्र सरकार तो चेले रहे अरविन्द केजरीवाल ने बिजली के मुद्दे पर दिल्ली सरकार के विरुद्ध बिगुल फूँका आप के नेता अरविन्द केजरीवाल ने आज फिर दिल्ली में शीला दीक्षित सरकार को बिजली के झटके दिए | हमेशा की तरह एक प्रेस कांफ्रेंस में दिल्ली सरकार ,विद्युत् विभाग दिल्ली इलेक्ट्रीसिटी रेग्युलेटरी कॉर्पोरेशन [डी ई आर सी]और विद्युत् उत्पादक अनिल अम्बानी और टाटा पर मिली भगत का आरोप लगाया और बिजली के दामो में कमी करने के बजाय दोगुनी बढोत्तरी का आरोप मड़ा| गौर तलब है कि अभी हाल ही में दिल्ली सरकार ने ३% की और बढोत्तरी की घोषणा को समर्थन दे दिया है|ऐसे में इस मुद्दे को उठा कर आप ने ना केवल सरकार को कटघरे में खड़ा करने का प्रयास किया वरन दिल्ली की गद्दी की तरफ एक कदम और आगे बड़ा दिया |
अरविन्द ने घोषणा की है कि दिल्ली की ६१ विधान सभा छेत्रों में प्रति माह एक आम बैठक करके बिजली के लिए मची लूट को उजागर किया जाएगा|
आम आदमी पार्टी की टोपी पहने अरविन्द ने आरोप लगाया कि निजीकरण के जरिए बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया है| निजीकरण से जनता को कोई फायदा नहीं हुआ.उलटे जनता धोखा धडी का शिकार हुई है| उपलब्ध आंकड़ों के हावाले से बताया गया कि दिल्ली में वर्ष २०१० में बिजली के दामो में २३% की कमी की जानी चाहिए थी मगर खर्चे बड़ा कर +नुक्सान दिखा कर बिना आडिट कराये ही बिजली के दामो में दोगुनी व्रद्धी कर दी गई है| बिजली कंपनियां फ्रॉड कर रही हैं और अपने खर्चे बढ़ाकर दिखा रही हैं, जबकि तथ्य यह है कि कंपनियों को नुकसान नहीं फायदा हो रहा है।
आप पार्टी के नेता केजरीवाल ने आरोप लगाया कि दिल्ली में बिजली कंपनियों को फायदा पहुंचाया गया। केजरीवाल ने ये भी कहा कि बिजली के दाम घटाने की सिफारिश शीला सरकार ने नहीं मानी। 4 मई 2010 को शीला सरकार ने बिजली के दाम घटाने के आदेश को रोका। केजरीवाल ने दावा किया कि दिल्ली में बिजली कंपनियों को 3577 करोड़ का मुनाफा हुआ है।और इन कंपनियों का आडिट कराने की मांग को सिरे से नकार कर दिल्ली की सरकार ने जनता के साथ भी धोखा किया है| केजरीवाल ने बताया के 1 % कनेक्शन की जांच करवाई गई। उसमें यह बात सामने आई कि 10 % उपभोक्ताओं के बिल जीरो दिखाए जा रहे हैं। यह भी पता चला कि उपभोक्ता पैसा तो दे रहे हैं लेकिन उस रिकवरी को कंपनियां बही-खातों में दिखा नहीं रही हैं ताकि रेवेन्यू कम दिख सके और लोगों को लगे कि कंपनियों को लगातार घाटा हो रहा है। इसके आधार पर शेष कनेक्शनों की भी जांच की जानी चाहिए थी लेकिन ऐसा नहीं किया गया
केजरीवाल के मुताबिक डी ई आर सी के पूर्व डायरेक्टर बिजेंद्र सिंह ने बिजली के दाम घटाने की सिफारिश की थी। उन्होंने 23 % दाम घटाने की सिफारिश की थी, लेकिन शीला दीक्षित ने दाम घटवाने का आदेश रुकवा दिया। केजरीवाल ने रेगुलेटरी कमीशन के चेयरमैन को बिजली कंपनियों का एजेंट बताया और उन्होंने कहा कि टाटा-अनिल अंबानी की कंपनियां घपला कर रही हैं। जबकि दिल्ली में आधी कीमत पर बिजली दी जा सकती है। उन्होंने बिजली कंपनियों पर मुनाफा और राजस्व छिपाने का भी आरोप लगाया।उन्होंने जनता के हित के बजाय जनता के खिलाफ विद्युत् उत्पादकों के हित में काम करने का आरोप दिल्ली सरकार पर लगाया| अरविन्द केजरीवाल ने २०१० की रिपोर्ट के आधार पर बिजली के दरें लागू करने,अनिल अम्बानी और टाटा की कंपनियों पर धारा ४२० के अंतर्गत मुकद्दमा दर्ज़ करवाने और वर्तमान डी ई आर सी श्री सुधाकर को तत्काल हटाये जाने के मांग की है|यहाँ यह भी बतातें चलें की अरविन्द केजरीवाल के वरिष्ठ रहे अन्ना बाबु राव हजारे ने केंद्र सरकार के विरुद्ध जन लोक पल के लिए बिगुल फूंकने की घोषणा की है तो अरविन्द केजरीवाल ने दिल्ली प्रदेश का तख्ता पलटने के लिए बिजली का सहारा लिया है| अरविन्द के साथ मनीष शिशोदिया और प्रशन भूषण आदि भी उपस्थित थे

बलात्कारियों के समूह की दरिंदगी का शिकार हुई २३ साल की पीडिता ने जीने की इच्छा लिए सिंगापुर में आज अंतिम सांस ली

दरिंदगी का शिकार हुई गंभीर रूप से घायल २३ साल की पीडिता ने जीने की इच्छा लिए आज अंतिम सांस ली | सिंगापूर स्थित माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सीईओ डॉ केविन लोह ने यह दुखद घोषणा करते हुए कहा कि अत्यंत दुख हो रहा है कि मरीज का 29 दिसंबर, 2012 की सुबह चार बजकर 45 मिनट पर (भारतीय समयानुसार 2:15) निधन हो गया |27 दिसंबर को सुबह जब गैंगरेप पीड़ित को इलाज के लिए सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में शिफ्ट कराया गया था, तो पीड़ित के घरवालों के साथ-साथ लोगों में उम्मीद जगी थी. सभी को यही उम्मीद थी कि सिंगापुर से नई जिंदगी के साथ लौटेगी भारत की बेटी लेकिन बीती रात भारतीय समय के मुताबिक करीब सवा 2 बजे सिंगापुर से जो यह दुखद खबर आई, उसने सभी को हिला कर रख दिया.| लड़की के शव को शनिवार दोपहर विशेष विमान से बाद भारत लाया जाएगा.|दिल्ली में विशेष सतर्कता बरतने के आदेश दे दिए गए हैं| राजधानी दिल्‍ली में सुरक्षा-व्‍यवस्‍था और कड़ी कर दी गई है. पुलिस जनाक्रोश थामने की कोशिशों में जुट गई है. दिल्ली पुलिस ने ट्वीट किया है कि आम जनता के लिए इंडिया गेट की ओर जाने वाली सभी सड़कों को बंद कर दिया गया है. इसके अलावा राजपथ और विजय चौक की ओर जाने वाले रास्तों को भी लोगों के लिए बंद कर दिया गया है दस मेट्रो बंद कर दी गई हैं|
.इस पर प्रतिक्रियाएं आनी प्रारम्भ हो गई है|

: प्रधानमंत्री डाक्टर मन मोहन सिंह

इस गंभीर घटना से देश के आम व खास, सभी लोग बेहद आहत हैं. प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने इस दुखद घटना के बारे में कहा कि वे इससे बेहद आहत हैं. उन्‍होंने कहा, ‘इस दुख की घड़ी में मैं लड़की के परिवारवालों और दोस्‍तों के साथ खड़ा हूं.’ प्रधानमंत्री ने यह भी कहा कि घटना से उपजे आक्रोश को सही दिशा दिया जाएगा. उन्‍होंने कहा कि लड़की की मौत को बेकार नहीं जाने देंगे.

शीला दी‍क्षित

दिल्‍ली की मुख्‍यमंत्री शीला दी‍क्षित ने कहा, ‘पीडि़ता के परिवार के साथ हमारी संवेदनाएं हैं. वह लड़की बहुत बहादुरी के साथ लड़ी.’ शीला दीक्षित ने लोगों से अपील की कि दुख की इस घड़ी में लोग शांति बनाए रखें. उन्‍होंने कहा कि इस तरह की घटना हमारे लिए शर्म की बात है.

मेट्रो स्‍टेशन

दिल्‍ली में होने वाले विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर 10 मेट्रो स्‍टेशनों को बंद कर दिया गया है. जिन स्‍टेशनों को बंद किया गया है, उनमें राजीव चौक, मंडी हाउस, प्रगति मैदान, केंद्रीय सचिवालय, बाराखंभा रोड शामिल हैं.
लड़की के साहस की हर ओर सराहना
पीडिता ने भारत में इलाज़ के दौरान अपनी मजबूत इच्छा शक्ति का प्रदर्शन किया और लागातार जीने की इच्छा व्यक्त की |
इसके बाद माउंट एलिजाबेथ अस्पताल के सीईओ के मुताबिक, लड़की के शरीर को इस कदर चोट पहुंचाई गई कि उसके सभी अंगों ने काम करना बंद कर दिया इसके बावजूद भी लड़की ने इलाज के दौरान असीम साहस का परिचय दिया.

चलती बस में गैंग रेप पीड़ित युवती को बेहतर इलाज़ के लिए बेहद गोपनीय ढंग से सिंगापुर भेजा गया

दस दिनों से जिंदगी और मौत के बीच जूझ रही बस में गैंग रेप पीड़ित युवती की हालत काबू से बाहर होने पर बेहतर इलाज के लिए बुधवार को बेहद गोपनीय ढंग से सिंगापुर भेज दिया गया है।इस एक कदम से सरकार ने पीडिता के प्रति जनाक्रोश को सम्मान देते हुए मानवीय संवेदनाओं का भी पालन किया है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार बुधवार रात सफदरजंग अस्पताल से गुड़गांव के मेदांता अस्पताल की एंबुलेंस युवती को आईजीआई एयरपोर्ट ले गई। जहां से उसे लेकर विशेष एयर एंबुलेंस में सिंगापुर रवाना कर दिया गया| इससे पहले युवती को विदेश भेजने की बात गोपनीयरखने के लिए [१]बुधवार को युवती का मेडिकल बुलेटिन जारी नहीं किया गया था। साथ ही[२] सफदरजंग अस्पताल से मीडियाकर्मियों को भी हटा दिया गया था।
युवती के साथ उसके माता-पिता, दोनों भाई और मेदांता के हार्ट स्पेशियलिस्ट डॉ. नरेश त्रेहन के अलावा युवती का यहां इलाज कर रहे सफदरजंग अस्पताल के डॉक्टरों की टीम भी गई है। युवती को सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल में भर्ती किया जाएगा। बताया जा रहा है कि इस अस्पताल में इलाज की बेहतरीन सुविधाएं हैं और दुनिया भर से जाने माने लोग भी इलाज कराने यहां पहुंचते हैं। सूत्रों के मुताबिक यहां युवती की सेहत में सुधार लाने के साथ ही उसकी आंत के ट्रांसप्लांट की कोशिश भी की जाएगी।दिल्ली कि मुख्य मंत्री शीला दीक्षित इस विषय में पहले ही प्रतिबद्धता दर्शा चुकी हैं|
इससे पहले बुधवार को युवती की हालत पर कैबिनेट की बैठक में भी चर्चा हुई। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद को कहाथा कि विदेश में पीडिता का बेहतर इलाज कराने पर विचार किया जाना चाहिए।

चलती बस में गैंग रेप पीड़ित युवती को बेहतर इलाज़ के लिए बेहद गोपनीय ढंग से सिंगापुर भेजा गया

इसके बाद ही युवती को सिंगापुर ले जाने की तैयारियां शुरू हो गईं। तत्काल युवती और उसके परिवार का पासपोर्ट बनवाया गया। पासपोर्ट और अन्य जरूरी कागजात के लिए आईसीयू में ही छात्रा के फोटो लिए गए।
रात करीब पौने ग्यारह बजे मेदांता अस्पताल की एंबुलेंस सफदरजंग अस्पताल से युवती को लेकर निकली तो खुलासा हुआ कि उसे विदेश ले जाया जा रहा है। युवती को आंत ट्रांसप्लांट के लिए पहले अमेरिका ले जाने की बात चल रही थी। लेकिन अमेरिका से मना होने के बाद उसे सिंगापुर ले जाया गया।
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया कि युवती को मंगलवार रात दिल की परेशानी हुई थी। इससे डॉक्टर घबरा गए थे। हवाई यात्रा के दौरान उसे किसी तरह की परेशानी न हो इसके लिए हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर नरेश त्रेहन को उसके चेकअप के लिए बुलाया गया था। त्रेहन ने जांच की और विदेश ले जाने के लिए अनुमति दे दी। जीबी पंत अस्पताल के आईजी सर्जरी के अनिल अग्रवाल को भी जांच के लिए बुलाया गया था।
सिंगापुर की विशेषता
भारत से सिंगापुर की यात्रा में कम समय लगता है। युवती की बेहद नाजुक हालत को देखते हुए डॉक्टर उसके लिए ज्यादा लंबी यात्रा नहीं चाहते थे। इसके अलावा अंगों के ट्रांसप्लांट के लिए सिंगापुर के माउंट एलिजाबेथ अस्पताल को एशिया में सबसे बेहतरीन अस्पताल में माना जाता है।
माउंट एलिजाबेथ अस्पताल
सिंगापुर के पार्कवे हेल्थ ग्रुप का 373 बेड वाला माउंट एलिजाबेथ एक स्पेशिलिटी अस्पताल है।यहां पर ब्लेडलेस कैटरेक्ट सर्जरी, प्रोस्टेट कैंसर, थायराइड और कोलोरेक्टल कैंसर की रोबोटिक सर्जरी, स्टेम सेल प्रत्यारोपण, प्रतिरोपण की अत्याधुनिक सुविधा मौजूद है। पूर्व सपा नेता सांसद अमर सिंह और विश्व विख्यात अभिनेता रजनीकांत का इलाज भी सिंगापुर के इसी अस्पताल में हुआ था। दोनों को सिंगापुर के इस अस्पताल ने नई जिंदगी दी है ।

आजादी के बाद हुए शहीदों की याद में स्मारक बनाने पर इंडिया गेट में सेना का कब्जा हो जाएगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये कांग्रेसी शीला दीक्षित ने दिल्ली में क्या तानाशाही मचा रखी है? कारगिल युद्ध के पश्चात से ही देश प्रेमियों द्वारा यह मांग उठाई जाती रही है किआजादी के बाद हुए शहीदों के लिए कोई राष्ट्रीय स्मारक बनना चाहिएजिसके लिए आजादी से पूर्व के शहीदों के लिए बनाए गए इंडिया गेट के समीप के स्थान को ही उपयुक्त माना गया है| अब जाकर रक्षा मंत्री ने यहाँ स्मारक बनाने पर सहमति दे दी है और ये दिल्ली कि मुख्य मंत्री शीला दीक्षित कह रही हैं की शहीदों का स्मारक इंडिया गेट पर नहीं बनाना चाहिए |उसके लिए कहीं और जगह ढूँढी जानी चाहिए

आजादी के बाद हुए शहीदों की याद में स्मारक बनाने पर इंडिया गेट में सेना का कब्जा हो जाएगा


झल्ला

ओ मेरे भोले सेठ जी ये सारा कब्जे का खेल है |कौरवों ने तो एक इंच भूमि के बदले महाभारत कर दिया था और शीला दीक्षित अपने हाथों से इंडिया गेट जैसा विश्व प्रसिद्द स्मारक भारतीय सेना के कब्जे में कैसे जाने दे सकती हैं|नहीं समझे सेठ जी शहीदों का स्मारक बनाने पर यहाँ पर कब्जा तो सेना को जाना है और ये सेना वाले तो बड़े बड़े नेताओं को भी सोच समझ कर ही आने जाने देते हैं

एक व्यक्ति प्रतिदिन मात्र चार रुपये में पेट भर खा सकता है:शीला दीक्षित

शीला दीक्षित के एक बयान पर बवाल हो गया है. शनिवार को दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान दिल्ली की सीएम ने कहा कि 600 रुपये पांच लोगों के परिवार की दाल-रोटी-चावल के लिए काफी हैं. हालांकि बाद में उन्होंने इस बयान पर सफाई भी दी, शीला दीक्षित ने अन्नश्री योजना की शुरुआत की थी. योजना है गरीब परिवारों को हर महीने अनाज के बदले 600 रुपये महीना देने की. शीला दीक्षित ने इस कार्यक्रम में कहा कि दिल्ली में पांच लोगों का परिवार छह सौ रुपये महीने में अच्छे से पेट भर सकता है. उसे कम से कम दाल, चावल और गेहूं तो मिल ही सकता है.
क्या दिल्ली में रहने वाले किसी आदमी का पेट सिर्फ 4 रुपये में भर सकता है.दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के मुताबिक दिल्ली में ऐसा संभव हैं.

शीला दीक्षित ने कहा, सरकार अन्नश्री के तहत हर महीने गरीब परिवारों को 600 रुपये देगी. मैं समझती हूं दिल्ली में पांच लोगों का परिवार छह सौ रुपये महीने में अच्छे से पेट भर सकता है.अर्थार्त पञ्च लोगों के परिवार के लिए महीने में १५० डाईट और ६०० रुपयों में १५० डाईट का अर्थ हुआ ४ रुपये प्रति डाईट |इस एक डाईट में सुबह दोपहर और शाम का खाना शामिल है|
शीला दीक्षित ने ये बात १५-दिसंबर को दिल्ली में अन्नश्री योजना की शुरुआत करते वक्त कही थी|.
शीला ने जब यह बयान दिया, तब कांग्रेस और यूं पी ऐ अध्यक्षा सोनिया गांधी भी मौजूद थीं।
जो सीधे परिवार की महिला सदस्य के बैंक एकाउंट में ट्रांसफर कर दिए जाएंगे। इस योजना का लाभ 25 लाख लोगों को मिलेगा।
इस योजना से लाभान्वित होने वाले लोगों ने शीला के बयान पर कड़ी आपत्ति जताई है|लोगों का कहना है कि अगर ४/= प्रति व्यक्ति प्रति दिन पर्याप्त है तो गरीब को तो खुली छत के नीचे रहना और कभी बीमार नहीं होना चाहिए\इसके अलावा सरकार को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि बाज़ार कीमतें भी इसी के अनुरूप रहेंगी|
योजना को शुरू करने के मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने कहा कि ये योजना आधार कार्ड से जुड़ा होगी और पीडीएस स्कीम से अलग होगी। सोनिया गांधी ने अन्न श्री योजना लागू करने के लिए दिल्ली सरकार की तारीफ करते हुए कहा कि इस स्कीम की सबसे अच्छी बात ये है कि पैसा जरूरतमंद परिवार की महिला सदस्य को मिलेगा।
श्रीमति सोनिया गांधी ने कहा कि यूपीए और कांग्रेस की सरकार गरीबों को भोजन देने की गांरटी को लेकर गंभीर है और जल्द ही संसद में फूड सिक्योरिटी बिल पेश किया जाएगा। एक तरफ सरकार मानती है महंगाई बढ़ रही है लेकिन दूसरी तरफ कभी ये कहा जाता है कि 20 रुपये से ज्यादा कमाने वाले को गरीब नहीं माना जा सकता। अब दिल्ली के मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने ही अन्नश्री योजना की शुरुआत करते हुए यहां तक कह डाला कि 600 रुपये में पांच सदस्यों वाले एक परिवार का खर्च आसानी से चल जाएगा। ये बयान गरीबी का मजाक नहीं तो और क्या है। इसके पहले मोंटेक सिंह अहलूवालिया ने 27 रुपये रोज कमाने वाले शख्स को गरीबी रेखा के नीचे करार देने से इनकार कर दिया था। मोंटेक की तब खासी किरकिरी हुई थी। बावजूद इसके अब शीला दीक्षित ने 600 रुपये की थ्योरी देकर प्रति व्यक्ति के लिए पूरे दिन के खाने के लिए मात्र चार रुपये पर्याप्त बता कर चौंका दिया है। रांची में मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा ने २०११ में दाल-भात योजन की शुरूआत की। इस योजना के अंतगर्त राज्य में 100 केंद्रों पर प्रतिदिन मात्र 5/- (पांच) रूपय में दोपहर के खाने की व्यवस्था सरकार के द्वारा की गई|अब एक साल के बाद महंगी दर इतनी बड चुकी है मगर सरकारी आंकड़ों के अनुसार मानवीय डाईट की आवश्यकता घटाई गई है यह हास्यस्पद है|

शीला दीक्षित

अरविन्द केजरीवाल ने शीला दीक्षित के खिलाफ शाहीन बाग़ के ध्वस्तीकरण का नया मोर्चा खोला

अरविन्द केजरीवाल V/S शीला दीक्षित

आम आदमी पार्टी [आप] के नेता अरविंद केजरीवाल ने आज शुक्रवार को दक्षिण दिल्ली में ओखला के शाहीनबाग में बेघर किये गए लोगों के समर्थन में राज्य सरकार को घेरने का प्रयास किया| राजधानी दिल्ली के शाहीन बाग में 500 घरों को गिराने के विरोध में आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल ने आज सुबह दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के घर का घेराव किया| मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने तबियत खराब होने का कारण देते हुए केजरीवाल से पब्लिक के सामने बाहर आ कर बात करने से इंकार कर दिया |इस पर केजरीवाल ने दीक्षित के घर के बाहर धरना दिया|.केजरीवाल ने मंगल वार को बेघर किये गए 500 घरों के लोगों के दर्द को शेयर करते हुए प्रदेश सरकार पर आरोप लगाया कि लोगों के पास जमीन के कागजात और आईडी प्रूफ होने के बाद भी बिना किसी नोटिस के जबरन लोगों के घर गिराए गए.| इसमें भी एक बड़े भूमि घोटाले का संदेह व्यक्त किया गया है।
दिल्ली सरकार ने मंगलवार की दोपहर यहां लोगों के घर गिरवा दिए थे| अरविंद केजरीवाल ने अपने समर्थकों के साथ शाहीन बाह इलाके का दौरा किया.|
केजरीवाल के मुताबिक उन्होंने प्रभावित लोगों की परेशानी बयान करने के लिए शीला दीक्षित से मिलने का वक्त मांगा था, लेकिन उन्होंने मिलने से इनकार कर दिय| मुख्यमंत्री उनसे मिलने के लिए वक्त नहीं निकालती हैं तो भी वह शाहीनबाग के बेघर लोगों के साथ शुक्रवार को मुख्यमंत्री आवास पर बातचीत करने जाने का एलान किया और पुलिस ने उन्हें नहीं जाने की हिदायत दी अन्यथा सख्ती से निबटने की चेतावनी दी गई |
केजरीवाल ने कहा कि जिन लोगों के घर उजाड़े गए हैं वे बेहद गरीब हैं। उन्होंने कहा कि क्या मुख्यमंत्री शीला दीक्षित के मन में कोई संवेदना नहीं बची है। मुख्यमंत्री को जानना चाहिए कि इस कड़ाके की ठंड में लोग बेघर कर दिए गए हैं|
केजरीवाल का कहना था कि जिन लोगों का आशियाना गिराया गया है वे वर्षो से यहां रह रहे हैं, उनके पास जमीन के कागज, मतदाता पहचान पत्र, गैस कनेक्शन और आधार कार्ड तक हैं।अगर किसी के पास कुछ कागजात कम भी होंगे तो बिना उनके पुनर्वास के ऐसी कार्रवाई कैसे की जा सकती है? सरकारी बुलडोजर चलने से पहले लोगों को नोटिस तक नहीं दिया गया। लोग घरों से सामान तक नहीं निकाल सके। अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इन घरों को गिराने का आदेश गलत तरीके से दिया गया है, ये घर जिस जमीन पर बने थे वह काफी महंगी है। आखिर किसकी नजर है इस जमीन पर? जो यह साजिश करा रहा है। सरकार को इस कार्रवाई पर जवाब देना चाहिए।मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने बातचीत के लिए बुलाया, लेकिन जब केजरीवाल अपने कुछ साथियों के साथ बातचीत के लिए मुख्यमंत्री के घर के भीतर पहुंचे, तो शीला दीक्षित ने बात करने से इनकार कर दिया।
ऐसे में केजरीवाल अपने साथियों के साथ बाहर आकर दोबारा अपना धरना शुरू कर दिया। ।
केजरीवाल ने कहा, जिस जमीन पर ये लोग रह रहे हैं वह इन्हीं की जमीन है, इनके पास इसके दस्तावेज हैं। लेकिन यह अनाधिकृत है क्योंकि आपको मानचित्र सरकार द्वारा पास कराना होता है। उन्होंने कहा, लेकिन 4 अक्तूबर 2010 को सोनिया गांधी ने घोषणा की थी कि 1600 कालोनियों को नियमित किया जाएगा, यह कालोनी भी उसमें शामिल थी, लेकिन इसके बावजूद 500 घरों को ढहा दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि पास के कई शोरूम को नहीं गिराया गया।

यश चोपड़ा की मौत ने डेंगू की नई कहानी लिख दी है

यश राज चोपड़ा में जब तक जान रही उन्होंने अपनी प्यार मोहब्बत पर आधारित फिल्मो के माध्यम से समाज को दिशा प्रदान करने का काम किया| यह सिलसिला उनके पञ्च तत्व में विलीन

यश चोपड़ा की मौत ने डेंगू की नई कहानी लिख दी है

होने के बाद भी नहीं रुका है| मरने के बाद भी उन्होंने बहस की एक ऐसी चांदनी बिखेरी है जिसकी रौशनी में आदमी और इंसान के जीवन में लगे डेंगू के दाग पर बहस का नया दौर शुरू हो गया है| पिछले कई वर्षों से डेंगू के मच्छर से लोग बीमार होते आ रहे हैं कुछ मौते भी हो रही हैं| इस मामले में देश के साउथ और नार्थ में कोई भेद भाव नहीं रह गया है|पहले तो बड़े बड़े अखबारों में डेंगू से सम्बन्धित दुर्घटना को लेकर छोटा सा स्पेस पर्याप्त समझा जाता था सरकारें भी जन जागृति के नाम पर विज्ञापन पब्लिश करवा कर पल्ला झाड लेती थी |प्रति वर्ष हज़ारों की संख्या में बीमार और सैंकड़ों मौतें दर्ज़ की जाती हैं| सीजन बदलना भी कुदरत का नियम है सीजन के बदलने के बाद सब कुछ सामान्य चलने लगता है| इस सीजन में भी लोग बीमार पड़ रहे हैं मौतें भी हो रही है लेकिन अबकी बार दिल्ली से हेदराबाद तक के अख़बार डेंगू के प्रकोप से भरे पड़े हैं| टी वी चैनल भी प्रमुखता से [निशुल्क]जन जागृती फैला रहे हैं| इससे राजनीतिकों को भी अपना राजनीतिक जहर निकालने का मौका मिल रहा है|
वैसे तो हर साल इस सीजन में डेंगू को लेकर प्लेटलेट्स की कमी डिटेक्ट की जाती रही है और मरीजों में आम पैनिक देखा जाता रहा है \इस वर्ष भी देश में अब तक 17 हजार से अधिक डेंगू के मरीज सामने आ चुके हैं।मगर अब इस दिशा में थोड़ी गंभीरता दिखाई देने लग गई है| इस साल अब तक अकेले मुंबई में 650 + और दिल्ली में ७००+ डेंगू के मामले सामने आ चुके हैं। सोमवार को ही दिल्ली में डेंगू के 33 नए मरीज सामने आ चुके हैं|स्थिति की भयावता इससे आंकी जा सकती है की स्वास्थ्य की रक्षक एम्स में कई डाक्टर भी इसी डेंगू की चपेट में आ चुके हैं |इससे ज्यादा गंभीर यह है की इसके उप निदेशक विनीत चौधरी भी डेंगू की लपेट में आ चुके हैं| इस साल अब तक 100 से अधिक मौते रिकार्ड की जा चुकी हैं| कहने का तात्पर्य है की इन दिनों भी डेंगू बड़ी तेजी से फैल रहा है और इसकी चपेट में लोग आ रहे हैं और व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगा रहे हैं|इससे पहले की डेंगू से देश में पैनिक फैले या किसी महामारी की विजय हो हमेशा की तरह मीडिया ने जागरूकता अभियान छेड़ दिया है| कुछ अधिकारी भी इस दिशा में कदम बढ़ाते दिख रहे हैं | मुम्बई में बीएमसी के आला अधिकारी यश चोपड़ा की मौत की समीक्षा करने में जुट गए हैं|लीला वती अस्पताल से चौपडा की मौत के कारण सम्बन्धी रिपोर्ट तलब कर ली गई है| इससे मौत के असल कारण का पता लगाकर नतीजे से स्वास्थ्य मंत्रालय को अवगत कराया जाना है|
अक्तूबर में डेंगू का प्रभाव सबसे अधिक होने के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक बार फिर परामर्श जारी कर कहा है कि वे डेंगू के फैलाव को रोकें और इससे होने वाली हर मौत से केंद्र को अवगत कराएं। राज्यों के साथ-साथ अस्पतालों से भी कहा गया है कि वे डेंगू के मामलों की जानकारी दें ताकि इस समस्या से निपटने के प्रयासों को और तेज किए जाने में मदद मिले।
डेंगू के बारे में एक गलतफहमी यह है कि यह गंदगी भरे इलाकों में ज्यादा होता है लेकिन जारी आंकड़ों के मुताबिक यह पॉश इलाकों में ज्यादा फैल रहा है। मुंबई और दिल्ली में 60 फीसदी से अधिक डेंगू के मामले पॉश कॉलोनियों में सामने आए हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि डेंगू का मच्छर साफ पानी में ही जन्म लेता है। घर के अंदर लगे मनी प्लांट, फव्वारों, कूलर आदि में भरा पानी इसके पैदा होने के लिए आदर्श जगह होता है। डेंगू का मच्छर 50 मीटर से 200 मीटर तक ही उड़ान भर पाता है इसलिए ज्यादातर मच्छर मरीजों के घर में ही पनपते हैं और पड़ोसियों पर हमला करने की उनकी संभावना बेहद कम होती है।यह कह कर सरकारें बेशक फ़ैल रहे गन्दगी की जिम्मेदारी से पल्ला झाड़
ले मगर बीमारी के लिए दोषी डेंगू अभी भी कायम है और इसकी रोकथाम के लिए आवश्यक अभियान की शुरुआत दूर दूर तक कहीं दिखाई नहीं दे रही|
यश चोपड़ा की मौत के बाद डेंगू का हव्वा खड़ा होना तय है लेकिन

यश चोपड़ा की मौत ने डेंगू की नई कहानी लिख दी है

चिकित्सा विशेषज्ञों की राय के अनुसार इससे आम लोगों को ज्यादा डरने की जरूरत नहीं है क्योंकि जरा सी सावधानियों से डेंगू से पूरी तरह से बचाव संभव है| डेंगू हो भी गया है तो सही वक्त पर सही इलाज से पूरी तरह ठीक भी हुआ जा सकता है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार भारत में डेंगू के एक प्रतिशत से भी कम मामलों में मरीजों की मौत होती है। लेकिन माना जा रहा है कि यश की मौत की जांच की जाएगी। पता चला है कि अब मुम्बई नगर निगम (बीएमसी) इसकी जाच करेगा।
डेंगू के प्रकोप से तिलमिलाई सरकारें एक दूसरे पर दोषारोपण में व्यस्त हो गई हैं|दिल्ली में पिछले वर्ष के मुकाबिले इस वर्ष डेंगू के केस दोगुने दर्ज़ किये जा चुके हैं|डाक्टर ऐ के वालिया ने इसे आउट आफ कन्द्रोल प्रकोप कह कर दाईत्व पूरा कर लिया है| मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल के बिजली आन्दोलन से घिरी हुई शीला दीक्षित डेंगू के लिए मुस्कुराते हुए भाजपा शासित एम् सी डी पर सारा ब्लेम डाल रही हैं|उत्तर प्रदेश के मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने चेतावनी जारी करवा दी है|देश के स्वास्थ्य मंत्री चेन्नई में मीटिंग ले रहे हैं| एक बैठक में स्वास्थ्य मंत्री गुलाम नबी आजाद ने यह कहा कि डेंगू से होने वाली हर एक मौत की जांच की जानी चाहिए। अक्तूबर में डेंगू का प्रभाव सबसे अधिक होने के कारण स्वास्थ्य मंत्रालय ने सभी राज्यों को एक बार फिर परामर्श जारी कर कहा है कि वे डेंगू के फैलाव को रोकें और इससे होने वाली हर मौत से केंद्र को अवगत कराएं। राज्यों के साथ-साथ अस्पतालों से भी कहा गया है कि वे डेंगू के मामलों की जानकारी दें ताकि इस समस्या से निपटने के प्रयासों को और तेज किए जाने में मदद मिले।
फिल्म निदेशक यश चोपड़ा की मौत के बाद अब देश में स्वास्थ्य की रक्षक एजेंसियों को विशेष रूप से डेंगू के प्रकोप के लिए अपना मुह छुपाने के लिए एक दूसरे पर दोष मड़ने के बजाये एक अभियान छेड़ना होगा और पोलियो के तरह घरों में घुस कर डेंगू को मारना होगा |