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Tag: सलमान खुर्शीद

एलेक्शन कमिश्नर जैदी ने यूं टर्न लेते हुए एयर पोर्ट्स पर सिक्यूरिटी चेकिंग से कम्प्लीट छूट की मांग कर डाली

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

सिविल एविएशन के परेशां सुरक्षा अधिकारी

ओये झल्लेया ये हसाड़े मुल्क के कर्णधारों को क्या हो रहा है|ओये एक तरफ विश्व भर में एयर पोर्ट्स पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये जा रहे हैं|हसाडी सोणी अदालतें भी सुरक्षा में खामियों को लेकर आये दिन मंत्रालय को लताड़ लगाती रहती है |इस सब के बावजूद अब एलेक्शन कमिश्नर एस एन ऐ जैदी ने कहा है कि उनका रुतबा सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर है इसीलिए एयर पोर्ट पर चेकिंग से उन्हें भी छूट मिलनी चाहिए| ओये अभी एक साल पहले ही ये जैदी साहब खुद ही वी आई पी को चेकिंग में दी रही छूट की मुखालफत करते रहे हैं|ओये ये यूं टर्न कहीं लेने के देने न कर दे

झल्ला

जी जनाब आप की चिंता वाजिब हैं |दरअसल यूं पी के काबिना मंत्री आज़म खान और मुख्य मंत्री अखिलेश यादव+ सिने स्टार शाहरुख़ खान+राष्ट्रपति अब्दुल कलाम साहब की अमेरिका में जांच के किस्से इन्हें सुना देने चाहियें हो सकता है तब जाकर जनाब जैदी साहब इस मांग को वापिस ले लें और राष्ट्रहित में अपने एक साल पहले के स्टैंड पर लोट जाएँ वरना अभी तक सपाई जनाब सलमान खुर्शीद के पीछे पड़े हुए थे इसके बाद उनके तीरों का निशाना बदल न जाये

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने सेना दिवस पर फौज का हौंसला बढाया और पाकिस्तान के साथ संबंधों पर पुनर्विचार का सन्देश दिया

प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने 65वें सेना दिवस पर फौज का हौंसला बढाया

प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहन सिंह ने आज जनमानस और फौज की भावनाओं को शब्द देते पकिस्तान के साथ संबंधों के सामान्य होने पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए पार्टी को भी एक दिशा प्रदान की | उन्होंने उम्‍मीद भी जताई कि पाक जल्‍दी ही अपनी गलती स्‍वीकार करेगा.| जम्मू-कश्मीर के पुंछ मंद्हेर [एल ओ सी ] में आठ जनवरी को पाकिस्तान द्वारा युद्ध विराम का उल्लघंन करने और दो भारतीय सैनिकों की नृशंश हत्या के मामले में सरकार ने तेवर कड़े कर लिए हैं।
इस मामले में जहां प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने एक हफ्ते बाद चुप्पी तोड़ी, वहीं विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने भी पाक को कड़ी चेतावनी दे डाली। आज मंगलवार१५ जनवरी को जारी बयान में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पाकिस्तान से दो टूक कहा कि इस तरह की घटनाओं से दोनों देशों के रिश्ते सामान्य नहीं बने रह सकते। उन्होंने पाकिस्तान से दोषियों पर कार्रवाई करने को कहा है।प्रधानमंत्री ने भारतीय सैनिकों की बेरहमी से हत्या करने और एक जवान का सिर काटने की अमानवीय घटना के एक हफ्ते बाद बयान दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को हालात की गंभीरता को समझनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान अपनी गलती माने और इस घटना के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई करे। इस तरह की घटनाओं से दोनों देशों के रिश्तों पर असर पड़ेगा। अगर पाकिस्तान इस घटना पर ऐक्शन नहीं लेता है, तो भारत के साथ उसके संबंध पहले जैसे नहीं रह पाएंगे।

विदेश मंत्री सलमान खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस

में कहा कि हम पाकिस्तान के हमले और भारतीय सैनिकों की बर्बर हत्या की निंदा करते हैं। उन्होंने कहा, ‘हमने पाकिस्तान सरकार से कहा कि है वह इस मामले की जांच करे और दोषियों को सजा दे। पाकिस्तान यह न समझे कि आरोपों से इनकार करने और पूरे मामले से मुंह फेरने से उसकी जिम्मेदारी खत्म हो जाएगी। पाकिस्तान उकसाने वाला काम कर रहा है और इसे बिल्कुल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।’ सलमान खुर्शीद ने कहा कि हमें बहुत समझदारी से इस स्थिति का सामना करना होगा। इस मामले में जो भी अप डेट्स होगी, उस बारे में हम देश को बताते रहेंगे।
गौरतलब है कि एयरचीफ मार्शल एन.ए.के. ब्राउन ने कहा था कि अगर पाकिस्तान नहीं माना, तो भारत को दूसरे विकल्पों पर विचार करना पड़ सकता है। आर्मी चीफ जनरल बिक्रम सिंह ने भी कहा था कि पाकिस्तान के उकसावे पर भारत के पास उत्तर देने का अधिकार सुरक्षित है| भारतीय जनता पार्टी ने सरकार के कड़े रुख का स्वागत किया है।सुषमा स्वराज ने ट्विट किया है कि प्रधानमंत्री ने देश और भारतीय जनता पार्टी के विचारों को समझा और पाकिस्तान को सही तरीके से जवाब दिया।
देखा जाए तो प्रधान मंत्री शुरू से ही पाकिस्तान के साथ संबंधों को लेकर क्लीयर व्यू रखे हुए हैं|पाकिस्तान जाने का न्यौता भी उन्होंने यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया था की पहले रिश्ते सामान्य हो जाएँ तभी पाकिस्तान स्थित अपने पेत्रक गावं में जायेंगे |इसके साथ ही उन्होंने दोनों देशों में संबंधों में आई दरार को पाटने के लिए अनेकों सुधारों को भी लागू किया मगर इस पर भी पाकिस्तान की तरफ से यह जघन्य हत्याएं की गई जिसके फलस्वरूप न केवल वीजा सुविधा को टाल दिया गया वरन हाकी के खिलाड़ियों को भी वापिसी का सन्देश दे दिया गया है |और आज सैनिक दिवस पर अपनी फौज का हौंसला बढ़ाते हुए डाक्टर मन मोहन सिंह ने अपने सेनाध्यक्षों की भावनाओं की कद्र करते हुए पाक के खिलाफ कड़े शब्दों का प्रयोग किया

जयपाल रेड्डी की ट्रांसफर के लिए हड़ताल समाप्त :नया चार्ज लिया

जयपाल रेड्डी ने अपने ट्रांसफर के लिए हड़ताल पर जाने की तमाम अटकलों को विराम लगाते हुए आज सोमवार को अपना नया मंत्रालय विज्ञान एवं प्रद्यौगिकी मंत्रालय संभाल ही लिया। विभाग की जिम्मेदारी संभालने के बाद रेड्डी ने कहा कि ६०८०० करोड़ वाले बजट और ८००० वैज्ञानिकों से सुसज्जित विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय अहम है। इसके पहले, चर्चा थी कि रेड्डी पेट्रोलियम मंत्रालय बदले जाने से नाराज हैं और इसी कारण वह नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली को कार्यभार सौंपने नहीं आए। रेड्डी की जगह आरपीएन सिंह ने मोइली को कार्यभार सौंपा।
ज्ञात हो कि कैबिनेट में रविवार को हुए फेरबदल में रेड्डी से पेट्रोलियम मंत्रालय लेकर इसे वीरप्पा मोइली को दिया गया।

जयपाल रेड्डी की ट्रांसफर के लिए हड़ताल समाप्त :नया चार्ज लिया

श्री रेड्डी ने संवाददाताओं से बातचीत में कहा, मैं नए मंत्रालय में बहुत खुश हूं।लेकिन उन्होंने पेट्रोलियम मंत्रालय + रिलायंस और तेलंगाना से सम्बंधित विवादों को यह कह कर टाल दिया कि में कभी पूर्व के मंत्रालय पर टिपण्णी नहीं करता | हेदराबाद में कोई रैली कि जानकारी नहीं है| प्रधान मंत्री ने मुझे कान्फिडेंस में लेकर यह ट्रांसफर किया है| लेकिन अभी भी एक प्रश्न अनुत्तरित है कि रेड्डी ने पुराने मंत्रालय का चार्ज नहीं दिया मगर नया चार्ज लेने आ गए| क्या डैमेज कंट्रोल के लिए किसी दबाब ने कम किया है?
इससे पूर्व सुबह यह चार्ज नहीं लेने पर सभी तरफ से सरकार आलोचनाओं का शिकार हो रही थी |[१]भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता वेंकैया नायडू ने मंत्रिमंडल में फेरबदल पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए सोमवार को कहा कि मीडिया में ऐसी रिपोर्टें आई हैं कि रेड्डी को एक प्रमुख उद्योग घराने के दबाव में पेट्रोलियम मंत्रालय से हटाया गया है। प्रधानमंत्री को जनता को स्पष्ट करना चाहिए कि रेड्डी से अचानक यह मंत्रालय क्यों छीना गया।
[२]इंडिया अगेंस्ट करप्शन के कार्यकर्ता अरविंद केजरीवाल ने रेड्डी को हटाने पर सवाल खडे़ किए हैं। उन्होंने जानना चाहा कि आखिर रेड्डी से यह मंत्रालय क्यों छीना गया। क्या रिलायंस का विरोध करने के कारण उन्हें हटाया गया। क्या नए पेट्रोलियम मंत्री वीरप्पा मोइली अब रिलायंस के लिए काम करेंगे।केजरीवाल ने अंदेशा जताया कि क्या इस परिवर्तन के कारण रसोई गैस तथा बिजली के दाम और बढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि रेड्डी अपनी ईमानदारी के लिए जाने जाते हैं इसलिए उन्हें बाहर कर दिया गया और सलमान खुर्शीद को पदोन्नत करके विदेश मंत्री बना दिया गया जिन पर विकलांगों का धन हड़पने के आरोप हैं।
सरकार का कहना है कि मंत्रालय में फेरबदल प्रधानमंत्री की मर्ज़ी अनुसार होता है.
दूसरी तरफ, वीरप्पा मोइली ने इन आरोपों से इनकार किया है कि रेड्डी को रिलायंस के साथ मतभेदों की वजह से हटाया गया है। मोइली ने पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्री का पदभार संभालने के बाद कहा कि रेड्डी ने शानदार काम किया है।

आई ऐ सी अपनी जांच करवा रही है सरकार अपने नेताओं की भी जांच बैठाए

भ्रष्टाचार समाप्ति के लिए जेहाद छेड़ने वाले इंडिया अगेंस्ट करप्शन के अरविंद केजरीवाल ने अपनी टीम के तीन सदस्यों पर लग रहे आरोपों की जांच के लिए आज एक अहम घोषणा की है| केजरीवाल ने तय किया है कि आईएसी के अंजलि दमानिया, प्रशांत भूषण और मयंक गांधी पर लगाए जा रहे आरोपों की , जांच आंतरिक लोकपाल से कराई जाएगी। ।उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट में यदि इनमे से कोई भी दोषी पाया जाता है तो उन्हें टीम छोड़नी होगी. केजरीवाल ने सरकार से भी अनुरोध किया है कि जो आरोप उनकी टीम के सदस्यों पर लगे हैं, वह भी उनकी जांच कराए और दोषी पाए जाने पर कानून के मुताबिक सजा दे| इसके साथ ही आई ऐ सी ने राबर्ट वढेरा +सलमान खुर्शीद+शरद पवार+नितिन गडकरी और राहुल गांधी को भी अपनी जांच कराने के लिए आगे आने को कहा है|इस तरह से एक बार फिर केजरीवाल ने सरकार को कठघरे में खड़ा कर दिया है|
इस लोकपाल में शामिल तीनों रिटायर्ड जजों के बताये गए नाम इस प्रकार हैं-[१] जस्टिस ए.पी. सिंह (दिल्ली हाई कोर्ट के पूर्व चीफ जस्टिस),[२] जस्टिस बी.एच. मारलापल्ले ( बॉम्बे हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज) और[३] जस्टिस जसपाल सिंह (दिल्ली हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज)। केजरीवाल ने कहा कि ये तीनों पूर्व जज हमारी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लगे आरोपों की जांच करेंगे। अगर जांच में कोई भी कार्यकर्ता किसी भी तरह से दोषी पाया गया तो उसे पार्टी से इस्तीफा देना होगा। उन्होंने कहा कि हम इस आंतरिक लोकपाल से मांग करेंगे कि वह ज्यादा से ज्यादा 3 महीने में हमारे साथियों पर लगे आरोपों की जांच करे।

आई ऐ सी अपनी जांच करवा रही है सरकार भी वढेरा,सलमान,पवार,गडकरी की भी जांच बैठाए


अंजलि दमानिया पर आरोप

[अ] अंजलि ने मुंबई के पास करजात [ खर्वंडी गावं] में २००७ में खरीदी सात एकड़ ज़मीन को मात्र चार साल बाद ज़मीन का उपयोग बदलवाया और बिल्डर को बीच दिया| अंजलि का कहना है कि जो हुआ वो नियम के मुताबिक हुआ|गौरतलब है कि. बीजेपी अध्यक्ष नितिन गडकरी पर किसानों की जमीन हड़पने का खुलासा करने वालीं अंजलि दमानिया खुद भी इसी तरह के विवाद में घिर गई हैं। दमानिया पर आरोप लगा है कि उन्होंने खेती की जमीन खरीदने के लिए खुद को गलत तरीके से किसान साबित किया और बाद में जमीन का लैंड यूज बदलवाकर उसे प्लॉट में तब्दील कर बेच दिया। रायगढ़ प्रशासन ने जांच में पाया कि अंजलि दमानिया का किसान होने का दाव गलत है जबकि दमानिया का दावा है कि वह किसान है| खरवंदीगावं की ज़मीन बेचने वाले किसानों का दावा है कि दमानिया ने उनसे कहा था कि वो यहां खेती करेंगी लेकिन उन्होंने ज़मीन का इस्तेमाल बदलवा दिया और वहां 39 प्लॉट काट दिए. ज़मीन का इस्तेमाल बदलने की आज्ञा रायगढ़ के कलेक्टर ने दी थी.ज़मीन का इस्तेमाल बदलते ही पूरी जमीन एसवीवी डेवलपर्स को दे दी गई जिसमें दमानिया भी निदेशक हैं|कुल उनचालीस प्लॉट काटे गए जिनमें से सैंतीस प्लॉट अलग अलग लोगों को दे दिए गए.|
[आ] दमानिया ने करजत के जिस खरवंडी गांव में ज़मीन खरीदी थी उसके बगल के गांव कोंदिवाड़े में उन्होंने 30 एकड़ जमीन खरीदी थी. जहां बन रहे कोंधाणे बांध के खिलाफ दमानिया ने इसी साल अप्रैल में पीआईएल दायर की थी.
दमानिया के पीआईएल दायर करने के बाद प्रशासन ने उनके सभी प्लॉट की जांच शुरू कर दी. जांच के बाद अगस्त में प्रशासन ने कहा कि दमानिया ने किसान होने के पर्याप्त सबूत नहीं दिए थे और ना ही उस ज़मीन पर खेती की थी. इसलिए उन्होंने जो ज़मीन किसान होने का दावा करते हुए खरीदी थी वो उनसे वापस ले ली जाए.

प्रशांत भूषण और एम् गांधी पर आरोप

सुप्रीम कोर्ट के सीनियर वकील और टीम केजरीवाल के अहम मेंबर प्रशांत भूषण पर भी हिमाचल गलत तरीके से कोडियों के भाव जमीन हासिल करने के आरोप लगाए गए हैं। मयंक गांधी पर कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने करप्शन के आरोप लगाए हैं। कांग्रेस के दिग विजय सिंह ने एम् गांधी पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं|

कांग्रेस का एतराज

दूसरी तरफ केंद्रीय मंत्री नारायण सामी ने अरविंद केजरीवाल के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है जिसमें अरविंद ने कहा था कि सरकार उन लोगों के फोन टैप कर रही है। नारायण सामी का कहना है कि अरविंद केजरीवाल कच्चे सबूतों पर आरोप लगा रहे हैं। सामी ने इस लोक पाल की धारणा और उपयोगिता पर भी सवाल उठाया है|
आई ऐ सी ने अपने सदस्यों की जांच शुरू करवा कर सरकार के लिए एक बार फिर से परेशानी पैदा कर दी है केजरीवाल का कहना है कि अब सरकार को भी आगे आ कर आई ऐ सी के साथ साथ राबर्ट वढेरा,सलमान खुर्शीद शरद ,पवार, नितिन गडकरी की जांच कराये |सबको भरोसा है कि सरकार किसी कीमत पर राबर्ट वढेरा और शरद पवार आदि कि जाँच नहीं करवायेगी और अगर इस बीच आई ऐ सी की जांच पूर्ण हो जाती है तब लोक सभा के लिए होने वाले चुनावों तक आई ऐ सी की गिरती साख कुछ हद तक संभल जायेगी |

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग छेड़ने वाले केजरीवाल और योगेश आपसी तू तू में में में फंसे

देश को भ्रष्टाचार से मुक्त कराने के लिए प्रसिद्द हुए पूर्व आई आर एस अरविन्द केजरीवाल और उनके साथी पूर्व आई पी एस और वर्तमान में वकील योगेश प्रताप सिंह स्वयम को सर्वश्रेष्ठ साबित करने की होड़ में आपस में ही तू तू में में फंसते जा रहे हैं|बीते दिन योगेश प्रताप सिंह ने खुद के द्वारा शरद पवार के विरुद्ध किये खुलासे को सबसे बड़ा खुलासा बताते हुए अरविन्द केजरीवाल पर पवार को बचाने का आरोप मड दिया|केजरीवाल ने इसे झुट्लाते हुए कहा की इस इशु को जुलाई में ही उठा कर १५ मंत्रिओं के खिलाफ बनाई गई लिस्ट में शामिल करके केंद्र सरकार को दे दिया गया था| उन्होंने बात आगे बढ़ाते हुए कहा कि यह बहुत पहले बता दिया गया था कि अगला खुलासा गडकरी के विरुद्ध ही होगा|इसीलिए यह कहना कि हमने शरद पवार को बचाने के लिए गडकरी को निशाना बनाया सरासर गलत होगा |

भ्रष्टाचार के विरुद्ध जंग छेड़ने वाले केजरीवाल और योगेश आपसी तू तू में में में फंसे


करप्शन के विरुद्ध बने सवयम्भू इन पुराधाओं में फूट पड़ते देख कर इनकी कार्यशैली की आलोचना भी होने लग गई है|कहा जाने लगा है कि ये लोग बिना पर्याप्त तथ्यों या सबूतों के ही मीडिया में जाकर हर किसी पर आरोप लगा रहे थे अब ये लोग खुद ही लड़ने लग गए हैं इसीलिए कहा जा सकता है कि सूत ना कपास और जुलाहों में लठम लठ|इन पुरोधाओं द्वारा उठाये जा रहे सवालों पर कोई कार्यवाही होती नहीं दिख रही | कांग्रेस+भाजपा+एन सी पी+सपा आदि सभी पार्टिओं के प्रवक्ता कैमरे के सामने आकर आरोपण को झुटला देते हैं +अपनी करनी को जायज बता देते हैं और उसके बाद ये लोग अगले पड़ाव की तरफ कूच करदेते है| शरद पवार ने योगेश के आरोपण को नकारते हुए कहा कि लवासा का प्रोजेक्ट का निर्णय बिलकुल प्रदेश हित में लिया गया निर्णय है|उधर गडकरी के साथ भाजपा ने भी १०० एकड़ भूमि के इस्तेमाल को किसानों के हित में बता कर इन आरोपों को चिल्लर आरोप बता कर इनकी खिल्ली तक उडाई है| राबर्ट वढेरा और राहुल गांधी पर लागाये जा रहे हरियाणा में लैंड ग्रेबिंग के आरोपण के जवाब में पूरी कांग्रेस ही मैदान में उतर आई है| विकलांग फंड में धांधली में फंसाए गए सलमान खुर्शीद गाली गलौच पर उतर आये हैं| शायद इसीलिए अब इनके प्रति गंभीरता कम होती जा रही है| चूंकि मीडिया को हमेशा ब्रेकिंग न्यूज की जरुरत रहती सो इनके कांफ्रेंस में अब १००० तक प्रेस वाले पहुँच ही जाते है| स्कैम का खुलासा किया जाता है|अख़बारों में सुर्खियाँ बटौरता है|और चैनलों में प्राईम टाईम को टाईम देता है|उसके बाद एक नए खुलासे की प्रष्ठभूमि तैयार होने लग जाती है| इसीलिए यह अपूर्ण + अशक्त+अपरिपक्व+अलोकतांत्रिक और शायद अंधी दौड़ है |और हो सके तो अंग्रेज़ी की इस कहावत पर अम्ल किया जाना चाहिए कि वन इन हेंड इज बेटर देन २ इन बुश | अर्थार्त अलीबाबा बन कर चालीस चोरों का नाश करो उसके भाई कासिम बन कर न रह जाओ|यानि जो हाथ में पूर्ण है वोही सत्य है| दूर के ढोल तो सुहावने लगते ही हैलेकिन इनका मोह छोड़ कर अगर तू तू में में बढ़ते गए तो इन ज्वलंत मुद्दों से भटकना लाजमी हो जाएगा| जोकि देश हित में नहीं होगा

अरविन्द केजरीवाल सच्चे हैं तो गडकरी के साथ खुर्शीद और राबर्ट को भी सलाखें गिनने का मौका देना होगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया इंडिया अगेंस्ट करप्शन वालों ने अब की बार तो कमाल ही कर दिया| ओये ये भाजपा वाले अपने आप को लीक से हट कर बेहद इमानदार पार्टी कहते नहीं थकते थे अब की बार अरविन्द केजरीवाल ने भाजपा के सिरमौर नितिन गडकरी की १०० एकड़ लैंड ग्रैबिंग आदि धांधलियों का पर्दा फाश कर दिया | भाजपा अध्यक्ष खुद उपजाऊ सरकारी जमीन कब्जा कर वहां इंडस्ट्रीज लगा रहे हैं|किसानो को आत्म हत्या के लिए मजबूर कर रहे हैं| पर्यावरण की ऐसी की तैसी कर रहे हैं |इस पर नंगई तो देखो पूरी भाजपा खुल कर नंगी होकर एक तरफ यह मान रही है के हाँ नितिन गडकरी ने जमीन ली है लेकिन उसके साथ ही बेचारे अरविन्द को ब्लैक मेलर भी कह रही है|अब चूँकि | बंगारू लक्ष्मण जेल से बाहर आ गए हैं उन्होंने जेल में जो कोठरी खाली की है उसमे नितिन गडकरी को भी सलाखें गिनने का मौका दे दिया जाना चाहिए|बंगारू लक्ष्मण और गडकरी काण्ड के बाद अब तो इस भाजपा को गंगा जी में डूब ही मरना चाहिए|

अरविन्द केजरीवाल सच्चे हैं तो गडकरी के साथ खुर्शीद और राबर्ट को भी सलाखें गिनने का मौका देना होगा


झल्ला

मेरे चतुर सुजान जी अगर केजरीवाल की बात में दम है और तथ्यों में सच्चाई है तब तो सलमान खुर्शीद और राबर्ट वढेरा के साथ स्वयम प्रधान मंत्री के लिए भी कोठरी रिजर्व होनी चाहिए क्योंकि इससे पहले केजरीवाल ने इन्ही महापुरुषों के सर में दर्द पैदा किया है|लेकिन यह नहीं होगा और वोह भी नहीं होगा क्योंकि अरविन्द जो भाजपा के लिए कहता है आपके लिए वोही सत्य है और आपके लिए जो कहता है भाजपा के लिए केवल वोही सत्य है| देखा नहीं किस तरह राबर्ट वढेरा के लैंड स्कैम के विषय में पूछते ही दिग्विजय सिंह+हरीश रावत जैसे धुरंध्र्रों को भी सांप सूंघने लगा है|उसकी जाँच तो दूर चर्चा करने से भी कतराने लग गए हैं|

सलमान खुर्शीद की विकलांग दलीलों को सहारा देने आ रहे हैं मंत्री जी और संतरी जी

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोशलाईट

ओये झल्लेया ये हसाडे अरविन्द केजरीवाल को क्या भसूडी पड़ गई|अच्छा खासा आन्दोलन चल रहा था|कांग्रेस और सलमान खुर्शीद और सपा भी दबाब में आ गए थे | अभी तो यह भी देखना था कि जब विकलांगों को सामन बांटा ही नहीं गया तो उसके खरीद के बिल कैसे बन गए| इसीलिए तो ७७०००००/=की खरीद के बिलों की भी जांच करवानी थी यह सामान बेचने वालों के खातों को भी परखना था| मगर अब सब कुछ धरा का धरा रह गया| पहले अनिश्चितकालीन धरना घोषित किया जब सफल होने लगा तो धरने को ही निरस्त कर दिया|ओये ऐसे कोई आन्दोलन चलता है क्या?

सलमान खुर्शीद की विकलांग दलीलों को सहारा देने आ रहे हैं मंत्री जी और संतरी जी

झल्ला

भोले बादशाओ अआपने देखा होगा कि मीडिया के जोरदार आरोपों के आगे सलमान खुर्शीद की पेश की गई दलीलें स्वयम में ही विकलांग लग रही थी| शायद इसीलिए सलमान की तार्किक रूप से कमजोर+ असहाय और घसीटे जा रहे बचाव को सहारा देने के लिए सूचना एवं प्रसारण मंत्री अम्बिका सोनी+ हमेशा तैयार दिग्विजय सिंह+गुलाम नबी आज़ाद+ हरीश रावत के बाद बेनी प्रसाद वर्मा ने भी सहयोग के लिए हथेली लगा दी है| और तो और मीडिया के ऊपर थोपे गए रिटायर्ड जस्टिस श्री मार्कंडेय काटजू ने भी सलमान खुर्शीद की जांच के साथ ही आज तक चैनल की जांच करवाने के आदेश दे दिए हैं|ऐसे में जब आप विकलांगों के हितों के लिए आन्दोलन चला रहे हो तब एक विकलांग के लिए दूसरे विकलांग को ऐसे दबा सकते हो |शायद यही सोच कर अप जी के अरविन्द केजरीवाल ने असहाय सलमान के खिलाफ चल रहे अपने धरने को वापिस ले लिया है|

सलमानी प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया और आई ऐ सी दोनों को कर दिया चित

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाड़े क़ानून मंत्री के सलमानी दांव पेंच | एक ही प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया और आई ऐ सी दोनों को कर दिया चित | मीडिया को ब्लैक मेलर और अरविन्द केजरीवाल को सड़क किनारे का आदमी बताकर सड़क से ही उतार दिया| गंदी नाली में धकेल ही दिया|

सलमानी प्रेस कांफ्रेंस में मीडिया और आई ऐ सी दोनों को कर दिया चित |

झल्ला

बाऊ जी उत्तराखंड और वेस्ट बंगाल में हुए उपचुनावों के नतीजों में आप जी की एतिहासिक पार्टी को फौरी झटके मिले गए हैं| इसीलिए अब प्रेस कांफ्रेंसों में अपनी भीड़ इकठ्ठा करके तालियाँ बजवाने से कुछ होने वाला नहीं है\इस आवाज़े उपचुनाव को नक्काराए मुख्य चुनाव २०१४ समझो और ज्यादा सलमानी दांव पेंच पर भरोसा करना छोड़ दो|

सलमान खुर्शीद ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अपने विरोधी चैनल को ब्लैक मेलर और केजरीवाल को सड़क का आदमी बताया

केंद्रीय कानून मंत्री सलमान खुर्शीद ने आज प्रेस कांफ्रेस बुलाई जिसमे सफाई देने के लिए उन्होंने तस्वीरों, अखबारों की कतरनों और लोगों[रंगी मिस्त्री] को अपनी प्रेस कांफ्रेंस में लाकर खुद पर लगे तमाम आरोपों को बेबुनियाद बताया। उन्होंने कैम्प नहीं होने के आरोपों के खारिज किया और स्टिंग करने वाले पत्रकारों को ब्लैक मेलर और अरविन्द केजरीवाल को रास्ते का आदमी कह कर अपनी खीझ भी उतारी| कई बार अपना सयम भी खोया और बीच बीच में पानी पीते रहेउनकी पत्नि श्रीमती लुइस और उनके सहयोगी उन्हें नियंत्रित करते देखे गए| लेकिन इस अवसर पर केन्द्रीय मंत्री ने अरविन्द केजरीवाल के आरोपों का जवाब यह कहते हुए देने से मना कर दिया कि रास्ते के आदमी का जवाब नहीं दूंगा| इसके बाद एक निजी चैनल से बातचीत के दौरान जब उनसे अरविंद केजरीवाल को गंदी नाली का कीड़ा कहे जाने पर प्रश्न किया तो सलमान खुर्शीद ने जवाब दिया, ‘मैंने पूरे होश में केजरीवाल को गटर स्नाइप कहा था। ‘गटर स्नाइप’ कीड़े से भी ज्यादा खतरनाक होता है, यह नाली के सांप होते हैं।’

सलमान खुर्शीद ने अपनी प्रेस कांफ्रेंस में अपने विरोधी चैनल को ब्लैक मेलर और केजरीवाल को सड़क का आदमी बताया


अरविंद केजरीवाल ने एक बार फिर खुर्शीद पर निशाना साधा है. उन्‍होंने कहा कि वह खुर्शीद के खिलाफ सोमवार सुबह 11 बजे सबूत पेश करेंगे. अरविंद केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद देश को गुमराह कर रहे हें, वह इस्‍तीफा दें और गिरफ्तार किए जाएं.
केजरीवाल ने कहा कि खुर्शीद ने स्वयम फर्जीवाड़े की बात मानी है|, उनके पास अब कोई जवाब नहीं है. वह जांच करवाने की बात कर रहे हैं, लेकिन जांच हो चुकी है और उसमें अब सिर्फ लीलापोती होगी.
साथ ही केजरीवाल ने कहा कि यह पूरा मामला साल 2009 से लेकर मार्च 2010 का है, जबकि खुर्शीद ने जुलाई 2010 के डॉक्युमेंट्स और तस्वीरें पेश की हैं.वहीं खुर्शीद को जवाब देते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आगामी चुनावों में एक विकलांग उम्मीदवार ही सलमान खुर्शीद को हरा देगा, अगर वो अभी इस्तीफा नहीं देंगे तो 2014 में जनता उनकी जमानत जब्त कर लेगी। .
अरविंद के मुताबिक उन्होंने अहम सवालों के जवाब नहीं दिए और इधर-उधर की बातें करके प्रेस कॉन्फ्रेंस से चलते बने।’देश को गुमराह कर रहे हैं खुर्शीद’
केजरीवाल ने अखिलेश सरकार की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि खुर्शीद के एनजीओ ने ग्रांट लेने के लिए पूर्व सरकारी अधिकारी राम राज सिंह के सिग्नेचर को लेकर गड़बड़ी की है। केजरीवाल ने कहा, ‘राम राज सिंह का कहना है कि उन्होंने खुर्शीद के एनजीओ के लिए कोई पेपर साइन नहीं किया। राम राज सिंह तो जनवरी में ही रिटायर हो गए हैं, फिर वह मार्च में कैसे साइन कर सकते हैं। इसका मतलब साफ है कि खुर्शीद के एनजीओ ने फर्जी सिग्नेचर किए हैं। ऊपर से मंत्री जी का यह कहना हैरान करता है, कि उन्हें ऐफिडेविट के बारे में कुछ नहीं मालूम|’ संसद मार्ग पर रविवार को दिनभर विरोध-प्रदर्शन हुआ। केजरीवाल ने दोपहर में आयोजित प्रेस वार्ता में कहा कि उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने गत 12 जून को मामले की जांच कराई थी, जिसमें अधिकारियों के हस्ताक्षर फर्जी निकले हैं। अब फिर से जांच के नाम पर लीपापोती करने की कोशिश की जा रही है। इससे पता चलता है कि दोनों के बीच समझौता हो चुका है। खुर्शीद की प्रेस वार्ता के बाद केजरीवाल ने शाम को फिर अपने समर्थकों को संबोधित करते हुए कहा कि कानून मंत्री ने मेरे पांच सवालों का जवाब देने से मना कर दिया। उन्होंने हर सवाल के जवाब में यही कहा कि मुझे नहीं पता, इसकी जांच करा लो। वह पूरे देश को गुमराह कर रहे हैं। खुर्शीद और उनकी पत्‍‌नी ने प्रेस वार्ता में कैंप लगाने से संबंधित जो फोटो दिखाई है, उसमें 17 जुलाई, 2010 की तारीख लिखी है, जबकि विकलांगों के फंड से सामान वितरण एक अप्रैल, 2009 से 31 मार्च, 2010 के बीच होना दर्शाया गया है।
ये हैं पांच सवाल
१]. क्या आप मानते हैं कि आपकी संस्था ने उत्तर प्रदेश के तत्कालीन विशेष सचिव रामराज सिंह का फर्जी पत्र दिखाकर अगले साल की ग्रांट लेने की कोशिश की थी?
[२]. क्या आप मानते हैं कि उत्तर प्रदेश सरकार के पूर्व सीडीओ जेबी सिंह का शपथ पत्र फर्जी है? अगर हां, तो आपने फर्जी शपथ पत्र क्यों लगाया?
[३]. अखिलेश यादव सरकार ने भारत सरकार को 12 जून, 2012 को एक पत्र लिखा, जिसमें कई अधिकारियों के फर्जी हस्ताक्षर होने की बात कही गई है। आपके मुताबिक उत्तर प्रदेश सरकार का यह पत्र सही है या फर्जी?
[4.] आपकी संस्था ने दावा किया है कि कैंप लगाकर सामान बांटा था। अखिलेश यादव सरकार की जांच के मुताबिक न तो कैंप लगे और न सामान बंटा। क्या आप 12 जून के उत्तर प्रदेश सरकार के इस पत्र में लिखी बातों से सहमत हैं?
[५]. आपकी संस्था के लाभार्थियों की सूची में ऐसे कई विकलांग हैं, जिनका कहना है कि उन्हें तो आपसे कोई सामान नहीं मिला, जबकि आपकी संस्था कहती है कि उन्हें सामान दिया गया। यदि उनमें से कुछ लाभार्थी सार्वजनिक तौर पर यह कहते हैं कि उन्हें सामान नहीं मिला, तो क्या आप कानून मंत्री के पद से इस्तीफा देकर राजनीति से सन्यास ले लेंगे?
खुर्शीद ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जिस सख्स को पेश किया, उसके बयान बदलने से साफ है कि कानून मंत्री अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके कुछ भी करा सकते हैं। जब तक सलमान खुर्शीद कानून मंत्री हैं, तब तक जांच निष्पक्ष रूप से हो ही नहीं सकती। अगर वह वाकई में जांच कराना चाहते हैं, तो पहले कानून मंत्री के पद से इस्तीफा दें।’ गौरतलब है कि पेश किये गए रंगी मिस्त्री के कान में आज बिलकुल नई सफ़ेद मशीन लगी हुई थीअरविंद ने कहा है कि रंगी मिस्त्री के जवाब में सोमवार को कुछ और सबूत पेश करेंगे।
केजरीवाल ने कहा कि साल 2014 के इलेक्शन में वह सलमान खुर्शीद के खिलाफ किसी विकलांग से ही चुनाव लड़वाएंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश सरकार जांच का सिर्फ दिखावा कर रही है। साथ ही उन्होंने कहा कि कांग्रेस और प्रधानमंत्री को भी इस मामले पर अपन रुख साफ करना चाहिए। केजरीवाल ने कहा, ‘आम और पीड़ित आदमी ही इस सरकार को सबक सिखाएगा।’

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

विकलांगों के मुद्दे को लपक कर इंडिया अगेंस्ट करप्शन के नेता अरविन्द केजरीवाल आज राज पथ को रणभूमि बनाने के लिए धरने पर बैठे |उनके साथ मनीष शिशोदिया और गोपाल राय के अलावा बड़ी संख्या में विकलांग थे| इससे पहले कि राज पथ तहरीर चौक (मिस्र में सत्ता विरोधी प्रदर्शनों का केंद्र)बनता पोलिस ने केजरीवाल और उनके साथ धरना दे रहे कार्यकर्ताओं को जबरन उठाकर हिरासत में ले लिया।और बसों में लाद कर बवाना ले गए| किसी के हताहत होने का समाचार नहीं मिला हैहाँ केजरीवाल की कमीज की दाईं कंधें से जरुर धक्का मुक्की में फट गई|
।केजरीवाल को हिरासत में लिए जाने के बाद उन्‍होंने पत्रकारों से कहा कि मुझे नहीं मालूम कि पुलिस मुझे लेकर कहां जा रही है। यदि मैं जेल गया तो बाहर नहीं निकलूंगा। उन्‍होंने यह भी कहा कि आज जिसको जेल में होना चाहिए वह खुलेआम घूम रहा है। मार्च जनपथ से शुरू हुआ लेकिन पुलिस ने उसे 100 मीटर के बाद ही राजपथ चौराहे पर रोक दिया।उन्होंने कहा कि खुर्शीद ने कानून मंत्री के पद का अपमान किया है। इस पद पर एक समय में बी आर अंबेडकर कार्य कर चुके हैं। खुर्शीद और उनकी पत्नी के खिलाफ एक मामला दर्ज किया जाना चाहिए। जब तक वह पाक साफ घोषित नहीं हो जाते उन्हें मंत्रिमंडल से बाहर रहना चाहिए।
अब लोगों को छुट्टी लेकर इस विरोध प्रदर्शन में शामिल होना चाहिए। अब यह आरपार की लड़ाई है।
गौरतलब है कि एक चेनल के स्टिंग आपरेशन में डाक्टर जाकिर हुसैन मेमोरियल ट्रस्ट के तत्वधान में विकलांगों के लिए एलोटेड लगभग ७१ लाख प्रतिवर्ष के फंड्स का दुरूपयोग सामने आया है| इस ट्रस्ट के चेयर मैन डाक्टर जाकिर हुसैन के नवासे और वर्तमान कानून मंत्री सलमान खुर्शीद हैं और उनकी पत्नि श्रीमति लुईस प्रोजेक्ट निदेशक हैं|इस मुद्दे को जोर शोर से लपकने वाले नए नए राजनीतिक बने केजरीवाल और स्टिंग करने वाले मीडिया को मंत्री ने इंग्लैण्ड से ही गन्दी नाली का कीड़ा कह कर अपनी भड़ास निकाली|
इस मुद्दे को लेकर पहले तो केजरीवाल ने श्रीमती सोनिया गांधी के निवास को घेरने की घोषणा की थी मगर बाद में पी एम् निवास को टार्गेट बनाया गया | पी एमओ ने कहा कि पी एम् डाक्टर मनमोहन सिंह के पहले से कार्यक्रम तय हैं इसलिए वे केजरीवाल से नहीं मिल सकते। जिसके बाद केजरीवाल और उनकी टीम ने पीएम आवास घेरने की कोशिश की तो पुलिस ने उन्हें रोक दिया। जिसके बाद केजरीवाल वहीं जनपथ पर धरने पर बैठ गये। केजरीवाल ने कहा है कि जब तक प्रधानमंत्री नहीं

अरविन्द केजरीवाल को विकलांगों के साथ दिल्ली पोलिस ने हिरासत में लिया

कर बसों में लाद कर वहां से हटाया |
इसी बात पर केजरीवाल ने कानून मंत्री के इस्तीफे की मांग की है तो वहीं खुर्शीद ने सारे आरोपों को नकारते हुए केजरीवाल को कोर्ट में खींचने की बात कही है।
पत्रकारों से बातचीत में अरविंद केजरीवाल ने सवालिया लहजे में पूछा कि क्या प्रधानमंत्री डर के छुप गए हैं? केजरीवाल ने मांग की कि पीएम को कानून मंत्री खुर्शीद को तुरंत बर्खास्त कर देना चाहिए।
उधर सलमान खुर्शीद ने अपने ऊपर लगे आरोपों से इनकार किया है। साथ ही उन्होंने केजरीवाल के खिलाफ अदालत में जाने का फैसला किया है। खुर्शीद का कहना है कि केजरीवाल काफी घटिया व्यवहार कर रहे हैं और वो इसका सही जवाब उन्हें अदालत में मामला दर्ज करके देंगे। कांग्रेस ने भी कहा है कि खुर्शीद सफाई दे चुके हैं। अब सड़क पर प्रदर्शन का कोई मतलब नहीं है। कांग्रेस प्रवक्ता और दिल्ली की मुख्य मंत्री शीला दीक्षित के पुत्र संदीप दीक्षित ने कहा कि पीएम हर किसी से किसी भी वक्त नहीं मिल सकते। जबकि यूं पी ऐ की एक सहयोगी सपा ने इस घोटाले को राष्ट्रीय अपराध की संज्ञा दी है|
अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि पहले मांग, फिर दबाव और तब भी बात न बनी, तो धरना-प्रदर्शन का निर्णय किया गया.
ब्यूरोक्रेट से सोश्लाईट और अब राजनीतिक बने अरविंद केजरीवाल को राजनीती का मन्त्र समझ में आ गया है कि सियासत में सबसे जरूरी है मशहूर होना और मशहूर होने के लिए मशहूर हस्तियों को निशाना बनाना सबसे आसान रास्ता है.| उनके भाग्य या केंद्र सरकार के दुर्भाग्य से अरविन्द को लगातार मुद्दे मिलते जा रहे हैं|अरविन्द को डील करने में शासन और प्रशासन की कार्यविधि से सरकार की लोक प्रियता का ग्राफ लगातार गिरता जा रहा है| दिल्ली में अपनी राजनीतिक बिसात बिछाने में लगातार सफल होते जा रहे अरविन्द ने पहले [१] बिजली के बिल जलाए+बिजली के कनेक्शन जोड़े+ [२] रॉबर्ट वाड्रा और डी एल ऍफ़ के साथ हरियाणा सरकार को कठघरे में ले आये +[३]डी एल ऍफ़ और इंडियन बुल जैसी कंपनियों के शेयर गिराने के लिए अरविन्द का एक ही बयाँ पर्याप्त बन गया|अब केन्द्रीय कानून मंत्री और मौजूदा सरकार के भरोसे मंद सलमान खुर्शीद का मुद्दा मिल गया है|मीडिया को लाख सर्कार ताने मारे मगर मीडिया को लगातार एक्टिव +नए+जनहित के मुद्दे देने में सफल रहे हैं| इसीलिए अब सरकार को भी समझ लेना चाहिए कि अरविन्द केजरीवाल न तो किसी गन्दी नाली के कीड़े है और नाही इनके लिए अब कोई या किसी या ऐरे गैरे जैसी पदवियाँ दे देने भर से मामले टलने वाले नहीं हैं बल्कि एक नए राजनीतिक मोर्चे के खुलने का यह एलान है|इसके अलावा यह भी कहना जरुरी है कि यह ट्रस्ट देश के प्रेसिडेंट रहे डाक्टर जाकिर हुसैन के नाम पर है|येही वोह डाक्टर जाकिर हुसैन हैं जिन्होंने मोहम्मद अली जिन्नाह के खिलाफ पंडित जवाहर लाल नेहरु के मूवमेंट को समर्थन दिया था |ऐसे स्वतन्त्रता सेनानी के नाम पर लगा धब्बा मिटाना वर्तमान सरकार की प्राथमिकता होनी चाहिए|