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Tag: सिविल और सैनिक अस्पताल दोनों में स्वाइन फ्लू के मरीज

स्वाईन फ़्लू , सेना और सिविलियन दोनों के लिए ,जानलेवा साबित हो रहा है:मरने वालों की संख्या ५ पहुंची

[मेरठ]सिविल और सैनिक अस्पताल दोनों में स्वाइन फ्लू के मरीज आने लगे हैं| इस जान लेवा फ़्लू से बीते दिन एक सिविलियन महिला कीमृत्यु हो गई और एक सैनिक में इसकी पुष्ठी हुई है| इससे स्वाईन फ़्लू से मरने वालों की संख्या ५ तक पहुँच चुकी है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार लांस लायक धीरेश सिंह बीते दिनों छुट्टी पर घर गए थे। फरवरी की शुरुआत में जब वो लौटे तो अचानक उनकी तबीयत खराब हो गई। 6 फरवरी को सैन्य अस्पताल में की गई शुरुआती जांच में सेना के डॉक्टरों ने स्वाइन फ्लू के लक्षण होने की आशंका जताई। इस पर धीरेश का सैंपल नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ कम्युनिकेबल डिसीजेस (एनआईसीडी) भेजा गया। चार दिन बाद आई रिपोर्ट में स्वाइन फ्लू होने की पुष्टि हुई। वहीं एक अन्य जवान की रिपोर्ट निगेटिव आने का समाचार मिला है| अमर उजाला ने सैन्य अस्पताल के वरिष्ठ अधिकारी के हवाले से छापा है कि अस्पताल में प्रतिदिन दो से चार मरीज स्वाइन फ्लू की आशंका के चलते आ रहे हैं।
उधर गोला बढ में स्वाईन फ़्लू से मरे नीरज के परिवार के अन्य सदस्य भी पी एल शर्मा अस्पताल में लाये गए हैं| इस परिवार के अब चार सदस्य भर्ती हैं| [राजबिरी+अनुज+रूप चंद+रेखा]मेडिकल में भर्ती कराई गई आरती खुशनसीब नहीं रही और स्वाईं फ़्लू से ज़िंदगी हार गई|इससे पूर्व [१]राकेश पाण्डेय[२]मुख्तार[३] पार्वती की मौत की भी पुष्ठी की जा चुकी है| मेरठ छावनी में केवल एक सरकारी कैंट जनरल अस्पताल है मगर यहाँ स्वाइन फ्लू के इलाज़ की कोई व्यवस्था नहीं है जबकि यहाँ की व्यवस्था भी आर्मी आफिसरों के हाथों में है|
सात दिन की लापरवाही के बाद बीते दिन स्वास्‍थ्‍य विभाग ने आनन फानन में 13 रैपिड रिस्पांस (आरआर) टीमों का गठन कर दिया है और यह घोषणा की है की , स्वाइन फ्लू की पुष्टि बगैर एनआईसीडी की मुहर के स्वीकृत नहीं होगी।