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Tag: स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय

इलाज के बाद स्‍वस्‍थ होने वाले कोरोना पीड़ितों की कुल दर 42.75%

(नई दिल्ली) इलाज के बाद स्‍वस्‍थ होने वाले कोरोना पीड़ितों की कुल दर 42.75%
सक्रिय चिकित्सा निगरानी के अंतर्गत आने वाले मामलों की संख्या 86,110 है
अब तक कुल 67,691 लोग ठीक हो चुके हैं।
पिछले 24 घंटों में 3266 मरीजों का इलाज हो चुका है। इसके साथ ही इलाज के बाद स्‍वस्‍थ होने वाले लोगों की कुल दर 42.75% हो गई है।

पीजी मेडिकल दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध

[नई दिल्ली ]पीजी मेडिकल दाखिले की अंतिम तिथि बढ़ाने का अनुरोध
स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्याण मंत्रालय ने भारतीय चिकित्‍सा परिषद (एमसीआई) से राज्‍यों में पीजी मेडिकल दाखिले की तिथि 18 मई से बढ़ाकर 31 मई, 2019 करने का अनुरोध किया है |इससे अकादमिक सत्र 2019-20 में शेष बची सीटों को भरा जा सकेगा ।

तम्बाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए उत्पाद पैकेटों पर नई चेतावनी

[नई दिल्ली] तम्बाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए तंबाकू उत्पाद पैकेटों पर नई विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी
प्रकाशन तिथि: 05 APR 2018 2:18PM by PIB Delhi

तम्बाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए उत्पाद पैकेटों पर नई चेतावनी

तम्बाकू सेवन को हतोत्साहित करने के लिए उत्पाद पैकेटों पर नई चेतावनी

तंबाकू उत्पाद (पैकेजिंग और लेवलिंग) नियम 2008 में संशोधन किए गए ये संशोधित नियम, 1 सितंबर, 2018 से लागू होंगे।
विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी के नए नियमों की प्रमुख विशेषता है – तंबाकू सेवन की आदत त्यागने के लिए एक फोन नम्बर (‘आज ही त्यागें, फोन करें 1800-11-2356 ’) का उल्लेख यह फोन नम्बर तंबाकू सेवन करने वालों में जागरूकता बढ़ाएगा और सलाह सेवाओं तक उनकी पहुंच बनाएगा। इससे तंबाकू का त्याग करने वालों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। नई विशिष्ट स्वास्थ्य चेतावनी दोनों ही प्रकार के तंबाकू उत्पादों – धुआंयुक्त और धुआंरहित – पर लागू होगी।
तंबाकू सेवन की आदत छोड़ने के लिए टोल फ्री नम्बर (1800-11-2356) तंबाकू त्याग करने की सलाह देगा तथा तरीके बताएगा। वैश्विक व्यस्क तंबाकू सर्वेक्षण (जीएटीएस-2, 2016-17) के अनुसार 15 वर्ष तथा इससे अधिक उम्र के तंबाकू सेवन करने वाले लोगों में 61.9 प्रतिशत सिगरेट पीने वाले, 53.8 प्रतिशत बीड़ी पीने वाले तथा 46.2 प्रतिशत धुआंरहित तंबाकू का सेवन करने वाले ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पैकेटों पर स्वास्थ्य चेतावनी को देख कर तंबाकू सेवन का त्याग करने के बारे में सोचा है।

राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए स्‍मार्ट कार्ड जारी

[नई दिल्ली]राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के लाभार्थियों के लिए स्‍मार्ट कार्ड जारी
स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री श्री अश्विनी कुमार चौबे ने आज लोकसभा में एक प्रश्‍न के लिखित उत्‍तर में यह जानकारी देते हुए बताया के राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य बीमा योजना के अंतर्गत ऑफ लाइन मोड में योजना का लाभ लेने के उद्देश्‍य से लाभार्थियों के लिए एक स्‍मार्ट कार्ड जारी किया गया है।
वर्ष 2018-19 के बजट भाषण में सरकार ने अस्‍पताल में इलाज के लिए प्रति वर्ष प्रति परिवार पांच लाख रुपये तक का कवरेज प्रदान करने के लिए राष्‍ट्रीय स्‍वास्‍थ्‍य रक्षा योजना शुरू करने की घोषणा की थी।

आयुर्वेदिक,यूनानी औषधियों को बढ़ावा देने के लिए भारत ने डब्लू.एच.ओ.की मकाउ बैठक में आवाज उठाई

आयुर्वेदिक +यूनानी आदि पारंपरिक औषधियों को बढ़ावा देने के लिए भारत ने विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की चीन के मकाउ में आयोजित बैठक में पुरजोर आवाज उठाई|
स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण राज्‍य मंत्री श्रीमती संतोष चौधरी ने कहा है कि पारंपरिक औषधियों को बढ़ावा देने के लिए नीतियों और रणनीतियों का निर्माण किया जाना चाहिए। वे आज मकाओ एसएआर, चीन में आयोजित विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन पारंपरिक औषधि रणनीति : 2014-2023 की उच्‍चस्‍तरीय बैठक को संबोधित कर रही थीं। इस अवसर पर उन्होंने भारत में आयुर्वेद के अध्‍ययन के लिए विदेशी नागरिकों को प्रोत्‍साहित भी किया |
श्रीमती चौधरी ने कहा कि दुनिया में स्‍वास्‍थ्‍य समस्‍याएं बढ़ती जा रही हैं, जिनमें रहन-सहन से होने वाली बीमारियां प्रमुख हैं। उन्‍होंने कहा कि इस प्रकार के रोगों से निपटने के लिए आज पारंपरिक औषधि की उपयोगिता पर चर्चा की जाती है, इसलिए यह आवश्‍यक है कि विभिन्‍न सरकारें इस संबंध में बहुआयामी और बहुआधारित नीतियों और रणनीतियों को निर्माण करें।
श्रीमती चौधरी ने कहा कि भारत में आयुर्वेद, योग, प्राकृतिक चिकित्‍सा, यूनानी सिद्ध, सोवा-रिगपा और होम्‍योपेथी (आयुष) को पारंपरिक औषधि के रूप में मान्‍यता प्राप्‍त है। उन्‍होंने कहा कि स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय में आयुष विभाग कायम किया गया है, जो पारंपरिक चिकित्‍सा प्रणालियों के प्रोत्‍साहन के लिए राष्‍ट्रीय तथा अंतरराष्‍ट्रीय स्‍तरों पर काम करता है। उन्‍होंने बताया कि भारत में आयुष सुविधाओं का बहुत बड़ा बुनियादी ढांचा मौजूद है,
जिसके तहत 7,20,937 चिकित्‍सक पंजीकृत हैं।
देश भर में आयुष के 24,392 दवाखाने और
3,195 अस्‍पताल तथा
504 कॉलेज, स्‍नातकोत्‍तर शिक्षा के लिए 117 केन्‍द्र तथा 8,785 लाइसेंस प्राप्‍त दवा निर्माण इकाइयां काम कर रही हैं।
मंत्री महोदया ने बताया कि भारत में आयुर्वेद के अध्‍ययन के लिए विदेशी नागरिकों को प्रोत्‍साहित किया जाता है। उन्‍होंने उम्‍मीद जाहिर की कि सम्‍मेलन में पारंपरिक औषधियों के लिए नई रणनीति तैयार की जाएगी।
इस अवसर पर विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन की महानिदेशक डॉ. मारग्रेट चैन, मकाओ के मुख्‍य कार्यकारी अधिकारी श्री फर्नांडो चियु और विभिन्‍न देशों के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री और विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के पदाधिकारी एवं विशेषज्ञों सहित विभिन्‍न गणमान्‍य व्‍यक्ति मौजूद थे।

तम्‍बाकू-निरोधी फिल्‍मों में ‘मुकेश’ और ‘स्‍पंज’ की जगह ,अब १६ भाषाओं में, ‘बच्‍चा’ और ‘धुआं’ के माध्यम से जाग्रति फैलाई जायेगी

तम्‍बाकू-निरोधी फिल्‍मों में ‘मुकेश’ और ‘स्‍पंज’ की जगह अब ‘बच्‍चा’ और ‘धुआं’ के माध्यम से जाग्रति फैलाई जायेगी
सिगरेट एवं अन्‍य तम्‍बाकू उत्‍पाद (विज्ञापन की रोकथाम और व्‍यापार, वाणिज्‍य, उत्‍पादन, आपूर्ति और वितरण नियमन) अधिनियम के तहत स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय, तम्‍बाकू-निरोधी गतिविधियों का संचालन एवं नियंत्रण करता है।
इस संदर्भ में 02 अक्‍टूबर, 2012 से ‘मुकेश’ और ‘स्‍पंज’ को केन्‍द्र में रख कर तम्‍बाकू-निरोधी फिल्‍में दिखायी जाती रही हैं। मंत्रालय ने निर्णय किया है कि इसकी जगह 02 अक्‍टूबर, 2013 से ‘बच्‍चा’ और ‘धुआं’ पर केन्द्रित फिल्‍में दिखायी जाएंगी। इन फिल्‍मों को 16 भारतीय भाषाओं में तैयार किया गया है, ताकि तम्‍बाकू के दुष्‍परिणाम संबंधी संदेश देशभर में दिया जा सके।
‘बच्‍चा’ और ‘धुआं’ फिल्‍म के जरिए ध्रूमपान, तम्‍बाकू सेवन और ध्रूमपान करने वाले की संगति में रहने पर स्‍वास्‍थ्‍य को होने वाले नुकसान के प्रति सावधान किया जा रहा है। इसके अलावा, ध्रूमपान निरोधी कानून का उल्‍लंघन करने पर दंड के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इन फिल्‍मों को वर्ल्‍ड लंग फॅाउंडेशन ने तैयार किया है।
उल्‍लेखनीय है, तम्‍बाकू सेवन से पूरे विश्‍व में हर साल लगभग 60 लाख लोगों की जान जाती है। अगर इसपर नियंत्रण नहीं किया गया तो 2030 तक मरने वालों का आंकड़ा 80 लाख प्रति वर्ष तक पहुंच जाने की आशंका है। एक अनुमान के अनुसार भारत में प्रति वर्ष तम्‍बाकू सेवन से लगभग 8-9 लाख लोग मरते हैं। इसके अलावा, भारत में प्रतिदिन सिगरेट पीने की शुरुआत करने वाले युवाओं की संख्‍या 5500 है।यह आंकड़े स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा जारी किये गए हैं|

भारतीय चिकित्‍सा परिषद ने सुभारती मेडिकल कॉलेज सहित छह मेडिकल कॉलेजों की मान्‍यता रद्द की

भारतीय चिकित्‍सा परिषद (एमसीआई) ने राष्ट्रीय राजधानी छेत्र [ एनसीआर ]में 6 मेडिकल कॉलेजों की मान्‍यता रद्द कर दी है
भारतीय चिकित्‍सा परिषद ने स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्रालय से राष्‍ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) में चल रहे मेरठ+गाजिआबाद+ग्रेटर नॉएडा+हापुड़+गुड गाँव के 6 मेडिकल कॉलेजों की मान्‍यता/अनुमति पत्र रद्द करने की सिफारिश की है। ये कॉलेज हैं –
[1]. संतोष मेडिकल कॉलेज, गाजियाबाद
[2]. सुभारती मेडिकल कॉलेज, मेरठ
[3]. स्‍कूल ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च, ग्रेटर नोएडा
[4]. सरस्‍वती इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज, हापुड़
[5]. श्री गुरू गोबिन्‍द सिंह ट्राईसेन्‍टेनरी मेडिकल कॉलेज, गुडगांव
[6.] रामा मेडिकल कॉलेज, हापुड़
मंत्रालय को भारतीय चिकित्‍सा परिषद की यह सिफारिश इस साल मई में प्राप्‍त हुई थी।
हालांकि इसे 04 जून को फिर से जांच-पड़ताल के लिए परिषद के निदेशक मंडल के पास वापस भेज दिया गया था।
मेडिकल कॉलेजों को भारतीय चिकित्‍सा परिषद अधिनियम, 1956 के प्रावधानों और उनके दिशा-निर्देशों के तहत मान्‍यता दी गयी है।
इस उद्देश्‍य हेतु, भारतीय चिकित्‍सा परिषद नियमन, 1999 में निर्धारित न्‍यूनतम शर्तों के अनुसार भारतीय चिकित्‍सा परिषद परीक्षा के मानदंडों और कॉलेजों में उपलब्‍ध सुविधाओं के मूल्‍यांकन के लिए उनकी जांच पड़ताल करती है।
एमसीआई के सिफारिशों के आधार पर केन्‍द्र सरकार भारतीय चिकित्‍सा परिषद अधिनियम, 1956 की धारा 11 (2) के तहत किसी भी मेडिकल कॉलेज के छात्रों को मुहैया की जाने वाली विशिष्‍ट चिकित्‍सा अर्हताओं को मान्‍यता प्रदान करती है और उन्हें अधिसूचित करती है।
केन्‍द्रीय स्‍वास्‍थ्‍य एवं परिवार कल्‍याण मंत्री श्री गुलाम नबी आजाद ने आज राज्‍य सभा में एक प्रश्‍न के उत्‍तर में लिखित में यह जानकारी दी।