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Tag: Aam Aadmi Party

सीएम के बिजली बिल से “आम”मुखौटा तो उतर चुका अब ६७ विधायकों के वेतन मान भी बढ़वा ही लो

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

आम आदमी पार्टी चेयर लीडर

ओये झल्लेया चार सालों से हसाडे विधायकों के वेतन एक ही स्थान पर स्टेग्नेट हुए पढ़े हैं ओये हसाडे इलाके की जनता के घरों में आयोजित होने वाले समारोहों में इन बेचारों को शिरकत करनी होती है ऐसे में ओनली ८८००० में गुजारा नहीं होता है| जिसके लिए हसाडे ६७ विधायकों की तनख्वाह डबल कर दी जानी चाहिए

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान गाल सुनो खोल के दोनों कान |आप जी के सीएम की बिजली के बिल+और पार्टी के पदाधिकारियों को मोटी तनख्वाह वाले पद आवंटन से आपका आम आदमी वाला मुखौटा तो उतर चूका है अब इस बहाने अपने ६७ विधायकों के वेतन मान भी बढ़वा लो

“आप”सरकार का ५२० करोड़ का विज्ञापन बजट कहीं मीडिया घरानों को शुक्राना तो नहीं

[नई दिल्ली]”आप”सरकार का ५२० करोड़ का विज्ञापन बजट कहीं मीडिया घरानों को शुक्राना तो नहीं यह प्रश्न आज सियासी गलियारों में गूँज रहा है|
दिल्ली में सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी की सरकार ने ५२० करोड़ रुपये मात्र विज्ञापनों के लिए बजट किये हैं| मात्र अपनी छवि को चमकाने के लिए टैक्स पयेर्स की इतनी बढ़ी राशि के खर्चे की सर्वत्र आलोचना हो रही है |यहां तक कि मीडिया को खरीदने या फिर मीडिया को शुक्राना जैसे शब्द भी हवा में तैरने लगे हैं इससे पूर्व दिए गए विज्ञापनों में सुप्रीम कोर्ट कीअवमानना करते हुएपार्टी अध्यक्ष और सीएम अरविन्द केजरीवाल की छवि को ही चमकाया गया है यहां तक कि सरकारी खर्चे पर केजरीवाल की सलामती की दुआएं भी मांगी गई है|कांग्रेस और भाजपा विभिन्न चैनलों +एजेंसियों द्वारा इसकी आलोचना में लग गए हैं |
कांग्रेस के अजय माकन के अनुसार बीते वर्ष इस मद में केवल २४ करोड़ का बजट रखा गया था अब अचानक से २१%बढ़ाया गया है |भाजपा के सतीश उपाध्याय ने आरोप लगाया है कि अपनी पीआर करने के लिए ही केजरीवाल ने इतनी बढ़ी रकम निकाली है

ला कृ आडवाणी के आपातकाल की स्मृति में दिए गए ब्यान को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज

[नई दिल्ली] वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी के आपातकाल की स्मृति में दिए गए ब्यान को लेकर राजनितिक अटकलें तेज हो गई हैं|भारत में [अब स्वर्गीय] श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा २५-२६ जून को इमरजेंसी लगाई गई थी जिसकी स्मृति में इंडियन एक्सप्रेस ने वयोवृद्ध नेता एल के अडवाणी का इंटरव्यू छापा है |इसमें स्वाभाविक रूप से उन्होंने इमरजेंसी लगाये जाने और उससे बचने के अनेको पहलुओं पर राजनीतिक चर्चा की है|यदपि उन्होंने वर्तमान पीएम या व्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष टिपण्णी नहीं की है लेकिन कांग्रेस द्वारा उसे नरेंद्र मोदी के संदर्भ में प्रचारित किया जा रहा है |
अंग्रेजी के एक अखबार में दिए इंटरव्यू में अडवाणी ने कहा कि इमरजेंसी के पश्चात से अभी तक यह सुनिश्चित नहीं किया जा सका है कि १९७५-७७ की भांति लोक तंत्र दोबारा कुचला नहीं जाएगा जबकि लोक तंत्र को कुचलने वाली ताकतें प्रबल हुई है |
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस इमरजेंसी के बयान को हाथो हाथ लेकर इसे पीएम नरेंद्र मोदी केंद्रित बताने का प्रयास किया जा रहा है|
पूर्व उपप्रधानमंत्री और अभी बीजेपी के मागदर्शक मंडल के सदस्य श्री आडवाणी ने यदपि इमरजेंसी को दोबारा लगाये जाने की संभावनाओं को बल नहीं दिया मगर यह जरूर कहा कि वास्तव में, कोई आसानी से ऐसा नहीं कर सकता है,मगर दोबारा ऐसा नहीं होगा यह नहीं कहा जा सकता ।१९७५-७७ में लगाईं गई इमरजेंसी में श्री आडवाणी सहित विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को जेल में कैद करके रखा गया था।भाजपा और समर्थक दल इसे सामान्य बता कर संस्था केंद्रित अभिव्यक्ति बता रहे हैं जबकि कांग्रेस+आप+जे डी यूं +वाम पंथी आदि द्वारा अडवाणी की इस नवीनतम संशा को पीएम नरेंद्र मोदी का संदर्भ दिया जा रहा है |वरिष्ठ भाजपा के एक नेता ने अपना नाम नहीं बताने कि शर्त पर चुटकी ली है कि ये कांग्रेस यहीं नहीं रुकेंगे शीघ्र ही अडवाणी के बयान को सुषमा स्वराज से जोड़ते हुए भाजपा में दो गुट साबित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा सकता है |

“आप”पार्टी की दबाब नीति फ़ैल:दिल्ली प्रदेश के कानून मंत्री तोमर गिरफ्तार

[नई दिल्ली]”आप”पार्टी की दबाब नीति फ़ैल:दिल्ली प्रदेश के कानून मंत्री तोमर गिरफ्तार
आम आदमी पार्टी[आप] की पोलिस पर दबाब की नीति आज उस समय असफल साबित हुई जब पार्टी के कानून मंत्री को गिरफ्तार कर लिया गया
दिल्ली में सत्ता रुड “आप” पार्टी के लिए मुश्किल कम होती नहीं दिख रही हैं।
पार्टी के तेज तर्रार नेता संजय सिंह ने सोशल साईट पर ट्वीट करके बताया है कि दिल्ली के कानून मंत्री जितेंद्र सिंह तोमर को गिरफ्तार कर लिया गया है। उन्होंने ट्वीट करके यह भी कहा कि श्री तोमर को हौज खास थाने में ले जाया जा रहा है।
चूंकि मंत्री जितन्द्र तोमर को बगैर कानूनी नोटिस या पूर्व सूचना के दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार करके हौज खास थाने ले जाया जा रहा है |पार्टी इसे बदले की कार्रवाई के तौर पर देख रही है।
आप पार्टी ने सवाल किया है कि अगर मामला डिग्री से सम्बंधित भी है तो क्या केंद्रीय मंत्री समृति ईरानी और रामशंकर कठेरिया को भी पुलिस थाने बगैर सुचना और नोटिस के लाएगी?

“AAP”Releases 100 Dayer Report Card With Usual Request For Donations

[New Delhi]”AAP”Releases 100 Dayer Report Card With Usual Request For Donations
Aam Aadmi Party[AAP]’s Delhi Govt Has Completed 100 Days So Report Card Is Released With The Usual Request For Generous Donations .
Report Card Is As Under
[1]Delhi government will not allow foreign direct investment (FDI) in the retail sector in Delhi.
[2]The Anti-Corruption Branch (ACB) of Delhi government on Wednesday questioned three senior executives of Reliance Industries Limited (RIL).
[3]Delhi chief minister, Arvind Kejriwal, on Thursday directed the transport and environment departments to make stringent plans to check alleged manipulation in issuance of Pollution Under Control certificates.
[4]The Delhi Government’s PWD has launched a centralised complaint centre for registration of complaints against potholes and rough patches on the roads
[5]Chief Minister on Sunday announced that the state government will appoint a fare-fixation committee and autorickshaw fares will be revised on April 1 every year.
[6]The Delhi Jal Board is setting up five decentralised Waste Water Treatment Plants (WWTP)
[7]Delhi government has approached the National Green Tribunal (NGT) seeking a direction to DDA to provide land for parking 10,000 buses in the capital.
[8]Delhi government opens school grounds and stadiums to promote sports.
[9]Delhi government cuts sewer, water development charges by 80% for new connections in unauthorized colonies.
[10]Deputy Chief Minister Manish Sisodia had put an end to the “transfer-posting industry” that was being run during the previous governments.

NE Of”AAP”Party at NC’s Chaotic Meeting Took Many Decisions and Resolutions

[New Delhi]NE Of”AAP”Party at NC’s Chaotic Meeting Took Many Decisions and Resolutions
The National Executive Of “AAP” Party at NC’s Chaotic Meeting Took Many Decisions and Resolutions
The National Council of the Aam Aadmi Party met on Saturday, March 28, 2015 and it took the following decisions and resolutions
[1]The meeting began with the address of National Convenor Arvind Kejriwal, who outlined the political and organizational developments since the last National Council meet. During his address Mr. Kejriwal mentioned in detail about the Delhi Assembly elections, which gave the party an unprecedented mandate.
[2] Following his address, a written resolution was presented to recall Mr. Yogendra Yadav, Mr. Prashant Bhushan, Mr. Anand Kumar and Mr. Ajit Jha from the National Executive for their anti-party activities. This written resolution signed by 167 members of the National Council was presented to the chair and was put to vote. The result of the voting is as follows:
(a)Out of a total of 392 member of the National Council, 311 attended the meet.
(b) 247 members voted in favour of the resolution to recall the four above mentioned members from the National Executive and signed the resolution.
(c)8 members voted against the resolution
(d) 2 members filed written dissent
(e)54 members did not participate in voting, it includes those who walked out.
[3] The National Council decided that the party would organize a protest against the Land Acquisition Ordinance outside Parliament on April 22.
4]The National Council unanimously rejected National Convenor Arvind Kejriwal’s resignation.
[5]The National Council has also authorized the PAC to take disciplinary action against any member who, without authorization, issues media statement against party line and decisions in a bid to tarnish the party’s image.
[6]The National Council also decided that Council members, except District Convenors, could give their names to party’s National Secretary for organizational work with a detailed brief about their work. The PAC will accommodate these names in committees with a PAC member as Organizing Member of the committee.
[7] The NC also decided to set committees to address the following issues:
(A) Organization building across India
(B) Volunteer engagement and their participation in decision making
(C) Suggestion to Delhi government and their implementation
(D) Contesting Elections in different states
(E) Land Acquisition Ordinance Bill

“आप”पार्टी में व्याप्त पारम्परिक राजरोग के इलाज के लिए एलोपैथी सर्जरी का उपयोग होगा?

[नई दिल्ली]”आप”पार्टी में व्याप्त पारम्परिक राजरोग के इलाज के लिए एलोपैथी सर्जरी का उपयोग होगा? यह आज कल चर्चा का विषय है | अन्ना हजारे ने भी दिल्ली में आने से परहेज दिखा दिया है और प्रशंसकों के लिए दुखद भी है |
आम आदमी पार्टी के सुप्रीमो अरविन्द केजरीवाल ने स्वयं की जन्मजात बीमारी के लिए तो बंगलुरु के प्राकृतिक इलाज को प्राथमिकता दी लेकिन दिल्ली में अपनी पार्टी के पारम्परिक राज रोग के खात्मे के लिए एलोपैथी सर्जरी का उपयोग करने में लग गए हैं |विनोद बिन्नी+शाजिया इल्मी+राजेश गर्ग+अंजलि दमानिया+ के बाद अब प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव को पार्टी से भी बाहर निकालने की तैयारी हो चली है |सर्जरी से पहले ही इस सर्जरी के साइड इफेक्ट्स की रोक थाम के लिएभी उठा पटक शुरू हो गई है |अब यूं टर्न लेते हुए पूरे देश में विस्तार करने की घोषणा की गई है |शायद यह भी रोग की पहचान करने और उसके उपचार के तरीके के चयन की गलती है |
७० में से ६७ विधायकों के साथ फर्श से अर्श पर आई आम आदमी पार्टी[आप] आज कल मनभेदों के चलते संकट के दौर से गुजर रही है |इसी संकट के चलते
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का स्वास्थ्य खराब होना बताया जा रहा है जिसके फलस्वरूप केजरीवाल को 10 दिन का अवकाश लेकर इलाज के लिए बेंगलुरू भी जाना पड़ा।
जाहिर है पार्टी के घमासान का सरकार के कामकाज पर भी असर पड़ा है शायद इसीलिए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया की सक्रियता के बावजूद विकास के मामले में सरकार की गति बेहद धीमी है।एक माह के पश्चात भी अभी तक निशुल्क वाई फाई तक से भी अभी दूरी बनी हुई है |हाँ पानी और बिजली के चुनावी वायदे पर कदम बढ़ा दिए गए हैं |पार्टी और केजरीवाल की छवि निरतंर धूमिल होती जा रही है | राजेश गर्ग के साथ अरविन्द केजरीवाल की कांग्रेस को तोड़ने के लिए हुई बातचीत का टेप +कांग्रेस के पूर्व विधायक आसिफ का संजय सिंह के खिलाफ रहस्योद्घाटन+प्रशांत भूषण और योगेन्द्र यादव की चतुराई भरी रणनीति +स्टिंग टेप में अरविन्द केजरीवाल पर साम्प्रदाइक राजनीति +दिल्ली सरकर के कानून मंत्री पर शिक्षा की फर्जी डिग्री रखने का आरोप भी लग चुके है|
:इससे से पार्टी के वॉलंटियर्स में निराशा +असंतोष आज कल सोशल साइट्स पर दिखाई देने लगा है और शायद असंतुष्ट गुट के साथ जाने का भय भी पार्टी के कब्जेदारों को सताने लगा है |माना जा रहा है कि इस नकारात्मक माहौल से दिन बंटाने के लिए देश भर में विस्तार कि खबरें उड़ाई जाने लगी है

“आप”पार्टी की दिल्ली फतह पर,बदलाव की आस में,आम जन भी मुस्कुराया

aam aadmi party [मेरठ,दिल्ली ]”आप”पार्टी की दिल्ली फतह पर , बदलाव की आस में, आम जन भी मुस्कुराया दिल्ली फतह पर ‘आप’ कार्यकर्त्ता स्वाभाविक रूप से जश्न में डूबे हैं|नाच गाने से लेकर आतिशबाजी और मिठाई के दौर चल रहे हैं इनकी ख़ुशी देख कर आम जन भी कहीं ना कहीं बदलाव की आस से मुस्कुराता दिख रहा है
दिल्ली विधान सभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ‘आप’ को मिले स्पष्ट बहुमत पर पार्टी कार्यकर्ताओं ने जोरदार ढ़ंग से जश्न मनाया। इस दौरान कमिश्नरी पार्क में आप कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर जमकर डांस किया तथा एक दूसरे का मुंह मीठा कराया।
मेरठ से चुनाव लड़ चुके पार्टी नेता मेजर [रिटायर्ड]हिमांशू सिंह ने कहा कि दिल्ली की जनता ने दिखा दिया है कि जीत सिर्फ सच्चाई व ईमानदारी की होती है। जनता ने भाजपा व कांग्रेस को पूरी तरह से नकार दिया है। दौरान विजयी जुलूस भी निकाला गया ।
दिल्ली में अरविंद केजरीवाल की सुनामी ने भाजपा की हालत भी कांग्रेस जैसी कर दी है
70 सीटों वाले विधानसभा में भाजपा के खाते में विपक्ष के नेता का पद पाने लायक सीटें भी मिलती नजर नहीं आ रही हैं। जबकि आम आदमी पार्टी ९०% से भी ज्यादा सीटें जीतती दिख रही है।लगातार जीतते आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह के लिए दिल्ली वाटरलू की हार साबित हुई
प्रथम दृष्ट्या भाजप की हार और आप पार्टी की जीत के निम्न मुख्य कारण नजर आते हैं
[१]कांग्रेस का कमजोर प्रचार
भ्र्ष्टाचार के आरोपों से हीनभावना से ग्रसित कांग्रेस द्वारा आम जनता से सीधे संपर्क साधने और सोशल मीडिया में जाने के साहस में कमी रही जिसके फलस्वरूप लड़ाई त्रिकोणीय होने के बजाय आमने सामने की ही हो कर रह गई और नतीजों में यह केवल एक मुखी ही रह गई
[२]स्थानीय नेताओं की अनदेखीaam aadmi party
आप पार्टी के आरोप आक्रमण से घबरा कर भाजपा ने अंतिम १७ दिनों में ऊपर से किरण बेदी को थोंपा इससे स्थानीय नेताओं में नाराजगी पैदा हुई
[३] गौत्र दोष+बच्चों की कसम+भगौड़ा आदि प्रत्येक आरोप को अरविन्द केजरीवाल ने तत्काल अवसर बना कर उपयोग किया
[४]”आप”पार्टी ने अंतिम समय तक अपने मास्टर कार्ड बिजली पानी को नहीं छोड़ा जिसकी काट में भाजपा कहीं खड़ी नहीं दिखाई दी
[५]फ्री वाई फाई+झोपडी के स्थान पर मकान+पोलिस उत्पीड़न से बचाव+शिक्षा में सुधार आदि के नारों को खूब भुनाया गया और भाजपा के इन्ही नारों को हवा में उड़ाय गयाजनता ने भी आप पार्टी के नारों पर ऐतबार किया+
[६]ब्लैक मनी की वापिसी में भाजपा को नाकाम दिखाने में सफलता |प्रधान मंत्री के प्रत्येक के खाते में १५ लाख रुपयों वाले वायदे को जुमला बता कर खूब भुनाया गया
[७] अभी तक लेफ्टिस्ट+जे डी यूं+ टीएमसी+सपा+बसपा में बिखरा हुआ विपक्ष भाजपा के विरोध में एक जुट हुआ
[८] जगदीश मुखी+झा+उपाध्याय +किरण बेदी आदि भाजपा के प्रदेश के नेताओं को भ्र्ष्टाचार और अकर्मण्यता के मुद्दों पर घेरने की रणनीति कामयाब रही
[९]२ करोड़ रुपयों के फंड फ्राड जैसे आरोपों को भी उलटे भाजपा की तरफ ही करने में सफलता मिली
[१०]भाजपा के सॉफ्ट टारगेट बराक ओबामा को भी चुनाव प्रचार का माध्यम बना लिया गया

पीएम की भारी संख्या में मतदान की अपील को”आप”वालों ने सुन लिया तो हो जाणा है सहिंता का उल्ल्ंघन

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया आज हसाड़ी दिल्ली की विधान सभा के लिए वोटिंग शुरू हो गई है |अब हसाड़ी सारेयाँ दी जिम्मेदारी है कि अपनी वोट डालने अपने बूथ पर जरूर जाएँ |ओये हसाडे प्रेरणादायक प्रधान मंत्री नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी जी ने भी दिल्ली वासियों को एड्रेस करते हुए हिंदी और इंग्लिश में ट्वीट कर दिया है कि “आज दिल्ली के सभी मतदाता रिकार्ड संख्या मे मतदान करें।विशेष रूप से युवा मतदाताओं से बड़ी संख्या में मतदान करने का अनुरोध”

झल्ला

ओ मेरे भोले सेठ जी लोक सभा के चुनावों में दिल्ली की सातों सीटों पर “कमल” पताका फहरने के पीछे रिकॉर्ड मतदान का फंडा ही था |इसीलिए झल्लेविचारानुसार आहिस्ता आहिस्ता बोलो कहीं आम आदमी पार्टी वालों ने सुन लिया तो ये लोग इसे भी चुनाव सहिंता का उल्ल्ंघन बता कर चुनाव आयोग का दरवाजा खटखटा देंगे

अविश्वासी”आप”के लिए गणत्रंत समारोह में”किरण”शेरनी आ ही गई मगर कोई कान ही नहीं धर रहा

झल्ले दी झल्लिया गल्लाँ

आम आदमी पार्टी का उत्तेजित चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये तो हसाडे नाल बढ़ा जुल्म हो रहा है |ओये देख तो हसाडे सोणे पूर्व मुख्य मंत्री अरविन्द केजरीवाल साहब को ६६ वें गणतंत्र समारोह में बुलाया तक नहीं और हसाड़ी विरोधी किरण बेदी को आगे की सीटों पर बैठा दिया और मीडिया में उनकी वाहवाही करवा दी |
ओये अब इस राष्ट्रीय महोत्सव का भी राजनीतिकरण होने लग गया |

झल्ला

ओ मेरे बाबू साहब आप लोगों ने रोजाना ख़वाहमख़ाह “शेर आया शेर आया” चिल्ला कर अपना विश्वास खो दिया इसीलिए अब जब वास्तव में किरण बेदी “शेरनी”आ गई है तो इस पर कोई कान तक नहीं धर रहा|