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Tag: ajay makan

किसके कर्मो से कांग्रेस के कुनबे पर होली के बेतहाशा रंगों में से ओनली काला रंग ही आयेगा?

jamos cartoons

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

चेहरा बचाता कांग्रेसी

ओये झल्लेया अबकी बार तो ये प्रधान मंत्री ने लुटिया ही डुबो देनी है अरे ऐसा कभी होता भला |देख तो पी एम् होते हुए भी मीडिया से लगातर दूर ही रहते हैं एक अमेरिका के प्रेसिडेंट हैं हर हफ्ते मीडिया +जनता के साथ संवाद कायम करते हैं और हसाडे माननीय पी एम् डॉ मन मोहन सिंह अपनी उपलब्धियों को भी जनता तक पहुंचा पाने में असफल हो रहे हैं इससे तो यारा हसाड़ी छवि पर होली के तमाम रंगों में से ओनली काला रंग ही आयेगा |हसाडे माननीय चलकुण्डी के पी सी चाको ने एर्नाकुलम प्रेस के सामने यह दुखड़ा रोया हैअब तो ऊपर वाला ही हसाडा सहाई होवेगा

Jhalla Sablok

Jhalla Sablok


झल्ला

अरे चतुर सूजन जी ऐ तो मैनू पहले से ही मालूम था कि चाको जैसे चाटुकार कांग्रेसी संकट के समय बलि का बकरा जरुर तलाशेंगे अरे भाई सारा काम अगर जनरल को ही करना ही तो चाको जैसे चतुरों को २जी स्पेक्ट्रम घोटाले की जाँच के लिए संसदीय समिति का अध्यक्ष बनाने की क्या जरुरत थी इन्होने तो मीडिया के सामने आ कर सारा गुड गोबर कर दिया|आप जी के ही अजय माकन जैसे धुरंधर भी सोशल मीडिया के प्रभाव को नहीं समझ पाये | यहाँ तक पार्टी की वेबसाईट को भी लगातार अपडेट नहीं कर पाये| वैसे कहा भी गया है कि अपना वजूद बढ़ाने के लिए गरीब को जम कर मारो ” बीट दी वीकर मर्सिलेसली”

राजनीती में हीरोगिरी करने उतरे राज बब्बर १२ रुपये में खाने की दलील देकर समाज में विलेन और पार्टी में कामेडियन बन कर रह गए

राजनीती में हीरोगिरी करने उतरे फिल्म स्टार राज बब्बर १२ रुपये में भरपेट खाने की दलील देकर समाज में विलेन और राजनीती में कामेडियन बन कर रह गए |उनके इस ब्यान से सत्ता रुड कांग्रेस ने एक नए अंदाज में किनारा कर लिया है| प्रेस कांफ्रेंस बुलाने में माहिर कांग्रेस महासचिव व मीडिया विभाग के अध्यक्ष अजय माकन ने सोशल साईट ट्विटर पर एक लाईन ट्विट करके पार्टी की छवि सुधारने का प्रयास किया है उन्होंने लिखा है कि

कुछ नेताओं की तरफ से 12 रुपये और पांच रुपये में खाना मिलने के बयान से मैं सहमत नहीं हूं

बात यहीं पर ही नही रुकी मिडिया और सत्ता में बने रहने के शौकीन नेशनल कांफ्रेंस के नेता डॉ फारुख अब्दुल्लाह ने तो एक रुपये में रोटी की बात कह कर केंद्र सरकार के प्रति अपनी वफादारी दिखाने में देर नही लगाई लेकिन आज उन्होंने भी अपने बयाँ पर खेद जता कर पल्ला झाड़ लिया |

 Political Fight For Roti

Political Fight For Roti

कांग्रेस के प्रवक्ता राज बब्बर ने आल इंडिया कांग्रेस कमेटी [ AICC ]की ब्रीफिंग में पत्रकारों के सवालों के जवाब में यह दावा किया कि कीमतों में इजाफे के बावजूद गरीबी घटी है। कांग्रेस प्रवक्ता से गरीबी निर्धारण करने के लिए व्यय सीमा के निम्न कटऑफ के बारे में भी पूछा गया था और यह भी पूछा गया था कि कैसे कोई गरीब 28 रुपये या 32 रुपये के प्रतिदिन खर्च पर दो वक्त पूरा भोजन ग्रहण करने में सक्षम हो सकता है|इसके जवाब में उन्होंने बड़े फ़िल्मी अंदाज में अभिनय करते हुए दावा किया कि मुम्बई जैसे शहर में आज भी वोह [राज] भरपेट खाना खा सकते हैं| हीरो बनने चले राज बब्बर को पार्टी ने विदूषक बना कर रख दिया जिसके फलस्वरूप प्रवक्ता राजबब्बर को 48 घंटे में ही अपने बयान से पलटी मारनी पड़ गई|यहाँ तक इस इस डेमेज को कंट्रोल करने के लिए कांग्रेस ने भी पल्ला झाड़ लिया |अजय माकन के ट्विट के साथ ही पार्टी प्रवक्ता रेणुका चौधरी ने कांग्रेस की नियमित ब्रीफिंग में कहा, ‘राजबब्बर ने इस बारे में खेद जता दिया है। मुनासिब होगा कि इस बात को अब यहीं छोड़ दिया जाना चाहिए|
लेकिन राज्य सभा सदस्यरशीद मसूद अभी भी अपने ब्यान को तोड़ मोड़ कर उसी पर टिके हैं| कांग्रेस के रशीद मसूद ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा था कि दिल्ली के जामा मस्जिद इलाके में आप पांच रुपये में भरपेट खाना खा सकते हैं और आज स्थिति को बिगड़ता देख कर उन्होंने कहा है कि मैंने कब कहा कि ५ रुपयों में भरपेट खाना मिलेगा| आईये में एक रोटी और थोड़ी सी दाल पांच रुपये में दिला सकता हूँ |
कांग्रेस को शायद यह अंदाजा भी नही होगा कि उसके नेताओं की इस ब्यान बाजी से पार्टी और सरकार की इतनी फजीहत होगी।
इस मसले को लेकर बुधवार, गुरुवार और शुक्रवार तक कांग्रेस पर चौतरफा इतने हमले हुए कि हीरो राज बब्बर को विपक्ष और मीडिया ने विलेन बना कर रख दिया| इससे कांग्रेस की समझ में आ गया कि अपने नेताओं की इस ब्यान बाजी से पल्ला झाडना ही उचित होगा| शायद इसीलिए कांग्रेस की तरफ से इन नेताओं को दिशा निर्देश जारी किये गए हैं जिसके फलस्वरूप इन नेताओं ने अपनी जुबान को तोड़ मरोड़ना शुरू कर दिया है|

जिस दिन बुर्के से बाहर आकर राजनीती शुरू हो जायेगी,उसी समय हसाडा देश फिर से सोने की चिड़िया बन जाणा है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक दुखी मुस्लिम मौलवी

ओये झल्लेया ये पोलिटिशियंस को क्या हो गया है ?सारे के सारे हमारे मजहब में आत्मसम्मान के प्रतीक बुर्के[ Veil ] के पीछे पड़ गए हैं पहले भाजपाई नरेन्द्र मोदी ने पुणे के फ‌र्ग्यूसन कॉलेज से दिल्ली की कांग्रेस को धर्मनिरपेक्षता का बुर्का पहनाया| अब अजय माकन ने वोह बुर्का तो पहन लिया और उसे साम्प्रदाईक्ता से बेहतर भी बताया |भाजयुमो के राष्ट्रीय अध्यक्ष अनुराग ठाकुर ने कांग्रेसी सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी को को बुर्के के लायक बताने में कोई देर नही लगाई |ओये अगर इन्हें एक दूसरे को नीचे दिखाना है तो अपने मजहब के चुन्नी+ओढ़नी +दुपट्टा+पर्दा+घूंघट को यूज करना चाहिए |

झल्ला

भाई मियाँ जिस दिन ये लोग बुर्के से बाहर आकर राजनीती करने लगेंगे उसी समय से हसाडा देश फिर से सोने की चिड़िया बन जाणा है|

राजनेता आज कल अपनी पार्टी की वेब साईट के बजाय विदेशी[ट्विटर] साइट्स पर राजनीति कर रहे हैं

sushma swaaraj
[1]Those who cannot govern in crisis do not deserve to be in the Government even for a day.==हिंदी में कहा जाये तो सुषमा स्वराज ने उत्तराखंड के मुख्य मंत्री से नाकामी के लिए इस्तीफा माँगा है|
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[2]What has your state Government done ? Nothing. The living are starving. The dead are being robbed. And you are patting your back.आपकी सरकार ने क्या किया है ?कुछ नहीं |लोग भूख से मर रहे हैं|लाशों के कफ़न तक चुराए जा रहे हैं|और आप लोगअपनी पीठ थपथपा रहे हैं|
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[3] Ajay Maken‏@ajaymaken
Instead of helping in relief works in U’khand, don’t try to use this calamity as a Political Opportunity! #NoPoliticsOverCalamity
45 retweet 6 FAVORITES उत्तराखंड में राहत कार्य में सहयोग करने के बजाय आपदा कोलेकर राजनीती कि जा रही है |आपदा पर पॉलिटिक्स नही होनी चाहिए
उत्तराखंड में आई प्राकृतिक विपदा में मारे गए लोगों की[१] चिताएं अभी ठंडी नहीं हुई
+[२]हज़ारों लापता लोगों के लिए तलाश भी शुरू नही हुई
[३]विपदा ग्रस्तों के पुनर्वास के लिए नीवं त़क नही रखी गई
दूसरे शब्दों में ये दर्द अभी कम नही हुआ कि राजनीतिको ने राजनीती करने के लिए सब्र का बाँध तोड़ ही दिया और शाब्दिक बम्ब बारी शुरू कर दी है| यह इनके डी एन ऐ की देन हो सकता है लेकिन इसके लिए नेताओं ने अपनी पार्टी की वेब साईट के बजाय ट्विटर जैसे सोशल साईट को मैदान बना लिया है|कांग्रेस और भाजपा की अपनी अपनी विशाल +आकर्षक +महंगी वेब साइट्स हैं और इन पर यदा कदा कुछ अप लोड किया जाता है लेकिन ज्यादा तर दूसरी प्राइवेट वेब साईट का ही इस्तेमाल किया जाता हैं |इससे एक संभावना पैदा होती है कि क्या इन वरिष्ठ नेताओं को अपनी बात कहने के लिए अपनी पार्टी की ही वेब साईट नही मिलती या फिर घर का जोगी जोगना और बाहर का जोगी सिद्ध वाली कहावत को चरितार्थ किया जा रहा है|इस सबसे एक बात तो तय है कि पार्टीकी वेब साइट्स के बजाय दूसरों की वेब साइट्स में ही खाद पानी डाला जा रहा है|
इन ट्विट्स पर नजर डाली जाए तो भाजपा की लोक सभा में नेता श्रीमती सुषमा स्वराज ने दो ट्विट्स किये हैं और दोनों ट्विट्स में रीत्विट्स और फेवरेट की संख्या क्रमश २४९+१७९+और ११० +४९ ही हैं|इसके बाद कांग्रेस के नए बने संचार मंत्री अजय माकन के ट्विट पर यह संख्या ४५ और ६ है| सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी के लिए मीडिया उपलब्ध रहता है इसीलिए उनके ट्विटर पेज पर ताला ही लगा रहता है|

सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सांसदों, विधायकों , को एक महीने का वेतन दान करने के निर्देश दिए

उत्तराखंड में विपदाग्रस्त लोगों की सहायतार्थ यूं पी ऐ की अध्यक्षा श्री मति सोनिया गांधी ने कांग्रेस के सांसदों+ विधायकों +विधान परिषद के सदस्यों को अपना एक महीने का वेतन दान करने के निर्देश जारी किये हैं|
कांग्रेस की सर्वोच्च नेत्री ने सभी लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों को यह भी निर्देश दिया है कि वे राहत कार्यों के लिए सांसद निधि से 10-10 लाख रुपये उत्तराखंड की लिए दें।
उत्तराखंड में आई प्राकृतिक विपदा के हवाई निरीक्षण करने के बाद कांग्रेस ने अब ऐहतियाती कदम उठाने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस के संचार विभाग के प्रभारी महासचिव अजय माकन ने शुक्रवार को इसकी जानकारी दी। श्री मति सोनिया पुनः उत्तराखंड में राहत कार्यों का जायजा लेने जायेंगी|
।जान और मॉल की हानि का ग्राफ निरंतर ऊपर जा रहा है| भारतीय फौज का भी यही कथन है कि इससे पूर्व ऐसा विशाल अभियान नहीं छेड़ा गया यहाँ तक कि फौज का सबसे बड़ा हेलीकाप्टर राहत कार्यों में लगाया गया है पार्टी सचिव संजय कपूर और सेवा दल प्रमुख महेंद्र जोशी को राहत कामों की निगरानी के लिए देहरादून रवाना किया गया है\
बेशक अभी तक सरकार ने इस आपदा को राष्ट्रीय आपदा नही माना है लेकिन राहत कार्यों को राष्ट्रीय स्तर पर किये जाने के निर्देश दिए जाने लगे हैं| अजय माकन को कांग्रेस कि छवि सुधारने के लिए मंत्री मंडल से अलग किया गया लेकिन उसके तत्काल पश्चात अजय माकन की क्षमता की परीक्षा भी शुरू हो गैई है|शुरू में उन्होंने पार्टी की वेबसाईट पर १९ जून तक श्रीमती सोनिया गांधी के दौरे की संक्षिप्त जानकारी तोअप लोड की लेकिन इस प्राकृतिक आपदा से जूझने के लिए इन नवीनतम आदेशों को २१ जून तक अप्लॉद करना भूल गए |

गरीबों के आशियानों को बचाने के लिए अनशनकारी मेधा पाटेकर की सपोर्ट में अनेकों संस्थाए आई

सोश्लाईट मेधा पाटेकर के एन जी ओ= एन ऐ पी एम् द्वारा छेड़ी गई गरीबों के आशियानों को बचाने की मुहीम को समाज के विभिन्न भागों से समर्थन मिल रहा है|आम आदमी पार्टी [आप]ने भी आज मेधा पाटेकर के घर बचाओ घर बनाओ आन्दोलन को समर्थन जारी करते हुए आन्दोलन कारियों के समाज सेवा के इस कार्य में साथ रहने का आश्वासन दिया है|इसके अलावा विभिन्न छेत्रो से जुड़े निम्न बुद्धि जीवियों ने भी महाराष्ट्रा के मुख्य मंत्री को पत्र लिख कर छह दिन से चल रहे इस आन्दोलन के प्रति सरकार के असंवेदन शील व्यवहार पर अपनी नाराजगी जाहिर की है|और बीते छह दिन से अनशन पर बैठी[आज सातवा दिन] मेधा पाटेकर के गिरते स्वास्थ्य की ध्यान आकर्षित करते हुए सरकार को आन्दोलन कारियों से तत्काल डायलाग स्थापित करने को कहा गया है| गरीबों के आशियानों को तोड़ने की कार्यवाही बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए की जा रही है इस पर तत्काल रोक लगाने की मांग की गई है|

सेवा निवृत जस्टिस राजिंदर सच्चर+ पूर्व सांसद कुलदीप नैय्यर +स्वामी अग्निवेश+ सुप्रीम कोर्ट के एडवो. प्रशांत भूषण+संजय पारिख+ एडिटर मेन स्ट्रीम सुमित चक्रवर्ती+सुहास बोरकर+प्रो. के बी सक्सेना+प्रो. मनोरंजन मोहंती+पूर्व आई ऍफ़ एस एम् भादुरी+डा. बी डी शर्मा

आनंद पटवर्धन+ फिल्म मेकर चन्द्र शेखर+आर्कि. सुनीति एस आर ने भी अनशन स्थल पर पहुँच कर समर्थन दिया+इसके साथ ही आज एम् के एस एस अरुणा रॉय ने भी महाराष्ट्र के मुख्य मंत्री पृथ्वी राज चव्हाण को पत्र लिख कर गरीबों के घरों को गैर कानूनी ढंग से तोड़े जाने के सरकारी मुहीम को रुकवाने को कहा है|

गरीबों के आशियानों को बचाने के लिए अनशनकारी मेधा पाटेकर की सपोर्ट में अनेकों संस्थाए आई

गरीबों के आशियानों को बचाने के लिए अनशनकारी मेधा पाटेकर की सपोर्ट में अनेकों संस्थाए आई

हेल्थ बुलेटिन

अनशन कारी मेधा पाटेकर के गोलीबार मुम्बई से जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार स्वास्थ्य में गिरावट जारी है लेकिन अभी स्थिर हैं| उलटी +बदन दर्द+ और कमर की शिकायतों के बावजूद अनशनकारी ने सरकारी चिकित्सकों की सेवायें लेने से इंकार किया है|मेधा के साथ अनशन कर रही माधुरी शिवकर का स्वास्थ्य स्थिर बताया जा रहा है|
आन्दोलन के प्रेस प्रवक्ता ने बताया के एन एच आर सी ने महाराष्ट्रा के चीफ सेक्रेट्री से दो सप्ताह में स्पष्टीकरण माँगा है|
इसके अलावा केन्द्रीय मंत्री अजय माकन द्वारा इस मामले में दखल देने के उपरान्त भी ४३ माकन तोड़ डाले गए शेष पर तलवार लटक रही है|
गौरतलब है कि महाराष्ट्र में विकास के नाम पर कुछ बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए स्लम तोड़े जा रहे है कहा जा रहा है कि यह इनके पुनर्वास यौजना का हिस्सा है इस कार्यवाही के फलस्वरूप वहां गरीब मजदूर घरं से बेघर कर दिए गए हैं और खुले में जीवन कि घड़ियाँ गिनने को अभिशिप्त हैं|इन पीड़ितों को राहत और न्याय दिलाने के लिए विश्व प्रसिद्द सोशलाईट मेघा पाटेकर के एन जी ओ ने आन्दोलन छेड़ा मेधा पाटेकर स्वयम अनिश्चित कालीन अनशन पर हैं उनके अनशन का आज सातवाँ दिन है|