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Tag: Arvind Kejriwal

उपवास के ४ थे दिन अरविन्द केजरीवाल का शरीर कमजोर जरूर है मगर हौंसले बुलंद है:असहयोगियों की संख्या १.८६ लाख पहुंची

उपवास के ४ थे दिन अरविन्द केजरीवाल का शरीर कमजोर जरूर है मगर हौंसले बुलंद है:असहयोगियों की संख्या १.८६ लाख पहुंची

उपवास के ४ थे दिन अरविन्द केजरीवाल का शरीर कमजोर जरूर है मगर हौंसले बुलंद है:असहयोगियों की संख्या १.८६ लाख पहुंची

आप पार्टी के सर्वोच्च नेता अरविन्द केजरीवाल के उपवास के चौथे दिन आज जारी हेल्थ बुलेटिन के अनुसार केजरीवाल की बॉडी हेल्थ में थोड़ी गिरावट जरुर आई है लेकिन भ्रष्टाचार के विरुद्ध उनके हौंसलों की उड़ान में कोई कमी नहीं है| उपवास के चौथे दिन मेडिकल टीम के अनुसार [१] ब्लड प्रेशर ११४ /७० ,[२]पल्स [७५]शुगर[८५] जांची गई है इसके अलावा उपवास के दौरान पांच किलो वजन भी गिरा है|
आप पार्टी द्वारा चलाये जा रहे सविनय अवज्ञा [असहयोग] आन्दोलन के समर्थन में जुटने वाले बिजली के उपभोक्ताओं की संख्या एक लाख छयासी हज़ार बताई गई है|
आप पार्टी द्वारा जारी प्रेस रिलीज के अनुसार आज दिल्ली रेजिडेंट वेलफेयर एसोशिएशन[RWA] फेडरेशन के महा सचिव डी सी प्रजापति ने उनसे जुड़े ५१ एशोसियेशनों का समर्थन जुटाने का आश्वासन दिया है|उपवास स्थल सुन्दर नगरी में बिजली पानी के बिलों से होली भी जलाई गई|
आज पीड़ित लोगों का परिचय कराया गया है|
[१]एक कमरे के मकान में रहने वाली ६४ वर्षीय रशीदा बेगम को 1,15,868.रुपयों का बिल दिया गया है|इनका कहना है के उनका पुत्र विकलांग और बेरोजगार है |बीते साल कर्ज़ लेकर १५००० का बिल भरा था अब एक लाख पंद्रह हज़ार का बिल कहा से भरा जा सकेगा|
[२]द्वारका की एक विधवा राम किशोरी को ५३००० का बिल दिया गया है|नही दे पाने की सूरत में बिजली पानी का कनेक्शन काट दिया गया है|
मनीष शिशोदिया ने कहा है के यह सरकार लोगों को डरा कर चलाई जा रही है|अब असहयोग आन्दोलन की सफलता से घबरा कर सरकार ने पार्टी कार्यकर्ताओं के खिलाफ पोलिस का उपयोग शुरू कर दिया है|पार्टी के प्रचार सामग्री को नष्ट किया जा रहा है|गोपाल राय ने कहा के इस प्रकार की दयनीय स्थिति में जानवरों की तरह जीवन व्यतीत करने के स्थान पर इज्जत से लड़ते हुए मर जाना अच्छा है|

समाज में सरकार के डर को दूर करने के लिए२३ मार्च से होगा अरविन्द केजरीवाल का उपवास और अवज्ञा आन्दोलन

समाज में सरकार के डर को दूर करने के लिए२३ मार्च से होगा अरविन्द केजरीवाल का उपवास और अवज्ञा आन्दोलन

समाज में सरकार के डर को दूर करने के लिए२३ मार्च से होगा अरविन्द केजरीवाल का उपवास और अवज्ञा आन्दोलन

विसंगतियों के विरुद्ध अवज्ञा आन्दोलन के लिए समाज को जागरूक किया जाना जरुरी है|लेकिन समाज में सरकार का प्रति अनावश्यक डर बैठा हुआ है |लोगों के दिलों में बैठे इसी अनावश्यक डर को दूर करने लिए “आप” के सर्वोच्च नेता अरविन्द अरविन्द केजरीवाल 23 मार्च से दिल्ली में अनिश्चितकालीन उपवास पर बैठेंगे। यह उपवास बिजली के बढ़े हुए बिलों के लिए होगा|यद्यपि यह एलान बीते दिन कर दिया गया था मगर सत्ता पर बैठे नेताओं की तरफ से इस घोषणा का मजाक उड़ाते हुए कहा गया कि अरविन्द केजरीवाल का ग्रुप पहले भी कई बार आमरण अनशन कर चुके हैं मगर उसका कोई इफेक्ट नहीं हुआ|इस पर प्रतिक्रया जानने के लिए जब आप के कार्यालय फोन किया गया तो मीडिया को देख रहीं अस्वती मुरलीधरन ने बताया कि पहले अन्ना हजारे के साथ भी अनशन किया जा चुका है मगर सरकार ने हमेशा धोखा दिया है|आश्वासन के बावजूद भी जन लोकपाल नहीं लाया गया |अब संसद में जो लोक पाल लाया जा रहा है वह जनता की उम्मीदों पर खरा नहीं उतरता|इसी परिपेक्ष्य में अब हमें इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं रह गई है| उन्होंने कहा कि वर्तमान में जनता सरकार की दमन कारी नीतियों से बेहद डरी हुई है उस डर को दूर करने के लिए ही यह उपवास किया जाएगा|
इससे पुर्व बीते दिन सामाजिक कार्यकर्ता से नेता बने आम आदमी पार्टी के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने कहा है कि वह बिजली और पानी की बढ़ती कीमतों के खिलाफ आंदोलन करेंगे। उन्होंने कहा कि दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित बिजली कंपनियों के साथ मिली हुई हैं। उसी का परिणाम है कि बिजली कंपनियां मनमाना ढंग से बिल बढ़ा रही हैं। उन्होंने लोगों से इसके खिलाफ सविनय अवज्ञा आंदोलन की अपील की है। उन्होंने कहा कि लोग बिजली बिल देना बंद करें।
अरविंद ने कहा है कि दिल्ली में पानी और बिजली के बिल बढ़ने का सिर्फ एक कारण है करप्शन। उन्होंने कहा कि दिल्ली की जनता डरी हुई है और एकजुट नहीं है। इसी का फायदा सरकार उठा रही है।उन्होंने कहा कि दिल्ली में पानी और बिजली के बिल नाजायज तरीके से आ रहे हैं। जनता महंगाई की वजह से कराह उठी है।
अरविन्द केजरीवाल का कहना है कि मजदूर की बिजली ४६००/= का भुगतान नहीं होने पर काट दी जाती है। मंत्रियों और सांसदों के ऊपर लाखों का बकाया है फिर भी उनसे कोई बकाया की रकम मांगता नहीं।

अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि अन्ना पर सौ जिंदगियां कुर्बान :स्वामी अग्निवेश के अग्नि बाण को काटा

आम आदमी पार्टी [आप ]के सर्वोच्च नेता अरविंद केजरीवाल ने स्वामी अग्निवेश द्वारा चलाये गए आरोपों के अग्नि बाण को काटते हुए कहा है कि अन्ना पर एक नहीं बल्कि सौ जिंदगियां कुर्बान की जा सकती है। अरविन्द ने सोशल मीडिया पर कमेन्ट करके अग्निवेश से जवाब मांगा है कि किस आधार पर उन्होंने केजरीवाल पर ऐसे आरोप लगाए हैं। केजरीवाल ने अग्निवेश से पूछा भी है कि उनके पास इस बात को साबित करने के लिए कोई ठोस सबूत है या नहीं।
एना आन्दोलन से निकाले गए स्वामी अग्निवेश ने एक न्यूज चैनल पर सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा था कि जंतर-मंतर पर आमरण अनशन के दौरान अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि अन्ना हजारे उस आंदोलन के दौरान अपने जीवन का बलिदान दे दें।क्योंकि आन्दोलन के दौरान अन्ना की मौत हो जाने से आन्दोलन को लाभ मिलता|

टीमअन्ना से निकाले गए स्वामीअग्निवेश ने “आप”‘ के अरविन्द केजरीवाल पर अन्ना की मौत की साजिश रचने का अग्नि बाण छोड़ा

टीम अन्ना से निकाले गए के स्वामी अग्निवेश ने एक न्यूज चैनल के माध्यम से “आप”‘ के अरविन्द केजरीवाल पर अग्नि बाण छोड़ा है| स्वामी अग्निवेश का कहना है कि अरविंद केजरीवाल चाहते थे कि अनशन के दौरान अन्ना हजारे की मौत हो जाए| क्योंकि अरविन्द केजरीवाल अन्ना की मौत से जन लोक पाल आन्दोलन का फायदा देख रहे थे| स्वामी अग्निवेश ने कहा कि अरविंद ने उनसे [स्वामी]कहा था कि अन्ना का बलिदान आंदोलन के लिए अच्छा रहेगा।
यह खुलासा स्वामी अग्निवेश ने इंडिया न्यूज को दिए एक इंटर व्यू में किया । अग्निवेश ने कहा, जब मुझे पता चला कि अन्ना अनशन करने वाले हैं, तो मैंने अरविंद से सवाल किया था कि वे अन्ना जैसे बुजुर्ग को आमरण अनशन पर क्यों बिठा रहे हैं? इस पर अरविंद ने कहा कि उनका बलिदान हो जाता है तो इससे क्रांति होगी। यदि वे मर जाएंगे तो कोई बात नहीं, यह आंदोलन के लिए अच्छा रहेगा।
अग्निवेश के आरोप के अनुसार जंतर-मंतर पर अनशन के दौरान सरकार द्वारा सभी मांगे मान लिए जाने के बावजूद केजरीवाल अन्ना को पांच-सात दिन और अनशन करने के लिए उकसाते रहे। किरण बेदी को भी यह बात बुरी लगी थी।
स्वामी अग्निवेश ने कहा कि उन्होंने इसके बाद टीम अन्ना के सदस्य शांति भूषण और प्रशांत भूषण से बात की। वह भी इस बात पर राजी थे कि अब अन्ना को अनशन तोड़ देना चाहिए। उन्होंने अन्ना को जब इस बारे में समझाया तो वह नहीं माने। इस पर शांति भूषण बरस पड़े। प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पोल-पट्टी खोलने की धमकी के बाद ही अन्ना अनशन तोड़ने पर राजी हुए थे।