Ad

Tag: Delhi Police

आम आदमी पार्टी, बर्बरता के खिलाफ, दिल्ली पोलिस को सुप्रीम कोर्ट ले जाएगी

कांग्रेस की बर्बर दिल्ली पुलिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी आम आदमी पार्टी|
आम आदमी पार्टी [आप]ने आज दिल्ली पोलिस पर कांग्रेस के इशारों पर “आप” पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीडन करने का आरोप लगाते हुए इसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है|पार्टी का कहना है कि इस प्रकार की दमनात्मक कार्यवाहियों से आम आदमी पार्टी का मनोबल टूटेगा नहीं वरन और उत्पीडन के विरुद्ध आन्दोलन को और तेज किया जाएगा|
गोकुलपुरी बलात्कार मामले में एफ.आई.आर. की मांग कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊपर बर्बरता दिखाकर दिल्ली पुलिस ने गुंडों की तरह व्यवहार किया है. जाहिर है कि यह हरकत आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं से बदला लेने के लिए की गई है, क्योंकि पिछले कई महीने से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बलात्कार मामले में दिल्ली पुलिस को एक्शन लेने पर मजबूर किया है और इसके टालमटोल वाले रवैये की पोल खोली है. आम आदमी पार्टी के इस एक्शन के चलते ही दिल्ली पुलिस के एक एसीपी को सस्पेंड किया गया है. गोकुलपुरी थाने में निर्दोष लोगों पर लाठियां बरसा रहे पुलिसवाले बार बार कह रहे थे कि आज तो मीडिया यहां नहीं है, अब हमें कैसे सस्पेंड करवाओगे? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए हैं उनमें बीनू , उसका भाई नरेंद्र और उसकी बहन पुष्पा भी शामिल हैं. बीनू वही कार्यकर्ता है जिसे चांटा मारने के बाद एसीपी अहलावत को सस्पेंड किया गया था. बीनू के भाई को तो हंगामा थमने के बाद, गाडी से निकालकर पकड़ा गया और थाने में पहले उसे बुरी तरह पीटा गया और फिर उस पर तोड़ फोड़ करने का मुकदमा लगाकर तिहाड़ जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की है कि बलात्कार की घटनाओं पर एफआईआर तक न करने का उसका रवैया जारी रहेगा और अगर कोई उसके खिलाफ बोलेगा तो उसके हाथ पैर तोड़कर तिहाड़ जेल में भिजवा दिया जायेगा. दिल्ली पुलिस के इसी रवैये के चलते आज पूरी दिल्ली में बलात्कारियों के हौसले बुलंद हैं और देश की राजधानी में आज कोई महिला अपने को महफूज़ नहीं समझती.
आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस की इस हरकत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगी और सुनिश्चित करेगी कि निर्दोष लोगों के हाथ पैर तोडने और उन पर फर्जी मुकदमे लगाकर तिहाड भेजने की साजिश रचने वाले सभी पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाला जाए. हम इस मामले में दोषी हर पुलिसकर्मी को जेल भिजवा कर रहेंगे ताकि दिल्ली के हर पुलिस वाले को संदेश जा सके कि उसका काम जनता की सेवा करना है, उसके ऊपर लाठियां बरसाना नहीं.
आज से आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस की इस हरकत को लेकर जनता के बीच भी जायेगी. आज से हम पूरी दिल्ली में इसके लिए प्रचार अभियान शुरू कर जनता को संदेश देंगे कि यह कांग्रेस की बर्बर दिल्ली पुलिस है और अगर इसके आतंक से छुटकारा पाना है तो अपराधी और बेईमानों की जगह ईमानदारों को चुनकर सत्ता में लाना होगा.

“आप” पार्टी के कार्यकर्ताओं को जमानत तो मिली मगर रिहाई नही

आम आदमी पार्टी [आप]के १२ कार्यकर्ताओं को तीन दिन कस्टडी में रखने के पश्चात आज सिटी कोर्ट ने जमानत दे दी| इन्होने सामूहिक बलात्कार की शिकार एक महिला को न्याय दिलाने के लिए गोकुल पूरी पुलिस स्टेशन का घेराव किया था| मुकद्दमे की पैरवी वरिष्ठ वकील शांति भूषण और सोम नाथ भारती ने की जमानत[११] के पश्चात भी तकनीकी कारण बता कर इन्हें रिहा नही किया गया है| इन कार्यकर्ताओं को आज कड कड डूमा ऐ एस जे ब्रिजेश गर्ग की अदालत में प्रस्तुत किया गया|माननीय न्यायाधीश ने प्रतिवाद[ प्रोटेस्ट] के अधिकार को नागरिकों का मूल अधिकार माना और पुलिस की भूमिका की आलोचना की |इसके बावजूद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मस हरलीन सिंह ने केवल एक की जमानत को स्वीकार किया |शेष उम्मीदवारों के लिए प्रस्तुत जमानत को अस्वीकार किये जाने पर आप पार्टी ने आरोप लगाया है कि हरलीन सिंह द्वारा ही रात के २ बजे आप के घायल कार्यकर्ताओं को जुडिशियल रिमांड पर पोलिस के हवाले किया था | पट पड़ गंज से आप के उम्मेदवार मनीष शिशोदिया और गोपाल राय अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तिहाड़ जेल [गेट ३]पहुंचे और छोड़े गए एक मात्र कार्यकर्ता गुलशन कुमार का स्वागत करके कार्यकर्ताओं का हौंसला बढाया
उल्लेखनीय है कि १९ जून की रात आप पार्टी के १५ कार्यकर्ताओं को पोलिस ने हिरासत में लिया इनमे से महिला कार्यकर्ताओं को अगले दिन जमानत दे दी गई थी |

.

दिल्ली पोलिस से आप पार्टी ने न्याय माँगा तो बदले में लाठियां और जेल मिली

आम आदमी पार्टी [आप] ने दिल्ली पोलिस की अमानवीय पोलिसगिरी के विरुद्ध न्याय की मांग की है|पार्टी का आरोप है की पार्टी के कार्यकर्ताओं
ने जब बलात्कार के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ किये जाने की मांग उठाई तो कार्यकर्ताओं के ऊपर पुलिस ने कहर. बरपा दिया|
गोकुलपुरी बलात्कार मामले में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कल न सिर्फ बेरहमी से मारा बल्कि उनके पानी मांगने पर पेशाब भी पिलाने की कोशिश की|. गिरफ्तार १५ कार्यकर्ताओं में से कई के हाथ पैर तोड दिए गए हैं. थाने में बंद कर महिला कार्यकर्ताओं को पुरुष पुलिसकर्मियों ने लात घूसों से पीटा. इनमें से एक अखिलेश ने जब पानी मांगा तो एक पुलिसकर्मी ने अपनी पेंट की चेन खोलकर उसे पेशाब पिलाने की कोशिश की.| पुलिस बार बार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पूछ रही थी कि “कहां है तुम्हारा मीडिया. अब मीडिया नहीं है तो हमें कैसे ससपेंड करवाओगे”. इस पिटाई के बाद पुलिस ने खुद ही अपने थाने की खिडकियां तोडीं और कार्यकर्ताओं पर तोडफोड व दंगे का आरोप लगा दिया|. आज १५ लोगों को अदालत में पेश किया गया जहां ४ महिलाओं को तो जमानत दी गई लेकिन बाकी को जमानत देने से भी मना कर दिया गया.
आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने ४ महिलाओं को जमानत देने और ११ पुरुषों को जमानत न देने के फैसले के औचित्य पर सवाल उठाया है.| इतना ही नहीं, सुनवाई के ठीक पहले दोपहर करीब १.३० बजे, अदालत में बैठे कई लोगों ने गोकुलपुरी इलाके के एसीपी को जज साहब के चैंबर में जाते देखा. इसके ५ मिनट बाद जब लोगों ने जज साहब के स्टेनो से पूछा तो उसने बताया कि दोनों साहब लंच कर रहे हैं. इस पर अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया है कि सुनवाई के ठीक पहले,

मामले से जुडे एसीपी के साथ जज का लंच करना, क्या न्याय की मर्यादा के खिलाफ नहीं है.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जज साहब को दोनों के बीच हुई बातचीत का खुलासा करना चाहिए.
इसके बाद सुनवाई हुई जिसमें जज साहब ने पुलिस के गवाहों को तो सुना लेकिन पुलिस की पिटाई में घायल लोगों को एक शब्द भी नहीं बोलने दिया. आश्चर्य की बात है कि इस मामले में

पुलिस ने जिस अधिकारी को शिकायतकर्ता बनाया है उसी को जांच अधिकारी भी बनाया है.

गोकुलपुरी का यह घटनाक्रम इस प्रकार है

– बलात्कारियों के चंगुल से छूटने के बाद पीडिता और उसके पति ने ऑटो पकड़ा. उन्हें परेशान हाल देखकर ऑटो वाले ने उनसे बात की तो उसे पूरा मामला समझ में आया. वह पीड़ित दंपत्ति को लेकर गोकुलपुरी थाने पंहुचा और सुबह करीब 5 बजे आम आदमी पार्टी की हेल्पलाइन पर फ़ोन कर घटना की जानकारी दी और मदद का अनुरोध किया. सुबह 6 बजे आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता थाने पहुच गये. इसके बाद कई घंटे तक पुलिस टाल मटोल करती रही. जब कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ी तो 11 बजे पीडिता को मेडिकल के लिए ले जाया गया. इसके बाद भी पीड़िता के पति या कार्यकर्ताओं को पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं थी.
आप पार्टी ने आरोप लगाया है के दिल्ली में बलात्कार होना, पुलिस का एफआईआर तक न दर्ज करना और फिर इंसाफ मांग रहे लोगों पर लाठियां बरसाकर उन्हें जेल में डाल देना, ये सब दिल्ली में जंगलराज की निशानी है. दिल्ली विधानसभा में बैठी कांग्रेस और बीजेपी महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में हाथ खडे कर चुकी हैं. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तो ‘पुलिस मेरे हाथ में नहीं है’ कहकर पल्ला झाड लेती हैं, वहीं बीजेपी वाले कभी कभार प्रदर्शन की रस्म अदायगी कर घर बैठ जाते हैं. विधानसभा में आज तक कोई इस मुद्दे पर कुछ नहीं करता, जबकि दिल्ली में हर रोज़ बलात्कार की दिल दहलाने वाली घाटनाएं सामने आ रही हैं.
गोकुलपुरी इलाके में सामने आई गैंगरेप की घटना के बाद भी पुलिस एफ.आई.आर दर्ज नहीं कर रही थी. एक आटोचालक के माध्यम से यह खबर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुंची. पुलिस अधिकारी अपने इलाके में बलात्कारियों की इस हरकत पर शर्मसार होने की जगह, इंसाफ मांग रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाने लगे. कई लोगों की हड्डियां तोड़ दी गईं. आम आदमी पार्टी के 15 कार्यकर्ताओं को थाने में बंद करके फिर से पीटा गया. महिला कार्यकर्ताओं पर भी पुरुष-पुलिसकर्मियों ने चांटे और डंडे बरसाए और उन्हें भद्दी भद्दी गालियां देकर अपमानित किया गया. यहां तक कि पानी मांगने पर गिलास में पेशाब दिया गया.
आज दिल्ली पुलिस या तो अपराधियों के संरक्षण में लगी है या नेताओं के. नेता और अधिकारी दोनों जनता के मन में खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस समय दिल्ली में जनता सिर्फ आम आदमी पार्टी पर भरोसा कर रही है. पार्टी के कार्यकर्ता निडर होकर बलात्कारियों के खिलाफ आवाज़ भी उठा रहे हैं और पुलिस को भी सही धाराओं में रिपोर्ट लिखने व दोषियों को गिरफ्तार करने पर मजबूर कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी के लोग सत्ता में न होकर भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए जान हथेली पर रखकर आगे आ रहे हैं. इसमें आम आदमी पार्टी से जुडे आटोचालक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
इसके पहले भी कई मामलों में आम आदमी पार्टी का महिला सुरक्षा दल ज़रुरत के वक़्त महिलाओं की सुरक्षा के काम आती है. ये दल इस वक़्त दिल्ली के कई क्षेत्रों में काम कर रहा है-
– 3 दिन पहले गुड़गांव में एक छोटी सी बच्ची के साथ बलात्कार हुआ . मामला लेकर पीड़ित के घर वाले पुलिस के पास पहुंचे, पर पुलिस ने मामला दर्ज तो हुआ,पर अपराधियों को पकड़ने में कोई मुस्तैशी नही दिखाई. बाद में घरवालों ने “आम आदमी पार्टी” से सम्पर्क किया, और अब “आप” कार्यकर्ता ही बच्ची को इन्साफ दिलाने की मुहीम चला रहे है.
– कानपुर में मजदूर की 7 साल की बच्ची को घर के बाहर से अगवा करके सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एफआईआर करने से भी इनकार कर दिया,बाद में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए,पहले तो पुलिस ने कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार किया, पर बाद में पुलिस पर दवाब बना, और पुलिस ने अपराधियों की गिरफ्तारी की,और कार्यकर्ताओं को बरी कर दिया।
– गाज़ियाबाद से एक बच्ची अगवा हुई, यहाँ भी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ मिलकर मुरादनगर से लड़की को बरामद कराया. दूसरे केस में अगवा बच्ची की माँ ने आम आदमी पार्टी को संपर्क किया, तो पुलिस के साथ मिलकर इस बच्ची को भी बरामद किया गया.
– दामिनी केस के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आये गुडिया बलात्कार मामले में भी सिर्फ आम आदमी पार्टी के हस्तक्षेप के बाद ही बच्ची की जान बच पायी. पूरे दिन प्रदर्शन के बाद बच्ची को अच्छे अस्पताल में भरती कराया गया और 2 दिन के भीतर बलात्कारी को पकड़ा गया.
आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महिलाओं की सुरक्षा के प्रति वचनबद्ध है. जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल कमांडो फोर्स बनाई जायेगी. इसमें हर वार्ड में कम से कम २५ कमांडो महिलाओं की दिन रात सुरक्षा के लिए ही तैनात किए जायेंगे. इस फोर्स में नौजवानों को कमांडो ट्रेनिंग देकर रखा जायेगा. इनका कमान ईमानदार पूर्व सैनिकों के हाथ में दी जायेगी.
इसीलिए आने वाले चुनाव के लिए हमारा नारा है- ‘अगर फिर दिया बेईमानों को वोट तो होते रहेंगे दिल्ली में बलात्कार’.

ऑटो चालाक के चालान के विरुद्ध “आप “पार्टी न्यायलय जायेगी

आम आदमी पार्टी[आप]अब दिल्ली के ऑटो चालकों के समर्थन में खुल कर आ गई है|आप ने ऑटो चालाक के चालान के विरुद्ध न्यायलय के द्वार खटखटाने की घोषणा की है |पोस्टर लगाने के कारण ऑटो चालक का चालान किया गया है|ऑटो चालक अशोक कुमार को आम आदमी पार्टी ने हर संभव देगी सहायता देने का आश्वासन दिया है|
ऑटो के पीछे पोस्टर नहीं लगाने के दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार के तुगलकी फरमान का शिकार सोमवार(17 जून) को दिल्ली के एक ऑटो चालक अशोक कुमार हो गए.| अशोक को ट्रैफिक पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के कालकाजी मंदिर की रेडलाइट पर रोका और उनका चालान कर दिया.| चालान रसीद पर पुलिस ने लिखा है कि अशोक कुमार ने अपने ऑटोरिक्शा पर शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल की तस्वीर वाला एक पोस्टर चिपका रखा है इसलिए उनका चालान किया जाता है.| पुलिस ने अशोक का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया और उन्हें 10 जुलाई को साकेत कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने हाजिर होने का आदेश दिया है.
आम आदमी पार्टी ऑटोचालकों को परेशान करने की इस सरकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है. पार्टी ने ऑटो के पीछे किसी भी तरह का विज्ञापन लगाने से रोकने वाले शीला दीक्षित सरकार के फरमान को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है. पार्टी सरकार के इस जनविरोधी आदेश को निरस्त करने संबंधी एक याचिका जल्द ही अदालत में दायर करने वाली है. आम आदमी पार्टी ऑटो चालकों के साथ खड़ी है और उन्हें शीला सरकार द्वारा की जा रही मनमानी से बचाने के लिए हरसंभव सहायता देगी.

सी बी आई ने कोल गेट टीम के एक अधीक्षक और एक निरीक्षक को सात लाख की रिश्वत के आरोप में पकड़ा

दिल्ली पोलिस ने यदि क्रिकेट के अपराधियों को पकड़ कर अपनी खोई साख को दुबारा पाने के लिए पहल कर दी है तो ऐसे में लगता है केंद्रीय जांच ब्यूरो[सी बी आई] भी पीछे नहीं रहना चाहती अपनी इस इच्छा को सी बी आई ने अपने ही भ्रष्ट अधीक्षक और निरीक्षक को गिरफ्तार करके उजागर कर दिया है|
सीबीआई ने कोल गेट की जांच कर रहे अपने ही एक पुलिस अधीक्षक और एक निरीक्षक को सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है|. बताया जा रहा है कि एजेंसी के मुख्यालय के बाहर एक व्यवसायी से यह रिश्वत कथित रूप से जमीन विवाद को सुलझाने के लिए वसूली गयी| राजेश को उस समय गिरफ्तार किया जब वह धन ले रहा था. जिसके पश्चात सुप्रिडेंट दत्त को भी हिरासत में ले लिया गया
आंतरिक सतर्कता शाखा ने निरीक्षक[Inspector] राजेश को एस पी[SupdtPolice ] दत्त के लिए रिश्वत लेते समय पकड़ा| दत्त कोयला ब्लाक आवंटन घोटाला मामले में मुख्य जांचकर्ता हैं.
बताया जा रहा है कि सुप्रिडेंट दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एक भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया जिससे व्यवसायी को लाभ मिलाउसी की एवज में रिश्वत तय हुई थी|
यदपि सीबीआई निदेशक रंजित के अनुसार इस मामले का कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है.लेकिन यह भी सत्य है कि यह सुप्रिडेंट कोल गेट की जांच टीम का एक अहम् हिसा है|इसीलिए अब वोह महत्पूर्ण जांच भी प्रभावित जरुर होगी|इसीलिए अपनी साख बचाने के लिए सी बी आई और दिल्ली पोलिस के लिए ये दोनों खुलासे कोई माईल स्टोन नहीं है क्योंकि ये तो एक कदम है मंजिल बेहद दूर है|

दिल्ली पोलिस के कितने चेहरे हैं

झल्ले दी झाल्लियाँ गल्लां

आम आदमी पार्टी का नया नया नेता

ओये झल्लेया ये हसाडी सोणी दिल्ली को बचाने वाली पोलिस के कितने चेहरे हैं ?एक पोलिस अधिकारी ऍफ़ आई आर दर्ज करने के बजाय बलात्कार की पीडिता बच्ची के इलाज के लिए २००० रुपये दे कर मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया | हसाडी पार्टी ने मुख्य मंत्री शीला दीक्षित को पत्र लिखने के साथ ही जब अस्पताल के सामने पीडिता गुडियाको न्याय के लिए प्रदर्शन किया तो एक पोलिस आफिसर ने हसाडी एक कार्यकर्ता के कान प़र थप्पड़ मार कर घायल कर दिया||ओये सरकार एक तरफ तो कड़े बिल पास करने का दावा कर रही है लेकिन दूसरी तरफ जमीन पर अपराध लगातार बढते जा रहे हैं| निर्भया काण्ड के बाद बलात्कार के केस कई गुना बढ गए|ओये यहाँ सरकार है भी के नहीं?

झल्ला

ओ सोणेयों बात तो आपकी अक्षरह सत्य है लेकिन ये तो आप भी मानोगे कि ये पोलिस भी तो हमारी बिगड़ती जा रही सोसाईटी का ही हिस्सा है इसीलिए इन्हें आर्मी की तर्ज़ पर सुधाराजाना जरुरी है |इसके लिए केवल कानून बनाने से कुछ नहीं होगा वरन करने से ही नतीजे मिलेंगे | अब समय आ गया है जब केवल लाईसेंस दिखाने से अपराध कम नही होंगे बल्कि गन उठाने और ना केवल उठाने वरन उसे दिखाने का भी समय आ गया है| जहाँ तक सरकार का सवाल है तो भई सरकार का दावा है कि सरकार के पास पूर्ण बहुमत है और सरकार को कोई खतरा नहीं है|

इंदिरा गाँधी इंटर नॅशनल एयर पोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह

इंदिरा गाँधी इंटर नॅशनल एयर पोर्ट[आई जी आई]से करोडो की नशीली[ प्रतिबंधित] ड्रग्स और लाखों रुपयों का सोना पकड़ा गया है| पार्टियों में उत्तेजना बढ़ाने के लिए प्रयोग में लाई जा रही इस ड्रग [pseudoephedrine/cocaine]स्मगलिंग के आरोप मेंदिल्ली पोलिस और सी आई एस ऍफ़ द्वारा दो स्मगलरों को गिरफ्तार भी किया गया हैलेकिन सोने से जुड़े किसी व्यक्ति के व्हेयर एबाउट्स की जानकारी नहीं है|
प्राप्त जानकारी के अनुसार मिजोरम[लुन्ग्लई] के दो शहरियों द्वारा ११५ किलोग्राम प्रतिबंधित ड्रग्स को म्यांमार ले जाने वाले थे|बताया जा रहा है कि आई जी आई एअरपोर्ट से प्राईवेट एयर लाइन्स स्पाइस जेट के प्लेन से गुवाहाटी ड्रग्स ले जी जाने वाली थे वहां से म्यांमार भेजी जानी थी|इसके अलावा इसी एअरपोर्ट के एक टायलेट से सफाई कर्मी[हाऊस कीपर]को एक अनक्लेम्ड पैकेट मिला जिसमे ७oo ग्राम के वजन वाले सोने के बिस्कुट मिले हैं|इसके मालिक के विषय में कोई जानकारी नहीं है|इस पैकेट को सी आई एस ऍफ़ के अधिकारियों द्वारा खुलवाया गया|
अति सुरक्षित और विश्व प्रसिद्द कहे जाने वाले आई जी आई एयर पोर्ट की ये दोनों घटनाएँ चौंकाने वाली है|
[१]बताया जा रहा है कि ड्रग्स स्मगलिंग के लिए स्मगलरों द्वारा प्राईवेट एयर लाइन्स का,[विशेष कर नार्थ ईस्ट ] इस्तेमाल किया जा रहा है| इस केस में स्पाईस जेट का नाम आया है तो इससे पूर्व सीमा पर तस्करी के लिए इंडिगो एयर लाइन्स के एक अधिकारी का नाम आ चुका है|इंडिगो एयर लाइन्स के केस में की गई कार्यवाही को अभी उजागर नहीं किया गया है| इसी बीच अब ये दूसरा केस सामने आ गया है|यह अपने आप में चिंता का विषय है|और डी जी सी ऐ की कार्यप्रणाली पर प्रश्न चिन्ह लगाता है|

 इंदिरा गाँधी इंटर नॅशनल एयर पोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह

इंदिरा गाँधी इंटर नॅशनल एयर पोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर प्रश्न चिन्ह


[२] जगह जगह सुरक्षा कि द्रष्टि से कैमरे लगे है |सुरक्षा कर्मी है, इसके बावजूद सोने के बिस्कुट के पैकेट को टायलेट में छोड़ कर जाने वाले का कोई ट्रेस नहीं है|
आतंक वादियों की लगातार धमकियों के चलते सुरक्षा को मजबूत करने के आये दिन दावे किये जा रहे हैं मगर एयर लाइन्स के दुरूपयोग और अंजान पैकेट को टायलेट में छोडने से असामाजिक तत्वों के हौंसले साफ़ दिखाई दे रहे हैं|इनके प्रति इस प्रकार की लापरवाही जांच का विषय होने चाहिए |

देश की राजधानी दिल्ली में एक कार ने पीसीआर वाहन को पीछे से टक्कर मारी:दस घायल

[नयी दिल्ली], अति सुरक्षित कही जाने वाली देश की राजधानी दिल्ली में बीती रात एक कार ने पीसीआर वाहन को पीछे से टक्कर मार दी |इस टक्कर में दस लोगों के घायल होने का समाचार है जिसमें तीन पुलिसकर्मी और दो बच्चे भी शामिल हैं।

 देश की राजधानी दिल्ली में एक कार ने पीसीआर वाहन को पीछे से टक्कर मारी:दस घायल

देश की राजधानी दिल्ली में एक कार ने पीसीआर वाहन को पीछे से टक्कर मारी:दस घायल


समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार बीती रात दो बजे निजामुद्दीन के समीप तेज गति से जा रही एक कार ने पीसीआर वाहन को पीछे से टक्कर मार दी।

दिल्ली में एक और बच्ची के साथ निगम के स्कूल में बलात्कार :उग्र भीड़ ने तोड़ फोड़ की

16 दिसम्बर को निर्भया और बीते दिनों में महाराष्ट्र में हुए तीन बच्चियों के साथ हुए वीभत्स बलात्कार के दर्द को और बढाने के लिए दिल्ली में एक बच्ची के साथ स्कूल में बलात्कार की घटना सामने आ गई है| बाहरी दिल्ली के मंगोलपुरी के निगम स्कूल में एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की घटना से आक्रोशित लोगों ने आज १ मार्च ,शुक्रवार सुबह को पुलिस चौकी के सामने जमकर हंगामा किया। लोगों ने संजय गांधी स्मारक अस्पताल में भी तोड़ फोड़ किया।बच्ची की मौत की अफवाह सुन कर भीड़ आक्रोशित हुई और बसों में भे तोड़ फोड़ की गई पुलिस की एक जिप्सी को भी निशाना बनाया गया और पुलिस पर पत्थर बरसाए गए अस्पताल परिसर में भी तोड़फोड़ की गई| पुलिस कर्मियों ने लोगों को खदेड़ कर वहां भगाया हल्का लाठी चार्ज भी किया गया|
दक्षिणी दिल्ली में गत वर्ष 16 दिसम्बर को हुई उस वीभत्स बलात्कार की घटना के ढाई महीने बाद हुई है जिसे लेकर पूरे देश में विरोध-प्रदर्शन हुए थे।बच्ची को तत्काल संजय गांधी अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सा जांच में बलात्कार की पुष्टि हुई। बाद में लड़की को प्राथमिक चिकित्सा देकर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।कहा जा रहा है के पोलिस ने रिपोर्ट दर्ज़ करने में ढुल मुल रवय्या अपनाया |इससे भीड़ ज्यादा उग्र हुई|
उग्र लोगों ने पुलिस कर्मियों पर जमकर पथराव भी किया। पुलिस ने सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने व उपद्रव फैलाने के मामले में मामला दर्ज कर दस लोगों को हिरासत में लिया है।

 दिल्ली में एक और बच्ची के साथ निगम के स्कूल में बलात्कार :उग्र भीड़ ने तोड़ फोड़ की

दिल्ली में एक और बच्ची के साथ निगम के स्कूल में बलात्कार :उग्र भीड़ ने तोड़ फोड़ की


सात वर्षीय पीडिता बच्ची मंगोलपुरी में अपने माता पिता व भाई बहन के साथ रहती है। वह एल ब्लाक स्थित निगम प्रतिभा बालिका विद्यालय में दूसरी कक्षा की छात्रा है। बताया गया है कि बृहस्पतिवार को स्कूल में लंच होने पर अपनी कक्षा में अकेले लंच कर रही थी। उसी दौरान किसी ने पीछे से उसके मुंह पर कपड़े रख दिया और स्कूल के एक ही एक खाली कमरे में ले गया। जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। उसने बच्ची को घटना के बारे में किसी को बताने पर उसके माता पिता व उसे जान से मारने की धमकी भी दी। घर पहुंचने पर जब लड़की तबियत बिगड़ी तो परिजन उसे पास से निजी चिकित्सक के पास ले गए, जहां चिकित्सक ने उसके साथ छेड़छाड़ की आशंका जताई। लेकिन बच्ची ने परिजनों को उस समय कुछ नहीं बताया।
रात में उसके पिता ने उसे पूछा तो उसने बताया कि लंच के समय पहली मंजिल के एक कमरे में उसे ले जाकर आरोपी ने दुष्कर्म किया। शुक्रवार की सुबह आठ बजे परिजन उसे लेकर स्कूल पहुंचे। इसके बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। आरोपी अब तक पुलिस पकड़ से बाहर है।स्कूल के ही किसी कर्मचारी के इर्द गिर्द शक की सुई घूम रही है|