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Tag: Delhi Police

दिल्ली में”आप”की सरकार ने अपनी हड़ताल को समाप्त किया

आम आदमी पार्टी के आंदोलन को समाप्त कराने के लिए उपराज्य पाल और “आप” पार्टी ने मध्य मार्ग अपनाते हुए आप पार्टी की मांगे आंशिक रूप से मान ली गई हैं जिसके फलस्वरूप रात्रि पौने आठ बजे प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया | दो पोलिस थाना के दोषी अधिकारीयों के खिलाफ कार्यवाही शुरू कर दी गई है और दो दोषियों को गिरफ्तार भी किया गया है
धरना प्रदर्शन के दूसरे दिन आज आम आदमी पार्टी[ आप] के समर्थकों और पुलिस के बीच हुई झड़पों में १० प्रदर्शन कारियों सहित एक दर्जन से अधिक लोग घायल हुए। दिल्ली के मुख्यमंत्री [धरना एक्सपर्ट] अरविंद केजरीवाल के धरने के दूसरे दिन आज “आप” टोपी’ लगाए टोलियों में आ रहे उत्साही लोगों के एक समूह धरना स्थल के चारों ओर लगाए गए अवरोधकों को परिचय पत्र दिखाए बगैर पार कर गये इस पर जब तैनात पुलिस कर्मियों ने उन्हें पीछे धकेलने का प्रयास किया तो झड़पें भी हुईं लेकिन दूसरे तरफ ऐसे आन्दोलनों से प्रभावशून्य [ immune]हो चुके केन्द्रीय गृहमंत्री सुशील कुमार शिंदे ने कार्यवाही को जांच रिपोर्ट की प्राप्ति तक टाल दिया | मात्र पांच दिनों के बाद २६ जनवरी के समारोह के मद्दे नजर अरविन्द केजरीवाल ने भी दबाब बनाते हुए अपने रूख से पीछे नहीं हटने का संकेत दिया है और केंद्र से समझौते से इंकार किया और चेतावनी देते हुए कहा कि राजपथ को लाखों समर्थकों से भर दिया जाएगा इससे गणतंत्र दिवस समारोह में अवरोध उत्पन्न हो सकता है।दिल्ली के उप राज्य पाल [एल जी] ने गणतंत्र दिवस के मद्दे नजर आंदोलन समाप्त करने का आग्रह किया
गौरतलब है कि चार पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल धरने पर बैठे थे |
दक्षिणी दिल्ली में पिछले सप्ताह कथित ड्रग और वेश्यावृत्ति गिरोह पर छापा मारने से इंकार करने वाले पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं| ड्यूटी में कथित लापरवाही के कारण दिल्ली पुलिस के कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग पर इस विरोध प्रदर्शन को कंट्रोल करने के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर के 1 बजे तक नार्थ ब्लॉक के निकट के चार मेट्रो स्टेशन भी बंद रखे गए

“आप” जी दिल्ली में शराब माफिआ को क्रेक करने के लिए एक करोड़ के दसवें हिस्से का इनाम भी घोषित कर दो

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

“आप” पार्टी चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाडे सोणे केजरीवाल का प्रशासनिक कमाल|ओये अपने चुनावी घोषणा पत्र की दूसरी क्लाज को पूरा करते हुए शराब माफिआ के हाथों शहीद हुए कांस्टेबिल “विनोद” के परिजनों को एक करोड़ रुपयों की सहायता राशि का एलान कर दिया है ओये अब पोलिस वाले भी बदमाशों का मुकाबिला करने के लिए सीना फुला कर आगे जायेंगे

झल्ला

ये राशि अगर लाल फीताशाही में नहीं फंसी तो वाकई हौंसला अफजाई है नहीं तो जग हसाई होगी |खैर इसके लिए बधाई लेकिन झल्लेविचारनुसार अगर इसके अलावा शराब माफिआ गैंग को क्रेक करने के लिए एक करोड़ की राशि का दस प्रतिशत भी घोषित कर दिया जाये तो खजाने पर आने वाले समय में एक करोड़ का भार नहीं पड़ेगा और कांस्टेबिल विनोद जैसी प्रतिभाएं देश सेवा के लिए जीवित रहेंगी

युवा छाया पत्रकार के सभी बलात्कारी गिरफ्तार:पांचवा आरोपी दिल्ली से पकड़ा गया

[मुम्बई]: छाया पत्रकार के बलात्कार के पाँचों आरोपी गिरफ्तार कर लिए गए हैं| पांचवें आरोपी सलीम अंसारी को आज दिल्ली से गिरफ्तार किया गया जबकि चौथे आरोपी कासिम बंगाली को कल देर रात मुम्बई से गिरफ्तार कर लिया गया था| मुंबई में दिन दहाड़े एक युवा फोटो पत्रकार से बर्बर सामूहिक बलात्कार के इस घिनौने मामले में घटना के तीन दिन बाद सभी पांचों आरोपियों की दिखा दी गई है|सूत्रों के अनुसार इस अपराध को मोबाईल पर रिकार्ड भी किया गया था लेकिन पोलिस द्वारा इस मोबाइल की बरामदगी नहीं दिखाई जा सकी है|बताया जा रहा है कि मोबाईल की तलाश जारी है| यह भी ज्ञात हुआ है कि एक आरोपी के परिजन आरोपी को नाबालिग साबित करने के लिए सबूत जुटाने में जुटे हैं|
तीन दिन पूर्व हुई सामूहिक दुष्कर्म की इस वारदात ने समूचे देश को झकझोर कर रख दिया है । सड़क से संसद तक इसके विरुद्ध आक्रोश और क्षोभ व्यक्त किया जा रहा है|

“आप” के प्रत्याशी सत्येंद्र जैन को दिल्ली पुलिस ने दंगा भड़काने के आरोप में गिरफ्तार किया

आम आदमी पार्टी के शकूर बस्ती विधान सभा क्षेत्र सेप्रत्याशी सत्येंद्र जैन को दंगा भड़काने के आअरोप में दिल्ली पोलिस ने गिरफ्तारकिया |:पार्टी ने पुलिस पर अपराधियों से सांठ-गांठ का आरोप लगाया है|
शकूर बस्ती विधान सभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी प्रत्याशी सत्येंद्र जैन को दिल्ली पुलिस ने आज गिरफ्तार कर लिया। सत्येंद्र जैन मीरा बाग बस्ती में बलात्कार की शिकार हुई बच्ची के परिजनों के साथ रिपोर्ट लिखवाने थाने थे। पार्टी प्रवक्ता का आरोप है कि पुलिस अपनी चिर-परिचित कार्यशैली का उदाहरण प्रस्तुत करते हुए इस मामले को भी राजनैतिक दबाव के चलते रफा-दफा करना चाहती थी। सत्येंद्र जैन और आम अदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के दबाव में पुलिस ने मामला तो दर्ज कर लिया किंतु यह कह कर आरोपी की मदद करने लगी कि अभियुक्त ने बलात्कार नहीं किया बल्कि हाथ से बालिका के साथ अप्राकृतिक कृत्य किया है। पुलिस के इस रवैए पर देर शाम। बच्ची के परिजन भड़क गए और इसके बाद मीरा बाग बस्ती के लोगों ने रिंग रोड़ पर चक्का जाम कर दिया। पुलिस और अपराधियों की सांठ-गांठ के चलते बलात्कार की शिकार हुई बच्ची के परिजनों की पुलिस ने निर्मम पिटाई की। बच्ची की बुआ गीता को बलात्कारियों ने पुलिस की मौजूदगी में गैंग रेप की धमकी दी किंतु पुलिस अंत तक बलात्कारियों का ही साथ देती रही। पुलिस ने एक मनघड़ंत मामला बनाते हुए रंजिश स्वरूप आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। सत्येंद्र जैन पर आरोप है कि उन्होंने दंगा भड़काया है।
पीडिता बच्ची के परिवार की मदद के लिए लड़ना किसी भी रूप में दंगा भड़काना नहीं कहा जा सकता। हकीकत यह है कि पीडि़त बच्ची के परिजन और उनकी बस्ती के अन्य लोग पुलिस के रवैए के कारण भड़के।आप पार्टी ने मांग कि है कि गरीब लोगों को भड़काने व हंगामे के लिए उन पुलिस कर्मियों पर मुकद्दमा चलना चाहिए जिनकी अभद्र और असवेंदंनशील टिप्पणियों के चलते जनता ने हंगामा खड़ा किया।
पिछले एक महीने के अन्तराल के दौरान 4 बलात्कार के अलग-अलग मामलों में पीडि़तों की मदद कर रहे आम आदमी पार्टी के 20 से अधिक कार्यकर्ताओं को पुलिस ने निर्ममता से पीटा 15 लोगों के हाथ पांव तोड़ डाले। राजनैतिक षड़यंत्र के तहत सुंदरनगरी से आमआदमी पार्टी की उम्मीदवार संतोष कोली को चौपहिया वाहन से टक्कर मार कर बुरी तरह घायल कर दिया जो लग-भग एक महीने से बेहोश हैं। आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार सत्येंद्र जैन को गिरफ्तार कर पुलिस ने एक बार फिर आम आदमी पार्टी पर पार्टी कार्यकर्ताओं का हौंसला पस्त करने की नियत से वार किया है। आम आदमी पार्टी दिल्ली सरकार को चेतावनी देना चाहती है कि दिल्ली पुलिस के कंधे पर बंन्दूक रख कर वह पार्टी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को अविलंब बन्द करे अन्यथा आम आदमी पार्टी को सरकार की ईंट से ईंट बजाने के लिए सड़कों पर उतरना पडे़गा।
एक अन्य मामले में पिली मिट्टी ( वेलकम थाने ) के पास प्रचार कार्य के लिए गई एक गाड़ी पर कुछ अज्ञात लोगों ने हमला कर दिया जिससे वाहन को क्षति पहुंची है.

सेना के मेजर जनरल राजपाल सिंह अपने आवास में मृत मिले :आत्म हत्या की आशंका

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[दिल्ली ] मेजर जनरल+ नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के अतिरिक्त महानिदेशक राजपाल सिंह को रहस्मय परिस्थितियों में द्वारका स्थित अपने आवास में मृत हालत में पाया गया|.भारतीय सेना में भी पीस ट्रांसफर को लेकर सब कुछ ठीक नही है यह बात आज इस वरिष्ठ अधिकारी की मृत्यु ने दोहरा दी है| प्राप्त जानकारी के अनुसार जनरल सिंह बिहार के पटना में [बिहार एवं झारखंड के लिए] नेशनल कैडेट कोर (एनसीसी) के अतिरिक्त महानिदेशक के पद पर पोस्टेड थे और दिल्ली में ट्रांसफर चाह रहे थे| आज कल वह छुट्टियों पर दिल्ली आए थे.| महानिदेशक के घर से एक सूइसाइड नोट मिलने की बात भी की जा रही है जिसमे तबादले को लेकर तनाव की बात कही जा रही है| गौरतलब है कि मेजर जनरल झारखंड में एनसीसी के विस्तार के लिए वहां के गवर्नर से जमीन की मांग भी कर रहे थे | इस समय झारखंड-बिहार में पांच ग्रुप हेडक्वार्टर रांची, पटना, गया, मुजफ्फरपुर और भागलपुर में है। पांचों ग्रुप हेडक्वार्टर का संचालन पटना स्थित डायरेक्ट्रेट से होता है।

आम आदमी पार्टी, बर्बरता के खिलाफ, दिल्ली पोलिस को सुप्रीम कोर्ट ले जाएगी

कांग्रेस की बर्बर दिल्ली पुलिस के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जाएगी आम आदमी पार्टी|
आम आदमी पार्टी [आप]ने आज दिल्ली पोलिस पर कांग्रेस के इशारों पर “आप” पार्टी के कार्यकर्ताओं का उत्पीडन करने का आरोप लगाते हुए इसके विरुद्ध सुप्रीम कोर्ट जाने की घोषणा की है|पार्टी का कहना है कि इस प्रकार की दमनात्मक कार्यवाहियों से आम आदमी पार्टी का मनोबल टूटेगा नहीं वरन और उत्पीडन के विरुद्ध आन्दोलन को और तेज किया जाएगा|
गोकुलपुरी बलात्कार मामले में एफ.आई.आर. की मांग कर रहे आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं के ऊपर बर्बरता दिखाकर दिल्ली पुलिस ने गुंडों की तरह व्यवहार किया है. जाहिर है कि यह हरकत आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं से बदला लेने के लिए की गई है, क्योंकि पिछले कई महीने से पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बलात्कार मामले में दिल्ली पुलिस को एक्शन लेने पर मजबूर किया है और इसके टालमटोल वाले रवैये की पोल खोली है. आम आदमी पार्टी के इस एक्शन के चलते ही दिल्ली पुलिस के एक एसीपी को सस्पेंड किया गया है. गोकुलपुरी थाने में निर्दोष लोगों पर लाठियां बरसा रहे पुलिसवाले बार बार कह रहे थे कि आज तो मीडिया यहां नहीं है, अब हमें कैसे सस्पेंड करवाओगे? यहां यह भी उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने जिन लोगों के खिलाफ फर्जी मुकदमे दर्ज किए हैं उनमें बीनू , उसका भाई नरेंद्र और उसकी बहन पुष्पा भी शामिल हैं. बीनू वही कार्यकर्ता है जिसे चांटा मारने के बाद एसीपी अहलावत को सस्पेंड किया गया था. बीनू के भाई को तो हंगामा थमने के बाद, गाडी से निकालकर पकड़ा गया और थाने में पहले उसे बुरी तरह पीटा गया और फिर उस पर तोड़ फोड़ करने का मुकदमा लगाकर तिहाड़ जेल भेज दिया गया.
पुलिस ने इस कार्रवाई से यह संदेश देने की कोशिश की है कि बलात्कार की घटनाओं पर एफआईआर तक न करने का उसका रवैया जारी रहेगा और अगर कोई उसके खिलाफ बोलेगा तो उसके हाथ पैर तोड़कर तिहाड़ जेल में भिजवा दिया जायेगा. दिल्ली पुलिस के इसी रवैये के चलते आज पूरी दिल्ली में बलात्कारियों के हौसले बुलंद हैं और देश की राजधानी में आज कोई महिला अपने को महफूज़ नहीं समझती.
आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस की इस हरकत के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट जायेगी और सुनिश्चित करेगी कि निर्दोष लोगों के हाथ पैर तोडने और उन पर फर्जी मुकदमे लगाकर तिहाड भेजने की साजिश रचने वाले सभी पुलिसकर्मियों को नौकरी से निकाला जाए. हम इस मामले में दोषी हर पुलिसकर्मी को जेल भिजवा कर रहेंगे ताकि दिल्ली के हर पुलिस वाले को संदेश जा सके कि उसका काम जनता की सेवा करना है, उसके ऊपर लाठियां बरसाना नहीं.
आज से आम आदमी पार्टी दिल्ली पुलिस की इस हरकत को लेकर जनता के बीच भी जायेगी. आज से हम पूरी दिल्ली में इसके लिए प्रचार अभियान शुरू कर जनता को संदेश देंगे कि यह कांग्रेस की बर्बर दिल्ली पुलिस है और अगर इसके आतंक से छुटकारा पाना है तो अपराधी और बेईमानों की जगह ईमानदारों को चुनकर सत्ता में लाना होगा.

“आप” पार्टी के कार्यकर्ताओं को जमानत तो मिली मगर रिहाई नही

आम आदमी पार्टी [आप]के १२ कार्यकर्ताओं को तीन दिन कस्टडी में रखने के पश्चात आज सिटी कोर्ट ने जमानत दे दी| इन्होने सामूहिक बलात्कार की शिकार एक महिला को न्याय दिलाने के लिए गोकुल पूरी पुलिस स्टेशन का घेराव किया था| मुकद्दमे की पैरवी वरिष्ठ वकील शांति भूषण और सोम नाथ भारती ने की जमानत[११] के पश्चात भी तकनीकी कारण बता कर इन्हें रिहा नही किया गया है| इन कार्यकर्ताओं को आज कड कड डूमा ऐ एस जे ब्रिजेश गर्ग की अदालत में प्रस्तुत किया गया|माननीय न्यायाधीश ने प्रतिवाद[ प्रोटेस्ट] के अधिकार को नागरिकों का मूल अधिकार माना और पुलिस की भूमिका की आलोचना की |इसके बावजूद मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मस हरलीन सिंह ने केवल एक की जमानत को स्वीकार किया |शेष उम्मीदवारों के लिए प्रस्तुत जमानत को अस्वीकार किये जाने पर आप पार्टी ने आरोप लगाया है कि हरलीन सिंह द्वारा ही रात के २ बजे आप के घायल कार्यकर्ताओं को जुडिशियल रिमांड पर पोलिस के हवाले किया था | पट पड़ गंज से आप के उम्मेदवार मनीष शिशोदिया और गोपाल राय अपने सैकड़ों कार्यकर्ताओं के साथ तिहाड़ जेल [गेट ३]पहुंचे और छोड़े गए एक मात्र कार्यकर्ता गुलशन कुमार का स्वागत करके कार्यकर्ताओं का हौंसला बढाया
उल्लेखनीय है कि १९ जून की रात आप पार्टी के १५ कार्यकर्ताओं को पोलिस ने हिरासत में लिया इनमे से महिला कार्यकर्ताओं को अगले दिन जमानत दे दी गई थी |

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दिल्ली पोलिस से आप पार्टी ने न्याय माँगा तो बदले में लाठियां और जेल मिली

आम आदमी पार्टी [आप] ने दिल्ली पोलिस की अमानवीय पोलिसगिरी के विरुद्ध न्याय की मांग की है|पार्टी का आरोप है की पार्टी के कार्यकर्ताओं
ने जब बलात्कार के खिलाफ एफआईआर दर्ज़ किये जाने की मांग उठाई तो कार्यकर्ताओं के ऊपर पुलिस ने कहर. बरपा दिया|
गोकुलपुरी बलात्कार मामले में पुलिस के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान गिरफ्तार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने कल न सिर्फ बेरहमी से मारा बल्कि उनके पानी मांगने पर पेशाब भी पिलाने की कोशिश की|. गिरफ्तार १५ कार्यकर्ताओं में से कई के हाथ पैर तोड दिए गए हैं. थाने में बंद कर महिला कार्यकर्ताओं को पुरुष पुलिसकर्मियों ने लात घूसों से पीटा. इनमें से एक अखिलेश ने जब पानी मांगा तो एक पुलिसकर्मी ने अपनी पेंट की चेन खोलकर उसे पेशाब पिलाने की कोशिश की.| पुलिस बार बार आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं से पूछ रही थी कि “कहां है तुम्हारा मीडिया. अब मीडिया नहीं है तो हमें कैसे ससपेंड करवाओगे”. इस पिटाई के बाद पुलिस ने खुद ही अपने थाने की खिडकियां तोडीं और कार्यकर्ताओं पर तोडफोड व दंगे का आरोप लगा दिया|. आज १५ लोगों को अदालत में पेश किया गया जहां ४ महिलाओं को तो जमानत दी गई लेकिन बाकी को जमानत देने से भी मना कर दिया गया.
आम आदमी पार्टी नेता अरविंद केजरीवाल ने ४ महिलाओं को जमानत देने और ११ पुरुषों को जमानत न देने के फैसले के औचित्य पर सवाल उठाया है.| इतना ही नहीं, सुनवाई के ठीक पहले दोपहर करीब १.३० बजे, अदालत में बैठे कई लोगों ने गोकुलपुरी इलाके के एसीपी को जज साहब के चैंबर में जाते देखा. इसके ५ मिनट बाद जब लोगों ने जज साहब के स्टेनो से पूछा तो उसने बताया कि दोनों साहब लंच कर रहे हैं. इस पर अरविंद केजरीवाल ने सवाल उठाया है कि सुनवाई के ठीक पहले,

मामले से जुडे एसीपी के साथ जज का लंच करना, क्या न्याय की मर्यादा के खिलाफ नहीं है.

उन्होंने यह भी सवाल उठाया है कि जज साहब को दोनों के बीच हुई बातचीत का खुलासा करना चाहिए.
इसके बाद सुनवाई हुई जिसमें जज साहब ने पुलिस के गवाहों को तो सुना लेकिन पुलिस की पिटाई में घायल लोगों को एक शब्द भी नहीं बोलने दिया. आश्चर्य की बात है कि इस मामले में

पुलिस ने जिस अधिकारी को शिकायतकर्ता बनाया है उसी को जांच अधिकारी भी बनाया है.

गोकुलपुरी का यह घटनाक्रम इस प्रकार है

– बलात्कारियों के चंगुल से छूटने के बाद पीडिता और उसके पति ने ऑटो पकड़ा. उन्हें परेशान हाल देखकर ऑटो वाले ने उनसे बात की तो उसे पूरा मामला समझ में आया. वह पीड़ित दंपत्ति को लेकर गोकुलपुरी थाने पंहुचा और सुबह करीब 5 बजे आम आदमी पार्टी की हेल्पलाइन पर फ़ोन कर घटना की जानकारी दी और मदद का अनुरोध किया. सुबह 6 बजे आम आदमी पार्टी के कुछ कार्यकर्ता थाने पहुच गये. इसके बाद कई घंटे तक पुलिस टाल मटोल करती रही. जब कार्यकर्ताओं की संख्या बढ़ी तो 11 बजे पीडिता को मेडिकल के लिए ले जाया गया. इसके बाद भी पीड़िता के पति या कार्यकर्ताओं को पुलिस कुछ बताने को तैयार नहीं थी.
आप पार्टी ने आरोप लगाया है के दिल्ली में बलात्कार होना, पुलिस का एफआईआर तक न दर्ज करना और फिर इंसाफ मांग रहे लोगों पर लाठियां बरसाकर उन्हें जेल में डाल देना, ये सब दिल्ली में जंगलराज की निशानी है. दिल्ली विधानसभा में बैठी कांग्रेस और बीजेपी महिलाओं को सुरक्षा देने के मामले में हाथ खडे कर चुकी हैं. मुख्यमंत्री शीला दीक्षित तो ‘पुलिस मेरे हाथ में नहीं है’ कहकर पल्ला झाड लेती हैं, वहीं बीजेपी वाले कभी कभार प्रदर्शन की रस्म अदायगी कर घर बैठ जाते हैं. विधानसभा में आज तक कोई इस मुद्दे पर कुछ नहीं करता, जबकि दिल्ली में हर रोज़ बलात्कार की दिल दहलाने वाली घाटनाएं सामने आ रही हैं.
गोकुलपुरी इलाके में सामने आई गैंगरेप की घटना के बाद भी पुलिस एफ.आई.आर दर्ज नहीं कर रही थी. एक आटोचालक के माध्यम से यह खबर आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं तक पहुंची. पुलिस अधिकारी अपने इलाके में बलात्कारियों की इस हरकत पर शर्मसार होने की जगह, इंसाफ मांग रहे आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं पर लाठियां बरसाने लगे. कई लोगों की हड्डियां तोड़ दी गईं. आम आदमी पार्टी के 15 कार्यकर्ताओं को थाने में बंद करके फिर से पीटा गया. महिला कार्यकर्ताओं पर भी पुरुष-पुलिसकर्मियों ने चांटे और डंडे बरसाए और उन्हें भद्दी भद्दी गालियां देकर अपमानित किया गया. यहां तक कि पानी मांगने पर गिलास में पेशाब दिया गया.
आज दिल्ली पुलिस या तो अपराधियों के संरक्षण में लगी है या नेताओं के. नेता और अधिकारी दोनों जनता के मन में खौफ पैदा करने की कोशिश कर रहे हैं. इस समय दिल्ली में जनता सिर्फ आम आदमी पार्टी पर भरोसा कर रही है. पार्टी के कार्यकर्ता निडर होकर बलात्कारियों के खिलाफ आवाज़ भी उठा रहे हैं और पुलिस को भी सही धाराओं में रिपोर्ट लिखने व दोषियों को गिरफ्तार करने पर मजबूर कर रहे हैं. आम आदमी पार्टी के लोग सत्ता में न होकर भी महिलाओं की सुरक्षा के लिए जान हथेली पर रखकर आगे आ रहे हैं. इसमें आम आदमी पार्टी से जुडे आटोचालक भी अहम भूमिका निभा रहे हैं.
इसके पहले भी कई मामलों में आम आदमी पार्टी का महिला सुरक्षा दल ज़रुरत के वक़्त महिलाओं की सुरक्षा के काम आती है. ये दल इस वक़्त दिल्ली के कई क्षेत्रों में काम कर रहा है-
– 3 दिन पहले गुड़गांव में एक छोटी सी बच्ची के साथ बलात्कार हुआ . मामला लेकर पीड़ित के घर वाले पुलिस के पास पहुंचे, पर पुलिस ने मामला दर्ज तो हुआ,पर अपराधियों को पकड़ने में कोई मुस्तैशी नही दिखाई. बाद में घरवालों ने “आम आदमी पार्टी” से सम्पर्क किया, और अब “आप” कार्यकर्ता ही बच्ची को इन्साफ दिलाने की मुहीम चला रहे है.
– कानपुर में मजदूर की 7 साल की बच्ची को घर के बाहर से अगवा करके सामूहिक बलात्कार के बाद हत्या के मामले में पुलिस ने एफआईआर करने से भी इनकार कर दिया,बाद में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता धरने पर बैठ गए,पहले तो पुलिस ने कार्यकर्ताओं को ही गिरफ्तार किया, पर बाद में पुलिस पर दवाब बना, और पुलिस ने अपराधियों की गिरफ्तारी की,और कार्यकर्ताओं को बरी कर दिया।
– गाज़ियाबाद से एक बच्ची अगवा हुई, यहाँ भी आम आदमी पार्टी कार्यकर्ताओं ने पुलिस के साथ मिलकर मुरादनगर से लड़की को बरामद कराया. दूसरे केस में अगवा बच्ची की माँ ने आम आदमी पार्टी को संपर्क किया, तो पुलिस के साथ मिलकर इस बच्ची को भी बरामद किया गया.
– दामिनी केस के बाद सबसे ज्यादा चर्चा में आये गुडिया बलात्कार मामले में भी सिर्फ आम आदमी पार्टी के हस्तक्षेप के बाद ही बच्ची की जान बच पायी. पूरे दिन प्रदर्शन के बाद बच्ची को अच्छे अस्पताल में भरती कराया गया और 2 दिन के भीतर बलात्कारी को पकड़ा गया.
आज दिल्ली में आम आदमी पार्टी ही एकमात्र ऐसी पार्टी है जो महिलाओं की सुरक्षा के प्रति वचनबद्ध है. जब दिल्ली में आम आदमी पार्टी की सरकार बनेगी तो महिलाओं की सुरक्षा के लिए स्पेशल कमांडो फोर्स बनाई जायेगी. इसमें हर वार्ड में कम से कम २५ कमांडो महिलाओं की दिन रात सुरक्षा के लिए ही तैनात किए जायेंगे. इस फोर्स में नौजवानों को कमांडो ट्रेनिंग देकर रखा जायेगा. इनका कमान ईमानदार पूर्व सैनिकों के हाथ में दी जायेगी.
इसीलिए आने वाले चुनाव के लिए हमारा नारा है- ‘अगर फिर दिया बेईमानों को वोट तो होते रहेंगे दिल्ली में बलात्कार’.

ऑटो चालाक के चालान के विरुद्ध “आप “पार्टी न्यायलय जायेगी

आम आदमी पार्टी[आप]अब दिल्ली के ऑटो चालकों के समर्थन में खुल कर आ गई है|आप ने ऑटो चालाक के चालान के विरुद्ध न्यायलय के द्वार खटखटाने की घोषणा की है |पोस्टर लगाने के कारण ऑटो चालक का चालान किया गया है|ऑटो चालक अशोक कुमार को आम आदमी पार्टी ने हर संभव देगी सहायता देने का आश्वासन दिया है|
ऑटो के पीछे पोस्टर नहीं लगाने के दिल्ली की शीला दीक्षित सरकार के तुगलकी फरमान का शिकार सोमवार(17 जून) को दिल्ली के एक ऑटो चालक अशोक कुमार हो गए.| अशोक को ट्रैफिक पुलिस ने दक्षिण दिल्ली के कालकाजी मंदिर की रेडलाइट पर रोका और उनका चालान कर दिया.| चालान रसीद पर पुलिस ने लिखा है कि अशोक कुमार ने अपने ऑटोरिक्शा पर शीला दीक्षित और अरविंद केजरीवाल की तस्वीर वाला एक पोस्टर चिपका रखा है इसलिए उनका चालान किया जाता है.| पुलिस ने अशोक का ड्राइविंग लाइसेंस जब्त कर लिया और उन्हें 10 जुलाई को साकेत कोर्ट में मजिस्ट्रेट के सामने हाजिर होने का आदेश दिया है.
आम आदमी पार्टी ऑटोचालकों को परेशान करने की इस सरकारी कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है. पार्टी ने ऑटो के पीछे किसी भी तरह का विज्ञापन लगाने से रोकने वाले शीला दीक्षित सरकार के फरमान को तत्काल प्रभाव से वापस लेने की मांग की है. पार्टी सरकार के इस जनविरोधी आदेश को निरस्त करने संबंधी एक याचिका जल्द ही अदालत में दायर करने वाली है. आम आदमी पार्टी ऑटो चालकों के साथ खड़ी है और उन्हें शीला सरकार द्वारा की जा रही मनमानी से बचाने के लिए हरसंभव सहायता देगी.

सी बी आई ने कोल गेट टीम के एक अधीक्षक और एक निरीक्षक को सात लाख की रिश्वत के आरोप में पकड़ा

दिल्ली पोलिस ने यदि क्रिकेट के अपराधियों को पकड़ कर अपनी खोई साख को दुबारा पाने के लिए पहल कर दी है तो ऐसे में लगता है केंद्रीय जांच ब्यूरो[सी बी आई] भी पीछे नहीं रहना चाहती अपनी इस इच्छा को सी बी आई ने अपने ही भ्रष्ट अधीक्षक और निरीक्षक को गिरफ्तार करके उजागर कर दिया है|
सीबीआई ने कोल गेट की जांच कर रहे अपने ही एक पुलिस अधीक्षक और एक निरीक्षक को सात लाख रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है|. बताया जा रहा है कि एजेंसी के मुख्यालय के बाहर एक व्यवसायी से यह रिश्वत कथित रूप से जमीन विवाद को सुलझाने के लिए वसूली गयी| राजेश को उस समय गिरफ्तार किया जब वह धन ले रहा था. जिसके पश्चात सुप्रिडेंट दत्त को भी हिरासत में ले लिया गया
आंतरिक सतर्कता शाखा ने निरीक्षक[Inspector] राजेश को एस पी[SupdtPolice ] दत्त के लिए रिश्वत लेते समय पकड़ा| दत्त कोयला ब्लाक आवंटन घोटाला मामले में मुख्य जांचकर्ता हैं.
बताया जा रहा है कि सुप्रिडेंट दत्त ने दिल्ली पुलिस अधिकारियों के बीच अपने प्रभाव का इस्तेमाल करते हुए एक भूमि विवाद मामले में एक याचिका को कथित रूप से वापस करवाया जिससे व्यवसायी को लाभ मिलाउसी की एवज में रिश्वत तय हुई थी|
यदपि सीबीआई निदेशक रंजित के अनुसार इस मामले का कोयला ब्लाक आवंटन घोटाले की चल रही जांच से कोई लेनादेना नहीं है.लेकिन यह भी सत्य है कि यह सुप्रिडेंट कोल गेट की जांच टीम का एक अहम् हिसा है|इसीलिए अब वोह महत्पूर्ण जांच भी प्रभावित जरुर होगी|इसीलिए अपनी साख बचाने के लिए सी बी आई और दिल्ली पोलिस के लिए ये दोनों खुलासे कोई माईल स्टोन नहीं है क्योंकि ये तो एक कदम है मंजिल बेहद दूर है|