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ईवीएम के नतीजों के वीवीपैट -पर्ची से ५०% मिलान से तो कई चरणों में चुनाव होंगे

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चेयर लीडर

औए झल्लेया! अब ईवीएम पर हसाडी बात का समर्थन करने के लिए २१ दल एक जुट हो गए हैं | इन सभी २१ दलों ने ई वीएम के ५०% मतों का मिलान वोटर्स वेरिफाइड पेपर्स ट्रेल [वी वी पैट -पर्ची ] से कराये जाने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दल दल मचा दी है और माननीय कोर्ट ने भी चुनाव आयोग से जवाब तलब कर लिया है |मोदी की मोदी गिरी को भी अब देख लेंगे|

झल्ला

मेरे चतुर सुजान जी! अभी कुछ चरणों में चुनाव कराये जाने को लेकर आपलोगों ने चिल्पों मचानी शुरू करदी | अगर आपकी गल मान ली गई तो कई चरणों में चुनाव होंगे और उससे आपलोगों को ज्यादा कष्ट होगा

सुरजेवाला ने अपनी शर्मनाक हार का ठीकरा ईवीएम मशीनों पर फोड़ा

[जींद,हरियाणा] सुरजेवाला ने जींद में अपनी शर्मनाक हार का ठीकरा ईवीएम मशीनों पर फोड़ा
जींद विधानसभा उपचुनाव में तीसरे स्थान पर रहे कांग्रेस उम्मीदवार रणदीप सिंह सुरजेवाला ने इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता और कैथल विधायक रहे सुरजेवाला ने आरोप लगाया कि करीब 24 ईवीएम मशीनों में गड़बड़ी की गई थी। मशीनों के नंबर आपस में मेल नहीं खा रहे थे।
हालांकि, उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और नवनिर्वाचित विधायक डा.कृष्ण मिड्ढ़ा जनआकांक्षाओं पर खरे उतरेंगे।
पांचवे स्थान पर रही इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा ने जींद उपचुनाव में हार की जिम्मेदारी लेते हुए आरोप लगाया कि उनका उम्मीदवार धन-बल के मुकाबले कमजोर रहा है।
उन्होंने विजयी उम्मीदवार डॉ. कृष्ण मिड्ढा को बधाई दी लेकिन ईवीएम पर किसी भी तरह की टिप्पणी करने से इन्कार कर दिया।
गौरतलब है कि जींद उपचुनाव में बृहस्पतिवार को भाजपा उम्मीदवार डॉ. कृष्ण मिड्ढा ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी दिग्विजय सिंह चौटाला को 12,935 मतों के अंतर से पराजित किया।
जींद उपचुनाव में 28 जनवरी को मतदान कराया गया था जिसमें कुल 75.77 फीसदी मतदाताओं ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया था।
इनेलो विधायक हरिचंद मिड्ढा के निधन से यह सीट रिक्त हुई थी।
वहीं, दोपहर में मतगणना के सात दौर पूरे होने के बाद एक पार्टी एजेंट ने ईवीएम मशीन में गड़बड़ी का आरोप लगाया जिसके बाद समर्थकों ने हंगामा शुरू कर दिया। मतगणना केंद्र के बाहर स्थिति बिगड़ते देख पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
जींद के उपायुक्त सह निर्वाचन अधिकारी अमित खत्री ने ईवीएम को लेकर लगाये गये आरोपों को खारिज किया है।

रामगढ़ सीट कांग्रेस ने जीती लेकिन जींद में भजपा जीतने लगी तो हंगामा हो गया

जयपुर,चंडीगढ़]रामगढ़ सीट कांग्रेस ने जीती लेकिन जींद में भजपा जीतने लगी तो हंगामा हो गया
राजस्थान में सत्तारूढ़ कांग्रेस ने अलवर की रामगढ़ विधानसभा सीट जीत ली है। कांग्रेस प्रत्याशी शफिया जुबैर को कुल 83,311 मत मिले।
भाजपा के सुखवंत सिंह दूसरे स्थान पर रहे और उन्हें 71,083 मत मिले।
वहीं बसपा उम्मीद जगत सिंह 24,856 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे।
इस जीत के साथ ही 200 सीटों वाली विधानसभा में कांग्रेस की 100 सीटें हो गयी हैं। उसके पास अब पर्याप्त बहुमत है।
उल्लेखनीय है कि सात दिसंबर को राज्य की 200 में से 199 सीटों के लिए मतदान हुआ था। रामगढ़ सीट पर बसपा प्रत्याशी के निधन के कारण चुनाव टाल दिया गया था। रामगढ़ सीट जीतने के बाद राज्य में कांग्रेस की जहां 100 सीट हो गयी हैं। भाजपा के 73 विधायक हैं।
हरियाणा के जींद में इनेलो के विधायक की मौत होने पर यहाँ भी उपचुनाव कराया गया |यहाँ शुरूआती दौर में जे जे पी का उम्मीदवार बढ़त बनाये हुए था लेकिन सातवें दौर में भाजपा के मिड्ढा [पूर्व विधायक के पुत्र] जीत की और बढ़ने लगे तो विपक्ष ने ईवीएम को लेकर हंगामा शुरू कर दिया |फिलहाल मतगणना रोक दी गई है

रामगढ़ वि स चुनाव के दौरान तीन मशीनें बदली गई

[जयपुर] रामगढ़ वि स चुनाव के दौरान तीन मशीनें बदली गई|
निर्वाचन अधिकारी पंकज शर्मा के अनुसार सुबह मॉक पोल के दौरान पांच बूथों से वीवीपेट मशीन को बदला गया जबकि तीन मशीनें मतदान शुरू होने के बाद बदली गई।सात दिसम्बर को राजस्थान विधानसभा चुनाव से कुछ दिन पूर्व रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिये गये थे।
अलवर जिले के रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में सोमवार अपराहृन तीन बजे तक 68.75 प्रतिशत मतदाताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया।
सुबह आठ बजे शुरू हुए मतदान का प्रतिशत एक बजे तक 51.39 रहा था जिसमें धीरे धीरे तेजी आई और तीन बजे तक यह 68.75 प्रतिशत पहुंच गया।
रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में 2.35 लाख मतदाता हैं जिनमें से 1.10 लाख महिला मतदाता है। चुनाव के लिये 278 मतदान केन्द्र स्थापित किये गये हैं। चुनाव निष्पक्ष और शांतिपूर्ण कराने के लिये 2,500 पुलिसकर्मी तैनात किये गये हैं। 9 एरिया मजिस्ट्रेट भी चुनाव प्रक्रिया पर निगरानी रखे हुए हैं।
दो महिलाओं सहित 20 उम्मीदवार आज चुनाव मैदान में हैं।
बहुजन समाजवादी पार्टी :बसपा: ने पूर्व केन्द्रीय मंत्री नटवर सिंह के पुत्र जगत सिंह को चुनाव मैदान में उतारा है,
जबकि सत्ताधारी कांग्रेस ने अलवर की पूर्व जिला प्रमुख साफिया जुबेर खान को और
भाजपा ने पूर्व प्रधान सुखवंत सिंह को मैदान में उतारा है।
मतगणना 31 जनवरी को होगी।

NO Reverting Back To Era Of Ballot Paper :CEC Sunil Arora

[New Delhi] NO Reverting Back To Era Of Ballot Paper :CEC
Chief Election Commissioner Sunil Arora on Thursday asserted that the Election Commission is not going back to ballot papers.
He said ,EVMs are being used as a “football” due to a “motivated slugfest”,
“I would like to make it very, very clear one more time that we are not going back to the era of ballot papers,” Arora said, addressing a gathering ahead of National Voters Day.
He said the poll panel would not take the country back to an era where ballot papers were lifted by musclemen.
“We are open to any criticism and feedback. But we are not going to be bullied. We are going to keep using EVMs,” he said using strong words to defend the machines.
His remarks came days after a self proclaimed cyber expert claimed the machines can be hacked.
Following his claims, several parties Including SP And BSP have demanded the use of ballot papers in the coming Lok Sabha polls.
File Photo

इवीएम का मतलब कहीं विटामिन इलेक्शन एंड मनी तो नहीं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

उत्तेजित भाजपाई

औए झल्लेया ये क्या हो रहा है? कांग्रेसी आये दिन EVM को लेकर हो हल्ला मचाने लग जाते हैं ऐसा लगता है के २०१९ में इनका दावं उलटा इन्ही पढ़ ही पढ़ गया होगा तभी ये लोग बिलबिलाये फिर रहे हैं

झल्ला

ओ मेरे चतुर सेठ जी ! ये इ वी एम का मतलब कहीं विटामिन इलेक्शन और मनी तो नहीं ???तभी ए दिन इसे दोहने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है

अखिलेश यादव ने ईवीएम के बजाय बैलेट से चुनाव कराये जाने की मांग की

[लखनऊ,यूपी ] अखिलेश यादव ने बैलेट से चुनाव कराये जाने की मांग की |उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्य मंत्री अखिलेश यादव ने उपचुनावों ईवीएम मशीनों में आई खराबी को लेकर सरकार पर जम कर प्रहार किये और कैराना+नूरपुर में पुनः मतदान कराये जानेकी भी मांग उठाई|उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में कहा के जिन छेत्रों में उनके वोट थे उन्ही छेत्रों में मशीनों में खराबी आई है यह अपने आप में चिंताजनक है और संदेहास्पद है |उन्होंने इसके पीछे छुपी रणनीति की भी संभावना व्यक्त की |अखिलेश यादव ने अपने पीछे स्वर्गीय चौधरी चरण सिंह की फोटो लगा कर प्रेस कांफ्रेंस का आयोजन किया और विकास के इस दौर में साईकिल की सवारी की वकालत भी की|
फाइल फोटो

सपा ने अब गोरखपुर उपचुनाव में “राग ईवीएम” शुरू किया

[लखनऊ ,यूपी ] सपा ने अब गोरखपुर उपचुनाव में “राग ईवीएम” शुरू किया
समाजवादी पार्टी के वर्तमान सुप्रीमो और निवर्तमान सीएम् अखिलेश यादव ने वर्तमान सी एम् के गृह छेत्र गोरखपुर में ईवीएम की देखरेख पर सवाल उठाये हैं | गोरखपुर में उपचुनाव होने जा रहे हैं | उम्मीद की जा रही है अब सपा आरएल डी +आर जे डी +एनसीपी+सीपीआई +सीपीआई (म )+अपना दल (कृष्णा पटेल फैक्शन)+पीस पार्टी+आप अदि के सात मिल कर भाजपा के घेरने का प्लान बना रही है |
उन्होंने गोरखपुर महोत्सव की उपयोगिता पर भी सवाल उठाये

Akali’s Top Brass”Badal”Asks Pak to Refrain from Burning Punjabs,Into War

[Middukhera,Punjab]Akali’s Top Brass “Badal”Asks Pak to Refrain from Pushing India Into War
Punjab Chief Minister Parkash Singh Badal today asked Pakistan to refrain from pushing India to war, He said in such an event East and West Punjab on either side of the international border will suffer the most.
“Punjab on both sides of the border will have to bear the brunt in case a war takes place between India and Pakistan,” he told media persons on the sidelines of a sangat darshan programme in the Lambi Assembly segment.
The Pakistani government must understand and should try to defuse tensions at the earliest, Badal said.Replying to a query related to the Indus Waters Treaty, he said the Indian government was “competent and wise enough” to take an appropriate call on the issue.
Badal said India’s “mature and visionary leadership
is capable of taking decisions to safeguard the interests and the unity and integrity of the country”.
Asked about the emergence of new political fronts ahead of the Punjab Assembly elections, he said, “The new platforms will have no affect on the state polity.”
Badal also rubbished Punjab Congress chief Amarinder Singh’s remark that there was a possibility of rigging electronic voting machines during the elections next year.
EVMs are handled and managed by the Election Commission of India and there is not even the remotest possibility of tempering with them, he said.

भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को लोकतान्त्रिकशक्ति”नोटा”विकल्प का स्मरण कराया

[नई दिल्ली]भारत निर्वाचन आयोग ने मतदाताओं को लोकतान्त्रिकशक्ति”नोटा”विकल्प का स्मरण कराया
मालूम हो के उच्चतम न्यायालय के 27 सितम्बर, 2013 के आदेश का अनुसरण करते हुए 11 अक्तूबर, 2013 से इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों पर दिखाए गए बैलेट पेपरों में तथा अन्य बैलेट पेपरों में नोटा- उपरोक्त में से कोई नहीं- विकल्प को लागू किया था।
भारत निर्वाचन आयोग ने अब अन्य चुनाव चिन्हों की तरह नोटा विकल्प के लिए विशेष चिह्न x लागू किया है। इसका उद्देश्य मतदाताओं द्वारा नोटा विकल्प चुनने में मदद देना है। अब से आगे होने वाले सभी चुनावों में ईवीएम के अंतिम पैनल तथा अन्य बैलेट पेपरों पर नोटा विकल्प के समक्ष यह विशेष चिह्न दिखेगा। इस संबंध में सभी मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को आवश्यक निर्देश जारी किए गये हैं।
नोटा विकल्प का मुख्य उद्देश्य ऐसे मतदाताओं की सहायता करना है जो किसी भी उम्मीदवार को वोट देना नहीं चाहते और ऐसे मतदाताओं को अपने निर्णय की गोपनीयता का उल्लंघन किए बिना किसी भी उम्मीदवार को वोट न देने के अधिकार के उपयोग में सहायता देना है।
नोटा विकल्प चिह्न को भारतीय डिजाइन संस्थान (एनआईडी) अहमदाबाद ने डिजाइन किया है।

नोटा चिह्न