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Tainted Chautala Lashes at Vijay Goel Calling Him Failed Sports Minister

[New Delhi]Tainted Chautala Lashes Out at Vijay Goel Calling Him Failed Sports Minister
Haryanavi Chautala said Goel has failed as a Sports Minister
Tainted former IOA President Abhay Singh Chautala today lashed out at Vijay Goel for criticising his appointment as Life President of the national Olympic body, saying the Sports Minister should first focus on his job as he has failed to fulfil his responsibilities.
Sports Minister Goel yesterday criticised the Indian Olympic Association (IOA) for making the tainted duo of Suresh Kalmadi and Chautala Life Presidents, saying it was “totally unacceptable” as both of them were facing serious criminal and corruption charges.
Kalmadi and Chautala were made Life Presidents by the IOA at its Annual General Meeting in Chennai yesterday.
“I was surprised by the reaction of Sports Minister Vijay Goel. He was claiming that there are criminal and corruption cases against me. The case against me is not a criminal case, it is a political case,” a livid Chautala said.
“Mr Goel has failed in his responsibility as a Sports Minister. I would advise him to fulfil his responsibility as Sports Minister because if he does that, our medal count will increase manifold and he will get credit for that. Instead of getting into a controversy without knowing full facts, he should focus on his job,” Chautala added.
Vijay Kalmadi served as IOA President from 1996 to 2011 and was jailed for 10 months for his involvement in the 2010 Delhi Commonwealth Games corruption scandal but was later released on bail.
Chautala served as the President of IOA from December 2012 to February 2014 when the national Olympic body was suspended by the International Olympic Committee for fielding charge-sheeted candidates at the elections. His election as IOA chief was annulled by the IOC

IOC Gives Broad Smile To Indian Players By Lifting ,14 Months Old ,Ban From I O A

I O C Has Given A Broad Smile On The Faces Of Indian Olympian Players By Lifting 14 Months Old Ban From I O A .This Ban Was Imposed To Pressurize To Remove tainted officials, Of I O A This Move Has Been Welcomed By All Concerned.
The Indian Olympic Association (IOA) Has now barred charge-framed officials from its fresh election held on Sunday
The Minister of State (Independent Charge) for Youth Affairs and Sports Jitendra Singh And Prof.V K Malhotra[Acting President Of I O A] has welcomed IOC decision to bring India back into the Olympic movement
Government of India also congratulated the Indian Olympic Association (IOA), the International Olympic Committee (IOC) and everyone else involved, on India getting back into the Olympic movement. It is good to know that our sportspeople will again be able to compete under the Indian Flag.
The process of India’s return to the Olympic movement started with the Minister of State for Youth Affairs & Sports meeting with the President and other IOC Authorities in Lausanne in May 2013 in an effort to ensure that conditions are created for ending the suspension of IOA at the earliest.
The issue of debarring charge framed officials from contesting elections or continuing in office was first raised then and the IOC was apprised of the support of the Government of India for such a measure.
Sports Minister stated That Government is committed to ensure ethics, transparency and good governance in sports in India and will make all efforts to ensure that Indian sportsperson are fully supported as they strive hard to bring laurels to the nation in the international sporting arena.In The Current Olympic Winter Sports Held In Russia Indian Team Was Not Allowed To Cary Indian National Flags Which Was Criticized In The Media .

आई ओ ऐ और आईओसी के बीच आये गतिरोध का शीघ्र समाधान होना चाहिए:केंद्रीय खेल मंत्री

भारतीय ओलंपिक संघ और अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी के बीच जारी गतिरोध अभी तक समाप्त नहीं हुआ है जिसके कारण आई ओ ऐ पर लगा निलम्बन समाप्त नही हुआ है| इस पर केंद्रीय खेलमंत्री जितेन्द्र सिंह ने चिंता व्यक्त की है
भारत सरकार ने भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) द्वारा आयोजित 27 अक्टुबर, 2013 की विशेष आम सभा में अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक कमेटी (IOC) के निर्देशों के लागू करने का संज्ञान लिया। मीडिया रिपोर्टें संकेत देती हैं कि आईओए की आम सभा आईओसी की आवश्यकतानुसार अपने संविधान में संशोधनों को लागू करने पर सहमत नहीं थी।
इस संदर्भ में केंद्रीय खेलमंत्री भारत सरकार श्री जितेन्द्र सिंह ने कहा कि भारत सरकार देश में खेलों में नैतिकता और सुशासन का पालन करने और अपराधों के प्रति “जीरो टोलरेन्स” के लिए प्रतिबद्ध है। सरकार आईओसी और आईओए के बीच जारी गतिरोध के संबंध में चिंतित है और घटनाक्रम को निकट से देख रही है।
भारत सरकार का मत है कि आईओए और आईओसी के बीच आये गतिरोध का शीघ्र समाधान होना चाहिए, जिससे कि आईओए का निलंबन हटे और भारतीय खिलाड़ी/टीमें भारतीय राष्ट्रीय ध्वज के नीचे अंतर्राष्ट्रीय खेल गतिविधियों में भाग लेने में सक्षम हों।

आईओसी द्वारा दागी के चुनाव पर रोक को बरक़रार रखने और खेल मंत्रालय द्वारा उसका समर्थन किये जाने से खेल जगत की राजनीती गरमाई

आईओसी द्वारा दागी के चुनाव पर रोक को बरक़रार रखने और खेल मंत्रालय द्वारा उसका समर्थन किये जाने से खेल जगत की राजनीती गरमाई अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति [IOC ] द्वारा आरोपी या दागी पदाधिकारियों के चुनाव पर रोक को बरक़रार रखने और केन्द्रीय खेल मंत्रालय द्वारा उसका समर्थन किये जाने से खेल जगत में राजनीती गरमा गई है| केन्द्रीय खेल मंत्री जितेंद्र सिंह ने आज अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति [IOC ] के आरोपपत्र संबंधी शर्त पर कायम रहने का फैसला किया और आईओए को अपने संविधान में जरूरी संशोधन करने पर जोर दिया इसे उन्होंने देश के खिलाड़ियों के हित में बताया | इसके ठीक विपरीत आई ओ ऐ के नेताओं ने इसे भारतीय संविधान के विरुद्ध बताया
आई ओ सी ने आज साफ किया कि भारतीय ओलंपिक संघ [IOA ] को सुशासन के लिये दागी पड़ा धिकारियों को हटाना ही होगा|
गौरतलब है कि आईओए ने आई ओ सी से समझौते की राह निकालने के लिए, पिछले महीने ,विशेष आम सभा की बैठक का आयोजन किया जिसमे आईओसी के सामने समझौता फॉर्मूला पेश किया इस में आरोपी व्यक्तियों को चुनाव लड़ने की छूट देने के लिए कहा गया था | आईओए के प्रस्ताव के अनुसार यह नियम उन्हीं अधिकारियों पर लागू होना चाहिए, जिन्हें दो साल से अधिक की जेल की सजा मिली हो। आई ओ ऐ के कार्यवाहक अध्यक्ष और भाजपा के नेता प्रो.वी के मल्होत्रा ने आई ओ सी के निर्णय पर संतुलित+सुरक्षित+संक्षिप्त टिपण्णी की है| उ श्री मल्होत्रा के अनुसार अभी तक आई ओ सी के पत्र का विवरण प्राप्त नहीं हुआ है|उसके बाद ही सभी लोगों से बात चीत करके कोई हल निकालने का प्रयास किया जाएगा|उन्होंने एक टी वी चैनल को कहा कि दागी शब्द कि व्याख्या जरूरी है और अगर उस व्याख्या को पूरा विश्व मनाता है तो भारत को भी मानने में कोई एतराज नहीं होगा|श्री मल्होत्रा ने वर्तमान व्यवस्था पर चुटकी लेते हुए कहा कि भारत में तो धारा १४४ का उल्लंघन करने पर भी चार्ज शीट जारी हो जाती है|आपातकाल में भी लोगों को सजा हुई थी ऐसे में दागी शब्द को परिभाषित किया जाना जरुरी है| अभय चौटाला ने देश के आईओसी प्रतिनिधि रणधीर सिंह को वर्तमान स्थिति के लिए जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि हमारे देश के कानून के अनुसार दो साल के सजा याफ्ता चुनाव नहीं लड़ सकते और इसी का पालन होना चाहिए|

अंतराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के अखाड़े में मूर्छित पड़ी कुश्ती की प्रतिस्पर्धा को एक लाइफ लाइन मिली

अंतराष्ट्रीय ओलिंपिक संघ के अखाड़े में मूर्छित पड़ी कुश्ती की प्रतिस्पर्धा को एक लाइफ लाइन मिल गई है| इससे भारतीय खेल जगत में खुशी की लहर दौड़ गई है| फाइनल मुकाबिला 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स की मीटिंग में होगा \
मास्को के सेंट पीट्सबर्ग में बुधवार रात हुई बोर्ड की बैठक में 8 दावेदारों में से 3 खेलों का चयन किया। अब 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाली आईओसी की आमसभा की बैठक में कुश्ती को स्क्वॉश तथा एवं बेसबॉल से मुकाबला करना होगा। इन तीनों में केवल एक खेल को ओलंपिक 2020 के मुख्य खेलों में जगह मिलेगी।
पांच अन्य खेलों वुशु, वेकबोर्ड, क्लाइम्बिंग, कराटे और रोलर स्पोर्ट्स को बाहर कर दिया गया है| आई ओ ऐ के कार्यकारी अध्यक्ष प्रोफ. वी के मल्हौत्रा + पहलवान सुशील + योगेश्वर ने कुश्ती को उन तीन खेलों में शामिल करने के अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति (आईओसी) के फैसले का प्रसन्नता से स्वागत किया।
श्री मल्हौत्रा ने कहा है के कुश्ती भारत के शहर से गावों तक बेहद लोकप्रिय खेल है और आईओसी का यह अच्छा कदम है।लेकिन इसके साथ ही उन्होंने आशंका व्यक्त करते हुए बताया के 8 सितंबर को ब्यूनस आयर्स में होने वाली आईओसी की आमसभा की बैठक के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पायेगी|
गौरतलब है के कुश्ती आधुनिक ओलंपिक ही नहीं बल्कि प्राचीन ओलंपिक खेलों का भी हिस्सा रही है। समाचार एजेंसी भाषा के अनुसार छत्रसाल स्टेडियम में 150 जूनियर पहलवान अभ्यास करते हैं
मालूम हो के ओलंपिक के सबसे पुराने खेल कुश्ती को अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक समिति के कार्यकारी बोर्ड ने फरवरी में 2020 होने वाले ओलंपिक के मुख्य खेलों की सूची से हटा दिया था।हालांकि इस पर अंतिम फैसला सितंबर में ब्यूनस आयर्स में होगा। स्क्वॉश तथा साफ्टबॉल एवं बेसबॉल से मुआईओसी की समिति ने आठ खेलों में से कुश्ती, स्कवैश और बेसबॉल या साफ्टबॉल को 2020 ओलंपिक में शमिल करने के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। इनमें से एक खेल को 2020 ओलंपिक में जगह मिलेगी।

आई ओ ऐ के चुनाव पहली सितम्बर तक कराये जा सकते हैं : एक्टिंग प्रेजिडेंट प्रो. वी के मल्हौत्रा

भारतीय खिलाड़ियों के लिए एक अच्छी खबर है| भारत के झंडे तले खिलाड़ियों द्वारा ओलिंपिक में भाग लेने की संभावनाएं फिर से बनने लगी हैं| भारतीय ओलिंपिक एसोसियेशन [ IOA ]के चुनाव पहली सितम्बर तक कराये जा सकते हैं|इसके पश्चात आई ओ सी द्वारा आई ओ ऐ पर थोपे गए प्रतिबन्ध को हटाया जा सकेगा|
इंटरनेशल ओलिंपिक कमेटी का पत्र आई ओ ऐ के पदाधिकारियों को प्राप्त हो गया है|इस पत्र में कमिटी की लुसाने [ LAUSANNE ]में १५ मई को हुई मीटिंग की जानकारी दी गई है और निलंबित आई ओ ऐ के चुनाव पहली सितम्बर २०१३ तक करा लेने को कहा गया है|आई ओ ऐ के एक्टिंग प्रेजिडेंट और भाजपा के वरिष्ठ नेता प्रो.विजय कुमार मल्हौत्रा ने इसकी पुष्ठि करते हुए बताया कि अन्तराष्ट्रीय संस्था आई ओ सी से पत्र प्राप्त हो गया है जिसके अंतर्गत १५ जुलाई तक चुनाव प्रक्रिया पूरी करने और पहली सितम्बर तक चुनाव करने को कहा गया है|इस पत्र की प्रतिलिपि भारत सरकार के खेल मंत्री जीतेन्द्र सिंह+एक्टिंग सेक्रेट्री को भी भेजी गई है| आई ओ सी के महा निदेशक क्रिस्टोफर दी केप्पेर[ ChristopherDeKepper ] द्वार लिखित इस पत्र में यह आश्वासन दिया गया है कि आई ओ सी के निर्देश और सुपरविजन में आवश्यक प्रक्रिया के पूर्ण होते ही आई ओ ऐ पर लगाए गए बैन को हटाने की कार्यवाही शुरू कर दी जायेगी|
श्री मल्हौत्रा ने बताया कि आई ओ ऐ के दोबारा से चुनाव करने पर उन्हें कोई आपत्ति नही है|इस विषय में जल्द ही एक मीटिंग बुलाई जायेगी और इस पर उचित और सकारात्मक निर्णय ले लिया जाएगा|इससे पूर्व निलंबित अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला भी चुनाव करने पर सहमती दे चुके हैं|
इस विषय में सरकारी पक्ष जानने के लिए खेल मंत्री जीतेन्द्र सिंह से संपर्क नहीं हो पाया |

खेल मंत्री जीतेन्द्र सिंह और भारतीय ओलिंपिक एसोसियेशन में अभी तक कोई संवाद कायम नही हुआ IOA V/S Sports Ministry

भारत के खेल मंत्री जीतेन्द्र सिंह आई ओ सी की लूसान की मीटिंग अटैंड करके लौट आये हैं|उन्होंने अपने गृह प्रदेश में दिए पहले वक्तव्य में प्रेस के माध्यम से आश्वासन दिया कि दो माह में भारत के ओलिंपिक खिलाड़ियों की संस्था आई ओ ऐ पर लगाये गए प्रतिबन्ध हट जायेंगे| लेकिन भारत सरकार इस वक्तव्य के पश्चात आगे चली हो ऐसा दिखाई नही दे रहा क्योंकि अभी तक उनके अपने कोड के अंतर्गत चुने गए आई ओ ऐ से कोई संवाद स्थापित नही हुआ है|
खेल मंत्री ने यह दावा किया कि नेशनल स्पोर्ट्स फेडरेशन के आंतरिक मामलों में दखल दिए बगैर ही भारतीय ओलिंपिक एसोसिएशन[आई ओ ऐ] के पारदर्शिता और जवाबदेही के साथ फ्री और फेयर चुनाव कराये जायेंगे| निलाबित आई ओ ऐ के अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला और कार्यवाहक अध्यक्ष वे के मल्हौत्रा ने किसी संवाद या मिनट्स की प्राप्ति से इनकार किया है
आई ओ सी की मीटिंग पर संतोष व्यक्त करते हुए तत्काल आई ओ ऐ के अभय सिंह चौटाला ने भी मीडिया के माध्यम से आई ओ सी की मीटिंग की उपलधि पर संतोष व्यक्त करते हुए यह आश्वासन दिया कि ओलिंपिक चार्टर और आई ओ ऐ के नियमो के अनुसार दोबारा चुनाव कराने को तैयार हैं| आई ओ ऐ के नियमों के अनुसार चुनी गई ,[ इनकी अध्यक्षता वाली],आई ओ ऐ फ़िलहाल निलम्बन[४/१२/२०१२] से अभिशिप्त है|
भारत सरकार के खेल मंत्रालय द्वारा [ कुछ संशोधन के साथ हुए] आई ओ ऐ के चुनावों को मान्यता दी गई थी लेकिन आई ओ सी ने चयनित बाडी को ही निलंबित कर दिया|
इसके फलस्वरूप भारतीय खिलाड़ियों को भारतीय झंडे के साथ ओलिंपिक में भाग लेने से प्रतिबंधित कर दिया गया | इसी गतिरोध को दूर करने के लिए भारतीय खेल मंत्री +कुछ चुनिन्दा खिलाड़ी और अन्तराष्ट्रीय संस्था की जॉइंट मीटिंग स्वीटजरलैंड के लुसाने में हुई | मीटिंग के मिनट्स अभी तक अभय सिंह चौटाला को नहीं मिले हैं इसके अलावा आज आई ओ ऐ के निलंबित अध्यक्ष अभय सिंह चौटाला ने बताया कि अभी तक खेल मंत्री की तरफ से भी कोई संवाद स्थापित नही किया गया है और नाही आई ओ सी से मीटिंग के मिनट्स ही प्राप्त हुए हैं |मीटिंग के मिनट्स मिलने और मंत्री के संवाद प्राप्त होने के पश्चात ही कोई निर्णय लिया जा सकेगा|
इसके अलावा वी के मल्होत्रा ने भी अभी अपने पत्ते खोलने से परहेज दिखाया है|श्री मल्होत्रा के अनुसार मिनट्स आने पर ही कोई रणनीति की घोषणा की जायेगी|
इस सब के बावजूद चौटाला और कार्य वाहक अध्यक्ष मल्होत्रा ने एक समान बात जरुर कही कि खेल मंत्री आई ओ ऐ के चुनाव कैसे करा सकते हैं |चुनाव तो आई ओ ऐ ही कराएगा|
खेल मंत्री जीतेन्द्र सिंह से कार्यालय और घर पर प्रयास करने के पश्चात भी संपर्क नही हो पाया |

भारतीय खेल मंत्री लुसान में आई ओ सी की मान मनोव्वल करते फिर रहे हैं

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक चिंतित खिलाड़ी

ओये झल्लेया हसाडी सरकार कब अपनी रीड सीधी करेगी ओये चीन और पाकिस्तान के बाद अब अन्तराष्ट्रीय ओलिंपिक कमेटी के सामने घुटने टेकने को उतारू हो गए हैं|भारत सरकार ने पहले आई ओ सी के कानून को को चुनौती देते हुए अपने कोड के अनुसार आई ओ ऐ के चुनाव करवा दिए लेकिन बाद में आई ओ सी ने इन चुनावों को मान्यता नहीं देकर भारत सरकार को ऑंखें दिखाई | भारतीय तिरंगे को ओलिंपिक खेलों में बैन कर दिया गया अब बहरत सरकार के स्पोर्ट्स मिनिस्टर जितेन्द्र सिंह लुसान[LAUSANNE ]में आई ओ सी की मान मनोव्वल करते फिर रहे हैं|सुना है कि अब मंत्री महोदय ई ओ सी के कानून के मुताबिक आई ओ ऐ के चुनाव करवाने पर विचार किया जाने लगा है|

झल्ला

हाँ पहलवान जी | न जाने कब हसाड़े सोणे मुल्क के माथे से सॉफ्ट स्टेट का दाग धुलेगा