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Tag: India New Satire

बादल गरजे मगर बरसे नही ,मोदी भी टीवी पर उपदेश देकर निकल लिए

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
ओएJamos cartoon झल्लेया!देखा हसाडे कर्मठ+समर्पित पी एम नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी जी की सक्रियता। कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में वोंह फ्रंट पर लड़ाई लड़ रहे हैं।उन्होंने एक ही दिन में जहां कोरोना वैक्सीन निर्माताओं से वार्ता की तो रात्रि में देश के नाम सन्देश देकर सबका हौंसला बढाया।ओये है कोई इन जैसा नेता देश में?
झल्ला
Jhallaa Cartoonचतुर सेठ जी!रात दो बातें समान हुई।
रात को बादल गरजे और बिजली भी खूब चमकी मगर निकल ली सूखे सूखे।ऐसे ही आपके मोदी जी भी टीवी पर जोरदार उपदेश दे कर निकल गए बिना कुछ दिए

पँजांब में जनहित की फाइलें दबाने वाले एक्सीलेंस अवार्ड मैनेज करने में जुटे

झल्लीगल्लां
पँजांबकांग्रेसीचेयरलीडर

Cs Taking Charge

Cs Taking Charge

ओए झल्लेया!मुबारकां!! ओये हसाडी कर्मठ चीफ सेक्रेटरी सुश्री विनी महाजन जी को एक्सेलेन्स एडमिनिस्ट्रेटर वुमन के खिताब से नवाजा गया है ।ओये हसाडे कैप्टेन साहब की कप्तानी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है और विपक्ष वाले बेफालतू में कुढ़ते जा रहै हैं
झल्ला
Jhallaa Cartoonचातुर सुजाण जी!
#1947 के रिफ्यूजियों के हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन वाली फाइलें ना जाने किस कोने में दबा कर रखने वाले अवार्ड की सीना ठोक कर गल करते चंगे नही लगते ।इससे तो आप जी की सरकार और अवार्ड दाता की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक प्रश्न चिन्ह लग जाता है

महाकुंभ स्नान के प्राचीन अमृत ज्ञान संग आधुनिक कोरोना विज्ञान का भी सहारा जरूरी

झल्लीगल्लां
आस्थावानहिन्दू

Mahakumbh

Mahakumbh

ओए झल्लेया मुबारकां! ओये आज के पवित्र ध्याड़े हरिद्वार में महाकुंभ मेला शुरू होने जा रहा है।ओये तुझे मलूम है कि अब की बार बारह के बजाय ग्यारह बरस में ही यह पवित्र मेला शुरू हो रहा है।यहां हसाडी प्राचीन संस्कृति की भव्यता के दर्शन और स्नान लाभ मिल सकेंगे। ओये हरिद्वार में ही कल्याणकारी अमृत की बूंदे गिरी थी ।यहीं देवताओं ने कुम्भ घटक दबाया हुआ है ।ओए कुम्भ स्नान से हसाडा जीवन सफल हो जाणा है
झल्ला
झल्लाभापा जी! आस्था के इस महाकुंभ की आप जी को भी लख लख वधाइयाँ। वैसे तो व्यवस्थापक आज कल कोरोना महामारी की आपदा में भी अवसर बनाने पर तुले हैं लेकिन आम नागरिक इन अवसरों में आपदा लेकर घरों को लौटते हैं इसीलिए झल्लेविचारानुसार प्राचीन अमृत ज्ञान के साथ साथ आधुनिक कोरोना विज्ञान का पालन करते हुए ही अवसरों का लाभ लेने को कदम बढाने चहिए इसीलिए कोरोना प्रोटोकॉल जरूरी है

पुलिस पर कब्जे को “आप”का संघर्ष मुम्बई की उगाही कांड का असर तो नही

झल्लीगल्लां
cartoon cheeyar leader aap partyआमआदमीपार्टीचेयरलीडर
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है? ओए दिल्ली में हसाडी चुनी हुई सरकार के सीमित अधिकारों को भी एलजी की झोली में डाला जा रहा है। पार्लियामेंट में विपक्ष के विरोध के बावजूद केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार ने राज्यसभा मे राष्ट्रीय राजधानी राज्य छेत्र शासन ( संशोधन )बिल पारित करवा लिया।बेशक राज्य सभा मे हम अल्पमत में थे फिर भी दिल्ली के दो करोड़ लोगों आवाज बने 83 के मुकाबिले 45 मतों की भावना का आदर किया जाना चाहिए था।इसीके विरोध में मल्लिकार्जुन खड़गे जी सदन से वाकआउट कर गए।
ये केंद्र वाले हम पर कानून व्यवस्था का ठीकरा फोड़ते रहते हैं लेकिन दिल्ली पुलिस की कमान हमे सौंपने को तैयार नही होते।गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी इसे संवैधानिक बता रहे हैं।
झल्ला आपसे पूर्ण सहानुभूति है। नोटबन्दी के पश्चात अब पुलिस का झल्लासबइंस्पेक्टर ही 100 करोड़ ₹ की उगाही प्रतिमाह करवा सकता है और पार्टी चलाने के लिए पैसा जरूरी है।इसीलिए पुलिस पर कब्जा भी जरूरी है।

गडकरी ने गाड़ियों में जीपीएस लगवा दिया तो किसान टोलप्लाजा कैसे घेरेंगे

झल्लीगल्लां
टोलप्लाजाऑपरेटर
toll plaza MEERUTओए झल्लेया!मुबारकां!!ओए अब शहरों के अंदर से टोल हटाने का काम शुरू हो गया है जोएक साल में पूरा हो जाएगा।
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने बृहस्पतिवार को लोक सभा मे प्रश्नकाल के दौरान गुरजीत औजला, दीपक बैज और कुंवर दानिश अली के पूरक प्रश्नों के उत्तर में कहा कि पिछली सरकारों के दौरान कई स्थानों पर शहरी इलाकों के भीतर टोल बनाए गए जो ‘गलत और अन्यायपूर्ण’ हैं और इन्हें हटाने का कार्य एक साल में पूरा हो जायेगा। उन्होंने कहा कि शहरों के भीतर पहले बनाए गए टोल एक साल में हटा दिए जाएंगे। इस तरह के टोल में ‘चोरियां’ बहुत होती थीं।
झल्ला
झल्लाभापा जी!आपको तो कोई आर्थिक हानि नही होण्णी क्योंकि गाड़ियों में जीपीएस सिस्टम लगाया जाएगा जिसकी मदद से टोल शुल्क का भुगतान तो हो ही जायेगा।। हाँ टोलप्लाजा को घेर कर जाम करके बैठने वाले किसानों को जरूर मायूसी हो सकती है।इसके अलावा टोल प्लाजा के लिए घेरी गई जमीनों का क्या होगा???
फ़ाइल फोटो

संसद में वाहन कमेला उठा:स्वार्थसिद्धि का केंद्र योगी सरकार है या कमेला

झल्लीगल्लां
मेरठीभजपाई
jamos cartoonओए झल्लेया!ये सोतीगंज में चल रहे कुख्यात वाहन कमेले से ,मेरठ पोलिस को क्या मिलता है जो इस जघन्य अपराध में आकंठ डूबे वाहन कमेले का जड़मूल नाश नही कर रहे।कभी नया ऑफिसर आता है तो छापे की ओपचारिकता जरूर निभा ली जाती है।अखबारों में फोटो छपवा कर अपनी छवि का प्रदर्शन कर लिया जाता है।अब तो इसकी जड़े सोतीगंज से बाहर भी फैल चुकी हैं।ओए इसीलिए हसाडे कर्मठ+ईमानदार सांसद श्री राजेन्द्र अग्रवाल जी को इस मामले को संसद में उठाना पड़ गया।माननीय सांसद जी ने राज्य स्तर पर विशेष पोलिस टीम बनाने की मांग भी की है।
झल्ला
Jhallaa Cartoonचतुर सेठ जी!संसद में गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी ने राष्ट्रद्रोह जैसे विषय को राज्यों की जिम्मेदारी बता कर अपना पल्ला झाड़ लिया। पैट्रोलमंत्री धर्मेंद्रप्रधान और वित्तमंत्री श्रीमती निर्मलासीतारमण जी ने महंगाई का ठीकरा राज्यों के सर् फोड़ दिया । सर्वविदित है कि कानून व्यवस्था राज्यों की जिम्मेदारी है ।इसीलिए कहा जाता है कि सोती गंजं वाहन कमेले के मामले में राज्य सरकार सोई हुई है और इसकी शिकायत सांसद जी ने संसद में की है
प्रदेश में अपनी सरकार की शिकायत के पीछे कुछ राजनीतिक स्वार्थ जरूर होंगे लेकिन इसका उत्तर आना जरूरी है कि इस स्वार्थ सिद्धि का केंद्र बिंदु राज्य सरकार है या फिर सोतीगंज के वाहन कमेले

पीयूष गोयल जी!अब समझ आया कि टॉयलेट में डिब्बा क्यूँ बंधा होता है

झल्लीगल्लां
उत्साहितरेलवेकर्मी
Ludhiana Railway Stationओए झल्लेया! मुबारकां!! ओए हसाडे सोने ते कर्मठ मंत्री श्री पीयूष गोयल जी ने लोक सभा मे जबरदस्त भाषण में साफ कर दिया कि भारतीय रेलवे का निजीकरण नही होने जा रहा। अनुदान मांग पर चर्चा के दौरान उन्होंने रोजगार के अवसर बढाने के लिए सार्वजनिक और निजी छेत्र के सहयोग की ना केवल वकालत की बल्कि रेलवे को प्रत्येक भारतीय की सम्पत्ति तक बता डाला और ये विपक्ष वाले बेफालतू में निजीकरण का नित जाप करके रेलवे के सम्पूर्ण बिजलीकरण में रोड़े अटका कर हमे डराते जा रहे हैं।
झल्ला
झल्लाओहो!अब समझ आया कि बोग्गी के टॉयलेट में रखा डब्बा रस्सी से क्यूँ बंधा होता है।रेलवे प्रत्येक भारतीय की सम्पत्ति है ऐसे में कोई भारतीय अपना हिस्सा घर लें जाने लगे तो धोते वक्त रोना पढ़ सकता है।शायद इसीलिए अपनी ट्रैन को प्रतीक्षारत यात्रियों को स्टेशन के बाहर पार्किंग के फर्श पर सुलाया जाता है

गडकरी जी!पर्यटक वाहन यौजना से स्कैनिया बस वालों को कितना फायदा होगा ?

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया! हसाडे सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी जी ने अपने कांधों पर एक और सितारा अर्जित कर लिया।ओए उन्होंने पर्यटक वाहन संचालकों के लिए नई योजना की घोषणा की है जिसके अंतर्गत अब 1 एप्रिल से ऑनलाइन आवेदन जमा करने के 30 दिनों के भीतर परमिट जारी कर दिया जाएगा। इससे बिना किसी बाधा के पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और राज्यों का राजस्व बढ़ेगा
झल्ला
चतुर सेठ जी!बेशक यह परमिट वाली स्कीम 3 महीने के लिए है। इसके परिणाम देखने के लिए यह पर्याप्त समय है लेकिन झल्ले दिमाग मे एक शक की सुई चुभने लग गई है।शक ये है कि इस परमिट स्कीम से स्कैनिया की लक्ज़री बस /फॉक्सवेगन वालों को कितना फायदा होगा?

पुलिसिये ने हड़काया तो एमपी में जंगलराज दिखा,काश!मंत्री जज को हड़काये …

झल्लीगल्लां
न्यायविद
ओएJudiciary झल्लेया!ये मध्यप्रदेश में क्या जंगलराज चल रहा है?हत्यारे नेता को दो वर्षों मे भी गिरफ्तार नही किया जा सका । भृष्ट+हत्यारोपियों को भी शासन के इस प्रकार के संरक्षण से तो वहां जंगल राज ही कहा जायेगा।
झल्ला
Jhallaaभापा जी! कांग्रेसी नेता को बसपाई ने मार डाला। पुलिसिये ने जज को हड़का डाला तो माननीय सुप्रीम कोर्ट को मध्यप्रदेश में जंगलराज दिखने लग गया।यहां 7 दशकों से पँजांब राज्य और केंद्र में अपने हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम के लिए भटक रहे हैं कहीं कोई सुनवाई नही हो रही।ऊपर वाले से दुआ है कि पँजांब या केंद्र का कोई मंत्री किसी जज को हड़का दे तो शायद सम्माननीय सुप्रीम कोर्ट को लोक तन्त्र की परिभाषा बदलने की जरूरत महसूस होने लगे

मोदीभापे!अमृतमहोत्सव में 1947 के पीड़ितों के सूखे हलक में न्यायअमृत की चंद बूंदे डालोगे

#वयोवृद्धस्वतंत्रसेनानी ओए झल्लेया!मोदी सरकार ने हसाडे कलेजे में ठंडक पा दित्ती ।ओए आज 12 मार्च से हसाडी अपनी भारत सरकार द्वारा ‘ आजादी का #अमृतमहोत्सव’ (#India75) मनाया जाएगा । केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रहलाद सिंह पटेल स्वयम अहमदाबाद के साबरमती आश्रम से पदयात्रा (स्वतंत्रता मार्च) का नेतृत्व करेंगे।महान भारत के महान प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई दामोदरदास मोदी पदयात्रा को झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। ।ओए महात्मा गांधीजी ने नमक कानून के खिलाफ 81 पदयात्रियों के साथ 12 मार्च, 1930 को साबरमती आश्रम से दांडी मार्च की शुरुआत की थी।
झल्ला भापा जी!आपजीकी गल सोलह आने सच्च और चंगी है।आजादी के दीवानों को याद रखना ही चाहिए । कांवड़ यात्रा की तरह यह दांडी यात्रा भी टूरिज्म के नए द्वार खोल सकती है।लेकिन एक बात समझाओ कि भारत सरकार इस महोत्सव में अमृत बटोरेगी या फिर
1947 के बचे खुचे पीड़ितों के सूख चुके हलक में को न्याय अमृत की चंद बूंदे डालेगी????????