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Tag: IndiaTodaySatire

ओआरओपी को लेकर राहुल और केजरी में जेल भरो कम्पटीशन

jamos

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

भाजपाई चेयर लीडर

ओऐ झल्लेया!ये क्या हो रहा है? ये कांग्रेसी और “आपी” हसाड़े लोकतंत्र को किस दिशा में लेकर जा रहे हैं??जब देखो किसी न किसी बात का बतंगड़ बना कर हायहुल्ला +धरना+प्रदर्शन करना इनकी आदत बन गई है|अब देखो हरियाणा से एक ७० वर्षीय रिटायर्ड फौजी को ,आलरेडी मिल रही, ओआरओपी के नाम पर बलि का बकरा बनवा दिया |ओआरओपी की अच्छी खासी पेंशन मिल रही थी ,लेकिन चढ़ा दिया पांच बेटों के बाप को झाड़ पर|खिलवा दी सल्फास की तीन तीन गोलिया |कनाट प्लेस जैसे महत्वपूर्ण स्थान पर भी धारा १४४ लगवा दी |अब हसाड़े प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को कोसने में लगे हुए हैं|

झल्ला

ओ मेरे चतुर सेठ जी !”आप” वालों को जब पता चला के राहुल गाँधी एलआरएम् अस्पताल में फौजी के परिवार से मिलने जाने वाले हैं तो उन्होंने बाजी मारने के लिए राहुल से पहले मनीष सिसोदिया को आमद दर्ज करवाने भेज दिया ,लेकिन राहुल के काफिले के आने से उनका गणित बिगड़ गया |मीडिया के सभी कैमरे कांग्रेसियों की तरफ चमकने लग गए|इससे विचलित होकर अरविन्द केजरीवाल को कूदना पढ़ा|एल आर एम् में मामला ठंडा होने पढ़ने पर पोस्ट मार्टम वाले अस्पताल जा पहुंचे लेकिन तब तक तो रजिया लूट चुकी थी| कहने का तातपर्य है के इस जेल भरो रेस में राहुल गाँधी फर्स्ट आ गए हैं |अब किसी नए मुद्दे तक तीसरे स्थान वाले के लिए प्रतीक्षा करनी होगी |

सरकारी चिकित्सा व्यवस्था को प्राइवेट पर निर्भर कर अपना उल्लू साधना सबके फायदे का ही खेल है

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

उत्साही मेरठी डाक्टर

ओये झल्लेया मुबारकां!ओये केंद्रीय कृषिमंत्री संजीव बालियान ने ”लोकप्रिय”अस्पताल में ”हार्ट सेंटर एंड क्रिटिकल केयर यूनिट का फीता काट डाला |ओये अब मेरठ में ही अच्छी सुविधा सस्ते में मिलेगी और हसाडे प्रोफेशन के लोग भी फायदे में रहेंगे |ओये हसाड़ी और मरीजों की हो जानी है बल्ले बल्ले

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान जी देश में अकाल की स्थिति है खाद्यान के भाव छतों को छु रहे हैं लेकिन कमाल है के केंद्रीय राज्य कृषिमंत्री प्राइवेट अस्पताल के एक वार्ड का उद्घाटन कर रहे हैं |
माननीय अब ये मत कहना के बीमारियों के बढ़ने पर अस्पतालों की जरूरत भी बढ़ रही है क्योंकि मेरठ के दस हजार परिवारों के लिए खुली केंद्रीय स्वास्थ्य केन्द्रों[CGHS] में मरीज बढ़ रहे हैं लेकिन त्योहारों के दौरान डाक्टर कम किये जा रहे हैंजाहिर हैं सरकारी व्यवस्था को प्राइवेट पर निर्भर बना कर अपना पल्लू झाड़ना आप लोगों के लिए फायदे की बात ही होगी| अरे भापा जी !सरकारी चिकित्सा व्यवस्था को प्राइवेट पर निर्भर कर अपना उल्लू साधना सबके फायदे की ही बात है