Ad

Tag: Infosys

केंद्र ने विदेश से धन प्राप्तकर्ता पीएचएफआई पर नकेल कसी

[नई दिल्ली]केंद्रीय गृह मंत्रालय ने विदेश से धनराशि प्राप्तकर्ता पीएचएफआई पर नकेल कसी |इनफ़ोसिस लिमिटेड के संस्थापक नारायण मूर्ति इसके चेयरमैन हैं और सदस्यों में डॉ .मोंटेक सिंह अहलूवालिया और अमर्त्यसेन भी हैं
विदेशी अंशदान विनियमन अधिनियम, 2010 के प्रावधानों के कथित उल्‍लंघन के बारे में जानकारी प्राप्‍त होने के बाद पीएचएफआई के पंजीकरण के नवीनीकरण को प्रारंभ से ही अस्‍थायी घोषित कर दिया गया।
केन्‍द्रीय गृह मंत्री श्री किरेन रिजिजू ने आज एक प्रश्‍न के उत्तर में लोकसभा में बताया के पीएचएफआई को प्रत्‍येक तिमाही के अंत में विदेश से प्राप्‍त होने वाले योगदान के संबंध में स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय को विस्‍तृत जानकारी देनी होगी। स्‍वास्‍थ्‍य और परिवार कल्‍याण मंत्रालय द्वारा एक समिति का गठन किया गया है जो पीएचएफआई द्वारा त्रैमासिक आधार पर प्राप्‍त व खर्च किए गए विदेशी योगदान की समीक्षा करेगा।

Trump’s HI -B Visa Overhauling Tumbles IT Stock

[New Delhi]Trump’s HI -B Visa Overhauling Tumbles IT Stock
Shares of IT companies plunged as much as 9 per cent today amid concerns that the new bill in the US that aims to rework the H1-B visa programme will adversely impact the hiring plans of Indian technology firms.
Shares of
TCS plunged by 5.46 per cent to touch an intra-day low of Rs 2,206.55 on BSE.
Infosys lost 4.57 per cent to Rs 905 and
Wipro went down by 4.11 per cent to Rs 445.55.
Tech Mahindra tumbled as much as 9.68 per cent to Rs 426 and
HCL Technologies declined by 6.25 per cent to Rs 787.20.
The BSE IT index fell by 4.83 per cent to touch an intra-day low of 9401.85.
It is currently trading at 9547.53.
According to market experts, US President Donald J Trump plans to overhaul work-visa programmes that dampened investors’ sentiment.
Trump is set to sign a new executive order aimed at overhauling work visa programmes like the H-1B and L1, a move that will adversely hit the lifeline of Indian tech firms and professionals in the US.
A legislation has been introduced in the US House of Representatives which among other things calls for more than doubling the minimum salary of H-1B visa holders to USD 130,000, making it difficult for firms to use the programme to replace American employees with foreign workers, including from India.
The H1B visa is a non-immigrant visa that allows US companies to employ foreign workers in speciality occupations that require theoretical or technical expertise in specialised fields. The technology companies depend on it to hire tens of thousands of employees each year

Techie Strangled To Death In Infosys Building at Rajiv Gandhi Infotech Park

[Pune,]Techie Strangled To Death In Infosys Building at Rajiv Gandhi Infotech Park
A 25-year-old woman software engineer of Infosys was allegedly strangled to death by an unidentified person at her workstation in Rajiv Gandhi Infotech Park in Hinjawadi today
K Rasila Raju was allegedly strangulated with the help of a computer wire. The incident took place on the ninth floor of the Infosys building.
Rasila was working On Sunday
A case of murder has been registered against an unidentified person and investigation is on.

Software Mughal Infosys Books 16.2% Net Grow

[Bengaluru,]Software Mughal Infosys Books 16.2% Net Grow To Rs 3,597 cr
India’s second-largest software services Infosys today reported a 16.2 % growth in consolidated net profit at Rs 3,597 crore for the quarter ended March 31, 2016.
It had posted a net profit of Rs 3,097 crore in January-March of 2014-15
Revenue of the Bengaluru-based firm grew 23.4 per cent to Rs 16,550 crore in the March quarter compared with Rs 13,411 crore in the same quarter of 2014-15,
Reacting to the results, the stock was trading at Rs 1,172.05, down 0.87 per cent, on BSE at 1002 hours.
As per Infosys Managing Director+ CEO Vishal Sikka “Over the course of this year, we saw this strategy of bringing automation and innovation to our clients, on a foundation of learning and education, start to show results in the organic growth of our client relationships, in our win rates in large deals, and in the types of projects we are seeing in strategic areas where we never participated before.”

भारतीय पीएम ने ब्रुसेल्स बम धमाके में मारे गए राघवेंद्रन के परिवार के प्रति संवेदना प्रगट की

[नई दिल्ली]भारतीय पीएम ने ब्रुसेल्स बम धमाके में मारे गए राघवेंद्रन के परिवार के प्रति संवेदना प्रगट की
भारत के प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने ट्वीट में बरसल बम धमाकों को विवेकहीन हिंसा बताया
पीएम ने ट्वीट किया
“A young life, full of hope & promise cut short by mindless violence… to family of Raghavendran, who lost his life in Brussels”
ब्रुसेल्स में हुए बम धमाकों में भारतीय युवा टेक्नोक्रेट राघवेंद्रन की मृत्यु की पुष्टि की जा चुकी है |राघवेंद्रन इनफ़ोसिस कंपनी में कार्यरत थे |

सार्वजनिक+निजी क्षेत्र की कंपनिया स्वच्छभारत-स्वच्छविद्यालय अभियान में एक लाख शौचालय बनवाएंगी

प्रधान मंत्री के स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान को सफल बनाने के लिए देश की बड़ी कंपनियों ने स्कूलों में टॉयलेट निर्माण को आगे आये
एनटीपीसी ने 24,000 शौचालयों के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया जबकि इनफ़ोसिस ने १०९ स्कूलों को अपने नाम किया
टीसीएस+टोयोटा किर्लोस्कर+भारती फाउंडेशन +अंबूजा सीमेंट ने भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
भारत सरकार मानव संसाधन विकास मंत्री श्रीमती स्मृति इरानी ने स्कूलों में शौचालयों के निर्माण के लिए सीएसआर निधि के इस्तेमाल पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया |सार्वजनिक क्षेत्र और निजी क्षेत्र की कंपनियों की ओर से एक लाख शौचालयों के निर्माण के लिए संकल्प किये गये।
केन्द्रीय मंत्री श्रीमती स्मृति ने स्वच्छ भारत स्वच्छ विद्यालय अभियान के एक हिस्से के रूप में स्कूलों में शौचालयों के निर्माण के लिए कंपनी सामाजिक दायित्व निधि के इस्तेमाल पर आयोजित सम्मेलन को संबोधित किया। मंत्री महोदया ने बताया कि वर्ष 2019 तक एक स्वच्छ भारत के प्रधानमंत्री के मिशन को तभी पूरा किया जा सकता है, यदि हम स्कूलों में प्रत्येक बच्चे के लिए चालू शौचालयों सहित स्कूलों में अच्छा और साफ-सुथरा वातावरण उपलब्ध करा सकें ताकि ये ऐसे व्यापक लक्ष्य के लिए बदलाव का एक इंजन बन सकें जिसे हमने अपने लिए निर्धारित किया है। श्रीमती इरानी ने दोहराते हुए कहा कि एक वर्ष के भीतर बालिकाओं के लिए अलग शौचालय के साथ प्रत्येक विद्यालय में शौचालय उपलब्ध कराना सरकार का संकल्प है और उन्होंने कंपनियों को आमंत्रित करते हुए कहा कि वे शौचालयों का निर्माण करके और कुछ समय तक उनका रख-रखाव करके इस राष्ट्रीय प्रयास में भाग लें।
इस सम्मेलन में पूरे भारत से आये कंपनियों के प्रमुखों ने भाग लिया। मारुति सुजुकी के अध्यक्ष श्री आर सी भार्गव, इंफोसिस फाउंडेशन की अध्यक्षा श्रीमती सुधा मूर्ति, जेएंडके टायर्स के अध्यक्ष डॉ. रघुपति सिंघानिया और भारतीय उद्योग परिसंघ, सीएसआर पहल के अध्यक्ष और निजी क्षेत्र की अन्य कंपनियों के प्रमुखों ने इसमें भाग लिया। एनटीपीसी के अध्यक्ष और सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों तथा औद्योगिक संघों के सदस्यों ने भी इस सम्मेलन में भाग लिया। इस सम्मेलन की शुरुआत तीन मिनट की एक लघु फिल्म से हुई जो बिना शौचालय वाले स्कूलों में बालिकाओं की समस्याओं पर आधारित थी।
एनटीपीसी के अध्यक्ष ने 24,000 शौचालयों के निर्माण के लिए अपनी प्रतिबद्धता का संकेत दिया। श्रीमती सुधा मूर्ति ने मंत्रालय की उस वेबसाइट पर भुवनेश्वर के 109 स्कूलों को अपने नाम कर लिया जो निजी क्षेत्र के लिए अपने-अपने हित में चलाये जाने के लिए छोड़ दिये गये थे। शौचालयों के निर्माण के लिए टीसीएस, टोयोटा किर्लोस्कर, भारती फाउंडेशन और अंबूजा सीमेंट ने भी प्रतिबद्धता व्यक्त की।
गौरतलब है कि प्रधानमंत्री ने 15 अगस्त को राष्ट्र का आह्वान करते हुए घोषणा की थी कि “बालिकाओं के लिए अलग शौचालयों के साथ देश के सभी विद्यालयों में शौचालयों का लक्ष्य एक वर्ष के भीतर पूरा किया जाना चाहिए।”

इंफोसिस ने कारोबार बढ़ाने के लिए “बाहर” के विशाल सिक्का पर भरोसा जताया

कारोबार में संघर्षरत इंफोसिस[Infosys] ने कंपनी से बाहर से नए सी ई ओ+एम डी के पद पर विशाल सिक्का[ VishalSikka ] का चयन किया| अगस्त माह से विशाल सिक्का इंफोसिस के नए सीईओ और एमडी होंगे| श्री सिक्का पहले एसएपी [ SAP ]में काम कर चुके हैं।गौरतलब है कि ऐसा पहली बार होगा कि इंफोसिस ने बाहर से किसी शख्स पर भरोसा किया है |
दरअसल, पिछले दो सालों में इंफोसिस अपना कारोबार बढ़ाने के लिए संघर्ष कर रही है, पिछले कुछ महीनों में इंफोसिस के दस से ज्यादा टॉप मैनेजर कंपनी से इस्तीफा दे चुके हैं। नारायणमूर्ति भी 14 जून से एग्जक्यूटिव चेयरमैन पद छोड़ देंगे।
सोर्स एन डी टी वी इंडिया