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अरे सांसदों!नोटबंदी पर आडवाणी जी की आवाज को नक्काराए अवाम समझो

jamos

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

आये झल्लेया!ये संसद में पिछले तीन सप्ताह से क्या हो रहा है?अब तो भाजपा के ही लाल कृष्ण आडवाणी ने भी व्यथा व्यक्त कर दी है |आये वयोवृद्ध आडवाणी जी ने तो इस्तीफे देने का मन बना लिया है|आये अब तो मोदी सरकार को समझ आ जाना चाहिए के बकौल आडवाणी यदि लोक सभा का शीतकालीन सत्र नोटबंदी पर बिना चर्चा के ही समाप्त हो गया तो सारी संसद ही हार जाएगी

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान!आडवाणी जी की आवाज को नक्काराए अवाम समझो |इसीलिए आखरी दिन में ही सही चर्चा कर ही लो|आडवाणी जी ने धीमे आवाज में ही सही लेकिन जनभावना व्यक्त की है इसीलिए झल्लेविचारानुसार आडवाणी जी में अगला राष्ट्रपति बनने के सभी गुण मौजूद हैं

जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष+वयोवृद्ध प्रो.बलराज मधोक[९३] नहीं रहे

[नयी दिल्ली]जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष+वयोवृद्ध प्रो.बलराज मधोक नहीं रहे |वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् [एबीवीपी]के संस्थापक सचिव भी थे।
भारतीय जनसंघ के पूर्व अध्यक्ष और आरएसएस के दिग्गज नेता बलराज मधोक[९६] का आज एम्स में निधन हो गया।
मधोक कुछ समय से बीमार चल रहे थे और एक महीने से एम्स में भर्ती थे जहां आज सुबह नौ बजे उनका निधन हो गया। आज शाम में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।
दो बार सांसद रहे श्री मधोक ने 1961 और 1967 में क्रमश: दिल्ली एनसीटी और दक्षिण दिल्ली का दूसरे और चौथे लोकसभा में प्रतिनिधित्व किया था।
वर्ष 1966 में उन्हें भारतीय जनसंघ का राष्ट्रीय अध्यक्ष बनाया गया।
वह नयी दिल्ली के पीजीडीएवी कॉलेज में इतिहास विभाग में शिक्षक थे और 1947..48 में उन्होंने ‘‘आर्गेनाइजर’’ तथा 1948 में उन्होंने ‘‘वीर अजरुन’’ हिंदी साप्ताहिक का संपादन किया। वह जम्मू,कश्मीर प्रजा परिषद् के संस्थापक सचिव भी थे।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मधोक के निधन पर दुख जताया है और कहा कि उनकी वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत थी, विचारों में सुस्पष्टता थी और उन्होंने नि:स्वार्थ भाव से खुद को राष्ट्र और समाज को समर्पित कर दिया था।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘जनसंघ के दिग्गज नेता श्री बलराज मधोक के दुखद निधन पर शोक जताता हूं। बलराज मधोक जी की वैचारिक प्रतिबद्धता मजबूत थी और विचार काफी स्पष्ट थे। वह नि:स्वार्थ भाव से देश और समाज की सेवा में समर्पित थे।’’
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘कई मौके पर बलराज मधोक जी से वार्तालाप करने का अवसर मिला। उनका निधन दुखद है। उनके परिवार के प्रति संवेदना। भगवान उनकी आत्मा को शांति दे।
वे गणमान्य शिक्षाविद, विचारक, इतिहासवेत्ता, लेखक एवं राजनीतिक विश्लेषक भी हैं।
उनका जन्म २५ फ़रवरी १९२० को जम्मू एवं काश्मीर राज्य के अस्कार्डू में हुआ था। उनकी उच्च शिक्षा लाहौर विश्वविद्यालय में हुई।
१८ वर्ष की आयु में ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सम्पर्क में आये। सन १९४२ में भारतीय सेना में सेवा (कमीशन) का प्रस्ताव ठुकराते हुए उन्होने आर एस एस के प्रचारक के रूप में देश की सेवा करने का व्रत लिया।उन्होंने ३० से अधिक किताबें लिखी हैं
फरवरी, 1973 में कानपुर में जनसंघ की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सामने एक नोट पेश किया। उस नोट में मधोक ने आर्थिक नीति, बैंकों के राष्ट्रीयकरण पर अपनी अलग बातें कही थीं।मधोक ने संगठन मंत्रियों को हटाकर जनसंघ की कार्यप्रणाली को ज्यादा लोकतांत्रिक बनाने की मांग भी उठाई थी। लालकृष्ण आडवाणी उस समय जनसंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष थे। वे मधोक की इन बातों से इतने नाराज हो गए कि आडवाणी ने मधोक को पार्टी का अनुशासन तोड़ने और पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने की वजह से उन्हें तीन साल के लिये पार्टी से बाहर कर दिया गया। इस घटना से बलराज मधोक इतने आहत हुए थे कि फिर कभी नहीं लौटे।
मधोक जनसंघ के जनता पार्टी में विलय के खिलाफ थे। 1979 में उन्होंने ‘भारतीय जनसंघ’ को जनता पार्टी से अलग कर लिया। उन्होंने अपनी पार्टी को बढ़ाने की हर संभव कोशिश की, लेकिन सफलता हासिल नहीं हुई।

RaGa In His Reply On Dual Citizenship Challenges Swami To Produce Documents

[New Delhi] Rahul Gandhi In His Reply On Dual Citizenship Challenges Complainant “Swamy”To Produce Relevant Documents
Rahul Gandhi files reply,Before Lok Sabha Panel
Congress Vice President Rahul Gandhi has replied to the notice of a Lok Sabha panel on the issue of his alleged “dual citizenship”, questioning its decision of taking cognizance of a “complaint that is not in order” and daring BJP leader Subramanian Swamy to make public his British passport number and other relevant documents.
In his reply to the notice issued by the Ethics Committee headed by BJP patriarch L K Advani, the Congress vice president also said the complainant has “wantonly misled” on the issue.
He added ” I have never at any stage sought or acquired British citizenship. My identity is that of an Indian,”
Gandhi in his reply to the panel secretariat on March 23.demanded that the complainant produce evidence to substantiate his allegation and file an affidavit in support of his contention.
LKAdvaniThe Congress leader was issued a notice in the second week of March by Advani-led panel seeking his response to allegations that he declared himself a British citizen to occupy the post of the Director of a company there.

बंगालरूलिंग टीएमसी सांसदों के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोपों को स्पीकर ने आचारसमिति को भेजा

[नयी दिल्ली] टीएमसी सांसदों के खिलाफ रिश्वत लेने के आरोपों को लोकसभा स्पीकर सुमित्रा महाजन ने एल के अडवाणी की अध्यक्षता वाली आचार समिति को भेजा
तृणमूल कांग्रेस के कुछ सदस्यों को कथित तौर पर एक स्टिंग ऑपरेशन में रिश्वत लेते हुए देखे जाने के मुद्दे को लोकसभा अध्यक्ष ने आज जांच के लिए आचार समिति को भेज दिया।
लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता वाली समिति आरोपों के मामले में अध्ययन करेगी और जांच करेगी।
लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन ने प्रश्नकाल के तत्काल बाद यह घोषणा की।
एक दिन पहले भाजपाकांग्रेस + माकपा सदस्यों ने संसद में आरोपी तृणमूल सांसदों पर इस मामले में प्रहार करते हुए जांच की मांग की थी।
इससे पहले 2005 में एक आचार समिति ने एक स्टिंग ऑपरेशन में कथित तौर पर फर्जी निजी कंपनियों की मदद के लिए रिश्वत लेते हुए देखे गये 11 सांसदों की सदस्यता समाप्त कर दी थी जिनमें 10 लोकसभा और एक राज्यसभा के थे।
तृणमूल कांग्रेस के सौगत राय ने अध्यक्ष के इस आदेश पर कड़ा विरोध जताते हुए इसे एकतरफा फैसला बताया। उन्होंने कहा, ‘‘माकपा, भाजपा और कांग्रेस के सदस्यों की मांग पर अपुष्ट तथ्यों के आधार पर इस मामले को आचार समिति को भेजे जाने का मैं कड़ा विरोध करता हूं।’’ उन्होंने कहा कि समिति को भेजे जाने से पहले किसी से बात नहीं की गयी और आसन से एकतरफा फैसला किया है।
राय ने कहा कि लालकृष्ण आडवाणी की अध्यक्षता वाली आचार समिति से उन्हें कोई शिकायत नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि मामले में निष्पक्षता बरती जाएगी।
उन्होंने कहा कि उनका विरोध केवल इस बात पर है कि कुछ सदस्यों की मांग पर अपुष्ट तथ्यों के आधार पर इस मामले को आचार समिति को भेजने का एकतरफा फैसला किया गया।

LK Advani’s Wife’Kamla’Indisposed, Admitted to AIIMS

[New Delhi] LK Advani’s Wife Kamla Indisposed, Admitted to AIIMS .She Is In Her Early Eighties,
The wife of senior BJP leader LK Advani was today admitted to AIIMS due to health problems.
According to doctors , Kamla Advani, has been put in the ICU of the premier institute and her condition is at present “stable”.
“Kamla Advani was admitted to AIIMS today at 6 AM with fever and urinary tract infection. She is under close monitoring by a team of super specialists comprising urologists, geriatric medicine and intensive care specialists.
Neerja Bhatla, Chairperson, Media and Protocol Division at All-India Institute Of Medical Science (AIIMS) said “Her condition is presently stable, she is maintaining blood pressure and oxygenation without any external support,” said Prof .

Adavani Like Leaders,Kept In Reserve,Are Out To Rescue RSS+Govt From Bihar Cage

[New Delhi]Adavani Like Senior Leaders,Kept In Reserve, Are Out To Rescue RSS+Govt From Bihar Debacle
Veteran leaders LK Advani+Murli Manohar Joshi +Shanta Kumar+ Yashvant Sinha Have Given New Turn To The Bihar Debacle
Raising Questions on Bihar debacle said that the party has been “emasculated” in the last one year and was being “forced to kow-tow to a handful”
In the first challenge to Modi since he emerged the undisputed leader of the party and the government in May last year, the veterans including Shanta Kumar and Yashwant Sinha issued a brief but strongly-worded statement that demanded a thorough review of the debacle
“The principal reason for the latest defeat is the way the party has been emasculated in the last year
“A through review must be done of the reasons for the defeat as well as of the way the party is being forced to kow-tow to a handful, and how its consensual character has been destroyed,” the statement said.
Shatrughan Sinha has already broken all barriers of Party Discipline

L K Advani,Avoids Another Controversy Cancels Meeting with Kejriwal

[New Delhi]L K Advani,Avoids Another Controversy Cancels Meeting with Kejriwal
After Emergency Controversy L K Advani Cancels Meeting with Arvind Kejriwal
A meeting between BJP leader L K Advani and Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal was today called off, triggering speculation whether the BJP had a hand in the cancellation.
Interestingly, Kejriwal who had like other opposition leaders yesterday shared Advani’s fears on the possibility of imposition of Emergency in India, had sought an appointment with the BJP veteran.Sources in Kejriwal’s office said it was conveyed to them by Advani’s office that he has some engagements and cannot meet the Chief Minister as decided earlier.
Advani’s office said the meeting will be rescheduled sometime next week because he will not be in town on Saturday and Sunday.
The Chief Minister, the sources said, wanted to discuss with Advani the demand for full statehood to Delhi besides other issues.

ला कृ आडवाणी के आपातकाल की स्मृति में दिए गए ब्यान को लेकर राजनीतिक अटकलें तेज

[नई दिल्ली] वयोवृद्ध नेता लाल कृष्ण आडवाणी के आपातकाल की स्मृति में दिए गए ब्यान को लेकर राजनितिक अटकलें तेज हो गई हैं|भारत में [अब स्वर्गीय] श्रीमती इंदिरा गांधी द्वारा २५-२६ जून को इमरजेंसी लगाई गई थी जिसकी स्मृति में इंडियन एक्सप्रेस ने वयोवृद्ध नेता एल के अडवाणी का इंटरव्यू छापा है |इसमें स्वाभाविक रूप से उन्होंने इमरजेंसी लगाये जाने और उससे बचने के अनेको पहलुओं पर राजनीतिक चर्चा की है|यदपि उन्होंने वर्तमान पीएम या व्यवस्था पर कोई प्रत्यक्ष टिपण्णी नहीं की है लेकिन कांग्रेस द्वारा उसे नरेंद्र मोदी के संदर्भ में प्रचारित किया जा रहा है |
अंग्रेजी के एक अखबार में दिए इंटरव्यू में अडवाणी ने कहा कि इमरजेंसी के पश्चात से अभी तक यह सुनिश्चित नहीं किया जा सका है कि १९७५-७७ की भांति लोक तंत्र दोबारा कुचला नहीं जाएगा जबकि लोक तंत्र को कुचलने वाली ताकतें प्रबल हुई है |
कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों द्वारा इस इमरजेंसी के बयान को हाथो हाथ लेकर इसे पीएम नरेंद्र मोदी केंद्रित बताने का प्रयास किया जा रहा है|
पूर्व उपप्रधानमंत्री और अभी बीजेपी के मागदर्शक मंडल के सदस्य श्री आडवाणी ने यदपि इमरजेंसी को दोबारा लगाये जाने की संभावनाओं को बल नहीं दिया मगर यह जरूर कहा कि वास्तव में, कोई आसानी से ऐसा नहीं कर सकता है,मगर दोबारा ऐसा नहीं होगा यह नहीं कहा जा सकता ।१९७५-७७ में लगाईं गई इमरजेंसी में श्री आडवाणी सहित विपक्ष के कई दिग्गज नेताओं को जेल में कैद करके रखा गया था।भाजपा और समर्थक दल इसे सामान्य बता कर संस्था केंद्रित अभिव्यक्ति बता रहे हैं जबकि कांग्रेस+आप+जे डी यूं +वाम पंथी आदि द्वारा अडवाणी की इस नवीनतम संशा को पीएम नरेंद्र मोदी का संदर्भ दिया जा रहा है |वरिष्ठ भाजपा के एक नेता ने अपना नाम नहीं बताने कि शर्त पर चुटकी ली है कि ये कांग्रेस यहीं नहीं रुकेंगे शीघ्र ही अडवाणी के बयान को सुषमा स्वराज से जोड़ते हुए भाजपा में दो गुट साबित करने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाया जा सकता है |

Congress Remembers First Nehru Pt Motilal Nehru on his Birth Anniversary

[New Delhi]Congress Parliamentarians Remembers The First Nehru Pt Motilal Nehru on his Birth Anniversary
Former Prime Minister, Dr. Manmohan Singh +Congress President Smt Sonia Gandhi+Mallikarjun Khadge + and other dignitaries paid tributes to Pandit Motilal Nehru, on his Birth Anniversary, at Parliament House, in New Delhi on May 06, 2015.
The The Speaker, Lok Sabha, Smt. Sumitra Mahajan+Lal Krishan Advani+ also paid tributes To Pandit Moti Lal Nehru
Photo Caption
The Speaker, Lok Sabha, Smt. Sumitra Mahajan, the former Prime Minister, Dr. Manmohan Singh and other dignitaries paid tributes to Pandit Motilal Nehru, on his Birth Anniversary, at Parliament House, in New Delhi on May 06, 2015.

सीबीआई वालो होशियार!हसाडे सोणे ते मन मोहने को अडवाणी ने ज्वाइन कर लिया है 1+1=11

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये भाजपाइयों ने अपने ही भीष्म पितामह लाल कृष्ण अडवाणी की क्या गत बना दी |ओये बेंगलुरु की राष्ट्रीय कार्यकारिणी में अडवाणी जी को बोलने ही नहीं दिया गया|अब तो इनसे इनकी मार्ग दर्शक की भूमिका भी छीन ली

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान बता मेरी सुनो खोल कर दोनों कान !अडवाणी जी के मौन से मत हो इतना परेशान क्योंकि असली कारण जान कर आपने भी हो जाना है हैरान |दरअसल आजकल डॉ मन मोहन सिंह को अकेला मौन सिंह जान कर सीबीआई कुछ ज्यादा ही मजे ले रही है अब ये तो भारतीय संस्कृति है के दुर्बल के प्रति सहानुभूति हो ही जाती है शायद इसीलिए अडवाणी ने मन मोहने का साथ देने के लिए मौन रहना पसंद किया है|इसीलिए सी बी आई वालो होशियार हसाड़ा सोणा ते मन मोहना अकेला नहीं है |हसाडे सोणे ते मन मोहने को अडवाणी ने ज्वाइन कर लिया है |एक और एक ग्यारह होते हैं