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Tag: PoliticalSatire

ममता दीदी ने तो आज शपथली, कांग्रेसी तो२दिन पहले ही स्टाम्प पेपर जमा करा चुके

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

तृणमूल कांग्रेस;टीएमसी] का चेयर लीडर

ओ झल्लेया!मुबारकां !ओ आमी अध्यक्षा दीदी सुश्री ममता बनर्जी जी ने लगातार दूसरी बार पश्चिमी बंगाल के मुख्य मंत्री पद की शपथ ले ली है | ओ झल्ला हमारा मंत्रिमंडल में १८ नए चेहरों के साथ टोटल 42 सदस्य हैं।
राज्य के राज्यपाल केशरी नाथ त्रिपाठी ने खुद रेड रोड पर हमारा 61 वर्षीय ममता बनर्जी जी को पद + गोपनीयता की शपथ दिलाई है ।
ओ अब ये सारे कांग्रेसी+लेफ्टिस्ट ,पीछे बैठ कर हल्लू हल्लू हल्लू करते फिर रहे हैं

झल्ला

अरे क्या दादा! कांग्रेस के ४४ विधायकों ने तो दो दिन पहले ही अपने नेताओं के प्रति निष्ठां की शपथ लेकर स्टाम्पपेपर जमा भी कर दिया

“आप” के विज्ञापन,भ्रष्टाचार की ताकत और राजहठ की हठधर्मी दिखाते है

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

आम आदमी पार्टी चेयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां ! ओऐ हसाडे दिल्ली के स्कूलों के रिजल्ट ने तो हसाडी तबियत बाग़ बाग़ कर दित्ती ओऐ इसीलिए हसाडे एजुकेशन और उप मुख्य मंत्री ठाकुर मनीष सिसोदिया जी ने मीडिया में पूरे पेज के विज्ञापन छपवा कर सभी को बधाई दे दी है|

झल्ला

ओ मेरी चतुर सरकार स्कूलों की उपलब्धि को आपजी ने खूब भुनालिया|तत्काल पूरे पेज के विज्ञापन दे डाले और अपनी फोटो भी छपवा ली ,लेकिन अख़बारों के दूसरे पेज पर छपी वित्त मंत्री अरुण जेटली की विज्ञापनों के माध्यम से मीडिया भ्रष्टाचार पर छींटाकशी को अनदेखा कर दिया
इसक अलावा न्यायालय द्वारा सरकारी विज्ञापनों में नेताओं की फोटो पर एतराज जताया जा चुका है
इसीलिए झल्लेविचारानुसार
आज की बधाई सरकारी सर्कुलर या फिर इंटरनेट के माध्यम से दी जा सकती थी
जिसके सर्कुलर को शिक्षक+स्टूडेंट्स में भी सर्कुलेट किया जा सकता ।
छात्रों के लिए छात्र असेम्ब्ली में बताय जा सकता था| नोटिस बोर्ड पर चस्पा किया जा सकता था|
लेकिन दुर्भाग्य वश राजहठ से वशीभूत दिल्ली में “आप” की सरकार ने जनता के पैसों को उड़ाना जरूरी समझा
जिसके प्रकाश में जेटली की बात में दम नजर आता है और न्यायालय भी कही न कहीं बेबस दिखाई देता है
शायद यह विज्ञापन रिश्वत से पनपे भ्रष्टाचार की ताकत का अहसास कराता है और कहीं न कहीं राजहठ की हठधर्मी भी दिखाता है इसीलिए “आप” के विज्ञापन,भ्रष्टाचार की ताकत और राजहठ की हठधर्मी दिखाते है

कांग्रेस को नया अध्यक्ष नहीं मिल रहा इसीलिए एक साल तक पुराने से ही काम चलाएंगे

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां !ओये हसाड़ी रेस्पेक्टेड मैडम सोनिया गांधी जी ने और एक साल के लिए अध्यक्ष बना रहना स्वीकार कर लिया है|ओये अब बिहार के चुनावों में हसाड़ी हो जानी है पौ बारह|

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान जी! यूं क्यूँ नहीं कहते के आजकल आप लोगों को नया अध्यक्ष तक नहीं मिल रहा इसीलिए पुराने अध्यक्ष से ही काम चला रहे हो

४४ सांसदों के साथ संसद को चलाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे भारी भरकम =नाम+वजन की ही जरूरत है

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये तो भाई कमाल हो गया |हसाड़ा कमळ ऐसा खिल गया कि लोक सभा में १०% वाला कोई विपक्ष का नेता ही नहीं रहा |यहाँ तक कि कांग्रेस का हाथ पकड़ने को भी कोई तैयार ही नहीं हो रहा|खुर्राट कमळ नाथ भी पीछे हट गए |ओये कांग्रेस के अपने युवा उपाध्यक्ष राहुल गांधी के बजाय आरोप झेल रहे मल्लिकार्जुन खड़गे को कांग्रेस संसदीय दल का नेता बना दिया गया है|यारा ऐसी भद्द तो पहले कभी नहीं पिट्टी होगी

झल्ला

ओ मेरे सेठ जी ओनली ४४ सांसदों वाली कांग्रेस को संसद में चलाने के लिए मल्लिकार्जुन खड़गे जैसे भारी भरकम =नाम+वजन की जरूरत पड़ेगीवैसे आप जी की जानकारी के लिए झल्लेविचार प्रस्तुत हैं :
[१] कर्नाटक में खड़गे को मुख्य मंत्री पद नहीं दिए जाने से उपजी कथित नाराजगी को दबाया जा सकेगा
[२]रेल मंत्रालय के घोटालों के खुलने पर उनका सामना करने के लिए स्वयं पूर्व रेल मंत्री उपलब्ध होंगे
[३] और राहुल गांधी पी एम से कम पर समझौता क्यूँ करें ?

“आप” और “भाजपा” के झगड़े के पुल पर चल कर लंगड़ी कांग्रेस चुनावी वैतरणी पार कर लेगी

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

घरेड़ में फंसा आम नागरिक

ओये झल्लेया ये क्या हो रहा है?ओये अब कांग्रेस को छोड़ कर ये “आप” और “भाजपा” वाले एक दूसरे से ही भिड़ने लग गए |भाजपाई नितिन गडकरी ने कांग्रेसी मनीष तिवारी की विकेट डाउन कर दी अब केजरीवाल की किरकिरी करने पर उतारू हैं|मनीष तिवारी ने बेशक माफ़ी मांगकर अपनी जन छुड़ा ली मगर केजरीवाल इनके हाथों नहीं आने वाले देख लो आज कोर्ट में पेश ही नहीं हुए |इसके साथ ही केजरीवाल ने गुजरात में महिला की जासूसी कांड और भाजपा के चुनावी मेनिफेस्टो के माध्यम से उलटे भाजपाईयों को ही घेरना शुरू कर दिया है

झल्ला

ओ मेरे भोले भापा जीआप जी की गल सुन कर लगता है कि “आप” और “भाजपा” के झगड़े के पुल पर चल कर लंगड़ी कांग्रेस चुनावी वैतरणी पार कर लेगी