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बीते सात दिनों में यूपी के सात और देश के१०५ गावों का विद्युतीकरण हुआ

[नई दिल्ली]बीते सात दिनों में यूपी के सात और देश के १०५ गावों का विद्युतीकरण हुआ
केंद्रीय विद्युत मंत्रालय द्वारा दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत 105 गांवों का विद्युतीकरण किया गया है
इस महत्वपूर्ण योजना के अंतर्गत पिछले सप्ताह ( 4 से 10 अप्रैल, 2016 तक) 105 गांवों का विद्युतीकरण किया गया। जिन गांवों में बिजली पहुंचाई गई, उनमें
ओडिशा के 9,
झारखंड के 7,
उत्तर प्रदेश के 14,
अरुणाचल प्रदेश के 8,
बिहार के 10,
असम के 38,
छत्तीसगढ़ के 4,
मध्य प्रदेश के 6,
राजस्थान के 9 गांव शामिल है।
मंत्रालय के अनुसार अब तक 7233 गांवों में बिजली पहुंचा दी गई है। बचे 10778 गांवों में से 7266 गांवों में ग्रिड के जरिये बिजली पहुंचाई जानी है।
3074 गांवों में ऑफ ग्रिड बिजली पहुंचेगी यानी वहां ग्रिड से बिजली पहुंचाना संभव नहीं है। भौगोलिक अड़चनों की वजह से वहां ग्रिड के जरिये बिजली पहुंचाना संभव नहीं है।
438 गांवों में बिजली राज्य सरकार अपने आप पहुंचाएंगी। अप्रैल, 2015 से लेकर 14 अगस्त 2015 तक 1654 गांवों में बिजली पहुंचाई गई थी। लेकिन सरकार की ओर से पहल करने और इसे मिशन मोड में अपनाने के बाद 15 अगस्त 2015 से लेकर 10 अप्रैल, 2016 तक 5579 गांवों में बिजली पहुंचाई जा चुकी है।

पी एम ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास में गति के लिए इलेक्ट्रानिक निगरानी को कहा

[नई दिल्ली]पी एम ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास में गति के लिए इलेक्ट्रानिक निगरानी को कहाबुनियादी ढांचा विकास में तेजी लाने के इरादे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मंत्रियों से ढांचागत
[infrastructure ]परियोजनाओं की प्रभावकारी मानक इलेक्ट्रानिक माध्यम से निगरानी करने को कहा |
उन्होंने रेलवे को एफडीआई प्रोत्साहित करने के लिये व्यापक योजना देने को कहा है।
प्रधानमंत्री ने अवसंरचना[infrastructure sectors ]क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों: नागर विमानन+बंदरगाह + अंतर्देशीय जलमार्ग+]रेल+सड़क +दूरसंचार+बिजली, +कोयला और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा [Civil Aviation, Ports and Inland Waterways, Railways, Roads, Telecom, Power, Coal, and New and Renewable Energy.]की प्रगति की समीक्षा की।
यह अवसंरचना पर आधारित समीक्षाओं की नियमित श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री प्रत्येक माह करते हैं। पी एम ने बताया कि अवसंरचना के क्षेत्र में तीव्र विकास उनकी शीर्ष प्राथमिता है और उन्होंने भारत में विश्वस्तरीय अवसंरचना के निर्माण की जरूरत पर भी जोर दिया।
श्री मोदी ने प्रभावकारी मानकों के माध्यम से अवसंरचना के क्षेत्र में विकास की प्रगति की निगरानी के महत्व पर जोर दिया, जिसे प्रत्येक क्षेत्र के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों को इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग प्रारूपों के आधार पर इस पर नजर रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्रों द्वारा दक्षेस देशों सहित अन्य देशों के साथ जो पहल की गयी है, अवसंरचना क्षेत्र में प्रगति की निगरानी करते समय उनका ध्यान रखना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सागरमाला परियोजना को बंदरगाह आधारित विकास में अग्रणी होना चाहिए और उसे ‘’मेक इन इंडिया’’ के उनके दृष्टिकोण के लिए एक प्रमुख कड़ी के रूप में होना चाहिए, जिसने भारत के वैश्विक व्यापार में ऊंची छलांग लगाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है और इसलिए रेलवे को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में आसानी के लिए एक व्यापक योजना तैयार करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा पर फिर से जोर दिया। उन्होंने राजस्थान और गुजरात के मरूस्थलीय क्षेत्रों में भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास एक सौर बिजली गलियारे की जरूरत पर जोर दिया। इस दिशा में पांच मेगावाट क्षमता की प्रत्येक दो शीर्ष परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
निजी सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से
500 शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट जल प्रबंधन के अपने दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि
जैव ऊर्जा इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक होगा।
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक अवधारणा में व्यापक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नई सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाओँ के प्रावधान तैयार करने पर जोर दिया।
फोटो कैप्शन
The Prime Minister, Shri Narendra Modi reviews the progress of infrastructure sector, in New Delhi on September 12, 2014.