Ad

Tag: PrimeministerDrManMohanSingh

डॉ मन मोहन सिंह ने केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान की आधारशिला रखी

[ नई दिल्ली ]प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने आज केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान की आधारशिला रखी
इस अवसर पर समारोह को संबोधित करते हुए पी एम् ने कहा
” केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल आयुर्विज्ञान संस्थान उस आवश्यकता को पूरी करेगा जो लंबे समय से महसूस की जा रही थी। यह उन केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के परिवारों के लिए बेहतर स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करेगा जो अपना अधिकांश समय अपनी दुष्कर और दूभर जिम्मेदारियां पूरी करने के लिए घर से दूर रहते हैं। इसके फलस्वरूप इन बलों का कामकाज अत्यधिक नैतिक एवं अधिक दक्ष बनेगा| संस्थान से केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों को बेहतरीन संभव सुविधाएं उपलब्ध कराने की हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का पता चलता है। हम जानते हैं कि इन बलों के पुरुष और महिलाएं बहुत विपरीत दशाओं प्रायः अपने जीवन को जोखिम में डालकर काम करते हैं। वे देश के कुछ बेहद मुश्किल स्थानों में तैनात रहते हैं जिनमें वामपंथी उग्रवाद प्रभावित राज्य, पूर्वोत्तर राज्य और जम्मू-कश्मीर शामिल हैं। बीएसएफ+ आईटीबीपी+एसएसबी +असम राइफल्स पाकिस्तान,+चीन+ पनेपाल,+भूटान+ बांग्लादेश + म्यांमार से लगी हमारी 15000 किमी से अधिक लंबी अंतर्राष्ट्रीय सीमाओं और नियंत्रण रेखा की रक्षा करते हैं तथा सीमा पार अपराधों को भी रोकते हैं। सीआरपीएफ कानून और व्यवस्था कायम रखने और आंतरिक व्यवधानों एवं विद्रोह को नियंत्रित करने में मदद करती है। सीआइएसएफ हमारे परमाणु बिजलीघरों, अंतरिक्ष ठिकानों, हवाई अड्डों, मिन्ट, मुद्रा नोट प्रेस, तेल क्षेत्रों और रिफायनरी एवं प्रमुख बंदरगाहों सहित देशभर की 300 से अधिक इकाइयों को सुरक्षा उपलब्ध कराती है।”
पी एम् ने बताया “सशस्त्र पुलिस बल में अब 9 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। केंद्र सरकार ने इन बलों में 126 अतिरिक्त बटालियनों की मंजूरी दी है जिनमें से 71 बटालियन बनाई जा चुकी हैं तथा शेष वर्तमान वित्तीय वर्ष में बनने की संभावना है। हमने बुनियादी ढांचे और इमारत क्षमता मजबूत करने पर भी ध्यान दिया है। । 12वीं योजना के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के बुनियादी ढांचा मजबूत करने के लिए 12,500 करोड़ रुपये से अधिक राशि खर्च की जाएगी। वर्ष 2008 से इन बलों के लिए 24 नए प्रशिक्षण संस्थानों की मंजूरी दी गई है”
डॉ मन मोहन सिंह ने बताया “हमारी सरकार ने स्वास्थ्य देखभाल सुविधाओं में सुधार और बल के कर्मियों और उनके परिवारों को चिकित्सा सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास किए हैं। केंद्रीय बलों के लिए मेडिकल काडर को 2004 में नया रूप दिया गया था ताकि बलों के कर्मियों और उनके परिवारों को दूरदराज के क्षेत्रों में तैनाती पर भी न्यूनतम बुनियादी स्वास्थ्य सुविधा उपलब्ध कराई जा सके। 6 पुराने अस्पतालों को उन्नत बनाकर 100 बिस्तर वाले कंपोजिट अस्पताल बनाया गया तथा 32 पुराने अस्पतालों को 50 बिस्तर वाले कम्पोजिट अस्पताल बनाए गए हैं ताकि विशेष ईलाज उपलब्ध कराया जा सके। 200 बिस्तर का रैफरल अस्पताल नोएडा में निर्माणाधीन है तथा इस वर्ष के आखिर तक चालू होने की उम्मीद है।
यह संस्थान 1350 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा तथा इसमें 500 बिस्तर वाला सामान्य अस्पताल, 300 बिस्तर वाला सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, नर्सिंग कालेज और स्कूल ऑफ पैरामैडिक्स शामिल होंगे। इससे न सिर्फ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों के कर्मियों और उनके परिवारों के लिए क्षेत्रीय स्तर पर स्वास्थ्य देखभाल में सुधार होगा बल्कि उनकी जरूरतों से पूरी तरह परिचित डॉक्टर, पैरामैडिकल स्टाफ एवं नर्स उपलब्ध कराने के जरिए उन्हें उपलब्ध अन्य मेडिकल सुविधाओं को सुधारने में भी योगदान मिलेगा।
अंत में पी एम् ने इन शब्दों के साथ आभार व्यक्त किया कि हम सब राष्ट्र को उपलब्ध कराई गई केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की सेवाओं के लिए आभारी हैं। हम उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हैं।

फाड़ दो फैंक दो के कानफोड़ू शोर+कागजों की बारिश और भाजपा के संशोधनों को दरकिनार करके राज्य सभा ने ध्वनि मत से तेलंगाना पर मोहर लगाईं

फाड़ दो फैंक दो के कानफोड़ू शोर+कागजों की कतरनों की बारिश और भाजपा के संशोधनों को दरकिनार करते आज राज्य सभा ने ध्वनि मत से तेलंगाना पर को २९ वे राज्य के रूप में अपनी मोहर लगा दी |
इस अवसर पर प्रधान मंत्री डॉ मन मोहन सिंह ने शेष आंध्र प्रदेश के लिए विशेष छह सूत्री पैकेज का ऐलान भी किया
डॉ मन मोहन सिंह ने कहा
[प्रथम], केंद्रीय सहायता के उद्देश्यों के लिए, 13 जिलों वाले शेष आंध्र प्रदेश को पांच वर्ष की अवधि के लिए विशेष श्रेणी राज्य का दर्जा दिया जाएगा जिसमें चार जिले रायलसीमा के और तीन जिले उत्तर तटीय आंध्र के होंगे। इससे राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
[दूसरी], विधेयक में पहले ही निर्धारित किया गया है कि केंद्र सरकार विभाजन के बाद दोनों राज्यों में औद्योगीकरण और आर्थिक वृद्धि को प्रोत्साहन देने के लिए कर छूट सहित समुचित राजकोषीय उपाय करेगी। ये छूट कुछ अन्य राज्यों को दी जा रही छूट की तरह ही होंगी।
[तीसरी], विधयेक में पहले ही कहा गया है कि शेष आंध्र प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों, विशेष रूप से रायलसीमा और उत्तर तटीय आंध्र प्रदेश के जिलों में विशेष विकास पैकेज उपलब्ध कराया जाएगा। यह विकास पैकेज ओडिशा में के-बी-के (कोरापुट-बोलनगीर-कालाहांडी) विशेष योजना तथा मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश में बुंदेलखंड विशेष पैकेज की तरह ही होगा।
[चौथी], मैं माननीय सदस्यों को पुनः आश्वासन देता हूं कि यदि पोलावरम प्ररियोजना के लिए सुगम और पूर्ण पुनर्वास और पुनर्स्थापना (आर एंड आर) के लिए कोई और संशोधन आवश्यक हुए तो जल्द से जल्द प्रभावी किए जाएंगे। हमारी सरकार पोलावरम परियोजना निष्पादित करेगी -इस बारे में कोई संदेह नहीं होना चाहिए।
[पांचवी], नए राज्य के बनाने के लिए दिन अधिसूचित तिथि से संबंधित इस तरह से नियत किया जाएगा ताकि कार्मिक, वित्त और परिसंपत्तियों एवं देनदारियों के वितरण के संबंध में तैयारी करने का काम संतोषजनक ढंग से पूरा किया जा सके।
[छठी], विभाजन के बाद शेष आंध्र प्रदेश में पहले वर्ष, खासतौर से नियुक्ति दिन और भारत सरकार द्वारा 14वें वित्त आयोग की सिफारिशें स्वीकार करने की अवधि के दौरान होने वाले संसाधन के अंतर की पूर्ति 2014-15 के लिए नियमित बजट में की जाएगी।

राजीव गांधी के हत्यारों को जयललिता फिलहाल रिहा नहीं कर पाएंगी:Supreme Court Stays Release

राजीव गांधी के तीन हत्यारों की रिहाई पर सुप्रीम कोर्ट ने स्टे दे दिया है|इससे पूर्व तमिल नाडु की जय लेता शासित सरकार ने कुल ७ अपराधियों की रिहाई के संकेत यह कहते हुए दिए थे कि राज्य स्तर पर प्रोसीज़रल लैप्सेस [procedural Lapses ] हुए हैं इन सात अपराधियों में से तीन को पूर्व प्रधान मंत्री श्री राजीव गांधी की ह्त्या के आरोप में फांसी कि साज सुनाई जा चुकी है| चीफ जस्टिस पी सथासिवम [ P Sathasivam] की अध्यक्षता वाली तीन जज बेंच ने आज तीन फांसी की सजा प्राप्त तीनो अपराधियों के केस में उठावत स्थिति बनाये रखने के आदेश दिए हैं|
पूर्व में तमिल नाडु सरकार ने तीन दिन का अल्टीमेटम देते हुए कहा था कि इस विषय मेंकेंद्र से कोई उत्तर नहीं आया तो सातों कैदियों को रिहा कर दिया जायेगा
इस पर प्रधान मंत्री कार्यालय द्वारा संज्ञान लिया गया और तत्काल कानूनी कार्यवाही शुरू की गई|
प्रधान मंत्री डॉ मन मोहन सिंह ने कहा “श्री राजीव गांधी की हत्या भारत की आत्मा पर हमला था। भारत के पूर्व प्रधानमंत्री और हमारे महान नेता एवं अनेक बेगुनाह भारतीयों के हत्यारों की रिहाई न्याय के सभी सिद्धांतों के विपरीत होगी। किसी सरकार या दल को आतंकवाद से हमारे संघर्ष में नरम रवैया नहीं अपनाना चाहिए” “सरकार स्वर्गीय राजीव गांधी की हत्या से उपजे कानून के बुनियादी मुद्दों पर उच्चतम न्यायालय में पुनर्विचार याचिका[ review petition ] लगाने जा रही है।
हमने तमिलनाडु सरकार को यह सूचना भी दी है कि श्री राजीव गांधी के हत्यारों को रिहा करने की उसकी प्रस्तावित कार्यवाही कानूनन तर्कसंगत नहीं है तथा इस पर आगे नहीं बढ़ना चाहिए।”

पल्लम राजू सरीखे १० जनपथीय भक्त दुखदाई को सुखदाई लोक तंत्र बता कर अपने ही पी एम् को आँखे दिखाने लगे

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

निराश कांग्रेसी

ओये झल्लेया ये हसाडे सांसदों की मति मारी गई है क्या ?देख तो कल तक पल्लम राजू सरीखे छुट भैय्ये सोणे प्रधान मंत्री के आगे पीछे चक्कर लगाते थे आज वोही प्रधान मंत्री को ही गालियां देने लग गए हैं अंतरिम रेल बजट के एन टाइम पर सदन में अपने दुर्व्यवहार के लिए माफ़ी तो नहीं माँगी उलटे अफ़सोस जताने वाले अपने ही पी एम को गलत ठहरा रहे हैं
भई पी एम् ने इतना ही तो कहा था कि सदन में सांसदों के हंगामे को देखते हुए उनका दिल खून के आंसू रोता है अरे जब पी एम् के अनुरोध के बावजूद सांसदों ने लड़ाई झगड़ा बंद नहीं किया तो यह पार्टी और देश में लोक तंत्र के लिए दुःख दाई तो होगा ही|इतना कहने पर ही मानव संसाधन विकास के कथित मंत्री पल्लम राजू ने प्रधान मंत्री को ही गलत बता दिया |ऐ तो वोही गल हो गई कि उलटे चोर कोतवाल नूँ ही डांटें

झल्ला

अरे चतुर सुजाण जी रोना तो इस बात का है कि आप जी के ऐसे सारे सांसद ७ रेस कोर्स के बजाय १० जनपथ के प्रति वफादारी दिखाने में माहिर हैं |डूबते जहाज को बेशक तिनके का सहारा तो जरूर होता है मगर २०१४ के चुनावों में बचाव के लिए आशियाने को सहारा देने वाले पत्ते भी हवा के रुख के साथ हो लेते हैं वैसे धर्म से बताना कि यदि ये ही पल्लम साहब किसी १० जन पथीय को आँखे दिखाते तो आप लोग उसे ऐसे ही छोड़ देते ?नहीं नहीं में तो वैसे ही पूछ रहा हूँ

डॉ मन मोहन सिंह ने उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध को अधिक स्थान दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया

प्राइम मिनिस्टर डॉ मन मोहन सिंह ने आज उच्च शिक्षा संस्थानों में शोध को अधिक स्थान दिए जाने की आवश्यकता पर बल दिया |
राष्ट्रपति भवनमें आयोजित केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में बोलते हुए डॉ मन मोहन सिंह ने कहा “हमारी उच्‍च शि‍क्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लि‍ए ध्‍यान देना आवश्‍यक है, हमारे उच्‍च शि‍क्षा संस्‍थानों को और अधि‍क शोध पर ध्‍यान देने की आवश्‍यकता है। हमें फैकल्‍टी‍ में कमी की समस्‍या सुलझाने के तौर-तरीके भी तलाशने की आवश्‍यकता है क्‍योंकि‍ इससे उच्‍च शि‍क्षा प्रणाली पर काफी असर पड़ता है। हमें यह सुनि‍श्‍चि‍त करने की आवश्यकता है कि‍ देश में उच्‍च शि‍क्षा संस्‍थानों को उत्‍तरदायि‍त्‍व की आवश्‍यकता से समझौता कि‍ए बि‍ना स्‍वायत्‍ता मि‍ले”
राष्‍ट्रीय उच्‍चतर शि‍क्षा अभि‍यान की चर्चा करते हुए उन्होंने कहा “यह उच्‍च शि‍क्षा के अवसरों तक व्‍यापक पहुंच बनाने में बड़ी भूमि‍का नि‍भाएगा। यह कार्यक्रम शि‍क्षा तथा शोध की गुणवत्‍ता सुधारने के लि‍ए राज्‍य वि‍श्‍ववि‍द्यालयों पर अधि‍क ध्‍यान दे रहा है। इसका उद्देश्‍य 286 राज्‍य वि‍श्‍ववि‍द्यालयों तथा राज्‍यों के 8500 कॉलेजों को अवसंरचना अनुदान उपलब्‍ध कराने के अलावा 278 नए वि‍श्‍ववि‍द्यालय तथा 388 नए कॉलेज स्‍थापि‍त करना है और 13वीं योजना के अंत तक 266 कॉलेजों को मॉडल डि‍ग्री कॉलेजों में बदलना है”।
पी एम् डॉ सिंह ने बताया “इससे 20,000 नए फैकल्‍टी‍ पदों का सृजन होगा और इसे 12वीं तथा 13वीं योजना अवधि‍ में समर्थन दि‍या जाएगा। अब तक लगभग 400 वि‍श्‍ववि‍द्यालय तथा 20,000 कॉलेजों को इस मि‍शन के तहत उच्‍च गति‍ की ब्रॉडबैंड कनेक्‍टि‍वि‍टी प्रदान की गई है”
फ़ोटो कैप्शन
06 फऱवरी 2014 को राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में केंद्रीय विश्वविद्यालयों के कुलपतियों के सम्मेलन में राष्ट्रपति श्री प्रणब मुखर्जी और प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह । केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री डॉ. एम. एम पल्लम राजू और मानव संसाधन विकास राज्य मंत्री श्री जितिन प्रसाद और श्री शशि थरूर भी सम्मेलन में मौजूद ।

नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल फतह करने के लिए ट्रिपल बेनेफिट पॅकेज का ऑफर दिया

नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल फतह करने के लिए ट्रिपल बेनेफिट पॅकेज का ऑफर दिया |
कोलकत्ता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आज [बुधवार] को जनचेतना रैली में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के प्रधानमंत्री पद के प्रत्याशी व गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी ग्राउंड में उमड़े जनसमूह को देखकर अभिभूत हो गए।मोदी ने कहा कि आप केंद्र में भाजपा को वोट देंगे तो आपको तीन फायदें होंगे। [१]राज्य में ममता बनर्जी हैं,
[2 केंद्र में मैं मौजूद रहूंगा और
[३] राष्ट्रपत‌ि प्रणव दा हैं ही मोदी ने नेता जी सुभाष चन्द्र बोस के नारे के स्टाइल में कहा कि तुम मुझे सहयोग करो में तुम्हें सुराज दूंगा |
मोदी ने वेस्ट बंगाल कि जनता के साथ सीधा संवाद कायम करते हुए कहा कि बंगाल के लोगों ने भारत को आधुनिक बनाने में काफी योगदान दिया है।
बंगाल राष्ट्रगुरु था तो भारत विश्वगुरु था। बंगाल को फिर से राष्ट्रगुरु बनाना है।दुर्भाग्य से 60 फीसद स्कूलों में शौचालय नहीं है। बिजली के कारखाने बंद पड़े हैं। मोदी ने कहा कि देश के पूर्वी इलाकों में विकास क्यों नहीं हुआ। देश के पश्चिमी इलाकों में थर्ड फ्रंट नहीं होने के कारण विकास हुआ है। थर्ड फ्रंट का इरादा देश को थर्ड रेट बनाने का है|
तीन दशक तक राज करने वाली थर्ड फ्रंट की सहयोगी लेफ्ट पार्टियों ने इसे बहुत पीछे धकेल दिया | पोरिवर्तन के लिए [परिवर्तन] ममता बनर्जी की तृणमूल कांग्रेस को लाया गया लेकिन विकास नहीं हुआ |उन्होंने कहा कि दिल्ली में बैठक कर रहे तीसरे फ्रंट के लोग हेलीकाप्टर से इस जनसैलाब को देखें। भीड़ को देख कर हवा का रुख पता चलता है।
लोक सभा के लिए इन चुनावों में सभी सीटें भाजपा को जिताकर देखो। भाजपा की सरकार बंगाल की भलाई करेगी। हम विकास के काम का हिसाब देंगे
उन्होंने कहा कि सिर्फ ममता सरकार से बंगाल का भला नहीं होगा।
मोदी नेकांग्रेस की बंगाल विरोधी मानसिकता पर कुठाराघात करते हुए कहा कि 2004 में प्रणब मुखर्जी कांग्रेस के सबसे वरिष्ठ नेता थे। फिर भी उन्हें गांधी परिवार ने प्रधानमंत्री नहीं बनाया। प्रणब की जगह मनमोहन को क्यों पीएम बनाया गया। राजीव गांधी की सरकार में भी उन्हें मंत्री नहीं बनाया गया था।
FilePhoto

पी एम् की अपील और लोक सभा स्पीकर की सर्वदलीय मीटिंग के बावजूद संसद के शीत कालीन सत्रका पहला दिन हंगामे की भेंट चढ़ा

प्रधान मंत्री की अपील और लोक सभा स्पीकर की सर्वदलीय मीटिंग के बावजूद आज १५ वी लोक सभा के शीत कालीन सत्र का पहला दिन हंगामे के भेंट चढ़ गया |१९८४ के सिख विरोधी दंगे+पृथक तेलंगाना गठन +पूर्वोत्तर छात्र नीडो की हत्या +अगस्ता हेलीकाप्टर आदि के मुद्दो को लेकर शोर होता रहा जिसके फलस्वरूप दोनों सभाओं को १२ बजे तक के लिए स्थगित कर दिया गया| , इसके पश्चात राज्यसभा की कार्यवाही दोपहर 2 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई|
आज प्रातः प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने संसद में महत्वपूर्ण विधेयक पारित कराने में विपक्ष से सहयोग देने और तेलंगाना मुद्दे पर सीमांध्र के सदस्यों से पूर्वाग्रह त्यागने की अपील की और कहा कि सभी पक्ष विवेक दिखाकर सदन में सहज काम-काज के लिए ऐसा साजगार माहौल बनाएं कि इसे ऐतिहासिक सत्र के रूप में याद किया जायेगा।
डॉ मन मोहन सिंह ने कहा “जैसा कि आपने कहा है, यह सम्‍भवत: इस संसद का अंतिम सत्र है, और यह मेरी सदन के सभी वर्गों से हार्दिक अपील है कि वे ऐसा माहौल पैदा करें, जिससे इस अधिवेशन को इतिहास में ऐतिहासिक सत्र के तौर पर दर्ज किया जाए। हमने संसद के अनुमोदन के लिए एक महत्‍वपूर्ण कानून का मसौदा तैयार कर लिया है, और यह मेरी हार्दिक इच्‍छा है कि संसद ऐसा माहौल बनाए कि इस सदन के सभी वर्ग इस विधेयक को पास करने के लिए मिलकर काम कर सकें।मुझे उम्‍मीद है कि इस सदन के सभी वर्ग अपने पूर्वाग्रहों को एक तरफ रखकर ऐसा माहौल पैदा करेंगे, जो सदन के काम करने के अनुकूल होगा।”
लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार ने सर्वदलीय बैठक बुलाई थी। सरकार की मंशा है कि वित्त विधेयकों के साथ-साथ भ्रष्टाचार निरोधी विधेयक पारित कर दिए जाएं। उन विधेयकों के सामने बड़ा अवरोध नहीं है।लेकिन ये सभी प्रयास आज निष्प्रभावी साबित हुए|सरकार के प्रति सरकार में शामिल पार्टियों में भी अविश्वास और आक्रोश दिखाई दिया
लोकसभा में अध्यक्ष मीरा कुमार ने सदन की कार्यवाही शुरू होते ही दिवंगत सदस्यों को श्रद्धांजलि अर्पित की।
इसके पश्चात उन्होंने प्रश्नकाल शुरू किया और सदन में हंगामा शुरू हो गया।बार बार अपील करने पर भी जब हंगामा शांत नहीं हुआ तो उन्होंने सदन को दोपहर तक के लिए स्थगित कर दिया।
संसद के बाहर भी तेलंगाना समर्थक और विरोधी आपस में लड़ते दिखाई दिए

नीडो तानियम की दिल्ली में नृशंस हत्या को डॉ मन मोहन सिंह ने दुखद और शर्मनाक बताया

अरूणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानियम की दिल्ली में नृशंस हत्या को प्रधान मंत्री डॉ मन मोहन सिंह ने दुखद और शर्मनाक बताया |
“अरूणाचल प्रदेश के छात्र नीडो तानियम पर हमला अत्यधिक निन्दनीय है, जबकि नीडो तानियम की मृत्यु के वास्तविक कारण का पता ऑटॉप्सी रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद ही चलेगा, जिस हिंसा के कारण उसकी मृत्यु हुई है वह दुखद और शर्मनाक है। हमारी सरकार दोषी को दंडित करने और देश के अन्य हिस्सों, विशेषकर पूर्वोत्तर से आकर दिल्ली में रहने अथवा यहां का दौरा करने वाले छात्रों और नागरिकों को कारगर सुरक्षा प्रदान करने के लिए सभी संभव प्रयास करेगी”।
संसद में सभी राजनीतिक पार्टियों ने सहमति जाहिर की है कि प्रत्‍येक भारतीय को यह सुनिश्चित करना होगा कि उत्‍तर पूर्व के हमारे नागरिक सुरक्षित महसूस करें और देश के हर हिस्‍से में उनका स्‍वागत हो। इस समय मानव मूल्‍य, सामाजिक सौहार्द, देश की एकता और अखण्‍डता का प्रश्‍न है।
नई दिल्‍ली राष्‍ट्रीय राजधानी है और एक वैविध्‍य पूर्ण तथा जीवंत शहर भी जिसे देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से आए लोगों ने अपना घर बनाया है और उसकी बेहतरी में योगदान दिया है। उत्‍तर पूर्व जैसे देश के अन्‍य हिस्‍सों के लोग इस शहर का वैसे ही अभिन्‍न अंग हैं जैसे कोई अन्‍य। सभी नागरिकों को मिलकर काम करना होगा ताकि यह सुनिश्चित हो कि उत्‍तर पूर्व से आए हमारे भाई-बहन दिल्‍ली में खुद को पूरी तरह से सुरक्षित महसूस कर सकें।

सातवें वेतन आयोग का गठन: न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर को अध्‍यक्ष बनाया

केंद्र सरकार के कर्मचारियों को राहत देने के लिए सातवें वेतन आयोग का गठन कर दिया गया है| इसके लिए न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर को अध्‍यक्ष बनाया गया है|
प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने सुप्रीम कोर्ट के सेवा निवृत्‍त न्यायमूर्ति और सैन्‍य बल न्‍यायाधिकरण के सेवानिवृत्‍त अध्‍यक्ष न्‍यायमूर्ति अशोक कुमार माथुर की अध्‍यक्षता में 7वें के‍न्‍द्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है।
वित्‍त मंत्री श्री पी. चिदम्‍बरम ने इस बारे में इस बारे में बताया कि प्रधानमंत्री ने 7वें केन्‍द्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दे दी है, जिसके सदस्‍य निम्‍नलिखित होंगे।
1 श्री न्‍यायामूर्ति अशोक कुमार माथुर (सुप्रीम कोर्ट के सेवा निवृत्‍त न्यायामूर्ति और सैन्‍य बल न्‍यायाधिकरण के सेवानिवृत्‍त अध्‍यक्ष) – अध्‍यक्ष
2 श्री विवेक राय (पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस सचिव) – सदस्‍य (पूर्णकालिक)
3 डॉ. राथिन रॉय (निदेशक एनआईपीएफपी) – सदस्‍य (अंशकालिक)
4 श्रीमती मीना अग्रवाल (वित्‍त मंत्रालय में व्‍यय विभाग के ओएसडी) – सचिव
गौरतलब है कि इससे पूर्व चौथे, पाचंवे और छठे केन्‍द्रीय वेतन आयोगों की सिफारिशें निम्‍न रूप से कार्यान्वित की गईं थीं :
[अ]चौथा केन्‍द्रीय वेतन आयोग – 1.1.1986
[आ]पांचवां केन्‍द्रीय वेतन आयोग – 1.1.1996
[इ]छठा केन्‍द्रीय वेतन आयोग – 1.1.२००६
इस वेतन आयोग के गठन के लिए पांच माह पूर्व घोषणा की गई थी
वेतन आयोग द्वारा अपनी सिफारिशें पेश करने में लगने वाली औसतन अवधि लगभग दो वर्ष है।
उपरोक्‍त अवधि को ध्‍यान में रखते हुए सातवें केन्द्रीय वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट पेश करने में अब से लगभग दो वर्ष का समय लग सकता है। अत: इस आयोग की सिफारिशें पहली जनवरी 2016 से लागू होने की संभावना है।
देश के केंद्रीय सरकार के लगभग 85 लाख [५०+३५सेवा निवृत ]कर्मचारियों के लिए यह एक बड़ा तोहफा है।इससे पूर्व केंद्रीय कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में १०%बढ़ोतरी की खबरें भी आ रही हैं

डॉ मन मोहन सिंह ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की

[नई दिल्ली] राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम(एनएडब्ल्यूएडीसीओ) के उद्घाटन अवसर पर प्रधानमंत्री डॉ मन मोहन सिंह ने अल्पसंख्यकों के विकास के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्धता जाहिर की |
उन्होंने कहा” आज हम अपने देश में अल्पसंख्यकों के हितों को बढ़ाने के प्रयास में एक कदम और आगे बढ़ाने जा रहे हैं । मुझे खुशी है कि मैं राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम प्रारंभ होने के मौके पर आयोजित समारोह का हिस्सा हूं । आप सभी जानते हैं कि राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम एक संस्थान है, जिसे हमारी सरकार ने मुसलमान समुदाय के हित के लिए वक्फ संपत्तियों को विकसित करने के लिए स्थापित किया है आज ही पृथक रूप से अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय की स्थापना की आठवीं वर्षगांठ है । पहली सयुंक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए-ए) सरकार के सत्ता में आने के दो वर्ष के अंदर यह कदम उठाकर हमने प्रारंभिक संकेत दिया था कि हम अल्पसंख्यकों के विकास के लिए हर संभव कदम उठाने के लिए प्रतिबद्ध हैं । राष्ट्रीय वक्फ विकास निगम भी हमारी सरकार की प्रतिबद्धता का उदाहरण है। 2006 में स्थापना के बाद अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय द्वारा किए गए दूरगामी प्रयासों के अनेक उदाहरणों में एनएडब्ल्यूएडीसीओ एक है ।
इस निगम की स्थापना पाँच सो करोड़ रूपए की प्राधिकृत हिस्सा पूंजी से की गई है। इससे पारदर्शी तरीके से समुदाय के उद्देश्यों के लिए वक्फ संपत्तियों पर स्कूल, कॉलेज और अस्पतालों जैसी सुविधाएं स्थापित करने किए वित्तीय संसाधन जुटाने में सहायता मिलेगी”
डॉ मन मोहन सिंह ने कहा” मुझे बताया गया है कि भारत में आज 4.9 लाख पंजीकृत वक्फ संपत्तियां हैं जिनकी सालाना आय लगभग 163 करोड़ रूपए है । इनमें कई संपत्तियों के पास और लाभ कमाने की क्षमता है। ऐसे लाभों का इस्तेमाल मुसलमान समुदाय के सामाजिक-आर्थिक विकास में किया जा सकता है। सच्चर समिति के अनुमानों के अनुसार यदि इन संपत्तियों का उचित तरीके से विकास किया जाता है तो संपत्ति के मूल्य पर सालाना दस प्रतिशत के लाभ अनुमान के अनुसार इन संपत्तियों से सालाना 12 हजार करोड़ रू.की आय प्राप्त की जा सकती है। यह विशाल क्षमता है जिसे हासिल करने के लिए एनएडब्ल्यूएडीसीओ प्रयास करेगा। हमारी सरकार ने हाल में वक्फ कानून में संशोधन किया है। आशा है कि संशोधनों से वक्फ संपत्तियों के प्रशासन में पारदर्शिता आएगी और मुस्लिम समुदाय के लाभ के लिए वक्फ की जमीन के विकास और उपयोग लायक माहौल बनेगा …. मुझे विश्वास है कि निगम वक्फ संपत्तियों के विकास के लिए उचित माहौल का पूरा इस्तेमाल करेगा”
अल्पसंख्यकों के हितों की रक्षा तथा उनके हितों को आगे बढाने के लिए संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार की प्रतिबद्धता अडिग रही है । जैसा की मैंने कुछ दिन पहले राज्य अल्पसंख्यक आयोग सम्मेलन में कहा था, हमने सच्चर समिति की अधिकतर सिफारिशों को लागू किया है । 15 सूत्री कार्यक्रम तथा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रम ऐसे बड़े कदम हैं जिनका जोर विकास संबंधी उन कठनाईयों को दूर करने पर है जिनसे कुछ अल्पसंख्यक ग्रसित हैं। अल्पसंख्यक समुदाय के बच्चों के लिए छात्रवृति योजनाएं भी महत्वपूर्ण प्रयास है । अंत में, मैं एनएडब्ल्यूएडीसीओ तथा अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय को उनके प्रयासों में सफलता की कामना करता हूं। मुझे विश्वास है कि उनका काम हमारे देश के सभी हिस्सों में रहने वाले अल्पसंख्यक समुदायों के सामाजिक-आर्थिक विकास में ठोस योगदान देगा |
पी एम् के उपरोक्त 15 सूत्री कार्यक्रम तथा बहु-क्षेत्रीय विकास कार्यक्रमको लेकर विज्ञान भवन में एक आर टी आई एक्टिविस्ट डॉ फहीम में प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह के भाषण का विरोध भी किया ।
वक्‍फ विकास निगम के इस कार्यक्रम में यूपीए अध्‍यक्ष सोनिया गांधी भी मंच पर मौजूद थीं। प्रधानमंत्री ने अल्‍पसंख्‍यकों के कल्‍याण के लिए नई योजनाएं शुरू करने की बात की। इसका विरोध करते हुए एक शख्‍स डॉ. फहीम बेग ने हंगामा करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री कोई भी नई योजना लागू नहीं करें जो योजनाएं हैं, उन्‍हें ही अमल में लाया जाए तो नई योजनाओं की जरूरत नहीं पड़ेगी। उस शख्‍स ने आरोप लगाया कियोजनाएं बनी मगर विकास नहीं हुआ है। लेकिन, वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उन्‍हें बोलने नहीं दिया। वे उस शख्‍स का मुंह पकड़ कर उसे हॉल से बाहर ले गए। इसके बाद वहां मौजूद अन्‍य लोगों ने इस बात का यह कह कर विरोध किया कि यह अभिव्‍यक्ति की आजादी पर हमला हैजबकि कुछ लोग यह भी कहते सुने गए कि इस विरोध के लिए यह मंच उपयुक्त नहीं था|डॉ फहीम बाद में पत्रकारों से कहते रहे कि उन्होंने १५० पत्र लिखे हैं लेकिन उनका उत्तर नहीं मिलने पर ही उन्हें विरोध का यह रास्ता अख्तियार करना पड़ा |
फ़ोटो कैप्शन
The Prime Minister, Dr. Manmohan Singh unveiling the plaque to inaugurate the newly established National Waqf Development Corporation (NAWADCO) Ltd., in New Delhi on January 29, 2014.
The Chairperson, National Advisory Council, Smt. Sonia Gandhi, the Union Minister for Minority Affairs, Shri K. Rahman Khan and the Minister of State for Minority Affairs, Shri Ninong Ering are also seen.