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लालकिले में दंगा फैलाने वाले भजपाई बचाने को कांग्रेस ने लगाई 70 वकीलों की फौज

#पंजाबीचीयर
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है?
26 जनवरी को लालकिले में हुई हिंसा की आड़ में आंदोलनकारी किसानो को निशाना बनाया जा रहा है।लेकिन हमने इनका उत्पीड़न नही होने देना।हसाडे मुख्यमंत्री अमरिन्दर सिंह जी ने इनकी रक्षार्थ 70 वकीलों की फौज खड़ी कर ली है।
#झल्ला
ओ मेरे भोले प्राणी!
संविधान का ये कैसा अपमान ?
#मोदी एंड #राहुल एक समान??
दंगाईयों को बचाने को कांग्रेस शासित पँजांब सीएम कप्तान अमरिन्दर सिंह 70 वकीलों की फौज ला रहे हैं तो अन्य आंदोलनकारी #राकेशटिकैत दंगाइयों को छुड़वाने को ताल ठोक रहे हैं
जबकि आप का आरोप है कि 26 जनवरी को #लालकिले में #भजपा ने दंगा कराया,अब आपके गुलामनबीआजाद जी राज्यसभा में एक और आंदोलन छेड़ने की धमकी दे रहे हैं

लालकिले में किसानों के खिलाफ साजिश रची गई तो फिर दंगाईयों को छोड़ने की शर्त क्यूँ

#यूपीकाआशान्वितकिसान
ओए झल्लेया! ओए म्हारी बिरादरी को ख़्वाहमखा बदनाम करके हमे देश द्रोही बताया जा रहा है।भई म्हारे Ch Rakesh Tikaitराकेश टिकैत ने एक बार फिर एलानिया कह दिया है कि सबकी गरिमा का सम्मान करते हुए केंद्र से 12 वें दौर की वार्ता को तैयार हैं
#झल्ला
झल्लाचतुर चौधरी साहब !लालकिले में किसानों के खिलाफ साजिश रची गई तो फिर दंगाईयों को छोड़ने की शर्त क्यूँ
चौधरी साहिब लालकिले में दंगा फैलाने वालों को छोड़ने की शर्त भी तो अड़ा रहे हो। अब ये बताओ कि ये संयुक्त मोर्चा तुमसे अलग राग अलाप रहा है।और कहा जा रहा है कि लाल किले में दंगा करवा कर किसानों के खिलाफ साजिश की गई।अब आप लोग बड़ौत में महापंचायत करके भी पकड़े गए दंगाईयों (अभी साबित होना है)को छोड़ने की शर्त उछाल रहे हो।खुद सोचो कि क्या सन्देश दे रहे हो???

उपद्रवियों ने लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमानकर खालिस्तानी झंडे लगाए

(नयी दिल्ली)उपद्रवियों ने लाल किले की प्राचीर पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमानकर खालिस्तानी झंडे लगाए
ट्रैक्टर परेड के लिए निर्धारित मार्ग से हटकर प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह मंगलवार को लालकिले में घुस गया और राष्ट्रीय राजधानी स्थित इस ऐतिहासिक स्मारक के कुछ गुंबदों पर पीले निशानसाहब के झंडे लगा दिए।
पुलिस द्वारा आईटीओ से खदेड़े गए प्रदर्शनकारी किसानों का एक समूह अपने ट्रैक्टर लेकर लालकिला परिसर पहुंच गया। ये प्रदर्शनकारी लालकिला परिसर में घुस गए और उस ध्वज-स्तंभ पर अपना झंडा लगाते दिखे जहां से प्रधानमंत्री 15 अगस्त को राष्ट्रीय ध्वज फहराते हैं।
इससे पहले प्रदर्शनकारी किसान आईटीओ पहुंच गए और लुटियंस इलाके की तरफ बढ़ने की कोशिश कइसपर पुलिस को लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोलों का इस्तेमाल करना पड़ा।
प्रदर्शनकारियों ने ट्रैक्टर परेड के निर्धारित समय से काफी पहले ही दिल्ली के विभिन्न सीमा बिन्दुओं से दिल्ली के भीतर बढ़ना शुरू कर दिया और अनुमति न मिलने के बावजूद वे मध्य दिल्ली स्थित आईटीओ पहुंच गए।
दिल्ली पुलिस ने किसानों को इस शर्त के साथ ट्रैक्टर परेड की अनुमति दी थी कि वे राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड के समाप्त होने के बाद तय किए गए मार्गों पर ही अपनी परेड करेंगे।
हालांकि, आज किसान मध्य दिल्ली की ओर बढ़ने पर अड़ गए जिससे अफरातफरी मच गई।

लालकिले का रखरखाव डालमिया को ही क्यों दे दिया

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

पर्यटन मंत्रालय के चेयर लीडर

औए झल्लेया ये क्या हो रहा है? हमने इतनी मेहनत करके लाल किले की धरोहर को सहेजने के लिए डालमिया जैसे देश सेवक ढूढ़ निकाले लेकिन ये कांग्रेसी हुए उनके सहयोगी वामपंथी बात का बतंगड़ बनाने पे तुले हुए हैं| औए २५ करोड़ रु लगा कर डालमिया साहिब लालकिले में पांच साल तक स्वच्छ पेयजल+बैठने के लिए बेंच+गाइड मेप+और ना जाने क्या क्या सुविधाएँ देने जा रहे हैं |इस पर भी लालकिले पे झंडा तो हमने ही फहराना है |इससे हसाड़े मुल्क का नाम विश्व भर में रौशन होगा के नहीं होगा?

झल्ला

ओ मेरे चतुर बादशाहो!बेशक यह अच्छा प्रयास है हो सकता है के कांग्रेस का झुकाव दूसरे बिडर इंडिगो की तरफ हो लेकिन इसके साथ ही अपने ऑफिस के डस्टबिन में भी झांक लो उसमे न जाने कितने ऐसे ही प्रपोजल डंप पढ़े हुए हैं |