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औलख साहिब! पहले सड़कों के किनारे भांग की झाड़ियां भी मिलती थी

#भजपाई चेयर लीडर
ओए झल्लेया!अब तो खुश हो जा
अब तो हसाडे सोण मंत्री #बलदेवसिंहऔलख जी ने भी फरमा दिया है कि यूपी में जिन #सड़कों पर #धान उगती थी और जनता सड़कों को तरसती थी अब उनके सभी इलाकों में सड़कों के जाल बिछवा दिए है
#झल्ला
औलख साहिब! पहले सड़कों के किनारे भांग की झाड़ियां भी मिलती थी
हाँ जी !लोग रहें या ना रहे!! सड़को के जाल में हसाडी इकॉनमी तो उलझ ही गई। हाँ सड़कों के किनारों पर पहले यत्र तत्र सर्वत्र #भांग की झाड़ियां भी जिनके किनारे बैठ के श्रमिक और नशेड़ी हथेलियां रगड़ते नजर आते थे ।अब वोह दृश्य ओझल हो गए।#बॉलीवुड से ही भांग का शब्द गूंजने लगा है

पी एम ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास में गति के लिए इलेक्ट्रानिक निगरानी को कहा

[नई दिल्ली]पी एम ने इंफ्रास्ट्रक्चर सेक्टर के विकास में गति के लिए इलेक्ट्रानिक निगरानी को कहाबुनियादी ढांचा विकास में तेजी लाने के इरादे से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज अपने मंत्रियों से ढांचागत
[infrastructure ]परियोजनाओं की प्रभावकारी मानक इलेक्ट्रानिक माध्यम से निगरानी करने को कहा |
उन्होंने रेलवे को एफडीआई प्रोत्साहित करने के लिये व्यापक योजना देने को कहा है।
प्रधानमंत्री ने अवसंरचना[infrastructure sectors ]क्षेत्र में प्रगति की समीक्षा की
प्रधानमंत्री श्री मोदी ने आज प्रमुख अवसंरचना क्षेत्रों: नागर विमानन+बंदरगाह + अंतर्देशीय जलमार्ग+]रेल+सड़क +दूरसंचार+बिजली, +कोयला और नवीन तथा नवीकरणीय ऊर्जा [Civil Aviation, Ports and Inland Waterways, Railways, Roads, Telecom, Power, Coal, and New and Renewable Energy.]की प्रगति की समीक्षा की।
यह अवसंरचना पर आधारित समीक्षाओं की नियमित श्रृंखला का हिस्सा है, जिसे प्रधानमंत्री प्रत्येक माह करते हैं। पी एम ने बताया कि अवसंरचना के क्षेत्र में तीव्र विकास उनकी शीर्ष प्राथमिता है और उन्होंने भारत में विश्वस्तरीय अवसंरचना के निर्माण की जरूरत पर भी जोर दिया।
श्री मोदी ने प्रभावकारी मानकों के माध्यम से अवसंरचना के क्षेत्र में विकास की प्रगति की निगरानी के महत्व पर जोर दिया, जिसे प्रत्येक क्षेत्र के लिए चिन्हित किया गया है। उन्होंने कहा कि मंत्रालयों को इलेक्ट्रॉनिक रिपोर्टिंग प्रारूपों के आधार पर इस पर नजर रखनी चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि राज्य सरकारों के साथ ही सार्वजनिक क्षेत्रों द्वारा दक्षेस देशों सहित अन्य देशों के साथ जो पहल की गयी है, अवसंरचना क्षेत्र में प्रगति की निगरानी करते समय उनका ध्यान रखना चाहिए।
प्रधानमंत्री ने कहा कि सागरमाला परियोजना को बंदरगाह आधारित विकास में अग्रणी होना चाहिए और उसे ‘’मेक इन इंडिया’’ के उनके दृष्टिकोण के लिए एक प्रमुख कड़ी के रूप में होना चाहिए, जिसने भारत के वैश्विक व्यापार में ऊंची छलांग लगाई है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि रेलवे में शत-प्रतिशत प्रत्यक्ष विदेशी निवेश की अनुमति दी गई है और इसलिए रेलवे को प्रत्यक्ष विदेशी निवेश में आसानी के लिए एक व्यापक योजना तैयार करनी चाहिए।
प्रधानमंत्री ने सौर ऊर्जा सहित अक्षय ऊर्जा पर फिर से जोर दिया। उन्होंने राजस्थान और गुजरात के मरूस्थलीय क्षेत्रों में भारत-पाकिस्तान सीमा के आसपास एक सौर बिजली गलियारे की जरूरत पर जोर दिया। इस दिशा में पांच मेगावाट क्षमता की प्रत्येक दो शीर्ष परियोजनाएं शुरू की जा रही हैं।
निजी सार्वजनिक भागीदारी के माध्यम से
500 शहरों में ठोस कचरा प्रबंधन और अपशिष्ट जल प्रबंधन के अपने दृष्टिकोण की चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि
जैव ऊर्जा इस दृष्टिकोण का एक महत्वपूर्ण घटक होगा।
प्रधानमंत्री ने भारत की वैश्विक अवधारणा में व्यापक परिवर्तन लाने के उद्देश्य से नई सड़क परियोजनाओं के साथ-साथ विश्वस्तरीय सुविधाओँ के प्रावधान तैयार करने पर जोर दिया।
फोटो कैप्शन
The Prime Minister, Shri Narendra Modi reviews the progress of infrastructure sector, in New Delhi on September 12, 2014.

राहुल जी अगर भाजपा के शासन काल में बनी सडकों पर केवल चमकती कारें ही चलती हैं तो यूं पी ऐ की सडकों पर तो हवाई जहाज लैंड करते होंगे

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया हसाड़े होने वाले प्रधान मंत्री राहुल गाँधी जी ने तो मध्य प्रदेशके भाजपाई मुख्य मंत्री शिव राज सिंह की मांद में जाकर सिंह नाद कर दियाओये तालियों की गूँज में उन्होंने बता दिया कि भाजपा जनता को विकास के नाम पर केवल भूख परोस रही है| सड़कें बना कर आदि वासियों की जमीन हड़प रही है और उन्हें सड़क के दूसरी तरफ खडा करके केवल सुनहरे सपने ही दिखा रही है ओये अब एम् पी में कमल को हसाडा हाथ मसल कर रख देगा |

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाण जी ठप्पे रहो+ ढंके रहो|अरे आप जी के राहुल गाँधी आज कल अपने जोहर दिखा रहे हैं यह अच्छी बात है हर जगह स्थानीय समस्यायों के माध्यम से लोगो से संवाद स्थापित कर रहे हैं लेकिन अपने भाषण के दौरान कुर्ते की बाँहें चडा कर + अति उत्साह में एक आध तीर ऐसा चला देते हैं जो लौट कर उनके तरफ ही आता दिखता है|अब जैसे राहुल गाँधी ने शहडोल में कहा कि भाजपा ओनली सड़कें बना कर लोगों को सपने परोस रही हैं सडकों के जो आंकडें उन्होंने पढ़ कर सुनाये वोह उनकी तरफ ही लौट कर आते हैं | बिना सुने तुम भी नहीं मानोगे |राहुल गाँधी ने कहा कि एनडीए की सरकार ने दो हजार छह सौ पचास किलोमीटर सड़क बनवाई जबकि यूपीए ने उतने ही समय में नौ हजार पांच सौ सत्तर किलोमीटर सड़कें बनवा दी फिर उन्होंने सीना ठोककर कहा कि सड़क हम ज्यादा बनाते हैं चतुर सुजाण जी अब आप ही बताओ अगर भाजपा के शासन काल में बनी सडकों पर केवल चम् चमाती कारें ही चलती हैं तो यूं पी ऐ की सडकों पर तो हवाई जहाज लैंड करते होंगे|

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