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पी एम ओ साहब, पी एम का जनता से सीधे संवाद कायम कराओ तभी जाकर राजनीतिक चमत्कार देख पाओगे

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

उत्तेजित कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाडे सोणे ते मन मोहने पी एम के कम्युनिकेशन अधिकारी का कमाल ओये पंकज पचौरी ने मीडिया में आकर कर तथ्यों के साथ खुलासा किया है कि हसाडे मन मोहने १० सालों में कभी मौन नहीं रहे उन्होंने विश्व स्तरीय अनेक उपलब्धियां हासिल की हैं लेकिन भाजपाई पैसे से दबे मीडिया ने कभी तरजीह नहीं दी अब फिर से पी एम को बदनाम करने के लिए संजय बारु और पी सी परख की किताबों को तूल देकर पी एम को क्रूसेडर+कंस्पिरेटर+ वीक प्राइम मिनिस्टर बताया जा रहा|
ओये मन मोहने ने ११९८ भाषण दिए हैं और पी एम ओ से प्रेस रिलीज भी जारी की जा रही हैं यहाँ तक कि पी एम ओ की वेबसाइट को रोजाना अंग्रेजी+हिंदी में अपडेट किया जा रहा है।उसके बावजूद मन मोहने की पगड़ी उछाली जा रही है

झल्ला

अरे मेरे चतुर सुजाण बेशक सोणे मन मोहने पी एम ने मौन मोह त्याग कर चार चुनावी रैलियां की हैं| इसके बावजूद जनता से संवाद स्थापित करने के लिए आप लोगों को एन डी टी वी विख्यात पंकज पचौरी की पत्रकारिता की जरुरत पड़ रही है अरे जनता से सीधे संवाद स्थापित कराओ और दो केन्द्रों की सत्ता को स्वीकार करके बहादुरी से आगे आओ तभी जाकर कोई राजनितिक चमत्कार हो पायेगा

उपिंदर तो बेशक”घुग्गु” पी एम की स्पोर्ट में हैं लेकिन प्रियंका तो वाकई “सुपर” पी एम को बचा रही हैं

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया अब तो मानता है ना कि बेटियां खानदान की पहचान होती हैं|ओये देख हसाडे सोणे ते मन मोहने पी एम की बेटी उपिंदर सिंह और माननीय सोनिया जी की बेटी प्रियंका वढेरा ने अपने माता पिता पर हमला करने वालों की बोलतीएक झटके में ही बंद कर दी है |उपिंदर ने अपने पिता के पूर्व सलाहकार संजय बारु को धोखे बाज और प्रियंका ने डॉ मन मोहन सिंह को सुपर पी एम बता कर अपने माता पिता का बचाव कर लिया है|बड़े आये थे पी सी परख और संजय बारू हसाडे सोणे पी एम को एक्सिडेंटल+ क्रूसेडर और सोनिया जी को सुपर पी एम बताने वाले |सारे के सारे किताबी योद्धा धराशाई हो गए|

झल्ला

वाकई चतुर सुजाण जी बेटियां खास तौर पर कांग्रेसी बेटियां किसी भी तरीके से किसी से कम नहीं हैं लेकिन झल्लेविचरानुसार उपिंदर सिंह को तो मजबूरन हमेशा घुग्गु बन खामोश रहने वाले पिता के बचाव में आगे आना पड़ा और संजय बारू को पीठ पर चुरा घोंपने वाला बताना पड़ा लेकिन प्रियंका गांधी को क्यूँ कर पी एम का बचाव करने के लिए पी एम को सुपर पी एम बताना पड़ गया “झल्ले” को लगता है कि अपने भाई को सपोर्ट कर रही प्रियंका ने अपनी मम्मी को भी बचाने के लिए यह शब्द बाण चलाया है

क्रूसेडर+एक्सिडेंटल पी एम अर्थ शास्त्री किताबों के कीड़े हैं इनपर “राजनीतिक” किताबी बम्ब फोड़े जा रहे हैं ये अच्छी बात नहीं है

झल्ले दी झल्लियां गल्लाँ

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया अब तो मानता है ना कि हम डॉ मन मोहन सिंह को कमजोर प्रधान मंत्री कहतेथे ठीक ही कहते थे अब तो उनके अपने सचिव और पत्रकार ने भी हसाडे आरोपों पर अपनी सहमति की मोहर लगा दी है|पीसी पारख और संजय बारु ने दो किताबें छाप कर यह साबित कर दिया कि केंद्र की सरकार का दूसरा केंद्र १० जनपथ में हैं और कोयला घोटाले की रोकथाम के लिए बेचारे प्रधान मंत्री की एक नहीं चलने दी गई |अब ये कांग्रेसी क्रूसेडर एक्सिडेंटल पी एम को कांस्पिरेटर बताने में जुटे हुए हैं |

झल्ला

ओ मेरे सेठ जी दोबारा पी एम नहीं बनने की घोषणा कर चुके सोणे ते मन मोहने को इन किताबों से कोई फर्क नहीं पड़ने वाला हाँ चुनावों के दौर में इन किताबों को बेस्ट सेलर का खिताब जरूर मिल सकता है| वैसे डॉ मन मोहन सिंह किताबों के पुराने कीड़े हैं ये और बात है कि अर्थ शास्त्र की किताबों के कीड़े हैं इसके बावजूद सोणे पी एम पर आर्थिक बम्ब के बजाय क्रूसेडर ऑर कांस्पिरेटर कोलगेट एंड अदर ट्रूथ “+ “एक्सिडेंटल प्राइम मिनिस्टर “किताबों के माध्यम से “राजनीतिक” बम्ब फोड़े जा रहे हैं ये अच्छी बात नहीं है | बोले तो क्रूसेडर+एक्सिडेंटल पी एम अर्थ शास्त्री किताबों के कीड़े हैं इनपर “राजनीतिक” किताबी बम्ब फोड़े जा रहे हैं ये अच्छी बात नहीं है