राजोआना को माफी नही:शाह;एसजीपीसी ने दुख जताया

(नईदिल्ली,अमृतसर,) राजोआना को माफी नही:शाह;एसजीपीसी ने दुख जताया
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को लोकसभा में कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री बेअंत सिंह की हत्या के दोषी बलवंत सिंह राजोआना को कोई माफी नहीं दी गई है।
सदन में शून्यकाल के दौरान लुधियाणां से कांग्रेस सांसद और स्वर्गीय बेअंत सिंह के पौत्र रवनीत सिंह बिट्टू के एक पूरक प्रश्न के उत्तर में शाह ने यह जानकारी दी।
बिट्टू ने सवाल किया कि क्या राजोआना को माफी दी जा रही है? इस पर शाह ने कहा, ‘‘मीडिया रिपोर्ट पर मत जाइए। कोई माफी नहीं की गई है।’’ गौरतलब है कि राजोआना को बेअंत सिंह की हत्या के मामले में दोषी है।
शाह के इस बयान पर एसजीपीसी के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोंगोवाल ने दुख जताया

Modi Reiterates Govt’s Support For Victims of 1984’s Sikh Genocide

[New Delhi]Modi Reiterates Govt’s Support For Victims of 1984’s Sikh Genocide
Prime Minister of India Narendra Modi met victims of the 1984 Sikh genocide after the Union cabinet meeting on Wednesday and assured them of the government’s full support,
The victims were accompanied by the Shiromani Akali Dal (SAD) president Sukhbir Singh Badal, Union minister Harsimrat Kaur Badal, party MP Naresh Gujral and heads of Sikh religious bodies SGPC and DSGPC.
As per Union minister Harsimrat Kaur Badal Modi commended the victims for their 34-years-long fight for justice. She added that the victims got justice under the Modi government after Sajjan Kumar was sentenced to life in prison for his role in the 1984 anti-Sikh riots.
Gujral, who was accompanying the victims, said they all got very emotional after meeting Modi and sought protection from him, which was assured by the prime minister.

अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह का इस्तीफा:सिख धर्म सियासत

[अमृतसर,पंजाब] अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी गुरबचन सिंह ने इस्तीफा दिया
इसके लिए उन्होंने अपने खराब स्वास्थ्य का हवाला दिया है|
मीडिया में जारी विज्ञप्ति में बताया गया कि उन्होंने अपने इस्तीफे का खत शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष गोविंद सिंह लोंगोवाल और एसजीपीसी के कार्यकारी सदस्यों को भेजा है । मालूम हो के वर्तमान सी एम कैप्टेन अमरंदेर सिंह ने सिख धर्म की सबसे बढ़ी संस्था एस जी पी सी पर कब्जे के लिए शिरोमणि अकाली दल के वर्चस्व को चुनौती दी हुई है

SGPC Gets New Prabandh Committee

[New Delhi] SGPC Gets New Pradhan in Gobind Singh,GS In Karmuwala . Raghujit Singh will be the senior vice-president, Harpal Singh will be the junior vice-president.
BJP Ruled Centre has notified the names of the office-bearers of the Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC),
SGPC manages gurdwaras of
Himachal Pradesh and
Chandigarh, with Gobind Singh as the President and Gurbachan Singh Karmuwala as the General Secretary.
In a communication, the Union Home Ministry said the 15-member body of the SGPC, which also manages the Golden Temple in Amritsar, will have one senior vice-president and one junior vice-president.
The executive committee members are:
Sajjan Singh,
Bhagwant Singh,
Lakhbir Singh,
Bibi Gurpreet Kaur,
Gurtej Singh,
Hardev Singh,
Ravinder Singh,
Gurmeet Singh (i),
Gurmeet Singh (ii),
Navtej Singh and
Amrik Singh.

अकाल तख्त ने धार्मिक फिल्मों पर लगाम के लिए बनाया “सिख सेंसर बोर्ड”

[चंडीगढ़,पंजाब] अकाल तख्त ने धार्मिक फिल्मों पर लगाम के लिए बनाया ‘सिख सेंसर बोर्ड’
अकाल तख्त ने यह कहते हुए ‘ सिख सेंसर बोर्ड ’ का गठन किया है कि अब सिखों से संबंधित और उनके धर्म से संबंधित फिल्म बनाने से पहले फिल्मनिर्माताओं को यहां से मंजूरी लेनी होगी।
पिछले महीने ‘ नानक शाह फकीर ’ फिल्म के रिलीज को लेकर उपजे विवाद के बाद यह कदम उठाया गया है। यह फिल्म सिखों के पहले गुरु पर बनी है।
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) ने इस फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए उच्चतम न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था लेकिन न्यायालय ने इस पर रोक लगाने से इंकार कर दिया था।
बोर्ड की सिफारिश के बाद अकाल तख्त वृत्तचित्र (डॉक्यूमेंट्री) या एनिमेशन फिल्म के बारे में अंतिम फैसला लेगा।

‘Nanak Shah Fakir’Clears Top Legal Hurdle

[New Delhi] ‘Nanak Shah Fakir’ Clears Legal Hurdle
The Supreme Court today cleared the decks for an all-India release of the controversial movie ‘Nanak Shah Fakir’ on April 13.
The top court criticised the apex Sikh body Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) for putting restrictions on the release of the movie, based on the life and teachings of the first Sikh guru, Guru Nanak Dev.
A bench of Chief Justice Dipak Misra and justices A M Khanwilkar and D Y Chandrachud said once the statutory body like the Central Board of Film Certification (CBFC) has cleared the movie, no individual has the right to impede its release.
The petitioner Harinder S Sikka, a retired Naval officer and the producer of the film, had approached the apex court seeking protection of the Fundamental Right of speech and expression and the propagation of religious views which, he alleged, was being curtailed by certain section of the people having vested interests in scuttling the release of the movie.
The CBFC had cleared the movie on March 28 but, Sikka claimed, he had received a communication on March 30 from SGPC asking him not to release the film.

Now UP’s Sikh Gurudwaras Demand GST Free “Langar”

[Lucknow,UP] Now UP’s Sikh Gurudwaras Demand GST Free “Langar”
The Lucknow Gurudwara Pabandhak Committee (LGPC) today made a demand for immediate withdrawal of GST on ‘langar’ — community meal
Earlier, the Shiromani Gurudwara Parbandhak Committee (SGPC), which manages all gurdwaras, and Union Food Processing Minister Harsimrat Kaur Badal has also urged the Centre to exempt the free kitchens at the Golden Temple and other Sikh shrines from the purview of the Goods and Services Tax (GST).
“This is for the first time in the 450 year history of the Gurudwaras that GST was being levied on ‘langar’ service,” LGPC President Rajendra Singh Bagga said while addressing a press conference here.
Former Uttar Pradesh minister and MLC Balwant Singh Ramoowalia, who was also present in the conference, said the Sikh society was highly agitated over the decision to impose GST on ‘langar’.
He claimed that till December 31, 2017, the Centre had collected Rs 2 crore from the Gurudwaras.
Importantly, the GST is not served on food served in langars itself, but is charged on the purchase of raw materials used to prepare the food.

सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था “एसजीपीसी”जस्टिन ट्रूडो का करेगी भव्य स्वागत

फतेहगढ़ साहिब,पंजाब]सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था “एसजीपीसी”जस्टिन ट्रूडो का करेगी भव्य स्वागत
शिरोमणि गुरद्वारा प्रबंधक समिति के अध्यक्ष गोबिंद सिंह लोगोंवाल ने आज कहा कि एसजीपीसी कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो का, अमृतसर स्थित स्वर्ण मंदिर के दौरे में भव्य स्वागत करेगी।गौरतलब हे के अभी तक पंजाब के मुख्य मंत्री कैप्टेन अमरिंदर सिंह द्वारा इस दिशा में कोई घोषणा नहीं की गई लेकिन एसजीपीसी ने अपना स्टैंड क्लियर करते हुए आगंतुक पी एम का स्वागत करने की घोषणा कर दी है
लोगोंवाल ने यह भी मांग की कि गुरद्वारों की लंगर सेवा पर जीएसटी समाप्त किये जाने की भी मांग की |जस्टिन वर्तमान में भारत यात्रा पर आये गए हैं और बीते दिन आगरा में ताजमहल का दीदार करने पहुंचे हुए थे |इनके कार्यक्रम में अमृतसर में स्वर्ण मंदिर विजिट भी शामिल है

किरपाल सिंह बादुंगर ‘शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी’ के दोबारा प्रमुख बने

 Golden Temple ASR

Golden Temple ASR

[अमृतसर,पंजाब]किरपाल सिंह बादुंगर शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी [एसजीपीसी] के दोबारा प्रमुख बने
किरपाल सिंह बादुंगर को आज शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया ।वह इससे पहले 2001 में भी एसजीपीसी के अध्यक्ष थे।
वह अवतार सिंह मक्कड़ का स्थान लेंगे, श्री मक्कड़ का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है।
एसजीपीसी की महासभा में बादुंगर का नाम पंजाब के कैबिनेट मंत्री तोता सिंह ने प्रस्तावित किया और एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने उनके नाम का समर्थन किया।
महासभा में
हरियाणा के बलदेव सिंह कियामपुरी को उपाध्यक्ष,
बाबा बूटा सिंह को कनिष्ठ उपाध्यक्ष और
अमरजीत सिंह चावला को महासचिव चुना गया।
तेजा सिंह समुंद्री हॉल में ‘बोले-सो-निहाल सतश्री अकाल’ के उद्घोष के बीच निकाय के पदाधिकारियों का चुनाव हुआ।
महासभा में
190 सदस्य होते हैं जिसमें
170 निर्वाचित,
15 नामांकित और
पांच तख्त प्रमुख होते हैं,
जो स्थायी सदस्य होते हैं।
पांच स्थायी तख्त प्रमुखों को वोट देने का अधिकार नहीं होता है

Devotees Visiting at Golden Temple Will Have Free WiFi

[Amritsar,Punjab] Devotees Visiting at Golden Temple Will Have Free WiFi
Devotees visiting Punjab’s Golden Temple will now have free Wi-Fi internet access within the temple complex and its peripheral area.
Additional Secretary of Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee, Daljit Singh Bedi said The service would not be available inside the sanctum sanctorum of the temple and the marbled area around the water pond, keeping religious ethics in view,
The facility would be available in all nearby routes around the periphery of Golden Temple, besides all the guest-houses run by SGPC for pilgrims in the temple complex.
wi-fi would also be functional in all the offices of SGPC and related offices of Golden Temple, besides Akal Takht.
Bedi said the free wi-fi facility will be provided by Videocon.