Ad

Tag: Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC)

SGPC “Bans” Photography Inside Sikh Shrine The Golden Temple

[Amritsar,Pb]SGPC “Bans” Photography,Video Shoot Inside Golden Temple
The Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC), which manages Sikh shrines, has banned photography and videography in the precincts of the Golden Temple
It has put a notice board in the marbled periphery of the Sikh shrine, prohibiting devotees to click photos and make videos, an SGPC
The decision was taken to avoid any “disturbance” to the spiritual atmosphere inside the Golden Temple,
Devotees take selfies with the Golden Temple in the background. A large number of devotees visit the Golden Temple daily, the holiest Sikh shrine, to pay obeisance at the sanctum sanctorum.

कैप्टेन “एसजीपीसी”से अकाली वर्चस्व समाप्त करने पर अड़े

[दिल्ली]कैप्टेन “एसजीपीसी”से अकाली वर्चस्व समाप्त करने पर अड़े | पंजाब में कांग्रेस के सीएम कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने कहा के वोह
शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमिटी “एसपीजीसी” से अकालियों के वर्चस्व को समाप्त तो करना चाहते हैं लेकिन इस धार्मिक स्थल की राजनीती में दखलंदाजी नहीं करेंगे | एक समिट में बोलते हुए उन्होंने कहा के वोह निजीतौर पर अकालियों को एस जी पी सी से बाहर देखना चाहते हैं इसीलिए वोह किसी भी राजनितिक दाल को समर्थन दे सकते हैं |कैप्टेन ने प्रकाश सिंह बादल और सुखबीर सिंह बादल
की गिरफ़्तारी पर बोलते हुए कहा के ऐसे ही किसी को भी जेल में नहीं डाला जा सकता |गौरतलब हे के धार्मिक ग्रन्थ की बेअदबी मामले में हुई मौतों को लेकर पूर्व मुख्य मंत्री प्रकाश सिंह बादल के खिलाफ एफ आई आर दर्ज है

किरपाल सिंह बादुंगर ‘शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी’ के दोबारा प्रमुख बने

 Golden Temple ASR

Golden Temple ASR

[अमृतसर,पंजाब]किरपाल सिंह बादुंगर शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी [एसजीपीसी] के दोबारा प्रमुख बने
किरपाल सिंह बादुंगर को आज शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी का अध्यक्ष नियुक्त किया गया ।वह इससे पहले 2001 में भी एसजीपीसी के अध्यक्ष थे।
वह अवतार सिंह मक्कड़ का स्थान लेंगे, श्री मक्कड़ का कार्यकाल आज खत्म हो रहा है।
एसजीपीसी की महासभा में बादुंगर का नाम पंजाब के कैबिनेट मंत्री तोता सिंह ने प्रस्तावित किया और एसजीपीसी की पूर्व अध्यक्ष बीबी जागीर कौर ने उनके नाम का समर्थन किया।
महासभा में
हरियाणा के बलदेव सिंह कियामपुरी को उपाध्यक्ष,
बाबा बूटा सिंह को कनिष्ठ उपाध्यक्ष और
अमरजीत सिंह चावला को महासचिव चुना गया।
तेजा सिंह समुंद्री हॉल में ‘बोले-सो-निहाल सतश्री अकाल’ के उद्घोष के बीच निकाय के पदाधिकारियों का चुनाव हुआ।
महासभा में
190 सदस्य होते हैं जिसमें
170 निर्वाचित,
15 नामांकित और
पांच तख्त प्रमुख होते हैं,
जो स्थायी सदस्य होते हैं।
पांच स्थायी तख्त प्रमुखों को वोट देने का अधिकार नहीं होता है

Indian Supreme Court Agrees to Hear SGPC for Prohibiting Jokes on Sikhs

[New Delhi]Supreme Court Agrees to Hear SGPC for Prohibiting Jokes on Sikhs
,The Supreme Court today agreed to hear on April 5 the plea of Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) along with other petitions seeking ban on circulation of jokes about the Sikh community and said it may act if people are commercially exploiting the jokes.
A bench comprising Chief Justice T S Thakur and Justice U U Lalit said that the fresh plea of the SGPC would be tagged along with other pending matters on the issue and will be heard together on April 5.
During the brief hearing, the bench asked advocate Satinder Singh Gulati, appearing for SGPC, to point out the areas where sub-judicial orders can be passed.
We will certainly look into it if entire community is feeling harassed,” the bench said, adding that it may pass some orders if circulation of such jokes is being commercially exploited.
The counsel for SGPC said, “A stereotype has been created and Sikhs are being discriminated in society because of a particular language and religion.”
Earlier, on a separate plea by Delhi Sikh Gurudwara Management Committee (DSGMC) against jokes on Sikhs, the apex court had observed that there was a need for sensitising the society from the formative stages.
The Supreme Court, which had asked for suggestions from the committee, had said it can stop jokes when they are circulated for a commercial purpose and it would examine the framing of guidelines to stop circulation of racist or communal jokes in the cyber world.

एसजीपीसी ने नए साल में वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया

[अमृतसर,पंजाब] एसजीपीसी ने नए साल में वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया एसजीपीसी ने नए साल की शुरुआत में ही अपने वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया और एक को सेवानिवृत किया|
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी [एसजीपीसी]ने नए साल की पहले दिन चार पंज प्यारों को बख्रास्त कर दिया और पांचवें को सेवानिवृत घोषित कर दिया ।इस बख्रास्तगी को पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले सोमवार को पंज प्यारों ने एसजीपीसी से कहा था कि वह एक जनवरी तक पांच तख्तों के जत्थेदारों को हटाए ।
बीते 23 अक्तूबर को जारी किए गए अपने पहले के ‘गुरमत’ का पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए 28 दिसंबर को पंज प्यारों ने कहा था कि एसजीपीसी की ओर से एक जनवरी तक जत्थेदारों को हटाए जाने के बाद वे दो जनवरी को सिख समुदाय के भविष्य के कदम के बारे में घोषणा करेंगे ।
मीडिया में आज जारी किए गए एक लिखित बयान में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने सभी पंज प्यारों को ‘‘वेतनभोगी कर्मी’’ कहा था । उन्होंने कहा कि सेवा नियमों के साथ-साथ सिख धर्म के नियम-कायदों का ‘‘घोर उल्लंघन’’ करने के कारण चार कर्मियों को बख्रास्त किया गया है ।मक्कड़ ने कहा कि भाई सतनाम सिंह, भाई तारलोक सिंह, भाई सतनाम सिंह और भाई मंगल सिंह को बख्रास्त कर दिया गया है जबकि पांचवें कर्मी भाई मेजर सिंह कल सेवानिवृत्त हो गए ।
बहरहाल, एसजीपीसी ने सेवानिवृत पंज प्यारों के खिलाफ किसी अनुशासनिक कार्रवाई का जिक्र नहीं किया है ।

Panj Pyaras Demand Removal of Jathedars of All Five Takhts: Religious Hot Waives

[Amritsar,Punjab] Panj Pyaras(five beloved religious preachers)Demand Removal of Jathedars of All Five Takhts(seats of Sikh religion).
Religious Waives In Punjab, Getting Heat Again
In an unprecedented development, the Panj Pyaras of the Akal Takht today asked the Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee (SGPC) to remove the Jathedars of five Takhts , alleging that they had “created furore and restlessness in the community”.However, all the five Jathedars who were asked to appear at Akal today didn’t turn up on the call of Panj Piyaras today.
Satnam Singh, a Panj Pyara, told Media
“We have asked the SGPC to terminate the services of the five Jathedars, including Jathedar Akal Takht Giani Gurbachan Singh, immediately as the Sikh community has no faith in them due to their recent anti-Panthic acts that created furore and restlessness in the community,”
When asked that the SGPC, the apex religious body of the Sikhs, had already suspended the Panj Pyaras , he said, “The SGPC has suspended their employees and we are here in the capacity of Panj Pyaras, who always remain independent to take any decision in the larger interest of the Sikh community.”
On Wednesday, the Panj Pyaras had summoned the Jathedars of five Takhts to explain the pardon given to Dera Sacha Sauda head Gurmeet Ram Rahi. This had invited their suspension by the SGPC.
The Panj Pyaras said the Jathedars didn’t turn up today in the Golden Temple complex, prompting them to demand their resignation.