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Tag: SikhReligion

मौका है! मजबूरी है!! मैनेजमेंट है!!! सो अकाली दबाव भी जारी है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

अकाली चीयर लीडर

औए झल्लेया ये क्या हो रहा है?औए ये भाजपाई अब हसाड़े धर्म में भी हस्तक्षेप करने लग गए |भई पटना साहब के एक धार्मिक गुरु ने बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार की चमचागिरी करते हुए सभी हदें पार कर दी | हुजूर साहब+नांदेड़ साहब+में चल रही पारम्परिक सिख धर्म व्यवस्था में अड़ंगे लगाने लग गए |अब जब अमृतसर से सजा सुनाई गई तो ये भगवा वाले ही राजनीती करने लग गए यहाँ तक के हसाड़े पवित्र गुरुद्वारों में दखल देने लग गए

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान जी! आप भी पीछे क्यूँ रहो! मौका है! मजबूरी है!मैनेजमेंट हैं ! शायद इस दबाब से पंजाब में मन चाही लोक सभा की दस सीटें और हरियाणा में तीन सीटें मिल जाएँ

एसजीपीसी ने नए साल में वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया

[अमृतसर,पंजाब] एसजीपीसी ने नए साल में वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया एसजीपीसी ने नए साल की शुरुआत में ही अपने वर्चस्व का अहसास कराते हुए पांच प्यारों में से चार को बर्खास्त किया और एक को सेवानिवृत किया|
शिरोमणि गुरूद्वारा प्रबंधक कमेटी [एसजीपीसी]ने नए साल की पहले दिन चार पंज प्यारों को बख्रास्त कर दिया और पांचवें को सेवानिवृत घोषित कर दिया ।इस बख्रास्तगी को पलटवार के तौर पर देखा जा रहा है, क्योंकि पिछले सोमवार को पंज प्यारों ने एसजीपीसी से कहा था कि वह एक जनवरी तक पांच तख्तों के जत्थेदारों को हटाए ।
बीते 23 अक्तूबर को जारी किए गए अपने पहले के ‘गुरमत’ का पालन न करने को गंभीरता से लेते हुए 28 दिसंबर को पंज प्यारों ने कहा था कि एसजीपीसी की ओर से एक जनवरी तक जत्थेदारों को हटाए जाने के बाद वे दो जनवरी को सिख समुदाय के भविष्य के कदम के बारे में घोषणा करेंगे ।
मीडिया में आज जारी किए गए एक लिखित बयान में एसजीपीसी के अध्यक्ष अवतार सिंह मक्कड़ ने सभी पंज प्यारों को ‘‘वेतनभोगी कर्मी’’ कहा था । उन्होंने कहा कि सेवा नियमों के साथ-साथ सिख धर्म के नियम-कायदों का ‘‘घोर उल्लंघन’’ करने के कारण चार कर्मियों को बख्रास्त किया गया है ।मक्कड़ ने कहा कि भाई सतनाम सिंह, भाई तारलोक सिंह, भाई सतनाम सिंह और भाई मंगल सिंह को बख्रास्त कर दिया गया है जबकि पांचवें कर्मी भाई मेजर सिंह कल सेवानिवृत्त हो गए ।
बहरहाल, एसजीपीसी ने सेवानिवृत पंज प्यारों के खिलाफ किसी अनुशासनिक कार्रवाई का जिक्र नहीं किया है ।