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पीएम “मोदी” ने नोटबंदी पर हमलावर सोनिया को उनके ७० वें जन्मदिन पर दी बधाई

[नईदिल्ली] पीएम “मोदी” ने विपक्षी नेत्री श्रीमती सोनिया को उनके ७० वें जन्मदिन पर दी बधाई
भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी को आज उनके 70वें जन्मदिन पर शुभकामनाएं दी और उनकी दीर्घायु एवं अच्छे स्वास्थ्य की कामना की।
मोदी ने ट्वीट किया, ‘‘श्रीमती सोनिया गांधी को जन्मदिन की शुभकामनाएं। ईश्वर उन्हें अच्छा स्वास्थ्य एवं दीर्घायु दे।’’
सोनिया का जन्म नौ दिसंबर 1946 को इटली में हुआ था।
प्रधानमंत्री ने ऐसे समय में सोनिया गांधी को बधाई दी है जब कांग्रेस नोटबंदी को लेकर मोदी के खिलाफ तीखा हमला कर रही है।
सोनिया के पुत्र एवं कांग्रेस उपाध्यक्ष राहुल गांधी इस हमले का नेतृत्व कर रहे हैं।
मोदी को निशाना बनाते हुए राहुल ने नोटबंदी को कल एक ‘‘मूखर्तापूर्ण निर्णय’’ करार दिया था।

कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया की आर्मी अस्पताल में हालत स्थिर

[नयी दिल्ली]कांग्रेस अध्यक्षा सोनिया की आर्मी अस्पताल में हालत स्थिर
कांग्रेस के अनुसार श्रीमती सोनिया गाँधी की हालत स्थिर, है और अस्पताल में रखी जा रही है उनकी सेहत पर निरंतर नजर
कांग्रेस पार्टी ने कहा है कि पार्टी अध्यक्ष सोनिया गांधी की हालत आज ‘स्थिर’ है और वह आर्मी रिसर्च एवं रेफरल हॉस्पिटल में विशेषज्ञ चिकित्सकों की निगरानी में हैं। सोनिया को कल देर रात तेज बुखार के चलते यहां भर्ती कराया गया था।
अस्पताल की ओर से सोनिया गांधी की सेहत के संबंध में कोई जानकारी अभी जारी नहीं की गई है लेकिन कांग्रेस ने कहा है कि चिकित्सकीय देखरेख में उनकी हालत सुधर रही है।
कांग्रेस प्रमुख सोनिया [६९] कल आधी रात के करीब दिल्ली लौट आई थीं।
उन्हें बीमार होने की वजह से वाराणसी में आठ किलोमीटर का रोडशो बीच में ही छोड़ना पड़ा था।
अखिल भारतीय कांग्रेस समिति के मीडिया सेल के प्रभारी रणदीप सुरजेवाला ने बयान में कहा, ‘‘कल ही उन्होंने [सोनिया] कहा था कि वह जनता से मिलने के लिए और ‘‘काशी विश्वनाथ जी के ऐतिहासिक मंदिर के दर्शन करने के लिए’’ वाराणसी लौटकर आएंगी। लौटने पर उन्हें दिल्ली के अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनकी हालत स्थिर है। चिकित्सकीय देखरेख में उनकी हालत सुधर रही है।”

कैप्टेन अमरिंदर ने भी मांग लिया राहुल,कहा संभाल सकते हैं कांग्रेस की कमान

[चंडीगढ़,पंजाब] कैप्टेन अमरिंदर ने भी माँगा राहुल ,कहा संभाल सकते हैं कांग्रेस की कमान |
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष कैप्टन अमरिंदर सिंह ने कहा कि राहुल गांधी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर उनकी मां श्रीमती सोनिया गांधी से कामकाज संभालने का यह सही समय है।
प्रदेशाध्यक्ष ने प्रियंका गांधी वड्रा के सक्रिय राजनीति में प्रवेश की भी वकालत की।
सिंह ने संवाददाता सम्मेलन में कहा,
‘‘सोनिया गांधी एक अद्भुत नेता हैं। मैंने यह इसलिए कहा है क्योंकि वह पिछले 20 साल से [कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में] काम कर रहीं हैं। अगर उन्हें लगता है कि यह जिम्मेदारी नयी पीढ़ी को देने का समय आ गया है तो उन्हें देनी चाहिए और हम पूरी तरह राहुल का समर्थन करेंगे।
वह इस प्रश्न का उत्तर दे रहे थे कि क्या कांग्रेस उपाध्यक्ष के लिए सोनिया गांधी से जिम्मेदारी अपने हाथ में लेने का समय आ गया है।
सिंह ने कहा, ‘‘देखिए, उन्होंने मुझसे इस बारे में बात नहीं की है। लेकिन हमें जो पता चल रहा है कि वह अब महसूस कर रही हैं कि नयी पीढ़ी के लिए समय आ गया है, जो आज हर कोई कह रहा है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘हम यह इसलिए भी कह रहे हैं कि भारत की 70 प्रतिशत आबादी 40 साल से कम की है। वह भी यह बात जानती हैं। हो सकता है कि वह महसूस कर रहीं हों कि वह इसे नयी पीढ़ी को सौंप दें। मुझे लगता है कि इसमें कुछ नया नहीं है।’’ जब पूछा गया कि क्या राहुल इसी महीने कामकाज संभाल सकते हैं तो अमरिंदर ने कहा, ‘‘देखिए, मुझे यह नहीं पता। अगर सोनियाजी राहुलजी को कमान देना चाहती हैं तो मुझे लगता है कि सब समर्थन करेंगे।’’ सोनिया के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘उन्होंने १९९७ से वाकई बहुत मेहनत की है।

सिब्बल की क़ाबलियत को सोनिया ने माना,राज्यसभा के लिए यूपी से भरेंगे पर्चा

[लखनउ,यूपी] सिब्बल की क़ाबलियत को सोनिया ने माना,राज्यसभा के लिए 30 मई को यूपी से भरेंगे पर्चा
पूर्व केन्द्रीय मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता कपिल सिब्बल 30 मई को राज्यसभा के लिए अपना पर्चा दाखिल करेंगे।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष निर्मल खत्री के अनुसार , ‘‘कपिल सिब्बल आगामी 30 मई दिन सोमवार को सुबह दस बजे विधानसभा में अपना नामांकन दाखिल करेंगे।’’
उल्लेखनीय है कि अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी द्वारा सिब्बल को उत्तर प्रदेश में होने वाले राज्यसभा चुनाव के लिए कांग्रेस का अधिकृत प्रत्याशी घोषित किया गया है।मीडिया में पिछले दिनों सतीश शर्मा और कपिल सिब्बल में कम्पटीशन के कयास लगाए जा रहे थे|बजजपा के दो साल पपूरे होने पर कपिल सिब्बल ने अपनी वकालत की क़ाबलियत का प्रदर्शन करके केंद्र पर अनेको व्यंग बाण चलाये थे |
पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम को
महाराष्ट्र से राज्यसभा के द्विवार्षिक चुनाव के लिए कांग्रेस का प्रत्याशी बनाया गया है जबकि
जयराम रमेश कर्नाटक से राज्यसभा के लिए पार्टी के प्रत्याशी होंगे।
चुनाव के लिए जो अन्य लोग प्रत्याशी बनाए गए हैं उसमें कर्नाटक से
ऑस्कर फर्नांडिस, पंजाब से कांग्रेस महासचिव
अंबिका सोनी,
छत्तीसगढ़ से छाया वर्मा,
मध्य प्रदेश से विवेक तनखा और
उत्तराखंड से प्रदीप टम्टा शामिल हैं।

केजरीवाल भटके मृग की भांति प्रसिद्धि तृष्णा के लिए मोदी+सोनिया के पीछे ही भाग रहे हैं

[नई दिल्ली]केजरीवाल भटके मृग की भांति प्रसिद्धि तृष्णा के लिए मोदी+सोनिया के पीछे ही भाग रहे हैं |
विज्ञान और गणित के कुशल छात्र रहे अरविन्द केजरीवाल को बीते दिनों किसी दरबारी ने यह दोहा सुना दिया है के जात ना पूछो साधू की पूछ लीजिए ज्ञान सम्भवत इसीलिए केजरीवाल ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी का ज्ञान पर सवाल उठा दिया है ,किसी दरबारी ने दूसरा दोहा नहीं सुनाया जिसके अनुसार “पोथी पढ़ी पढ़ी जग मुआ गया न मन का फेर ढाई आखर प्रेम का जो पढ़े सो पंडित होय ” यही कारण है के केजरीवाल दूसरों की पोथियों के पीछे पढ़े हुए हैं |केजरीवाल सब्सिडी वाली टेक्नोलॉजी में ग्रेजुएट होने के उपरान्त भी इस दिशा में देश के लिए कोई उल्लेखनीय कार्य नहीं कर पाए उलटे राजनीती में प्रवेश करके तुगलकी अंदाज में देश की फिंजा खराब करने पर तुले हुए हैं|
इतिहास की मान्यतानुसार दिल्ली के तख़्त पर कभी मुहम्मद बिन तुग़लक़ नशीन हुआ करते थे |तत्कालीन इतिहासकारों द्वारा उन्हें सर्वाधिक शिक्षित+विद्वान +योग्य व्यक्ति बातया गया है लेकिन उन्होंने भी अपने ज्ञान का उपयोग अपनी सनक भरी योजनाओं+ क्रूर-कृत्यों में ही प्रयोग किया |मुहम्मद को दूसरे के सुख-दुख के प्रति उपेक्षा का भाव रखने के कारण ‘स्वप्नशील’,’पागल’+’रक्त-पिपासु’ तुगलक तक कहा गया है।
यहां तक इतिहासकारों ने सुल्तान को अधर्मी भी घोषित किया है।
यधपि अभी केजरीवाल को तुगलकी ऊंचाई तक नहीं ले जाया जा सकता ,लेकिन एक दिशा में केजरीवाल तुगलक से आगे दिखाई देते हैं वह है अपनी कमियों को छुपाने के लिए दूसरों के चरित्र हत्या |शायद इतिहास तुगलक में यह गुण नहींढूंढ पाया |
केजरीवाल ने दूसरों को गालियां देने+अपमानित करने+और अपने दोषियों को लाभान्वित करने की दिशा में कदम बढ़ा दिया है|मृगतृष्णा में भटके मृग की भांति कभी दिल्ली की पूर्व मुख्य मंत्री शीला दीक्षित तो कभी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी प्रकाश सिंह बादल तो आजकल कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के पीछे भाग रहे है और अपनी प्रसिद्धि तृष्णा को बुझाने का प्रयास करते दिखाई देते हैं |
कुछ धर्मों को आदर और विशेष धर्म का अनादार भी करना शुरू कर दिया है |

Modi,Slashing Congress’sIntolerancePolicy,Reopens1984Sikh Genocide Chapter

[New Delhi,]Modi, Slashing Congress’s Intolerance Policy,Reopens Chapter Of 1984 Sikh Genocide
PM Narendra Modi Speaking in Purnia Rally Said That Congress has no right to talk about tolerance after 1984 anti-Sikh riots He Added That they[congress] are enacting a drama.PM Has given reply to congress’s proposed March Against Intolerance
As per sources In Delhi Congress president Sonia Gandhi and vice president Rahul Gandhi are expected meet President Pranab Mukherjee this week to bring his attention towards growing intolerance in the country,
Expressing Her concern over rising intolerance, Sonia Gandhi had at a function yesterday vowed to fight the “diabolical design” of divisive forces to spread hatred, which posed a threat to the unity of the country.
“Organisations and people of a particular ideology are spreading it to divide people.

कांग्रेस और भाजपा लोकतन्त्र के मंदिर में बहस करने के बजाय सडकों पर तू तू में में पर उतरी

[नयी दिल्ली]कांग्रेस और भाजपा लोकतन्त्र के मंदिर में बहस करने के बजाय सडकों पर तू तू में में पर उतरीइसे देश का दुर्भाग्य ही कहा जाएगा कि दो बढ़ी लोकतान्त्रिक पार्टियां कांग्रेस और भाजपा लोकतान्त्रिक मंदिर के बजाय बाहर सडकों पर बहस पर उतर आई है| संसद से बाहर एक दूसरे पर जम कर आरोप प्रत्यारोप लगाये जा रहे हैं|संसदीय प्रणाली को ठप्प कराकर सडकों पर सवाल जवाब किया जाना शायद अपने आप में संसदीय प्रणाली की उपयोगिता पर सवालिया निशान लगाता है और इस लोकतांत्रिक व्यवस्था के प्रति राजनितिक दलों की भावनाओं को प्रगट करता है|
आज सुबह टीवी चैनलों को बाइट देते हुए कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनियागांधी ने विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज को ड्रामे बाज कह दिया तो उनके पुत्र और कांग्रेस के उपाध्यक्ष राहुलगांधी ने एक कदम आगे बढ़ाते हुए श्रीमती सुषमा को चोर और आईपीएल के दागी मुग़ल ललितमोदी से रिश्वत खाने वाला बता दिया| इसके अलावा कांग्रेसजनों ने स्पीकर[महिला] के विरुद्ध अर्धनग्न प्रदर्शन भी किया |
इन तीखी टिप्पणियों से दोनों राष्ट्रीय दलों में स्वाभाविक तनातनी बढ़ गइ है।इसके अलावा कांग्रेस पार्टी के नेताओं की ओर से स्पीकर सुमित्रा महाजन पर पक्षपात करने के आरोप लगे हैं।स्मिृति ईरानी ने कांग्रेस नेताओं के इन बयानों को संसद की गरिमा के खिलाफ बताया|
गांधी परिवार को जवाब देते हुए मानव संसाधन मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी ने कहा कि दोनों महिलाएं [सुमित्रा +सुषमा] सामान्य परिवार से आई है।
स्मृति ने कहा, ‘‘देश के लोग जानते हैं कि सामान्य परिवार से आने वाली महिला को समाज और उसकी अर्थव्यवस्था में स्थान बनाने के लिए कितना कठिन परिश्रम करना होता है। सामान्य तौर पर ऐसी महिलाओं के बच्चे भी कठिन परिश्रम करते हैं। ’’ उन्होंने कहा, ‘‘ गांधी परिवार एक अपवाद हो सकता है जिसे पैसा कमाने के लिए धूप में पसीना बहाने की जरूरत नहीं पड़ी। ’’
कांग्रेस पार्टी के युवा इकाई के सदस्यों ने स्पीकर द्वारा कांग्रेस के 25 सदस्यों को निलंबित करने के निर्णय के खिलाफ शर्ट उतार कर प्रदर्शन किया जिसके आधार पर कांग्रेस के मोरल पर प्रश्न चिन्ह लगाते हुए स्मृति ने पूछा कि क्या राहुल गांधी चाहते हैं कि कांग्रेस इन्हीं मूल्यों को सीखे।
उन्होंने कहा, ‘‘ लोकसभा में सुषमाजी ने चुनौती दी थी कि एक भी कागजात ला कर दिखाएँ कांग्रेस पार्टी चुनौती स्वीकार करे। लेकिन इनके पास कुछ भी नहीं है। स्मृति ने व्यंग करते हुए कहा कि कांग्रेस के लिए कैमरे पर डेढ मिनट का बाइट देना आसान है लेकिन सदन में डेढ घंटे अपनी बात रखना कठिन है।
स्मृति ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, ‘ देश की संसद में जब कोई वक्तव्य देता है, तब देश की जनता को विश्वास में लेकर और उसके भरोसे के साथ देता है। कांग्रेस नेता का बयान देश की जनता के जनादेश का अपमान है।’’

कांग्रेस विहीन लोकसभा में आज एमईऐ सुषमा स्वराज ने ललितमोदी काण्ड में खुल कर अपना बचाव किया

[नयी दिल्ली]कांग्रेस विहीन लोक सभा में आज एम ई ऐ श्रीमती सुषमा स्वराज ने ललित मोदी काण्ड में खुल कर अपना बचाव किया |सुषमा ने कांग्रेस से प्रश्न किया कि क्या सोनिया गांधी स्वयं १७ वर्षों से कैंसर पीड़ित ललित मोदी की बेकसूर +निर्दोष पत्नी को मरने को छोड़ देतीं|
आई पी एल के दागी मुग़ल ललित मोदी प्रकरण पर विदेश मंत्री श्रीमती सुषमा स्वराज ने आज कहा कि उन्होंने आईपीएल के पूर्व चेयरमैन की नहीं बल्कि कैंसर से पीड़ित उनकी पत्नी की मदद की थी। इस मामले में विदेश मंत्री के इस्तीफे की मांग कर रही कांग्रेस अध्यक्ष के पाले में गेंद डालते हुए उन्होंने कहा कि अगर सोनिया गांधी उनकी जगह वह होतीं तो क्या वह उस महिला को मरने के लिए छोड़ देतीं।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ यदि एक कैंसर से पीड़ित महिला की मदद करना अपराध है तो मैं देश के समक्ष अपना गुनाह कुबूल करती हूं और इसके लिए सदन मुझे जो सजा देना चाहे , मैं भुगतने के लिए तैयार हूं।’’
उन्होंने साथ ही कांग्रेस अध्यक्ष को निशाने पर लेते हुए कहा, ‘‘यदि सोनिया गांधी मेरी जगह होतीं तो क्या वे ऐसी कैंसर पीड़ित महिला को मरने के लिए छोड़ देतीं। यह बड़ा मानवीय संवेदना का मामला है। यह ललित मोदी की मदद करने का मामला नहीं है।’’ ललित मोदी मामले में विदेश मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर लोकसभा में हंगामा करने के कारण अध्यक्ष की ओर से अपने 25 सदस्यों के निलंबन की कार्रवाई का सामना कर रहे मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस की गैर मौजूदगी में सुषमा ने लोकसभा में यह बयान दिया।
विदेश मंत्री ने कहा, ‘‘ललित मोदी को यात्रा दस्तावेज देने का मैंने ब्रिटिश सरकार से कभी अनुरोध या सिफारिश नहीं की। यह आरोप असत्य, गलत और निराधार है।’’ हालांकि उन्होंने कहा, ‘‘मैंने केवल इतना कहा था कि यदि ब्रिटिश सरकार ललित मोदी को यात्रा के दस्तावेज देती है तो इससे हमारे दोनों देशों के रिश्ते खराब नहीं होंगे।’’

संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन रोबर्ट वढेरा को लेकर भाजपाई गरजे और सदन स्थगित हुआ

[नयी दिल्ली]संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन आज रोबर्ट वढेरा को लेकर भाजपाई गरजे और सदन दिन भर के लिए स्थगित हुआ
विपक्ष के ललित मोदी प्रकरण के जवाब में सत्ता पक्ष ने श्रीमती सोनिया गांधी के दामाद रोबर्ट वढेरा का मुद्दा उछाला
संसद सत्र पर कांग्रेस अध्यक्षा श्रीमती सोनिया गांधी के दामाद राबर्ट वढेरा द्वारा फेसबुक पर की एक गयी टिप्पणी को लेकर सत्ता पक्ष ने आज उन्हें संसद में बुलाकर दंडित करने की मांग की जिसके चलते सदन में जबरदस्त हंगामा हुआ और कार्यवाही सवा 12 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी गयी।
शून्यकाल में भाजपा के प्रहलाद जोशी+ अजरुन राम मेघवाल ने वढेरा की टिप्पणी को संसद पर हमला बताते हुए कहा कि इससे संसद की गरिमा को ठेस पहुंची है। उन्होंने तुरंत वढेरा को सदन में बुलाकर टिप्पणी के लिए दंडित करने की मांग उठाई
और इस मामले को विशेषाधिकार समिति को भेजे जाने की मांग की।
सदन में कांग्रेस के नेता मल्लिकाजरुन खड़गे ने इसका कड़ा प्रतिवाद करते हुए कहा कि वढेरा सदन के सदस्य नहीं हैं इसलिए जोशी की टिप्पणी को कार्यवाही से निकाला जाए।
सदन में मौजूद सोनिया गांधी, जोशी की इस टिप्पणी पर उद्वेलित नजर आयीं और अपनी पार्टी के सदस्यों से कुछ कहती देखी गयीं।
रोबर्ट वढेरा ने 21 जुलाई को फेसबुक पर संसद सत्र के बारे में टिप्पणी करते हुए कहा था, ‘‘ संसद शुरू हो गयी है और साथ ही शुरू हो गयी है उनकी क्षुद्र विभाजनकारी राजनीति…. भारत की जनता बेवकूफ नहीं है ….खेद है कि भारत का नेतृत्व ऐसे तथाकथित नेता कर रहे हैं।’’
ललित मोदी प्रकरण में विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे तथा व्यापमं मामले में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के इस्तीफे की मांग को लेकर पहले से ही आसन के समक्ष नारेबाजी कर रहे कांग्रेस और कुछ अन्य विपक्षी दलों के सदस्य वढेरा संबंधी टिप्पणी से और अधिक आक्रोशित हो उठे।
सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों ओर से जबरदस्त हंगामा शुरू हो गया जिसके चलते अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही लगभग सवा 12 बजे दिनभर के लिए स्थगित कर दी।

श्रीमती सोनिया ने नरेंद्र मोदी की सरकार पर कल्याणकारी राज्य संरचना को ध्वस्त करने केआरोप लगाये

[नयी दिल्ली]कांग्रेस अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी ने आज केंद्र में एन डी ऐ की सरकार पर हमला किया और आरोप लगाया कि वह अपने सहकर्मियों को ‘‘सांप्रदायिक ध्रुवीकरण’’ के लिए ‘‘भय और दबाव’’ का माहौल उत्पन्न करने की अनुमति देकर ‘‘खतरनाक दोहरा खेल’’ खेल रही है ।
उन्होंने सरकार पर यह भी आरोप लगाया कि वह कल्याणकारी राज्य संरचना को ध्वस्त करने के ‘‘सुनियोजित प्रयास’’ कर रही है ।
सोनिया ने पार्टी कार्यकर्ताओं से कहा कि वे भूमि विधेयक और खाद्य सुरक्षा कानून पर सरकार के कदमों का ‘‘मजबूती से विरोध’’ करें ।
‘‘एक तरफ प्रधानमंत्री खुद को सुशासन और संवैधानिक मूल्यों के बड़े पैरोकार के रूप में पेश करना चाहते हैं, वहीं दूसरी तरफ वह अपने कई सहकर्मियों को घृणास्पद बयानों और सांप्रदायिक ध्रुवीकरण करने की अनुमति देते हैं ।
कांग्रेस मुख्यमंत्रियों के एक दिवसीय सम्मेलन, जो पिछले साल लोकसभा चुनाव में पार्टी की करारी हार के बाद पहला सम्मेलन है, के अपने उद्घाटन संबोधन में उन्होंने कहा, ‘‘यह पहले ही हमारे धर्मनिरपेक्ष ताने बाने को नष्ट कर चुका है । डर और दबाव का माहौल जानबूझकर उत्पन्न किया गया है ।