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राजनीती में जायेंगे,खेल मंत्री बनेंगे या फिर सचिन खोलेंगे कांग्रेस क्रिकेट अकादमी, ये विचारने का समय आज नहीं

अदभुत अभूतपूर्व क्रिकेटर सचिन हों गए आज भूतपूर्व
क्या किसी ने सोचा था कभी?
रुलाएंगे सभी को टेस्ट क्रिकेट से इतनी जल्दी लेकर सन्यास
क्या किसी ने सोचा था कभी?
सेंचुअरी नहीं बनी कोई बात नहीं दूसरी पारी तक नहीं खेलेंगे
क्या किसी ने सोचा था कभी?
इतिहास बना जायेगा सचिन का टेस्ट क्रिकेट से यूं सन्यास
क्या किसी ने सोचा था कभी?
राजनीती में जायेंगे खेल मंत्री बनेंगे या फिर सचिन खोलेंगे क्रिकेट अकादमी???
ये सब विचारने का समय आज नहीं

सचिन के मैच में राहुल की मौज में मोदी मोदी होगी,भाई ये तो किसी ने भी नहीं सोची होगी

सचिन के मैच में राहुल की मौज में मोदी मोदी होगी,
ये तो किसी ने भी नहीं सोची होगी
अरबों रुपयों के सट्टे की खबरों के बाद भी सचिन की सेंचुअरी पूरी होगी,
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
प्याज, आलू टमाटर के बाद नमक की भी किल्लत होगी
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
चाय बेचने वाले मोदी को प्रधान मंत्री बनाने की हौड़ होगी
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
स्वर कोकिला लता मंगेस्कर मोदी को पी एम् देखना चाहेंगी
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
लता मंगेशकर से भारत रत्न वापिस लेने की कांग्रेसी मांग होगी
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
प्रभु राम के नाम पर भाजपा को जे डी[ यूं] दे देगी तलाक
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी
राम नाम को लूटने बिहार में भी भव्य राम मंदिर की स्थापना होगी
ये तो किसी ने नहीं सोची होगी

टाइमपास झल्ली शायरी

9/11/2013
मन में पी एम् पद की चाह लिए मोदी चले बनने दौर का महा मानव
मनीष तिवारी ने थाम ली ये लगाम और उवाच दिए नरेंदर को दानव
२००२ में जिसे कहा मौत का सौदागर उ स को ११ साल बाद दिया और एक नया नाम
महंगाई ,भष्टाचार ,बेरोजगारी,अपराध से जन जन का जीना हो रहा है दुश्वार
लगता है कि सत्ता कुमारों को पर्यायवाची ठोकने के अलावा नहीं दूसरा कोई काम
सरकारे आलिया का फरमान है,३६० टीवी चैनलों सुधर जाओ ,मोदी मोदी चिल्लाना करो बंद राहे फतह में ना रोड़े अटकाओं,
प्रधान मंत्री की राष्ट्रीय दिवस पर स्पीच का कुछ तो रखो मान ,नरेंदर मोदी से तुलना करके हमारी जग में हसाईँ न कराओ
इतना रखना याद ये यह सिर्फ सलाह नहीं कोई धमकी ख़ास ,लेकिन हुई अगर हुकुम अदूली तो फिर बचने की मत रखना आस
रहनुमा हो तो हुजूर रहनुमाई करो ,बेरुखी से बददुआएँ क्यूँ खरीदते हो
इंसान हूँ इंसानियत ही है ईमान मेरा ,इंसानियत की खुश्बू को ही तरसता हूँ
आये हैं वोह मेरी कब्र पर कई उम्मीदों के साथ ,सितम गर ने अभी तक सितम ढाना नहीं छोड़ा
बन्दर तो बन गया इंसान, कुदरत का करिश्मा देखिये ,लो इंसान अब बन रहा हैवान, सियासी करिश्मा देखिये