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Tag: Union Ministry for Housing & Urban Poverty Alleviation

यूंपी के बारह शहरों को बनाया जायेगा स्मार्ट सिटी

[नयी दिल्ली] यूंपी के १२ शहरों सहित देश के ९८ शहरों को स्मार्ट सिटी बनाने की कवायद शुरू हो गई है
देश की 12 करोड़ आबादी जो कि कुल शहरी जनसंख्या का 35 % है लाभान्वित होगी | १०० शहरोंके लिए ४८ हजार करोड़ रुपयों की घोषणा की गई है इतनी ही राशि स्थानीय निकायों द्वारा की जानी तय की गई है
केंद्रीय शहरी विकास मंत्री एम वेंकैया नायडू ने सूची जारी करते हुए कहा कि इन प्रस्तावित 98 स्मार्ट सिटी की आबादी करीब 12 करोड़ है जो 2011 की जनगणना के मुताबिक देश की कुल शहरी जनसंख्या का 35 फीसदी है ।
चुने गए शहरों की संरचना के मुताबिक
[१]35 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी एक लाख से पांच लाख के बीच है ।
[२]21 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी पांच लाख से 10 लाख के बीच है ।
[३]25 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी 10 लाख से 25 लाख के बीच है ।
[४] 05 शहर ऐसे हैं जिनकी आबादी 25 लाख से 50 लाख के बीच है ।
[१]चेन्नई[२]ग्रेटर हैदराबाद[३]ग्रेटर मुंबई [४] अहमदाबाद की आबादी 50-50 लाख से ज्यादा है ।
चुने गए 98 शहरों में 24 राजधानियां हैं+ 24 व्यापारिक एवं औद्योगिक केंद्र हैं+18 सांस्कृतिक एवं पर्यटन महत्व के केंद्र हैं, ०५ शहरों में बंदरगाह हैं और 03शैक्षणिक तथा स्वास्थ्य देखभाल केंद्र हैं ।
एक लाख या इससे कम आबादी के बावजूद इस सूची में शामिल किए गए शहरों में सिलवासा, दीव, कवारत्ती, अरूणाचल प्रदेश का पासीघाट और सिक्किम का नामची है ।
स्मार्ट सिटी परियोजना में जिन नौ राजधानियों को शामिल नहीं किया गया है, वह पटना+ईटानगर+शिमला+बेंगलूर+दमन+तिरूवनंतपुरम+पुदुचेरी+गंगटोक +कोहिमा हैं ।
बंगाल में कोलकाता के पास का न्यू टाउन, गोवा की राजधानी पणजी, हिमाचल प्रदेश का धर्मशाला उन आठ शहरों में है जो स्मार्ट सिटी की सूची में हैंईयू पी के बारह शहर निम्न हैं
[क्रम] शहर नाम ==========================आबादी
1. मोरादाबाद =========================8,87,871
2. अलीगढ =============================8,74,408
3. सहारनपुर =========================7,05,478
4. बरेली =============================9,03,668
5. झाँसी =============================5,05,693
6. कानपूर ==============================27,65,348
7. इलाहाबाद =============================11,12,544
8. लखनऊ ============================28,17,105
9. वाराणसी =============================11,98,491
10. ग़ज़िआबाद =========================16,48,643
11. आगरा ==============================15,85,704
12. रामपुर ============================3,25,313

मोदी भापे साल का कैलेंडर बदल गया लेकिन डीडीऐ ने दिल्ली के पौने दसलाख आवेदकों को पैसा नहीं लौटाया है

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

डीडीऐ चीयर लीडर

ओये झल्लेया मुबारकां ओये अब तो दिल्ली में हसाडे उपाध्यक्ष बलविंदर कुमार और मंत्री वेंकय्या नायडू जी की होजानी हैं बल्ले बल्ले |दिल्ली में रह जायेंगे सारे थल्ले थल्ले |
ओये हसाडे सोणे प्राधिकरण ने अगले साल २४ हजार फ्लैट और बणा के डाल देने हैं दिल्ली वालों की झोली में

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाणा हुन इतना अभी न इतराना|ओये आप लोगों ने अपनी आवास योजना २०१४ के असफल आवेदकों को उनकी जमा पूँजी तो लौटाई नहीं है और गल्लां करते हो नई योजना की|
भापा जी २५ नवम्बर को हुए ड्रॉ के लिए १० लाख से ज्यादा आवेदन अाये थे |
सात लाख से लेकर सवा करोड़ रुपये तक के २५ हजार मकान देने हैं
इनमे से पौने दस लाख आवेदकों को पैसा “वाइट” में लौटाना है |
सरकार बदल गई+कार्य शैली बदल गई +यहाँ तक कि साल का कैलेंडर भी बदल गया है
लेकिन अभी तक आप लोगों के हालात नहीं सुधरे हैं |
झल्ले विचारानुसार ये लोक लुभावन नारों के साथ साथ लोक भावन कामों को भी गति प्रदान करो वरना ये पैदा हो रहे पौने दस लाख असंतुष्ट आने वाले चुनावों में भाजपा की नीवं को हिला देंगें |

देश में 18.7 मि‍लि‍यन आवासीय इकाईयों की कमी है इसीलिए सस्‍ते मकान बनाईये: डॉ. गि‍रि‍जा व्‍यास

देश में 18.7 मि‍लि‍यन आवासीय इकाईयों की कमी है इसीलिए सस्‍ते मकान बनाईये: डॉ. गि‍रि‍जा व्‍यास
आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री ने रि‍यल एस्‍टेट सेक्‍टर से वहन करने योग्‍य सस्‍ते मकान बनाने को कहा
आवास और शहरी गरीबी उपशमन मंत्री डॉ. गि‍रि‍जा व्‍यास से रि‍यल एस्‍टेट सेक्‍टर से कहा है कि‍ वह पूंजी और टेक्‍नोलॉजी के जरि‍ए बड़े पैमाने पर सस्‍ते और वहन करने योग्‍य मूल्‍य पर मकान बनाकर समावेशी भारत के नि‍र्माण में सरकार की मदद करें।
डॉ. व्‍यास भारतीय उद्योग परि‍संघ(सीआईआई) द्वारा आयोजि‍त 9वें रि‍यल एस्‍टेट सम्‍मेलन को संबोधि‍त कर रही थी। उन्‍होनें कहा कि‍भारत में 18.7 मि‍लि‍यन आवासीय इकाईयों की कमी है। इस कमी को पूरा करने के लि‍ए बड़े पैमाने पर टेक्‍नोलॉजी का सहारा लि‍या जा सकता है। डॉ. व्‍यास ने बताया कि‍रि‍यल एस्‍टेट(वि‍नि‍यम और वि‍कास) वि‍धेयक, 2013 को कैबि‍नेट ने मंजूरी दे दी है और इसे संसद के मानसून सत्र में पेश कि‍ए जाने का प्रस्‍ताव है। उन्‍होंने कहा कि‍इस वि‍धेयक से रि‍यल एस्‍टेट सेक्‍टर में एक ओर पेशेवर दक्षता बढ़ेगी तो दूसरी ओर घरेलू और वि‍देशी नि‍वेश भी आएगा।
भारत में रि‍यल एस्‍टेट सेक्‍टर के वि‍कास ने सरकार द्वारा की गई पहल की चर्चा करते हुए आवास और शहरी गरीबी उपशमन सचि‍व श्री ए. के. मि‍श्रा ने कहा कि‍पि‍छले दशक में इस क्षेत्र का काफी वि‍कास हुआ है। मंजूरी में वि‍लंब के बारे में उन्‍होंने कहा कि‍राज्‍य सरकारों के साथ वि‍चार-वि‍मर्श कर के मंजूरी प्रक्रि‍या तेज करने के लि‍ए मंत्रालय द्वारा अनेक कदम उठाए गए है।
फोटो कैप्शन
The Union Minister for Housing & Urban Poverty Alleviation, Dr. Girija Vyas addressing the 9th Edition of Conference on Real Estate Vision for Real Estate, Housing and Retail, in New Delhi on August 02, 2013