Archive for: November 2021

Kejriwal Live in Glass House & Stones at Others;Sidhu

Laughing Jatt Sidhu Slammed AAP Supremo Kejriwal Over Poll Promises

Punjab Congress president Navjot Singh Sidhu on Monday slammed AAP leader Arvind Kejriwal over poll promises, saying those who live in glass houses should not throw stones at others .

He dubbed as a lollipop Kejriwal’s promise of giving Rs 1,000 per month to all women above 18 in Punjab if AAP is voted to power and asked him how many women have been given this amount in Delhi. 

The Congress leader also questioned the Delhi CM on how many jobs he has created for teachers, days after the opposition party’s national convener promised to regularise services of temporary teachers in the state.

Sidhu’s remarks came a day after Kejriwal accused the leaders of the Congress, BJP and the SAD of constantly bashing his party AAP for the announcements. 

In a series of tweets, Sidhu targeted the Delhi CM for not having one woman in his cabinet.

Those who live in glass houses should not throw stones at others. @ArvindKejriwal Ji you talk of women empowerment, jobs & teachers. However, you don’t have one woman minister in your Cabinet. How many women in Delhi get Rs 1000 despite revenue surplus left by (former Delhi CM) Sheila Dikshit Ji !!, tweeted Sidhu. 

He said women empowerment means mandatorily engaging women in every step of electoral process like the Congress is doing in Punjab. 

True leadership is not in giving lollipops of Rs 1000 but investing in their future by providing skills for self-employment & woman entrepreneurs-Punjab Model, he said in another tweet.

On the issue of teachers, Sidhu accused the Kejriwal government of filling vacant posts by engaging guest teachers.

On teachers and jobs, in 2015 there were 12,515 job vacancies of teachers in Delhi, & in 2021 there are 19,907 such job vacancies of teachers in Delhi and you are filling most of the vacant posts by just guest lecturers, said Sidhu.

He further questioned Kejriwal where are eight lakh jobs and 20 new colleges his party had promised in 2015, dubbing them as failed guarantees . 

On the contrary, the unemployment rate of Delhi has increased by almost five times in the last five years, he alleged in another tweet.

Besides promising Rs 1,000 per month for women, Kejriwal during his recent visits to Punjab had also assured temporary teachers to regularise them. 

This was Sidhu’s second big attack on AAP within a week.

Earlier on November 24, targeting the AAP over its sop announcements ahead of the Punjab elections, Sidhu had said people won’t fall prey to populist measures without the backing of a policy framework, defined budget allocations and implementation metrics.

He had then said true leaders do not give “lollipops” and instead focus on building the foundations of society and economy.

In the run-up to the Punjab polls, Aam Aadmi Party national convener Arvind Kejriwal has announced a slew of sops for different sections of society.

Earlier, he had promised up to 300 units of free electricity for each household, 24-hour power supply and free treatment and medicines at government hospitals.

SGPC Gets New President in H S Dhami

 (Asr,Pb)SGPC Gets New President  in H S Dhami

Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee honorary chief secretary Harjinder Singh Dhami  Promoted to the Post of  president of the apex religious body of the Sikhs.,Dhami succeeded Bibi Jagir Kaur as the president of the SGPC.
The Shiromani Akali Dal had on Monday announced Kaur as party candidate from the Bholath Assembly seat in Kapurthala district for the polls.
Dhami, a Badal family loyalist, is a member of the SGPC from Sham Chaurasi segment of Hoshiarpur district
The other officer-bearers who were elected include Raghujit Singh Virk (senior vice-president), Surinder Singh (junior vice-president) and Karnail Singh Panjoli (general secretary). 
The SGPC general house of 191 members comprises 170 elected by Sikh voters, 15 co-opted and six sitting heads of Sikh temporal seats and the Golden Temple head priest.

मोदीभापे !ये सियासी मजबूरी है या विभाजन पीड़ित दिल से ही मंजूर नही



#मोदीभापे !

हुक्मरानों ने सुनी फरियाद,समझी फिर रद्दी में बेच दी

तुमने हमारी सुनी,फिर समझ कर अपनी भी कह दी

हाय री किस्मत ,पतनाला वही का वही गिर रहा है

ये सियासी मजबूरी है या दिल से ही मंजूर नही हम

#रिहैबिलिटेशन/#कम्पेनसेशन क्लेम की लूट




मोदीभापे ! दलों ने लूट कर बांट लिया विभाजन पीड़ित का रिहैबिलिटेशन क्लेम



#मोदीभापे !

दलों ने लूट कर बांट लिया रिहैबिलिटेशन क्लेम जो विभाजन विभीषिका के पीड़ित का था

तभी 75 सालों से ना समाजिक अपील ,ना ही सरकारी दलील,सियासी वकील तक नही,

#रिहैबिलिटेशनक्लेम की लूट

भारतीय रेल बस ठेलमठेल,पेलमपेल,खेलमखेल

#भारतीयरेल खेलमखेल खेलमखेल ,खेलमखेल

ना खाना,ना पर्दे,ना स्पीड ना तकिया नहीकम्बल

आईआरईटीसी के बन्दे बेच रहे सब कुछ खुल्ले

कोच में लगे मॉनिटर सूचना देने में फेल्मफेल

कोरोना के नाम हर ग़ाड़ी में पेलमपेल, पेलमपेल

कटरा से लुधियाना आठ घण्टे में पहुंचाए जम्मू मेल

#राष्ट्रवाद और #धर्म के नाम लूट मचे चंहु औ

उपभोक्ता बेचारा झेलमझेल झेलमझेल,झेलमझेल

हर तरफ  बस ठेलमठेल,पेलमपेल,खेलमखेल


मोदीभापे !विभाजन विभीषिका पीड़ित किस्मत के भी मारे हैँ




विभाजन विभीषिका पीड़ित किस्मत के भी मारे हैँ

आसमान से गिराए  तो अभी तक खजूर पे अटके हैं

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मोदीभापे! रिश्तों को अपने पन का अहसास जरूरी,वरना डीएनए तक बदल जाता है




हमारे रिश्ते सबसे पुराने हैं,सो इन्हें तिजौरी से बाहर निकाल दिखलाते रहिए

रिश्तों को अपने पन का अहसास जरूरी,वरना डीएनए तक बदल जाता है

#रिहैबिलिटेशनक्लेम/#कम्पेनसेशन क्लेम की लूट


Adv. D S Patwalia New Advocate General of Punjab

  • (Chd,Pb) Adv. D S Patwalia New Advocate General of Punjab
    Punjab Congress chief Navjot Singh Sidhu is leant to have been pushing for his appointment.
    Patwalia was appointed as the state’s top law officer days after the resignation of senior advocate A P S Deol was accepted by the Punjab cabinet.
    Patwalia’s name had earlier also come up when Charanjit Singh Channi took over the chief minister in September. 
    Sidhu strongly opposed the appointment of Deol, who had represented former Punjab DGP Sumedh Singh Saini in cases related to the 2015 police firing incidents after the desecration of a religious text. 
    Sidhu had even stepped down as the Punjab Congress chief over the appointments of Deol and Iqbal Preet Singh Sahota as the director general of police. 

पीएम मोदी ने गुरुनानक के सिद्धांत का पालन करते हुए कृषि कानून वापिस लिए

(नई दिल्ली) #नरेंद्रमोदी ने आज #गुरुनानक प्रगटोत्सव पर गुरुनानक के पवित्र सिद्धांत “जो नीवां सौं गौरां” को अपनाते हुए विवादित तीन #कृषिकानून वापिस लेने की घोषणा के साथ ही विपक्ष के हाथ से ज्वलंत मुद्दा छीन लिया।इसे भजपा सरकार की हार बता कर विपक्ष लड्डू खाता दिखाई दे रहा है।किसकी जीत और किसकी हार ये तो पांच राज्यों में होने जा रहे चुनावों के बाद ही साफ हो पायेगा लेकिन सरकार के इस यू टर्न से  निश्चित तौर पर किसान को कोई लाभ होगा इस पर संदेह है। ऐसे इसके पश्चात ही अभी यह मुद्दा शांत होता नही दिख रहा।सैंकड़ों किसान दिल्ली की विभिन्न सीमाओं पर इन तीनों कृषि कानूनों को निरस्त करवाने की मांग पर नंवबर 2020 से धरना दे रहे हैं।यूपी के किसान नेता #राकेशटिकैत आंदोलन को हाथ से जाने नही देने के मूड में नही है तो कैप्टेन अमरिन्दर ,नवजोतसिंह सिद्धू और एसऐडी ,देवेगौड़ा,भारतीय किसान यूनियन उगराहां धड़े के नेता जोगिंदर सिंह उगराहां आदि ने इस फैंसले का स्वागत करते हुए भाजपा से दूरी कम करने का प्रयास कर लिया ।जिसका लाभ पंजाब में मिलना तय है। विपक्ष द्वारा कहा जा रहा है कि भाजपा सरकार देश के समक्ष झुक गई तो देश के समक्ष तनी हुई सरकार को कही श्रेष्ठ नही कहा गया।कांग्रेस और उसकी सहयोगी पार्टियां अभी संसद में अंतिम दावँ जरूर खेलना चाहेंगी। चिरपरिचित जांच और #श्वेतपत्र की मांग भी की जा सकती हैप्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीन विवादास्पद कृषि कानूनों पर आखिरकार अपनी सरकार के कदम वापस खींच लिये और देश से ‘‘क्षमा’’ मांगते हुए शुक्रवार को इन्हें निरस्त करने एवं न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) से जुड़े मुद्दों पर विचार करने के लिए एक समिति बनाने की घोषणा की।प्रधानमंत्री ने गुरु नानक जयंती के अवसर पर राष्ट्र के नाम संबोधन में यह घोषणाएं की और विवादास्पद कानूनों का विरोध कर रहे किसानों व कृषक संगठनों से अपना आंदोलन समाप्त करने की गुजारिश की।
ज्ञात हो कि पिछले लगभग एक साल से कृषक उपज व्यापार और वाणिज्य (संवर्धन और सरलीकरण) कानून, कृषि (सशक्तिकरण और संरक्षण) कीमत अश्वासन और कृषि सेवा करार कानून और आवश्यक वस्तु संशोधन कानून, 2020 के खिलाफ विभिन्न राज्यों व राजधानी दिल्ली की अलग-अलग सीमाओं पर किसान संगठन आंदोलन कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि इन कानूनों को निरस्त करने की संवैधानिक प्रक्रिया संसद के आगामी शीतकालीन सत्र में पूरी कर ली जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मैं आज देशवासियों से क्षमा मांगते हुए सच्चे मन से और पवित्र हृदय से कहना चाहता हूं कि शायद हमारी तपस्या में ही कोई कमी रही होगी, जिसके कारण दीये के प्रकाश जैसा सत्य कुछ किसान भाइयों को हम समझा नहीं पाए हैं।’’ 
उन्होंने आंदोलन कर रहे किसानों से अपने घर वापस लौट जाने की अपील भी की।

मोदीभापे !पीएमओ की घृणित औपचारिकता में 7 दशकों के पीड़ित तरस रहे हैं

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

दिल के फफोले

मोदीभापे !

सात बरस पहले सुना था इक मसीहा आया मुल्क का पीएम बन कर

पीएमओ की घृणित औपचारिकता में 7 दशकों के पीड़ित तरस रहे हैं

Rehabilitation Claim of Partition Horrors Victims