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Category: Defence

DAD Ccelebrates Annual Day by Launching Various Projects

(New Delhi)

Defence Accounts Department celebrates Annual Day by Launching  Four IT projects, including e-Office,

CGDA Rajnish Kumar , IDAS,gives away Raksha Mantri Awards for Excellence to officers & staff of the department

·        Motivational awards also distributed

·Defence Accounts Department (DAD) celebrated its annual day on October 01, 2021. To mark the occasion, Controller General of Defence Accounts (CGDA) Rajnish Kumar distributed Raksha Mantri Awards for Excellence to the officers and staff of the Department for their exemplary performance and dedication. The first award was shared by the team of the Administration Section in CGDA office and the office of the PCDA (Pensions) Prayagraj. 

Principal Controller of Defence Accounts (PCDA) Pensions, Prayagraj (Allahabad) got the award for implementation of project for online pension claim submission, processing and Electronic Pension Payment Order (ePPO) download for Personnel Below Officer Rank (PBORs), which helped pensioners get their due on time during the Covid-19 pandemic. The award was given to the Administration Section of the Controller General of Defence Accounts Office for exemplary performance in handling the COVID-19 crisis by efficient response management. The third award was given to PCDA (South-Western Command), Jaipur for the innovative design and development of the Command Training Module. 

The CGDA also gave away the CGDA Motivational Awards 2021 to the teams of PCDA (Air Force), Dehradun for review of Air Force orders, updating of Air Force Manuals and thematic Audit on provisioning of stores; and the team of Integrated Financial Adviser (IFA) Section, CGDA Headquarters for making the e-compendium of important orders relating to the working of IFA Offices. 

Shri Kumar also launched four new projects. These were e-Office, integration of New Compilation System (NCS) with Tulip, System for Integrated Financial Advisers – Plus (SIFA Plus) and No Due Certificate (NDC) audit software for Air Force officers and personnel. 

In his message on the occasion, the CGDA detailed the achievements of the department, appreciating the proactive induction of technology in service delivery mechanisms with a view to expediting, simplifying and automating systems and procedures. He stressed on the importance of ongoing Business Process Re-engineering activities in the Department. The CGDA emphasised on the need to update and simplify manuals and procedures to improve efficiency and effectiveness in a highly competitive and dynamic environment. 

Shri Kumar explained how DAD has been constantly leveraging technology for the dual benefits of providing transparent services and expediting the delivery procedures in the fields of pay, pension, accounting, audit and financial advice. He reiterated the commitment of DAD to substantially contribute to national security objectives through prudent, proactive and progressive defence financial management. He stressed that the age-old system of generating manual Pension Payment Orders is giving way to a completely automated system called System for Pension Administration (Raksha) – SPARSH. 

The DAD functions under the administrative control of Ministry of Defence and is headed by the Controller General of Defence Accounts. The department functions as a specialised organisation in the fields of accounts, audit, payment and financial advice.

मोदीभापे !लखनवी अंदाज़ सभी दुश्मनियों में काम नही आता

रक्षा बजट में 16000 करोड़ के उछाल से ₹1500000 की उम्मीद को भी पलीता लग ही गया

                                                    झल्लीगल्लां

भजपाईचेयरलीडर

ओए झल्लेया! मुबारकां !! ओए हसाडी सरकार बहुत जल्द अतिआधुनिक मिसाइल और हेलीकॉप्टर आदि खरीदने जा रही है।इसके लिए ₹ 16000 करोड़ खर्च करने को कमर कस ली गई है।ओये अब हसाडी रक्षा व्यवस्था ने चीन और पाकिस्तान के साथ ही तालिबानियों को नानी और दादी याद करा देणी है

झल्ला

चतुर सेठ जी!

अभी ₹ पांच लाख करोड़ की वसूली तो हुई नही कि उसमें छेद शुरू हो गए। आप लोगों के ये  तेवर देख कर लगता है कि ₹ 1500000 की उम्मीद को भी पलीता लग ही गया।

 

अमेरिका के लिए अफगानिस्तान में आत्मरक्षार्थ फुंकारते रहना जरूरी है

झल्लीगल्लां

पाकिस्तानी कट्टरपंथी

ओए झल्लेया! ये अमेरिका कौन सा नया खेल खेलने लगा हुआ है? एक तरफ तो अपनी सेनाओं को अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक  वापिस बुलाने की घोषणा कर रहा है तो दूसरी तरफ हवाई हमले किये जा रहा है।

झल्ला

मौलाना! अजगर अगर शाकाहारी हो जाये तो आप जैसे उसे ही मार खाएं ।इसीलिए शाकाहारी  अजगर तो अजगर सांप आदि को भी  आत्मरक्षार्थ फुंकारते रहना जरूरी है 

पाकिस्तान को तालिबान का एक और घर बनने से अब ख़ुदा ही बचा सकता है

                                                      झल्लीगल्लां

चिंतक

ओए झल्लेया! हसाडी नाक के नीचे पड़ोस में ये क्या खिचड़ी पक रही है ?पाकिस्तान के सफल रहे क्रिकेटर परंतु असफल प्रधानमंत्री इमरानखान  अफगानिस्तान पर काबिज तालिबान के प्रति हमदर्दी जता रहा है और उधर तालिबान सीना ठोक कर इमरान के पाकिस्तान को अपना दूसरा घर बता रहा है

ओये  ये दोनों तो आपस मे मिल गए अब हसाडे  कश्मीर का क्या होगा ???

झल्ला

भापा जी!हसाडा कश्मीर तो डोभाल जी  ,राजनाथ जी और नरेंद्रमोदी जी के सुरक्षित हाथों में है लेकिन अब अफगानिस्तान के पश्चात  पाकिस्तान को तालिबान के घर बनने से ख़ुदा ही बचा सकता है।

 

 

अफगान शरणार्थियों की सम्पत्ति का मुआवजा भी तालिबानी सरकार से वसूलो

                                                     झल्लीगल्ला

भारतीय गुरसिख

ओए झल्लेया!हिन्दू और सिखों को और कितने ज़ुल्म सहने होंगे!1947 में शुरू हुई पीड़ा का दर्द अभी भी हमे रुलाता है ।ऐसे में अब अफगानिस्तान से हसाडे लोगों का विस्थापन शुरू हो गया।ये तो भला हो भारत मे मोदी सरकार का जो ना केवल बचाव अभियान चलाए है बल्कि पीढ़ियों को शरण दे रही है और भारतीय नागरिकता भी देने के रास्ते साफ करती जा रही है।

झल्ला

अब समय आ गया है ।अब और विस्थापन रोकने को कमर कसनी ही होगी।इसके लिए

(1)पंजाब में होने जा रहे चुनांवों में सिख वोट बैंक और अंतराष्ट्रीय छवि मोह छोड़ कर शरणार्थी और घुंसपैठियो की  पहचान बारीकी से करनी होगी

(2)सीएए को तुरन्त लागू करना होगा

(3) पड़ोसी मुल्कों से भारत आ रहे शरणार्थियों की वहां छूट रही सम्पत्तियों का मुआवजा भीवसूलना होगा

(4)विस्थापितों को नागरिकता देने के साथ ही उन्हें बसाने के लिए तत्काल पर्याप्त ,सुरक्षित  यौजना बनानी होगी।

अफगान नागरिकों को वीजा देते समय शरणार्थी और घुंसपैठियो में बारीकी से जांच जरूरी

(नई दिल्ली) अफगान नागरिकों को वीजा देते समय शरणार्थी और घुंसपैठियो में बारीकी से जांच जरूरी
भारत ने अफगानिस्तान में मौजूदा तख्तापलट को देखते हुए मंगलवार को घोषणा की है कि वहां से आने की इच्छा रखने वाले अफगान नागरिकों के लिए एक आपातकालीन ‘ई-वीजा’ जारी करेगा।किसी भी धर्म के सभी अफगान नागरिक ‘ई-आपातकालीन एवं अन्य वीजा’ के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं और नयी दिल्ली में उनकी अर्जियों पर कार्रवाई होगी। यह छह महीने के लिए वैद्ध रहेगा
गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता के अनुसार  ‘‘गृह मंत्रालय ने अफगानिस्तान में मौजूदा हालात को देखते हुए वीजा प्रावधानों की समीक्षा की है। भारत में प्रवेश के लिए वीजा अर्जियों पर जल्द फैसला लेने के लिए ‘ई-आपातकालीन एवं अन्य वीजा’ की नयी श्रेणी बनायी गयी है।’’ अफगानिस्तान में भारत के मिशनों के बंद होने के कारण वीजा के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है और नयी दिल्ली में अर्जियों की जांच की जायेगी।अर्जियों पर कार्रवाई करते और अफगान नागरिकों को वीजा देते हुए सुरक्षा मुद्दों पर गौर किया जाएगा। सभी धर्मों के अफगान नागरिक वीजा के लिए आवेदन दे सकते हैं।
शरणागत को शरण देने की भारत मे परम्परा प्राचीन काल से चली आ रही है इसके लिए सदियों तक खामियाजा भी भुगतना पड़ा है। राजा पोरस से लेकर दलाईलामा तक अनेकों उदहारण प्राचीन से लेकर आधुनिक इतिहास में दर्ज है।
इस सब के बावजूद अगर वर्तमान सरकार ने ऐतिहासिक परम्परा को निभाने का साहसिक निर्णय लिया है तो,आने वालों में शरणार्थी और घुंसपैठियो में प्राथमिकता से अंतर ढूंढना होगा ।अफगानिस्तान से जब पहले तालिबान गए थे तब उनके सहयोगी वही अफगानिस्तान में ही रच बस गए थे।जिसके परिणाम अब अमेरिका समर्थित सरकार को झेलना पड़ा है

अफगान शरणार्थी और घुसपैठियों की जांच परख में काईयाँपन दिखाना होगा

झल्लीगल्लां

चिंतित हिंदूवादी

ओएJhalla Cartoon झल्लेया! ये मोदी सरकार की मति मारी गई है जो अफगानिस्तान से शरणार्थियों को भारत के लिए e visa देने को  उदारता दिखा रहा है।देख तो  एनशिएन्ट Ancient राजा पोरस ने सिकन्दर के विरोधियों को  शरण दी और झेलम चिनाब की जंग हार बैठे। आधुनिक भारत के पहले प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू ने दलाईलामा को शरण दी तो चीन का ड्रैगन आज तक फुंकार रहा है।अब अफगानिस्तान के तालिबान को भी उंगली करनी शुरू हो गई है।ये तो वोही बात हुई कि पैर पर कुल्हाड़ी नही लगी तो कुल्हाड़ी पर ही पैर दे मारो।

झल्ला

झल्लाओ भापा जी! खातिर जमीत रखो! शरणागत को शरण देने की परिपाटी का तो  आपने स्वयम बखूबी  बखान कर ही दिया ।वैसे एआप जी की चिंतावामिब है जिसके निराकरण के लिए भारत सरकार को शरणार्थी और  उनके भेष में घुसपैठियों की जांच परख में उदारता के बजायकाईयाँपन दिखाना होगा।

उन्हें एक स्थल पर ही पर्याप्त सुरक्षाघेरे में रख कर मूवमेंट पर सक्षम लगाम लगानी होगी।वरना तो समझो गई भैंस पानी में

अफगान शरणार्थी और घुसपैठियों की जांच परख में काईयाँपन दिखाना होगा
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टीएमसी ने पर्चा फाड़ने के लिए क्या नोटिस दिया था???व्यंग

23/7/2021

झल्ली गल्लां

टीएमसी ने पर्चा फाड़ने के लिए क्या नोटिस दिया था???व्यंग

टीएमसी का छुटभैय्या ;

ओये झल्लेया! देख संसद में  लोकतंत्र का कैसा मजाक उड़ाया जा रहा है। ओये बिना  सदन की कार्यसूची में शामिल किए बगैर हमारे  माननीय सांसद शांतनु सेन जी को निलंबित कर दिया।ओये हमने भी कच्ची गोलियां नही खेली हैं।अगर हमारे सेन दादा को तुरन्त बहाल नही किया गया तो हमने संसद के दोनों सदनो की कार्यवाही ठप्प कर  देनी है 

झल्ला

दादा! बात तो आप खूब भालो बोला।आपको तो  बीच दरिया से मछियां पकडने का हुनर भी मालूम है लेकिन इक गल दस्सो?

जासूसी मामले को भुनाने के चक्कर मे सेन दादा ने वरिष्ठ सदन(राज्यसभा )में जो मंत्री के हाथों से छीन कर वक्तव्य के पुर्जे पुर्जे करके चेयर की तरफ उछाल कर सीना चौड़ा किया,क्या यह टीएमसी के नोटिस में शामिल था?

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Khattar Hits out at Nexus of Congress & Anti India Forces;Pegasus

(Chd,Hary) Khattar hits out at Nexus of Congress and Amnesty international over Pegasus snooping row
Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar accusing Congress said
its leaders are joining hands with those forces who want to tarnish India’s image.He claimed that there is no evidence to link the government with the matter.
Addressing a press conference the senior BJP leader also questioned the credentials of those behind the story and alleged everyone knows their leanings .
He also targeted Amnesty International, saying the agenda of the organisation, which had failed to disclose its source of funding, is well-known .Khattar also questioned the timing of the story coming as it did a day before Parliament’s Monsoon session began on Monday.
“The entire row is timed to disrupt Parliament and build a baseless agenda, he said and also raked up snooping allegations levelled against the opposition party in the past, including a row involving then Union ministers Pranab Mukherjee and P Chidambaram.

He further claimed everyone knows under what circumstances the government led by former Prime Minister Chandra Shekhar fell in 1991 when the Congress decided to withdraw support in the wake of a controversy over spotting of two intelligence operatives outside the residence of its leader at 10, Janpath in the national capital.

Further targeting the Congress, he said it has been revealed that around 9,000 phones were monitored during the previous UPA regime.
When asked about the claim that Pegasus software/spyware is sold only to government, Khattar quipped, No, private agencies also procure it from them. Now, it may be that private agencies take it from them privately and not declare it.
An international media consortium reported on Sunday that over 300 verified mobile phone numbers, including of two ministers, over 40 journalists, three opposition leaders besides scores of business persons and activists in India could have been targeted for hacking using Pegasus software/spyware.(Chd,Hary) Khattar hits out at Nexus of Congress and Amnesty international over Pegasus snooping row
Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar accusing Congress said
its leaders are joining hands with those forces who want to tarnish India’s image.He claimed that there is no evidence to link the government with the matter.
Addressing a press conference the senior BJP leader also questioned the credentials of those behind the story and alleged everyone knows their leanings .
He also targeted Amnesty International, saying the agenda of the organisation, which had failed to disclose its source of funding, is well-known .Khattar also questioned the timing of the story coming as it did a day before Parliament’s Monsoon session began on Monday.
“The entire row is timed to disrupt Parliament and build a baseless agenda, he said and also raked up snooping allegations levelled against the opposition party in the past, including a row involving then Union ministers Pranab Mukherjee and P Chidambaram.

He further claimed everyone knows under what circumstances the government led by former Prime Minister Chandra Shekhar fell in 1991 when the Congress decided to withdraw support in the wake of a controversy over spotting of two intelligence operatives outside the residence of its leader at 10, Janpath in the national capital.

Further targeting the Congress, he said it has been revealed that around 9,000 phones were monitored during the previous UPA regime.
When asked about the claim that Pegasus software/spyware is sold only to government, Khattar quipped, No, private agencies also procure it from them. Now, it may be that private agencies take it from them privately and not declare it.
An international media consortium reported on Sunday that over 300 verified mobile phone numbers, including of two ministers, over 40 journalists, three opposition leaders besides scores of business persons and activists in India could have been targeted for hacking using Pegasus software/spyware.