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Category: Poetry

मोदीभापे !हम कहते हैं फिर लोक तंत्र के जुमले से लोक हटाइये

#मोदीभापे !

हम कहते हैं सड़कें कमर तोड़ रही  हैं

वोह कहते हैं ,हाइवेज पर चलिए

हम कहते हैं बेरोजगार हैं ,रोजगार चाहिए

वोह कहते हैं,मुफ्त का राशन खाइए

हम कहते है लोकतंत्र बहाल कराइये

वोह तंत्र की दुहाई देने लगते हैं

हम कहते हैं न्याय नही मिल रहा

वोह लोक तंत्र की दुहाई देते हैं

लोक अपने पुरखों का हक मांगते हैं

वोह तंत्र की पूजा करने का उपदेश देते हैं

हम कहते हैं फिर लोक तंत्र के जुमले से लोक हटाइये

वोह हमे हिन्दुतत्व की घुट्टी पिलाते है

देशद्रोह का आरोप लगाते हैं

मोदीभापे !मुल्क में तंत्र के लिए ही अब लोक जिंदा है

विभाजन पश्चात विभीषिका की स्मृतियां

दिल के फफोले

मोदीभापे !

लोकतंत्र के जुमले से अब ‘लोक’ हटा लो,

मुल्क में तंत्र के लिए ही अब लोक जिंदा है

रिहैबिलिटेशन क्लेम

मोदीभापे !पीड़ित को इंसाफ देना भी क्यों गुनाह हो गया

मोदीभापे !

दिल के फफोले

विभाजन विभीषिका स्मृति

पीड़ित को इंसाफ देना भी क्यों गुनाह हो गया

या सभी को अपनी ही तिजोरी भरने की फिक्र है

 

मोदीभापे !पीड़ित की फरियाद बेशकीमती दस्तावेज होती है

मोदीभापे !

दिल के फफोले

विभाजन विभीषिका स्मृति

पीड़ित की फरियाद बेशकीमती दस्तावेज होती है

चंद लफ्जों में पीड़ितों की चीत्कार बेशुमार होती हैं

मोदीभापे !तुम्हारी दूरंदेश नजर मजारों से पहले रुकती नहीं

मोदीभापे !

दिल के फफोले

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

रूहों की सिसकियां किसी करवट सोने नही देती

तुम्हारी दूरंदेश नजर मजारों  से पहले रुकती नहीं

ख्वाब भी आंसू बहा कर थक गए,मजबूर कलम

अब फरियाद लिखने को कतराए खून मांगती है

तुम्हारी दूरंदेश नजर मजारों  से पहले रुकती नहीं

रूहों का दर्द इतना बढ़ा कि ख्वाब भी रो दिए

#मोदीभापे !

#दिलकेफफोले

#विभाजनविभिषिकास्मृतिदिवस

रूहों का दर्द इतना बढ़ा कि ख्वाब भी रो दिए

हुक्मरां आये अनेक हाथ धो कर निकल लिए

मोदीभापे !जहर नही लगता बंगलादेशी हिंदुओं के लिए तुम्हारा यूं खज़ाना खोलना

मोदीभापे!

दिल के फफोले

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

जहर नही लगता बंगलादेशी हिंदुओं के लिए तुम्हारा यूं खज़ाना खोलना

उत्तरप्रदेश  में तत्कालिक सियासत की  तुम्हारी यह मजबूरी हो सकती है

75 साल से इंतज़ार में बैठे विभाजन विभीषिका हिन्दू पीड़ित भी हैं

लहज़े में कुछ मिठास के हकदार तो वोह लुटे पिटे हिन्दू पुरुषार्थी भी हैं

नोट ;

1970 में बंग्लादेश से हिन्दू  आये थे उन्हें अब उत्तरप्रदेश सरकार ने जमीन+घर देने का एलान किया

मोदीभापे !मतलब तो पीड़ित से भी निकल सकता है,गर भरोसा हो इत्तेफाक से

मोदीभापे

दिलकेफफोले

विभाजनविभिषिकास्मृतिदिवस

माना तुम्हारी  सियासत मतलब की, यहां मतलबी मिलते हैं तपाक से

मतलब तो पीड़ित  से भी निकल सकता है,गर भरोसा हो इत्तेफाक से

 

मोदीभापे !भजपा सरकार में भी विभाजन पीड़ित हिन्दू ही खतरे में हैं

मोदीभापे!

दिल के फफोले

विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस

भजपा  सरकार में भी विभाजनविभीषिका पीड़ित हिन्दू ही खतरे में हैं

गर बताएं किसने दर्द दिए ,किसने लूटा

तुम्हारे अपने ही तुमसे भी नजरें चुरायेंगे

 PMOPG/E/2016/0125052प्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदी के अनुसार उनकी पार्टी और सरकार का जनता से सीधा संपर्क/सम्बन्ध है लेकिन #PMO और गृहमंत्रालय के अनुसार मेरी फरियाद 11/2016 में पंजाब सरकार को भेजी गई थी लेकिन पंजाब सरकार के अनुसार वोह आज तक उन्हें नही मिली। तो क्या विभाजन विभीषिका पीड़ित जनता नही है???

मोदीभापे !मानो मुल्क में कानून कहीं नही

#मोदीभापे !

#दिलकेफफोले

#विभाजनविभीषिकास्मृतिदिवस

पीड़ित की कहीं सुनवाई नही

उपाय कोई सा कारगर नही

नचाई जा रही फरियादें इस तरह

मानो मुल्क में कानून कहीं नही

#रिहैबिलिटेशन /#Compensation क्लेम की लूट