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Category: Judiciary

G 23 Leader Sibal urged Top Court to Suo Motu act on Lakhimpur Kheri

(New Delhi)G 23 Leader Sibal urged Top Court to Suo Motu act on Lakhimpur Kheri

Eight people, including four farmers, were killed in Lakhimpur Khori Violence 

Kapil Sibal Tweeted

“Supreme Court, There was a time when there was no YouTube, no social media, the Supreme Court acted suo motu on the basis of news in the print media. It heard the voice of the voiceless,”

The others including BJP workers and their driver were allegedly pulled out of the vehicles and lynched by the protesters.

The Uttar Pradesh Police has lodged a case against Union Minister of State for Home Ajay Mishra’s son Ashish Mishra but no arrest has been made so far

 

Sidhu Questions Over Appointment Of DGP,AGP ;Pb Crisis

(Chd,Pb)Sidhu Questions Over Appointment Of  DGP,AGP ;Pb Crisis Punjab Congress chief, Navot Singh Sidhu on Wednesday raised questions over the appointments of the director general of police and the state’s advocate general.Plunging the Congress into a fresh crisis months ahead of the assembly elections in the state, Sidhu put in his papers on Tuesday shortly after the allocation of portfolios to the new ministers of the Charanjit Singh Channi cabinet.
Taking to Twitter a day later, Sidhu said his objective had always been to improve the lives of people and to make a difference .
My fight is for the issues and an agenda of Punjab, he said in an over four-minute video clip shared on his Twitter handle.
Apparently referring to senior IPS officer Iqbal Preet Singh Sahota, who has been given the additional charge of the director general of Punjab Police, Sidhu said, When I see those who gave clean chit to Badals six years back such persons have been given the responsibility for delivering justice. 
Sahota was the head of a special investigation team formed in 2015 by the then Akali government to probe the sacrilege incidents.
WSidhu also apparently questioned the appointment of A P S Deol as the state’s new advocate general.
“Those who secured blanket bails, they are advocate general,” he said.
Deol is a senior advocate of the Punjab and Haryana High Court and has been a counsel for former Punjab DGP Sumedh Singh Saini. He had been representing the ex-top cop in various cases against him.

अब तो अंटा भी दागी जनप्रतिनिधियों के बावा का ,मुकद्दमे वापिसी का अधिकार

मोदीभापे !हुक्मरां वही पसंदीदा है जो इंसाफ पसन्द होता है

#मोदीभापे !

ना दाढ़ी वाला बढ़ा होता है और नाही जुमलेदाता

हुक्मरां वही पसंदीदा है जो इंसाफ पसन्द होता है

www.jamosnewscom

#कम्पेनसशन/#रिहैबिलिटेशन क्लेम लूट

#MoHA 35/33/2020/R& SO दिनांक 16/11/2020

#PMOPG/E/2016?0125052

ModiBhape

Na Daadhi Vaalaa Badha Hota Hai  Aur Naahi Zumledata

Hukumraa Vahi padandeedaa Hai Jo Insaaf Pasand Hota Hai

 

माननीय रमण जी!कानून के हाथ बेशक लम्बे है लेकिन पीड़ितों को न्याय देने में छोटे हैं

                                                 झल्लीगल्लां

पुलिसपीड़ितनागरिक

ओये झल्लेया!अब तो माननीय मुख्य न्यायाधीश एन वी रमण जी ने भी स्वीकार कर लिया है कि पुलिस थानों में अघोषित unrecorded थर्ड डिग्री के हर किसी पर इस्तेमाल से मानवाधिकारों का हनन होता है। ओए इससे संविधान की धज्जियां उड़ा कर निर्दोषों को भी आसानी से  मौत की नींद सुला दिया जाता है।

झल्ला

भापा जी! आपजी का दुखड़ा जायज है।कानून के हाथ बेशक लम्बे कहे जाते है लेकिन आम जनता को न्याय नही दे पा रहे।वास्तव में पॉलिटिक्स में वोटबैंक की राजनीति के कलंक से ही अधिकांश नागरिक अधिकारों से वंचित है।अब देखो 1947 के रिफ्यूजी आज भी अपने हक/मानावाधिकार के लिए संघर्ष कर रहे हैं लेकिन हुक्मरानों के कानों में जूं नही रेंग रही।कानून का रास्ता बेहद महंगा है सो पिसने को मजबूर है।ऐसे ही भृष्ट नेता पुलिस थानों का भी दुरुपयोग करने से बाज नही आते ।

कोरोना पीड़ित के हिस्से में भी मुआवजा नही,जुमले और सिर्फ जुमले

झल्लीगल्लां
उत्तेजितसमाजसेवी
ओए झल्लेया!ये क्या हो रहा है?ओए मुल्क में सरकारें कोरोना महामारी में भी पीड़ितों के प्रति अपनी जिम्मेदारियों से भागने में ही लगी है। कोरोना संक्रमितों और उनकी मृत्यु के आंकड़े निरन्तर बढ़ते जा रहे है।अनेकों परिवारों में कमाने वाला कोई नही रहा।इलाज में व्यवसाय ठप्प हो गए।बच्चे अनाथ हो गए और केंद्र की सरकार कहती है कि पीड़ितों को मुआवजा नही देंगे। इस रवैये से दुखी होकर माननीय सुप्रीमकोर्ट ने कहा दिया है कि मुआवजा तो देना ही पड़ेगा।
झल्ला
झल्लाभापा जी!सरकारें तो स्मारकों पर अपने नाम के शिलापट लगाने को लालायित रहती आई है।इसीलिए बजट का बड़ा हिस्सा ऐसे ही कार्यों में जाता है और आम आदमी के हिस्से में आते हैं जुमले और सिर्फ जुमले ।अब देखो 1947 के रिफ्यूजी आज भी अपने हक का कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम लेने को दर दर भटक रहे हैं

31 जुलाई तक राष्ट्र में एक राशनकार्ड जारी हो;सुप्रीमकोर्ट (व्यंग)

झल्लीगल्लां
सुप्रीमकोर्टकेउत्साहिवकील
ओएIMG-20210321-WA0014 झल्लेया!मुबारकां!!ओए माननीय,आदरणीय,सम्माननीय सुप्रीमकोर्ट के जस्टिस अशोकभूषण और जस्टिसएमआर शाह की सम्मानित पीठ ने जीवन के अधिकार में भोजन के अधिकार को जोड़ने को आवश्यक बताते हुए एक राष्ट्र एक राशनकार्ड का कार्य 31 जुलाई तक पूर्ण करने को कह दिया है।अब सभी गरीबों को भोजन मिलेगा। देश मे कोई भूख से नही मरेगा
झल्ला
MoHA Letterसाहिबजी! गरीबों को भोजन मुहैय्या करवाना सभी सरकारों की जिम्मेदारी है।लेकिन न्याय मंत्रालय+आवास मंत्रालय+श्रम एवं रोजगार मंत्रालय +पुनर्वास मंत्रालय आदि केवल थोड़े से भरे अपने ग्लास दिखा कर सीना ठोकने में लगे है।अभी तक गरीबी को परिभाशित ही नही किया जा सका।और तो और अभी तक दिए जा चुके न्याय,आवास,आदि के अधिकार आम जरूरत मन्दों तक नही पहुंच पाए हैं।।यहां तक झुग्गी झोपड़ियों में अग्निकांड आम हो चले है।1947 के रिफ्यूजी अपने हक के रिहैबिलिटेशन क्लेम को भटक रहे है।

1947 से शुरू हुए अवैद्ध कब्जे रोके जाते तो शायद अरावली कांड नही होता

झल्लीगल्लां
पर्यावरणविद
अरावली में अवैद्ध निर्माणओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है?ओए ये अतिक्रमणकारियों ने मुल्क के पर्यावरण को पलीता लगाने की ठान ली है।हुकूमतें भी इन्हें रोकने में कोई रुचि नही दिखा रही।अब देख राजधानी से सटे फरीदाबाद के अरावली के जंगलों को काट करके अवैद्ध निर्माणों को समय रहते रोका नही गया जिसके फलस्वरूप अब 10000 अवैद्ध घर बस चुके हैं।सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के पालन में भी फरीदाबाद निगम +हरियाणा सरकार का ढीला ढाला रवैय्या दिख रहा है।अवैद्ध खनन से त्रस्त इस वन छेत्र में अवैद्ध घरों के निर्माण में बैंक भी कर्ज देने में उदारता का परिचय देते रहते है।ओए ऐसे में कैसे मिलेगी हमे ऑक्सीजन +बचेगा हसाडा पर्यावरण और ओज़ोन लेयर ???
झल्ला
झल्लाभापा जी!ये अवैद्ध कब्जे तो 1947 से ही शुरू हो गए थे।जो बेचारे मुस्लिम भाई पाकिस्तान गए उनकी प्रॉपर्टी पर नाजायज कब्जे हुए फिर जो अभागे पाकिस्तान से हिन्दू आये उनके नाम पर लूट मचाई गई।इस अवैद्ध कब्जे के व्यवसाय को समाप्त करने के लिए 1947 से शुरुआत हो तो शायद यह काला गोरखधंदा बन्द हो सकेगा

कोरोनिलबाबा भगवाधारी को (आईएमए से) माफी मांगने में कैसी शर्म

झल्लीगल्लां
एलोपैथीसमर्थक
ओए झल्लेया!हमने इस व्यवसायी बाबा को सबक सिखा देणा है।इस कोरोनिल बाबा ने हमारे चिकित्सा धर्म और व्यवसाय को गाली दी है।अब हमने इस बाबा को छोड़ना नही।आईएमए देहरादून ने तो मानहानि का नोटिस भी भिजवा दिया।यदि बाबा ने माफ़ी योग नही किया तो इसे शीर्षासन करा के ही मानेंगे।प्रति सदस्य को 50 लाख ₹ की मानहानि राशि देकर ही छूटेगा।
झल्ला
डॉक्टरसाहब!आपके राज्य में आपलोगों का ध्यान क्यूँ भटक रहा है?अरे भाई
उत्तराखण्ड में अब तक कुल 6113 कोरोना संक्रमित अपनी जान गंवा चुके हैं और 43520 मामले उपचाराधीन हैं।कहीं आप लोग अपने उन साथियों को आर्थिक सहायता तो नही पहुंचाना चाहते जो बेचारे कैपिटेशन फी देकर मेडिकल कॉलेज में घुसे थे और आजकल क्लीनिक में मखियाँ मार रहे है।रहा सवाल माफ़ी का तो भगवाधारी को मांगने में कैसी शर्म देर सबेर मांग ही लेंगे

Allopathic IMA Serves D Notice on Coronal Baba Ramdev

(DDN,May 26) Allopathic IMA Serves Defamation Notice on Coronal Baba Ramdev for alleged disparaging remarks against allopathy and allopathic doctors, demanding an apology from him within 15 days, failing which it said it will demand a compensation of Rs 1,000 crore from the yoga guru.
The six-page notice served on behalf of IMA (Uttarakhand) secretary Ajay Khanna by his lawyer Neeraj Pandey describes the remarks by Ramdev as damaging to the reputation and the image of allopathy and around 2,000 practitioners of it who are part of the association.
The notice has also asked Ramdev to make a video clip contradicting all his false and defamatory allegations, and circulate it on all the social media platforms where he had uploaded his earlier video clip levelling the allegations.
It has also asked the yoga guru to withdraw a “misleading” advertisement from all platforms endorsing “Coronil kit”, a product of his firm, as an effective medicine for COVID-19, failing which an FIR and a criminal case will be lodged against him by the IMA.
File Photo