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Category: Judiciary

सुप्रीमकोर्ट जी!निरन्तर महंगी हो रही न्याय व्यवस्था को मुफ्त कराने को भी प्रयास जरूरी

झल्लीगल्लां
चिन्तितनागरिक
Judiciaryओए झल्लेया!ये क्या हो रहा है? ओए मुल्क में नोटों के बंडल लेकर घूम रहे कोरोना मरीजों को पर्याप्त उपचार नही मिल रहा प्राइवेट अस्पतालों में 250 ₹ में भी टीका नही लग रहा और माननीय सुप्रीम कोर्ट फ्री में सभी को टीके लगवाने का फरमान जारी कर रही है।
झल्ला
झल्लाभापा जी!बेशक जान बचाने को सभी विकल्प खुले रहने चाहिए लेकिन कहा गया है कि “चैरिटी बिगिन्स एट होम” सो माननीय सर्वोच्च न्यायालय जी को स्वत संज्ञान में लेकर दिनों दिन महंगी होती जा रही न्याय व्यवस्था को मुफ्त कराने को भी प्रयास करने चाहिएं।

राष्ट्रहित मे शोधकार्यों के लिए हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा

झल्लीगल्लां

Education Policy

Education Policy

चिंतितशिक्षाविद ओए झल्लेया!हसाडे मुल्क में शिक्षा और शोध पर जो भी खर्च हो रहा है उसका पर्याप्त लाभ देश को नही मिल पा रहा।डॉक्टर/इंजीनियर/ टेक्नोक्रेट्स आदि आदि अनुदान वाले शिक्षण संस्थाओं से महंगी महंगी डिग्रियां लेकर उनका उपयोग जनता के लाभ के लिए नही करते।शोधकर्ता तो (अधिकांश)राजनीति में आने को ही लालायित रहते हैं।होस्टल में जवानी खपाने वाली प्रतिभाओं का राजनीतिक शोषण भी हो रहा है।अब देख तो कोरोना नाशक वैक्सीन के लिए भी रशियाँन स्पुतनिक और अमेरिकन पफिज़र की तरफ देखना पढ़ रहा है।किसान डिग्रियां लेकर भी खेत बेच कर कंक्रीट के जंगल विकसित करने में जुटा है।जनलाभः वाले शोध कुछ व्यवसायियों की चारदीवारी से बाहर केवल उनकी तिजोरी भरने के लिए ही निकाले जाते हैं।
झल्लाभापा जी!राष्ट्रहित मे शोधकार्यों के लिए हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा
शिक्षाआप जी की गल और उसमे लिपटी पीड़ा वाकई जायज है। लेकिन अनेकों नाम ऐसे हैं जो अपनी शिक्षा और व्यवसाय से पूर्णतया न्याय कर रहे है।डॉ हर्षवर्धन+डॉ महेशशर्मा+मनीषतिवारी+कपिल सिब्बल+रविशंकरप्रसाद जैसे अनेकों नाम गिनाए जा सकते हैं ।फिर भी चूंकि आपने जायज सवाल उठाया है सो झल्लेविचारानुसार सेवानिवृत होने वाले सरकारी/गैर सरकारी लोगों को भी शोध के लिए एक प्लेटफॉर्म दिया जाना चाहिए।हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा

SAD Demands Probe into Ambulance use by Mukhtar Ansari

(Chd,Pb) SAD Demands Probe into Ambulance use by Mukhtar Ansari
The Shiromani Akali Dal on Monday sought a probe into the use of a private ambulance by Punjab police for ferrying gangster-turned-politician Mukhtar Ansari from jail to a court last week.
This ambulance has now been found abandoned near Rupnagar ,
Shiromani Akai Dal (SAD) leader Daljit Singh Cheema
claimed all this has lent credence to the assertions of the Uttar Pradesh police that the Punjab government was in cahoots with Ansari and that there were orders from the very top to facilitate him in every manner possible. There cannot be any other answer as to why the Punjab Police allowed Ansari the use of a private ambulance which had been registered on the basis of fake documents. This could be part of a bigger conspiracy which needs to the unearthed by a free and fair probe by a central agency, Cheema said in a statement here.
The Supreme Court had recently directed the Punjab government to hand over the custody of Ansari to the Uttar Pradesh Police within two weeks after which a UP police team left for Punjab on Monday.

पुलिसिये ने हड़काया तो एमपी में जंगलराज दिखा,काश!मंत्री जज को हड़काये …

झल्लीगल्लां
न्यायविद
ओएJudiciary झल्लेया!ये मध्यप्रदेश में क्या जंगलराज चल रहा है?हत्यारे नेता को दो वर्षों मे भी गिरफ्तार नही किया जा सका । भृष्ट+हत्यारोपियों को भी शासन के इस प्रकार के संरक्षण से तो वहां जंगल राज ही कहा जायेगा।
झल्ला
Jhallaaभापा जी! कांग्रेसी नेता को बसपाई ने मार डाला। पुलिसिये ने जज को हड़का डाला तो माननीय सुप्रीम कोर्ट को मध्यप्रदेश में जंगलराज दिखने लग गया।यहां 7 दशकों से पँजांब राज्य और केंद्र में अपने हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम के लिए भटक रहे हैं कहीं कोई सुनवाई नही हो रही।ऊपर वाले से दुआ है कि पँजांब या केंद्र का कोई मंत्री किसी जज को हड़का दे तो शायद सम्माननीय सुप्रीम कोर्ट को लोक तन्त्र की परिभाषा बदलने की जरूरत महसूस होने लगे

कोरोना नियमो के अपराधियों के पश्चात आंदोलनकारी किसानों को भी अभयदान मिलेगा ?

झल्लीगल्लां
दिल्लीनिवासी
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है? ओए कोरोना और किसानों को लेकर वैसै ही आटा गिला है ऊपर से हुक्मरानों ने ट्रैफिक और कोरोना के नाम पर पौने दो सौ करोड़ ₹ का जुर्माना थोप कर गरीबों को आटा गूंथने लायक भी नही छोड़ा ।
झल्ला
झल्लाभापा जी! कोरोना नियमो के अपराधियों के पश्चात आंदोलनकारी किसानों को भी अभयदान मिलेगा ?
इसीको तो कहते है बनाना रिपब्लिक यानि अपनी ढपली अपना राग। नहीं समझे अरे दिल्ली के कानून यूपी में नही चलते ।नही समझे? अरे कोरोना नियमों को तोड़ने वालों से जुर्माना वसूलना तो दूर अब उनके खिलाफ दर्ज हजारों मुकद्दमे वापिस लेने का फरमान योगी जी महाराज निकाल चुके है।अब शायद कुछ समय पश्चात आंदोलनकारी किसानों को भी अभयदान मिल ही जाना है

Punjab to get 9 More POSCO Fast Track Courts

(Chd,Pb)Punjab to get 9 More POSCO Fast Track Courts
At the virtual meeting, Punjab Chief Secretary Vini Mahajan directed officials to clear the pendency of cases related to women and children from 2016 to 2020 through investigations on priority,
She also directed the officials to lay down Standard Operating Procedures (SOPs) to fast-track the investigation of sexual offences against women and children by specifying the roles and responsibilities of all departments with regard to such cases.
She directed the Home department to expedite the establishment of nine other fast-track courts, for which approval has been granted by the government, in addition to the three such courts already operational in Ludhiana and Jalandhar.
Seven fast-track courts dealing with rape cases are already functional in the state.
At the virtual meeting, Punjab Chief Secretary Vini Mahajan directed officials to clear the pendency of cases related to women and children from 2016 to 2020 through investigations on priority, the statement read.
Seven fast-track courts dealing with rape cases are already functional in the state.
File Photo

आन्दोलनजीविओं से पनप रहे परजीवियों के लिए प्रथक कोपभवन जरूरी

न्यायविद
Judiciaryओएझल्लेया!अब तो खुश हो जा।ओए सर्वोच्च न्यायालय ने दोबारा सुना दिया है कि कभी भी और कहीं भी कैसे भी प्रदर्शन का अधिकार नही मिल सकता।ठीक है असहमति का हक सबको है लेकिन यारा ये तो आन्दोलनजीवी शाहीन बाग के बाद अब सिंधुऔर गाजीपुर बोर्डरों पर परजीवियों को जन्म देने में जुट गए हैं।टॉप कोर्ट के तमाचे से शायद आंदोलन के नाम पर सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा करने और अराजकता फैलाने वालों को सद्बुद्धि मिलेगी
झल्ला

झल्ला

झल्ला

भापा जी! अभी तक आन्दोलनजीवियों से पनप रहे परजीवियों के नाश को कोई वैक्सीन नही बनी है इसीलिए रामायणकालीन कैकई को याद करके आन्दोलनजीविओं के लिए प्रथक कोपभवनों की व्यवस्था करवा दो

मोदीभापे !अयोध्या में भी पंजाबियों से ही 5 एकड़ लूट कर मस्जिद को दे दी

#मोदीभापे
1947 के पीड़ितों से लूट अभी भी जारी!
मोदीभापे !अयोध्या में भी पंजाबियों से ही 5 एकड़ लूट कर मस्जिद को दे दी
#मोदीभापे
1947 के पीड़ितों से लूट अभी भी जारी!
अब अयोध्या में पंजाबियों की 5 एकड़ जमीन मस्जिद निर्माण के लिए #सुन्नीसेंट्रलवक़्फ़बोर्ड को एलॉट कर दी गई है।न्याय के लिए दिल्ली में बसे रानी और #रमाकपूरपंजाबी ने लखनऊ हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है।अब यक्ष प्रश्न है कि सात दशकों से चली आ रही लूट कब बन्द होगी? और क्या विवादित भूमि पर मुकद्दस मस्जिद की तामीर हो सकती है ?? क्योंकि खुदा उनको नही बख्शता जिनकी नियत खराब होती है

Sasikala Released After Serving 4 Yrs Imprisonment

(Bengaluru) #Sasikala Close Confident of #Jayalalthaa Released After Serving 4 Yrs Imprisonment
The formalities for her release were done at the state- run Victoria Hospital, where she is undergoing treatment for COVID-19 infection, which she had contracted a week ago, along with her sister-in-law J Ilavarasi.
However, #AIADMK ‘s Expelled Leader would remain at the Victoria hospital for another three days as mandated under the COVID-19 protocol, though she is now asymptomatic and her symptoms have reduced.
Sasikala was in prison since February 2017 along with Ilavarasi and late Jayalalithaa’s foster son V N Sudhakaran in connection with the Rs 66 crore disproportionate assets case.
Sasikala’s release from prison comes close to Assembly elections in Tamil Nadu, due in April-May this year.

मोदीभापे !पाकिस्तानी पीएम लियाकत अली की जमीन के अलावा भी सम्पत्तियां है

FB_IMG_1611286829887#भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया! अब तो खुश हो जा। ओये हसाडे धाकड़ मुख्यमंत्री महंतआदित्यनाथयोगी जी ने पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बनने के लिए लियाकत अली द्वारा मुजफ्फरनगर में छोडे गए 100 बीघा जमीन को उत्तरप्रदेश की सरकार के खातों में दर्ज दर्ज करने के आदेश जारी करवा दिए है ।अब यह बेशकीमती जमीन सरकारी हो जाएगी और जनता के कल्याण में उपयोग की जाएगी
#झल्ला
IMG_20210123_110130_539चतुर सेठ जी!पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली की जमीन तो तो आप लोगों को दिखाई दे गई लेकिन पँजांब दिल्ली और यूपी में तत्कालीन मुस्लिम किसानों की छूटी सम्पत्तियों पर अभी भी नाजायज कब्जा है।इसीके फलस्वरूप 1947 के रिफ्यूजियों के उनके हक के #कंपनसेशन/#रिहैबिलिटेशन क्लेम लूट लिए गए ।उन पर भी दृष्टि डालिये