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प्रतिभाओं के धनी शशि थरूर ने अब गैंग पीडिता से जुड़े एक नए विवाद को जन्म दिया

प्रतिभाओं के धनी शशि थरूर का विवादों से पुराना नाता है| थरूर ने आज

Shashi tharoor

गैंग पीडिता से जुड़े एक नए विवाद को जन्म दिया है | पुनः केन्द्रीय मंत्री[ मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री ] बने शशि थरूर ने फिर एक ज्वलंत मुद्दे पर विवाद को जन्म दे दिया है| मंगलवार को अपने ट्‍वीट में उन्होंने बलात्कार के खिलाफ बनाए जाने वाले कड़े कानून का नाम गैंग रेप पीड़िता के नाम पर रखे जाने की वकालत कर डाली है|उन्होंने कहा है कि पता नहीं क्यों मौत के बाद अब दिल्ली सामूहिक बलात्कार ‍की शिकार लड़की का नाम छिपाया जा रहा है। हालांकि उनके बयान से कांग्रेस ने पल्ला झाड़ लिया है।थरूर ने कहा कि पीड़िता का नहीं छिपाया जाना चाहिए और हालांकि उन्होंने कहा कि इसमें लड़की के माता-पिता की सहमति भी होना चाहिए।
महिला आयोग की अध्यक्ष ममता शर्मा ने इसका विरोध करते हुए कहा है कि थरूर का कहना गलत है और ऐसा नहीं होना चाहिए।
भाजपा नेता शाहनवाज हुसैन ने कहा कि भाजपा इसे सही नहीं मानती, हम इसका विरोध करते हैं।
सुप्रीम कोर्ट की भी गाइड लाइन है कि पीड़ित का नाम नहीं बताया जाना चाहिए।
थरूर की पार्टी कांग्रेस ने अपने मंत्री के टिप्पणी से पल्ला झाड़ लिया है। पार्टी प्रवक्ता राशिद अल्बी ने कहा कि यह थरूर की निजी टिप्पणी हो सकती है। पार्टी इससे इत्तफाक नहीं रखती। वहीं सूचना एवं प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने कहा कि कानून को चुस्त-दुरुस्त करना चाहिए, यही पीड़ित लड़की को सच्ची श्रद्धांजलि होगी
गौरतलब है कि पीडिता कि और उसके परिवार की निजता को बनाए रखने के लिए पीडिता का नाम सार्वजनिक नहीं किया जा सकता मगर समाज में बुराई से लड़ने के लिए चेतना जगाना जरूरी है और चेतना जगाने के लिए एक आदर्श को प्रस्तुत करने के सकारात्मक परिणाम आ सकते हैं|

पुराने कानूनों का कडाई से पालन करा लो देश और दिशा बदल जायेगी

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झाल्लेया देखा बेचारी दामिनी के साथ क्या जुल्म हुआ है|मरने के बाद भी धरा १४४ लगा कर गुपचुप तरीके से उस बेचारी का अंतिम संस्कार कर दिया गया|इसके बाद भी लड़कियों से छेड़छाड़ के मामले रुक नहीं रहे हैं |अब दोषियों को फांसी देदेनी चाहिए या फिर इन्हें नपुंसक बना कर जिल्लत भरी जिन्दगी जीने का श्राप दे देना चाहिए| चलती चार्टर्ड बस में दरिन्दगी की शिकार इस 23 वर्षीय पीडिता की मौत और उसके बाद उसकी गोपनीय अंत्येष्टि से सुशासन के लिए चिंगारी एक बार फिर सुलग उठी है और अब की बार यह चिंगारी शोला बन कर भड़क भी जायेगी| ओये अब इस दामिनी का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा|अब तो कुछ हो कर ही रहेगा

पुराने कानूनों का कडाई से पालन करा लो देश और दिशा बदल जायेगी


झल्ला

हां बाऊ साहब उस बेचारी के साथ तो बहुत बुरा ही हुआ है तभी पूरी मानवता रो रही है|और बदलाव की आग भड़क उठी है मगर शोले रूपी इस गरल को धारण करने के लिए अभी कोई कोई सुपात्र दर्शनीय नही है ।| रेपिस्ट को नपुंसक बना कर उनके अंग भंग करने से ये भिखारियों की संख्या बड़ा कर नेताओं के वोट बैंक बनेंगे और उलटे सीधे लाभ पाने के हक़दार कहलाये जायेंगे |फांसी की मांग जायज़ है मगर इसी दिल्ली में नाबालिग भाई बहन संजय, गीता चोपड़ा के हत्यारों [रंगा बिल्ला ] को भी १९८२ में फांसी दी गई थी मगर अपराध फिर भी नही रुके उलटे अब तो प्रति दिन एक की औसत से दिल्ली में ही बलात्कार दर्ज़ किये जा रहे हैं|| झल्लेविचारानुसार कानून बेशक नए नए बनाए जाएँ मगर जोकानून बने हुए हैं उनका पालन कड़ी से करा लो देश और दिशा बदल जायेगी

कांस्टेबिल सुभाष तोमर की मौत के जुर्म में पकडे गए आठ युवको पर गैंग रेप के साथ ही फास्ट ट्रेक कोर्ट में मुकद्दमा चलाओ :केजरीवाल

दिल्ली पोलिस कांस्टेबिल सुभाष तोमर की मौत के जुर्म में पकडे गए आठ युवको पर गैंग रेप के साथ ही फास्ट ट्रेक कोर्ट में मुकद्दमा चलाओ :केजरीवाल

यह मांग आज “आप “के नेता अरविन्द केजरीवाल ने कौशाम्बी में की |इससे गलत फंसाए गए निर्दोष युवकों को भी जल्द न्याय मिल सकेगा|
श्री केजरीवाल ने आज पोलिस की ऍफ़ आई आर की कमजोरी और कोर्ट की आपत्तियों के हवाले से बताया कि कांस्टेबिल श्री सुभाष तोमर की मौत वाकई दुखद है|और इसके लिए दोषी व्यक्तियों के विरुद्ध कड़ी से कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए लेकिन अगर किसी निर्दोष को झूठे मुकद्दमे में फंसा कर उनका कैरियर बर्बाद करने के किसी भी प्रयास का जम कर विरोध किया जायेगा|उन्होंने आरोप लगे किपोलिस द्वारा अब पोस्ट ऍफ़ आई आर सबूत घड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं|
गौरतलब है कि गैग रेप के मामले में चल रहे आन्दोलन के कारण कुछ हिंसा भड़कने पर युवा और पोलिस कर्मी घायल हो गए थे|इनमे से कांस्टेबिल सुभाष तोमर को जख्मी हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया था जहां इलाज़ के बावजूद भी श्री तोमर की मृत्यु हो गई|सुभाष की हत्या के प्रयास के आरोप में दफा ३०७ के अंतर्गत आठ युवाओं को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश किया गया |सरकार की तरफ से इन आठ युवकों में से एक चमन को अरविन्द केजरीवाल की पार्टी का स्पोर्टर बताया जा रहा है |
इन आरोपों का खंडन करते हुए आज अरविन्द केजरीवाल ने कौशाम्बी में प्रेस कांफ्रेंस करके पोलिस की कार्यवाही पर आरोपों की झड़ी लगा दी | केजरीवाल और मनीष सिशोदिया ने कहा कि पोलिस ने जिन आठ युवकों पर धारा ३०७ का मुकद्दमा थोपा है वह पूर्णतया आधारहीन और फेब्रिकेटेड है|पोलिस द्वारा दर्ज़ कराई गई ऍफ़ आई आर में भी कोई तथ्य नहीं दिए गए हैं|कोर्ट ने भी मुकद्दमे में कोई जान नहीं देखते हुए अधिकाँश को जमानत दे दीहै| [धारा ३०७ में आसानी से जमानत मंजूर नहीं होती] मार्ग बंद होने के कारण कुछ जमानती नहीं आ पाए |उन्होंने कहा कि आठ में से एक चमन का नाम लेकर हिंसा भड़काने के लिए “आप “बाबा राम देव और जनरल वी के सिंह पर आरोप लगाये जा रहे हैं हमारा[केजरीवाल] का आन्दोलन पिछले डेड साल से चल रहा है मगर हमेशा शांतिपूर्वक रहा है अब हम [केजरीवाल ]पर आरोप लगा कर न जाने पोलिस कौन सा हिसाब बराबर करने पर तुली हैं
इसके अलावा उन्होंने यह भी कहा कि पोलिस और सरकार द्वारा यह कहा जा रहा है कि आठों आरोपियों की जमानत “आप ” के मनीष सिशोदिया ने ली है तो यह आरोप भी सरासर गलत है जिनकी भी जमानत हुई है उनके रिश्तेदारों ने ही कराई है|उनके साथ आरोपियों के वकील भी थे |

दिल्ली में केंद्र की पोलिस और शीला दीक्षित सरकार में आकंडा ३६ की और

गैंग रेप को लेकर भड़के आन्दोलन को अब एक नए मोड़ की और ले जाने के आरोप लगने लगे हैं|आज गैंग रेप पीड़ित के बयान को लेकर एसडीएम और पुलिस ऑफिसरों से बहस के समाचार आने शुरू हो गए हैं| इस विभत्स,घिनौने,जघन्य गैंग रेप के बाद जनाक्रोश मुख्यतः दिल्ली की मुख्य मंत्री श्रीमती शीला दीक्षित की तरफ हुआ शीला दीक्षित के खिलाफ राजनीतिक माहौल भी बनने लगा| लेकिन श्रीमती दीक्षित और उनके सांसद पुत्र ने दिल्ली में पोलिस व्यवस्था के लिए केंद्र को दोषी ठहराना शुरू किया और सीधेपोलिस कमिश्नर पर निशाना साध दिया| मुख्य मंत्री के सांसद पुत्र जब बीते दिन आन्दोलनकारियों के बीच पहुंचे तो पोलिस ने उन्हें उचित भाव नहीं दिया जिसके फलस्वरूप सांसद की कार में तोड़ फोड़ की गई और उसके साथ भी बदसलूकी की आ रही हैं|इसके बाद तो पोलिस पर दिल्ली की सरकार के हमले तेज़ होगये|अब गैंग रेप की पीडिता के बयाँ लेने गई एस डी एम् उषा चतुर्वेदी ने एक पोलिस की कार्यवाही को कटघरे में खडा करने वाला ब्यान दे दिया है| प्राप्त जानकारी के अनुसार सफदरजंग अस्पताल में गैंग रेप पीड़ित के बयान लेने पहुंचीं विवेक विहार की एसडीएम ऊषा चतुर्वेदी का आरोप है कि पुलिस ऑफसरों ने बयान लेने के दौरान दखलंदाजी की।पोलिस ने एक प्रश्नोत्तरी दे कर उसके मुताबिक़ ब्यान दर्ज़ करने को दबाब बनाया था| इस बात की लिखित शिकायत एसडीएम ने डिप्टी कमिश्नर से से की, जिन्होंने इसे गृहमंत्री और उप राज्यपाल को भेज दी है। दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने इस मामले में पुलिस ऑफिसरों के खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग केंद्रीय गृहमंत्री से दोहराई है।

दिल्ली में केंद्र की पोलिस और शीला दीक्षित सरकार में आकंडा ३६ की और


बताया जारहा है की एसडीएम शुक्रवार की रात गैंग रेप पीड़ित के बयानों की विडियोग्रफी कराना चाह रही थीं, जबकि पीड़ित के परिजनों ने विडियोग्रफी से इनकार किया था, जिसका समर्थन मौके पर मौजूद डीसीपी छाया शर्मा और दो एसीपी ने कर दिया। इसी बात को लेकर एसडीएम और पुलिस ऑफिसरों के बीच तीखी बहस हो गई।
असलियत तो जांच के बाद ही सामने आ पायेगी मगर फिलहाल पोलिस की कार्यवाही शक के घेरे में दिख रही है| पहले तो पोलिस द्वारा कोर्ट में दाखिल रिपोर्ट में से धटना वाले इलाके में लापरवाही के दोषी पोलिस अफसरों के नाम ही गायब कार दिए गए |कोर्ट की फटकार और जनांदोलन के के फलस्वरूप आठ पोलिस अधिकारियों के निलंबन की प्रक्रिया शुरू की गई| प्रदर्शन स्थल पर वाटर केनोन+आंसू गैस+और लाठी चार्ज के द्रश्य मीडिया और सोशल साईट्स पर में छाए हुए हैं| इसके बाद अब एस डी एम् का यह आरोप अपने आप में समस्या को टेकल करने में प्रशासनिक असमर्थता दर्शाता है| इसके बाद केन्द्रीय गृह मंत्री का ब्यान “सरकार को आन्दोलन कारियों से मिलने के कोई जरुरत नहीं है”ने आग में घी का काम किया है| नतीजे कुछ भी आयें फ़िलहाल तो शीला दीक्षित की सरकार से अरविन्द केजरीवाल सरीखे नए नए बने राजनीतिकों से दूरी बना ही ली गई है|

डाक्टर मनमोहनसिंह की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर ने भी गैंगरेप दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की है

डाक्टर मनमोहनसिंह की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर

प्रधानमंत्री की पत्नी गुरशरण कौर ने भी गैंगरेप दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की है।प्रधानमंत्री डाक्टर मनमोहनसिंह की पत्नी श्रीमती गुरशरण कौर ने दिल्ली में सामूहिक बलात्कार को लेकर पैदा हुए जनाक्रोश की पृष्ठभूमि में कहा है कि इस घटना के गुनाहगारों को कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए।इसके साथ ही उन्होंने कहा कि इस जघन्य अपराध के खिलाफ प्रदर्शन शांतिपूर्ण होना चाहिए क्योंकि इससे अच्छे नतीजे देखने को मिलेंगे।उन्होंने कहा कि बीते 16 दिसंबर को चलती बस में हुआ सामूहिक बलात्कार एक बहुत खराब घटना थी और इसकी निंदा करने के लिए उनके पास शब्द नहीं हैं। श्रीमती कौर ने सोमवार को एक कार्यक्रम से इतर कहा कि हम सभी इस घटना से बहुत दुखी हैं, लेकिन अगर लोग शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करेंगे तो इसके अधिक नतीजे आएंगे। गौरतलब है कि प्रधान मंत्री स्वयम भी तीन बेटियों के पिता है और उनके परिवार का इस जघन्य ,बीभत्स,ह्रदयविदारक घटना से भावुक होना और चिंता को व्यक्त करना स्वाभाविक ही| एक बार पूर्व में भी श्रीमती कौर रसोई गैस के दम बढाने पर भी इसी प्रकार कि चिंता व्यक्त कर चुकी हैं|
इससे पूर्व प्रधान मंत्री स्वयम भी इस जघन्य अपराध की सार्वजानिक रूप से निंदा कर चुके हैं और हिंसा त्याग कर शान्ति से अपनी बात कहने को कह चुके हैं|