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Tag: मुलायम सिंह यादव

मुलायम सिंह जी बेटे की करणी के लिए आपको कोई पकड़ने वाला नहीं सो पी एम् की सीट के लिए लगी बाजी को खुल कर खेलो

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

सपाई चीयर लीडर

यार आज तो हसाड़े पहलवान जी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव बड़े भावुक हो गए ओये डॉ. राम मनोहर लोहिया की पुण्य तिथि पर लोहिया पार्क, गोमतीनगर में ही कहने लग गए कि सरकार+ मंत्री + विधायकों ने अगर कोई गलती की है तो उसके लिए सजा मुझे [मुलायम सिंह यादव]मत देना
ओये यारा अब तो इन बेचारों का पीछा छोड़ दो

झल्ला

अरे पहलवान जी रिवायत के अनुसार बेटे के करणी का फल बाप नहीं भोगता बल्कि इसका उल्टा होता है अब देखो मुलायम सिंह यादवकी गलतियों को भुगतने के लिए डॉ. लोहिया तो पकडे जाने से रहे |वैसे भी राम जन्म भूमि मुद्दे को लेकर लिखी गई चिट्ठी के लिए आपने आई ऐ एस मिश्रा को सजा दे ही दी है |
आप जी के सुप्रीमो को भी कोई नहीं पकड़ने वाला सो पी एम् की सीट के लिए लगी बाजी को खुल कर खेलो

मुजफ्फर नगर में कोई नई वारदात नहीं होने से कुछ शान्ति है ,कर्फ्यू में ढील बढाई जा रही है लेकिन सिसायत गरमा रही है

मुजफ्फर नगर में कोई नई वारदात नहीं होने से शांति प्रक्रिया प्रग्रिती पर है इसीलिए कर्फ्यू में ढील की अवधि बढाई जा रही है लेकिन अब छेत्र में सिसायत गर्माने लग गई है| प्रदेश में सत्तारुड समाज वादी सरकार पर अकर्मण्यता का आरोप लगाते हुए मुजफ्फर नगर की तुलना गुजरात के गोधरा काण्ड से की जाने लगी है| सपा से निष्काषित और अमर सिंह के करीबी सांसद ज्याप्रदा[अभिनेत्री] ने तो प्रदेश सरकार को जमीनी हकीकत से ही अंजान बताया है | कर्फ्यू में ९ घंटे की ढील दी गई है|

communal Riots IN U P

communal Riots IN U P

भाजपा और रालोद ने अपने प्रभावी छेत्रों में शांति व्यवस्था के लिए दौरा कार्यक्रम बनाये लेकिन प्रशासन ने कोई रिस्क लिए बगैर रालोद सुप्रीमो और केन्द्रीय मंत्री चौ. अजित सिंह के अलावा भाजपा के १२ विधायकों को भी मुजफ्फर नगर जिले के सीमा से ही वापिस लौटा दिया| चौ अजित सिंह ने सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव की तुलना भाजपा के नरेन्द्र मोदी से करने में देर नही लगाईं|प्रदेश के अपने काबिना मंत्री और वरिष्ठ नेता मो. आजम खान ने अपने वोट बैंक को बचने की खातिर अपनी ही सरकार को तेवर दिखने शुरू कर दिए
मुलायम सिंह यादव ने तत्काल प्रतिक्रिया देते हुए गोधरा [२००२] के दंगों और मुजफ्फर नगरकी हिंसा में समानता को ख़ारिज कर दिया|
मो आजम खान को स्पष्ट कह दिया है के या तो वोह पार्टी के साथ रहें अन्यथा इस्तीफा दे सकते हैं|
मुजफ्फर नगर की इस हिंसा से चुनावी ध्रुवि करण प्रभावित होने लग गए हैं| यहाँ विकास को दरकिनार रख कर साम्प्रदाइक द्रष्टि हावी होने लग गई है| इस छेत्र में मुस्लिम और जाटों का प्रभाव है |जाटों के नेता अपने छेत्र तक में प्रवेश नहीं कर पा रहे हैं जबकि अधिकांश मुस्लिमो का सपा से मोह भंग होने लग गया है| जाहिर है जाटों का रुझान हिन्दू वादी भाजपा की तरफ हो सकता है और मुस्लिम वोट बैंक भी अपने लिए किसी नई राजनीतिक विकल्प की सोच सकते हैं

आतंकवादी कौन है और कौन सा पागल है यह तो जांच का विषय है :सी बी आई से पूछो

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक नया नया बना सोशलाईट

ओये झाल्लेया ये हसाड़े सोणे मुल्क में क्या गर्दी मची हुई है जिसे देखो एक दूसरे की पगड़ी उछालने में लगा हुआ है |ये राजनीतिक देश के दुःख से दुखी नहीं बल्कि अपने विरोधियों यहाँ तक ही अपने सहयोगियों के सुख से ज्यादा दुखी दिखने लगे हैं| अब देखो केन्द्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा और मुलायम सिंह यादव एक दूसरे की पगड़ी पे हाथ डाल रहे हैं |राज्य और देश की ज्वलंत समस्यायों से जनता का ध्यान बाँट रहे हैं|सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव को गुंडा कहने से जब मन नहीं भरा तो अब मुलायम सिंह को आतंक वादी बताने लग गए हैं| लेकिन आतंकवादियों से संबंध होने का आरोप मढने वाले केन्द्रीय मंत्री सुरक्षा एजेंसियों के पास जाने को तैयार नहीं हो रहे|अपने प्राणों को मुलायम सिंह यादव से खतरा तो बता रहे हैं मगर ऍफ़ आई आर दायर नहीं करवा रहे|उधर सपा सुप्रीमो बेनी के इस आरोप को भुना कर मुस्लिम वोट बैंक को लुभा रहे हैं| मुलायम सिंह ने लखनऊ में बेनी प्रसाद का नाम लिए बगैर कहा, ‘एक केंद्रीय मंत्री कहता है कि मुलायम आतंकवादियों से मिले हैं। अगर मुसलमानों की तकलीफ सुनना, उनके बीच जाना आतंकवादियों से मिलना है तो मुझे कोई कुछ भी कहे फर्क नहीं पड़ता |इससे यह बात साफ जरुर हो गई है कि उस केंद्रीय मंत्री [बेनी]की नजर में मुसलमान आतंकवादी हैं।पार्टी प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि यह आरोप इसलिए लगाया है कि सपा प्रमुख मुसलमानों के साथ इंसाफ किए जाने की बात करते हैं।पहले पागल बताये गए बेनी बाबू अब राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की शाखा की उपज लगाने लग गए हैं |,

आतंकवादी कौन है और कौन सा पागल है यह तो जांच का विषय है :सी बी आई से पूछो

आतंकवादी कौन है और कौन सा पागल है यह तो जांच का विषय है :सी बी आई से पूछो


झल्ला

भापा जी थैली तो एक ही है|अब इसमें कौन आतंकवादी है और कौनसा पागल है +मुस्लिमो का दुश्मन है यह तो जांच का विषय है |सी बी आई से जांच करवाने के बाद ही कुछ असलियत का पता चल पायेगा इसीलिए आतंकवादी कौन है और कौन सा पागल है यह तो सी बी आई से पूछो

मुलायम सिंह यादव , लोक सभा में दो विपरीत दिशाओं वाली पार्टियों को अपनी साइकिल पर सवार करने के इच्छुक दिखे

.समाज वादी पार्टी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव आज लोक सभा में दो विपरीत दिशाओं वाली राजनीतिक पार्टियों को अपनी साईकिल पर सवार करने के इच्छुक दिखाई दिए| मुलायम सिंह यादव ने भाजपा अध्यक्ष राज नाथ सिंह के बाद बोलना शुरू ही किया तो विघ्न पड़ने शुरू हो गए|सबसे पहले जनरल सेक्रेटरी बोलने खड़े हो गए|उसके बाद चेयर पर्सन बदल गए|जैसे तैसे मुलायम सिंह यादव ने ट्रांसलेट करने वाले स्पीकर[हेड फ़ोन ] उतार कर बोलना शुरू कर दिया| यदपि उन्होंने कांग्रेस और भाजपा की आलोचना की मगर इसके साथ ही बड़ी सफाई से उन्होंने दोनों को सहला भी दिया|
एक तरफ उन्होंने गृह मंत्रालय पर टिपण्णी करके अपनी पीड़ा को उजागर किया तो इसके साथ ही प्रधान मंत्री की टीम के अर्थ शास्त्र की उन्मुक्त सराहना भी कर दी|दूसरी तरफ भाजपा को मुस्लिम विरोधी बताया तो इसके तुरंत बाद भाजपा की देश भक्ति+अनुशासन और भाषा की जम कर तारीफ़ करने लगे|
गौरतलब है के अभी तक मुलायम सिंह यादव भारतीय जनता पार्टी के साथ आने के सवालों को एक सिरे से खारिज करते रहे हैं और पार्टी का विरोध करते आ रहे हैं| आज इस मुख्य विपक्षी पार्टी के प्रति इनका रुख कुछ हद तक नरम दिखाई दिया है|उन्होंने यहाँ तक कह दिया के बीजेपी अगर कश्मीर और मुस्लिम सम्बन्धी अपनी नीति बदल ले तो सपा से बीजेपी के बीच की दूरी कम हो जाएगी|मुलायम ने कहा कि देशभक्ति, सीमा सुरक्षा और भाषा के मामले में उनकी पार्टी और भाजपा की एक नीति है.|

.समाज वादी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव , लोक सभा में दो विपरीत दिशाओं वाली पार्टियों रूपी नावों में सवार होने के इच्छुक दिखाई दिए

.समाज वादी सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव , लोक सभा में दो विपरीत दिशाओं वाली पार्टियों रूपी नावों में सवार होने के इच्छुक दिखाई दिए


मुलायम सिंह ने अपनी बातों पर एक बार फिर जोर देते हुए कहा, ‘मैं फिर कह रहा हूं और इस सदन में कह रहा हूं कि बीजेपी अपनी नीति बदल रही.है|
राजनाथ सिंह ने मौके को लपकते हुए इसके जवाब में कहा कि हमारे और आपके बीच दूरी कहां है?अगली बार आप निश्चित तौर पर हमारे साथ होंगे.इससे पूर्व भाजपा अध्यक्ष ने समाज वाद की प्रशंसा भी की थी|.
अगर मुलायम सिंह यादव के इस बयान पर गौर किया जाए तो आने वाले समय के राजनीतिक समीकरण का अनुमान लगाया जा सकता है सपा सुप्रीमो ने यह मान लिया है के कांग्रेस के बाद प्रदेश में अपनीसरकार और सी बी आई के डंडे से सवयम को बचाने के लिए एक सशक्त समर्थक बेहद जरुरी है|इसके अलावा प्रधान मंत्री की कुर्सी पर भी नज़र है ऐसे में भाजपा का विरोध कुछ हद तक कम किया ही जा सकता है|

मुलायम सिंह यादव और पुत्रों पर आय से अधिक संपत्ति की जांच को जारी रखने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए

सुप्रीम कोर्ट ने आज ब्रहस्पतिवार को सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव और उनके बेटों मुख्य मंत्री अखिलेश यादव व प्रतीक यादव के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति की जांच के लिए सीबीआइ को हरी झंडी दे है| जांच एजेंसी इस मामले में तत्काल एफआइआर दर्ज करने के मूड में नहीं है। सीबीआइ द्वारा प्रारंभिक जांच को आगे बढ़ाने पर विचार किया जा रहा है। लेकिन इसके साथ एक राहत देते हुए अखिलेश यादव की धर्म पत्नी श्रीमती डिम्पल यादव को इस सब से अलग रखने को कहा गया है |आदेश में कहा गया है की डिम्पल किसी सरकारी पद पर नहीं थी|
कांग्रेस के अहमद पटेल ने कहा है कि इस फैसले से कांग्रेस और सपा के रिश्तों पर कोई असर नहीं पडेगा|उधर मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव ने कोर्ट पर भरोसा व्यक्त किया है और न्याय पाने की उम्मीद व्यक्त की है|

मुलायम सिंह यादव और पुत्रों पर आय से अधिक संपत्ति की जांच को जारी रखने के आदेश सुप्रीम कोर्ट ने दिए


गौर तलब है कि वर्ष 2007 में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद सीबीआइ ने मुलायम सिंह यादव और उनके परिवार के सदस्यों के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के आरोपों की प्रारंभिक जांच पूरी कर ली थी और 2009 में ही इसकी रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में सुप्रीम कोर्ट को सौंप दी थी।
राजनीतिक रूप से अतिसंवेदनशील इस मामले में सीबीआइ सुप्रीम कोर्ट में अपना रुख कई बार बदल चुकी है। 2007 में अदालत ने सीबीआइ को जांच रिपोर्ट सरकार को सौंपने का निर्देश दिया। लेकिन सीबीआइ ने इसका विरोध करते हुए सुप्रीम कोर्ट से आदेश में सुधार की अपील की थी। जांच एजेंसी का कहना था कि वह जांच रिपोर्ट सिर्फ अदालत को दे सकती है। लेकिन कुछ महीने के भीतर ही सीबीआइ ने इरादा बदल लिया और पुरानी अपील वापस लेने की अर्जी लगा दी। गुरुवार को अदालत ने 2007 के फैसले में संशोधन करते हुए जांच एजेंसी को सरकार के दखल से मुक्त करते हुए जांच रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट को सौंपने का आदेश दिया है।हाल ही में संसद में सपा और बसपा के नेताओं पर सी बी आई के दबाब के आरोप लगाए गए हैं|

सोणी मनमोहनी सरकार ठाठ से कभी साईकिल और कभी हाथी की सवारी का आनंद लेती जा रही है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

भाजपाई चीयर लीडर

ओये झल्लेया ये क्या लोक तंत्र का संसद में खुले आम मखौल उड़ाया जा रहा है ? एक तरफ तो ऍफ़ डी आई के विरोध में बंद कराते हैं|संसद में गला फाड़ते हैं और वोट देने के नाम पर ऍफ़ डी आई को जितवा देते हैं| पहले लोक सभा में बहस करने के बावजूद वोटिंग के टाईम पर बेहद बचकाना बहाना बना कर बाहर निकल गए फिर राज्यसभा में तो हद ही हो गई | इन्होने उच्च सदन में सी बी आई बनाम भाजपा बनाने का प्रयास कर दिया| यहाँ तक की उच्च सदन की मर्याद को तार तार करते हुए सदन की कार्यवाही को बेशक दस दस मिनट्स के लिए ही सही मगर दो बार स्थगित करवा दिया| एन सी पी ने भी ऍफ़ डी आई का विरोध का संकेत देकर महाराष्ट्र में दोबारा अपना उप मुख्यमंत्री बनवा लिया| इन सभी ने साबित कर दिया है दिया है की सारी बातें मत्थे मगर पतनाला वहीं गिरेगा|खैर ये डाल डाल तो हम भी पात पात|हमने भी इन्हें यूं पी में बेनकाब करके इन्हें कांग्रेस की गोद में बैठा साबित कर ही दिया |अबदेखेंगे की ये चुनावों में कांग्रेस की मुखालफत कैसे करते हैं|

सोणी मनमोहनी सरकार कभी साईकिल और कभी हाथी की सवारी का आनंद लेती जा रही है


झल्ला

ओ भोले सेठ जी बड़ी पुराणी कहावत है की रब्ब नेड़े[नजदीक]या घुसन्न[घूँसा]|जिस बेचारे को हर समय घूंसा दिखाई देता हो तो उसको रब्ब की परवाह नहीं रहती|एक पार्टी के मुख्यमंत्री ने तो सरे आम यह स्वीकार भी कर लिया की उनकी पार्टी ने हमेशा यूं पी ऐ को बचाया है मगर वक्त पड़ने पर उन्हें कौन बचाएगा?इसके अलावा सुप्रीम कोर्ट द्वारा भी सी बी आई को फटकार लगाई जा चुकी है| सेठ जी वास्तव इन दोनों संकट मौचक पार्टियों की गर्दन सरकार के हाथ में हैं| इसीलिए हसाड़ी सोणी मनमोहनी सरकार ठाठ से घड़ी घड़ी साईकिल और हाथी की सवारी का आनंद लेती जा रही है|

संसद में ऍफ़ डी आई पर नियम १८४ के अंतर्गत चर्चा जारी

भारतीय संसद में आज मंगलवार को ऍफ़ डी आई पर नियम १८४ के अंतर्गत चर्चा जारी है|इस पर वोटिंग कल होगी | विपक्ष की नेत्री सुषमा स्वराज ने अपनी बहस के दौरान तीन बार पानी पीकर , जहाँ तीखे तेवरों में, अनेकों आंकड़ों के साथ ,सरकार की ऍफ़ डी आई नीति को विकास की सीढ़ी नहीं बल्कि विनाश का गड्ढा बताया तो कांग्रेस के कपिल सिब्बल ने उसी तेवर में विपक्ष के दावों का खंडन करने के लिए अनेको आकडे प्रस्तुत करके अपनी नेत्री श्रीमती सोनिया गांधी और प्रधान मंत्री के चेहरे पर मुस्कान ला दी मगर सपा के मुलायम सिंह यादव ने अपने संक्षिप्त संबोधन में ऍफ़ डी आई का विरोध करके सत्ता पक्ष की इस मुस्कान को गायब कर दिया|

विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज

संसद में ऍफ़ डी आई पर नियम १८४ के अंतर्गत चर्चा जारी


ने कहा कि विदेशी किराना का फैसला सरकार वापस ले। उन्होंने कहा कि” मैं आपको वोट के जरिए हराकर नहीं बल्कि मना करके जीतना चाहती हूं क्योंकि यही देशहित में है”.| उन्होंने सरकार पर आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री अमीरों और विदेशी कंपनियों की लड़ाई लड़ रहे हैं. हर चौराहे पर जब विदेशी कंपनियों के किराना स्‍टोर खुलेंगे तब जाकर 40 लाख लोगों को रोजगार मिलेगा|उन्होंने कहा ” मैं प्रधानमंत्री से गुजारिश करती हूं कि जब दुनिया में इसके विरोध में आवाज़ें उठ रहीं हैं तो फिर भारत में इसे लागू करने की कोई आवश्यकता नहीं है.” 2011 में भी इस फैसले का विरोध हुआ था। अमेरिका अपने यहां छोटे उद्योग को बढ़ावा दे रहा है. राष्ट्रपति ओबामा खुद ही शनिवार को छोटे दुकानों में शॉपिंग करने जाते हैं.|९०% फीसदी माल चीन से आएगा। एकाधिकारी बाजार उपभोक्ता के हित में नहीं है। प्रतियोगी बाजार उपभोक्ता के हित में होता है। यह विकास की सीढ़ी नहीं, विनाश का गड्ढा है।

उधर केंद्रीय मंत्री कपिल सिब्बल

ने एफडीआई के फैसले को सही ठहराते हुए कहा कि इससे देश में निवेश आएगा. ”कोई भी अगर एफडीआई में आना चाहता है तो उसको 100 मिलियन ड़ालर (10 करोड़ डॉलर) का निवेश करना पड़ेगा.”जिसमे से ५० करोड़ डालर्स स्थानीय विकास में लगाया जाएगा|
उन्होंने कहा कि यह कहना गलत है कि बड़ी कंपनियों को इससे बहुत फायदा पहुंचेगा. उन्होंने कहा कि चीन में जब 1992 को एफडीआई को इजाज़त दी गई तो व़ॉलमार्ट भी आया. ”लेकिन 2008 में वो पहली बार मुनाफे में आया तब तक वो घाटे में था.” इसके अलावा उन्होंने आंकड़े प्रस्तुतु करते हुए केवल १८ शहरों में ही वाल मार्ट के आने की संभावना जताई|और दिल्ली का उदहारण देते हुए बताया कि उनके चुनाव छेत्र चांदनी चौक में न तो जगह है और नाही खरीददार |ऐसे में यह कहना कि वाल मार्ट देश पर कब्जा कर लेगा, बेबुनियाद है|

मुलायम सिंह यादव

ने ऍफ़ डी आई का विरोध करते हुए कोका कोला और पेप्सी का उदहारण दिया और इसे किसान और छोटे व्यापारियों के विरोध में बताया |उन्होंने पार्टी लाईन से ऊपर उठ कर देश हित में ऍफ़ डी आई को वापिस ले लिए जाने की मांग की
इससे पहले बीजेपी के नेता यशवंत सिन्हा ने मांग की थी कि फेमा के लिए संसद में अलग से चर्चा और वोटिंग की जाए.लेकिन समान विषय होने के कारण अध्यक्षा महोदया ने इसकी इजाजत नहीं दी

प्रधान मंत्री पद के लिए भाजपा और सपा में ख्वाहमखः लट्ठम लट्ठ नहीं है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक सोश्लाईट

ओये झल्लेया लोक तंत्र का ये क्या मज़ाक उड़ाया जा रहा है ? पहले तो गुजरात के मुख्य मंत्री नरेन्द्र मोदी किसी भाजपाई को भी फूटी आँखों नहीं सुहाते थे अब सभी उसी नरेन्द्र मोदी को प्रधानमंत्री का प्रबल दावेदार बताते नहीं अघा [थक]रहे|इसके साथ ही एक और कमाल हो गया कांग्रेस से तड़ीपार घोर कांग्रेसी एन के तिवारी ने भी अगला प्रधान मंत्री सपा के मुलायम सिंह यादव को घोषित करके खलबली मचा दी है|

प्रधान मंत्री पद के लिए भाजपा और सपा में ख्वाहमखः लट्ठम लट्ठ नहीं है


झल्ला

ओ बाबू साहब ये जुलाहों में ख्वाहमखः लट्ठम लट्ठ नहीं है |गुजरात की जनता अपने प्रदेश के व्यक्ति को प्रधान मंत्री बनते देखने के लिए उसे भारी मत से मुख्य मंत्री जरूर बना सकती है |और जहां तक तिवारी जी का सवाल है तो बुढापे में एक अदद लाठी की जरुरत तो सबको होती ही है|