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एलेक्शन कमिश्नर जैदी ने यूं टर्न लेते हुए एयर पोर्ट्स पर सिक्यूरिटी चेकिंग से कम्प्लीट छूट की मांग कर डाली

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

सिविल एविएशन के परेशां सुरक्षा अधिकारी

ओये झल्लेया ये हसाड़े मुल्क के कर्णधारों को क्या हो रहा है|ओये एक तरफ विश्व भर में एयर पोर्ट्स पर सुरक्षा के कड़े इंतज़ाम किये जा रहे हैं|हसाडी सोणी अदालतें भी सुरक्षा में खामियों को लेकर आये दिन मंत्रालय को लताड़ लगाती रहती है |इस सब के बावजूद अब एलेक्शन कमिश्नर एस एन ऐ जैदी ने कहा है कि उनका रुतबा सुप्रीम कोर्ट के जज के बराबर है इसीलिए एयर पोर्ट पर चेकिंग से उन्हें भी छूट मिलनी चाहिए| ओये अभी एक साल पहले ही ये जैदी साहब खुद ही वी आई पी को चेकिंग में दी रही छूट की मुखालफत करते रहे हैं|ओये ये यूं टर्न कहीं लेने के देने न कर दे

झल्ला

जी जनाब आप की चिंता वाजिब हैं |दरअसल यूं पी के काबिना मंत्री आज़म खान और मुख्य मंत्री अखिलेश यादव+ सिने स्टार शाहरुख़ खान+राष्ट्रपति अब्दुल कलाम साहब की अमेरिका में जांच के किस्से इन्हें सुना देने चाहियें हो सकता है तब जाकर जनाब जैदी साहब इस मांग को वापिस ले लें और राष्ट्रहित में अपने एक साल पहले के स्टैंड पर लोट जाएँ वरना अभी तक सपाई जनाब सलमान खुर्शीद के पीछे पड़े हुए थे इसके बाद उनके तीरों का निशाना बदल न जाये

ऍफ़ डी आई पर देश के १२३ बड़ों ने भी आज राज्यसभा में मोहर लगा दी

ऍफ़ डी आई पर देश के बड़ों ने भी आज शुक्रवार को राज्यसभा में मोहर लगा दी लोक सभा पहले ही इसे पास कर चुकी है| आज २३२ सदस्यों वाली राज्यसभा में हुई वोटिंग में सरकार के पक्ष में १२३ वोट पड़े जबकि विपक्ष केवल १०९ वोट ही हासिल कर सका|सपा के मुलायम सिंह यादव ने पूर्व घोषणा के अनुसार मतदान का बहिष्कार किया आज उन्होंने इस बहिष्कार के लिए किसान हित का कारण बताया |जबकि सपा की धुर्र विरोधी बसपा की मायावती ने सरकार के पक्ष में वोट डाली|आज के इस कदम के लिए उन्होंने भाजपा बनाम सी बी आई को मुद्दा बनाया| |गौरतलब है की सरकार को जीत के लिए ११७ वोट चहिए थीं लेकिन बसपा के नकारात्मक रुख होने की संभावना पर सरकार को १०९ वोट जरूरी होते लेकिन उस सूरत में सरकार के पास इस आवश्यक संख्या से एक वोट कम होता| जाहिर है के भाजपा के कमल के सामने सरकार का कमल खिलाने के लिए संसदीय कार्यमंत्री कमल नाथ ने सराहनीय फ्लोर को मैनेज कियाऔर समय समय पर अपने सहयोगी मायावती+राम विलास पासवान आदि का समर्थन भी करते रहे|

धर्मेन्द्र यादव और अक्षय यादव हैं तो प्रतीक यादव को भी लोक सभा का टिकट दो

लगता है कि किसी भी छेत्र के विकास के लिए वहां से सत्तारुद दल के परिवार के एक प्रतिनिधि का होना आवश्यक हो गया है| इसीलिए आजम गढ़ के विकास के लिए मुलायम सिंह यादव के पुत्र प्रतीक यादव को लोक सभा के चुनावों उतारने की मांग जोर पकड़ने लगी है| कांग्रेस के वंशवाद के विरुद्ध नारे लगा कर सत्ता तक पहुंचे समाजवादी मुलायम सिंह यादव पर अब स्वयम परिवार को आगे लाने के लिए दबाब बनने लगा है| आज शनिवार को आजम गढ़ से मुलायम सिंह के पुत्र प्रतीक यादव को चुनाव लड़वाने के लिए नारे बाज़ी हुई| ‘हमारा सांसद कैसा हो, प्रतीक यादव जैसा हो’ यह नारा शनिवार को सूबे के सपा प्रदेश मुख्यालय में घंटों गूंजा। आजमगढ़ जिले के दो दर्जन से अधिक ग्राम प्रधानों के साथ आए समर्थकों ने मुलायम सिंह के दूसरे पुत्र प्रतीक यादव को टिकट देने की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। यहाँ से बलराम यादव को लोकसभा का उम्मीदवार बनाया जा चुका है। बलराम यादव फिलहाल प्रदेश सरकार में मंत्री हैं|

धर्मेन्द्र यादव और अक्षय यादव हैं तो प्रतीक यादव को भी लोक सभा का टिकट दो


प्रधान जगदीश यादव व रामसकल की अगुवाई में प्रदर्शन करने पहुंचे आजमगढ़ के लोग केवल टिकट का ही ही दबाव नहीं बना रहे थे बल्कि विधायकों की उदासीनता से नाराज भी थे। उनका कहना था कि आजमगढ़ का कमिश्नरी घोषित करने के बीस वर्ष बाद भी क्षेत्र का विकास पूरी तरह ठप्प है। पार्टी के विधायक भी क्षेत्रवासियों की सुध नहीं लेते है।
मुलायम सिंह के परिवार से किसी प्रभावशाली व्यक्ति को प्रत्याशी बना दिया जाए तो क्षेत्र का विकास तेजी से होगा। ऐसे में प्रतीक से उपयुक्त अन्य कोई उम्मीदवार नहीं हो सकता। प्रधान भगवान गुप्ता व शिवदास का कहना था कि उन्हें किसी ने उकसा कर नहीं भेजा।
प्रत्याशियों की पहली सूची आने से पहले भी आजमगढ़ से लोगों ने मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ज्ञापन सौंपा था। उन्होंने प्रतीक को प्रत्याशी घोषित करने तक आंदोलन जारी रखने की बात कहीं। ग्राम प्रधान राम सिंगार कहना था कि जब रामगोपाल यादव के पुत्र अक्षय यादव को फिरोजाबाद सीट से उतारकर राजनीति में एंट्री कर दी गई तो प्रतीक यादव को क्योंनहीं?

आपसी कलह तो नहीं

आजमगढ़ से प्रतीक यादव को प्रत्याशी बनाने की मांग के पीछे पंचायती राज मंत्री बलराम यादव का विरोधी खेमा होने की आशंका जतायी जा रही है। उल्लेखनीय है उम्मीदवारों की पहली सूची में बलराम यादव को आजमगढ़ से लोकसभा प्रत्याशी घोषित किया जा चुका है।

वंशवाद

2014 के लोकसभा के लिए चुनावों में मुलायम के घर से कम से कम चार उम्मीदवार मैदान में होंगे। सपा प्रमुख खुद मैनपुरी से मैदान में होंगे तो
कन्नौज में बहू डिंपल दांव पर होगी। फिरोजाबाद की सीट निकालने का जिम्मा होगा रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव पर तो भतीजे धर्मेंद्र बदायूं से पार्टी के उम्मीदवार होंगे।
परिवार में समाजवाद की ये फेहरिस्त और लंबी भी हो सकती है क्योंकि 80 में से 25 सीटों पर अभी भी उम्मीदवार के नाम का ऐलान होना बाकी है। वैसे इन चार से आगे रामगोपाल यादव पहले से ही राज्यसभा से सांसद हैं जबकि अखिलेश तो प्रदेश के सीएम ही हैं।

उत्तर प्रदेश में भी अंग्रेजों का समाज वाद यानि चैरिटी बिगिन्स एट होम

झल्ले दी गल्ला

समाज वादी

ओये झल्लेया ये ह्साड़े मुल्क को किधर धकेला जा रहा है?पहले तो ओनली कांग्रेस पर ही वंशवाद + ब्राह्मण वाद+वोटों की राजनीती करने का आरोप लगता था अब ये आरोप लगाने वाले सपाई खुद ही अपनी पार्टी में परिवार वाद वंश वाद को बढावा दे रहे हैं |देखो लोक सभा के लिए २०१४ में होने वाले चुनावों में प्रदेश की ८० सीटों के लिए १०% उम्मीदवार तो अपने परिवार से ही चुन लिए हैं| यकीन नहीं आता तो लिस्ट हाज़िर है [1.] मैनपुरी-मुलायम सिंह यादव2. कैराना-नाहिद हसन3. मुजफ्फरनगर-गौरव स्वरूप4. नगीना-यशवीर सिंह5. मुरादाबाद-एसटी हसन6. अमरोहा-श्रीमती हुमेरा7. बागपत-विजय कुमार सिंह8. गाजियाबाद-सुधन रावत9. गौतमबुद्धनगर-नरेंद्र भाटी10. हाथरस-रामजी लाल सुमन 11. मथुरा-चंदन सिंह12. आगरा-महराज सिंह 13. फतेहपुर सीकरी-डा. राजेंद्र सिंह[१४]. फिरोजाबाद-अक्षय यादव[15.] एटा-देवेंद्र सिंह यादव[१६]. बदायूं-धर्मेद्र यादव17. आवला-कुवंर सर्वराज सिंह18. पीलीभीत-बुद्धसेन वर्मा19. शाहजहापुर-मिथलेश कुमार
20. खीरी-रविप्रकाश वर्मा21. धौरहरा-आनंद भदौरिया22. हरदोई-ऊषा वर्मा23. मिश्रिख-जयप्रकाश रावत24. उन्नाव-अरुण कुमार शुक्ला25. मोहनलाल गंज-सुशीला सरोज26. लखनऊ-अशोक वाजपेई27. सुलतानपुर-शकील अहमद28. प्रतापगढ़-सीएन सिंह[२९] . इटावा-प्रेमदास कठेरिया[३०]. कन्नौज-डिम्पल यादव31. अकबरपुर-लाल सिंह तोमर32. जालौन-घनश्याम अनुरागी[33.] झासी-चंद्रपाल सिंह यादव34. हमीरपुर-विशम्भर प्रसाद निषाद35. बादा-आरके पटेल36. फतेहपुर-आरके सचान37. कौशाम्बी-शैलेंद्र कुमार38. इलाहाबाद-रेवती रमण सिंह39. बाराबंकी-श्रीमती राजरानी रावत40. फैजाबाद-तिलकराम वर्मा41. बहराइच-शब्बीर अहमद बाल्मीकी42. कैसरगंज-बृजभूषण शरण सिंह
43. गोण्डा-कीर्तिवर्धन सिंह44. डुमरियागंज-माता प्रसाद पाण्डेय45. बस्ती-बृजकिशोर सिंह46. गोरखपुर-श्रीमती राजमती निषाद47. लालगंज-दूधनाथ सरोज48. घोसी-बाल किशन चौहान49. बलिया-नीरज शेखर[50.] जौनपुर-केपी यादव51. मछली शहर-तूफानी सरोज52. चंदौली-राम किशुन53. वाराणसी-सुरेंद्र सिंह पटेल54. भदोही-श्रीमती सीमा मिश्रा
55. राबर्टसगंज-पकौड़ी लाल

अंग्रेजों का समाज वाद यानि चैरिटी बिगिन्स एट होम


झल्ला

ओ भोले बाबू आप किस समाज वाद में खोये हुए हो अब तो अंग्रेजों का समाज वाद चल रहा है यानि चेरिटी बिगिन्स एट होम
इन चेरिटी वालों को भी कोई कम नहीं समझो माननीय मुलायम सिंह यादव की साईकिल पर एक सवार के साथ अनेको राजनीतिक दावँ लदे हुए हैं|
[१]कांग्रेस के साथ मोल भाव करने के लिए दरवाज़ा खोल दिया है[२] भाजपा पर अपने प्रत्याशियों को उजागर करने के लिए दबाब बना दिया है| भाजपा यदि अब अपने पत्ते खोल देती है तब कांग्रेस को अपने कार्ड्स खेलने में आसानी हो जायेगी|[३]अपने बाग़ी साथी ठाकुर अमर सिंह से दूरी बनाये रखने के लिए अमर सिंह की प्रिय ज्याप्रदा को भाव नहीं दिया[4] बागपत में चौधरी अजित सिंह के लिए जहां फील्ड समतल रखी हैं वहीं रालोद से निकली अनुराधा चौधरी को अभी तक कोई भाव नहीं दिया गया है ऐसे में अजित सिंह के एविएशन मिनिस्ट्री से प्राथमिकता ली जा सकती है| |

भाजपाई मेयर ने पार्टी लाईन से हट कर सपाई सी एम् से मुलाक़ात की

मुख्य मंत्री के मेरठ कार्यक्रम का बहिष्कार करने वाली भाजपा के मेयर हरिकांत अहलुवालिया ने पार्टी लाइन से हट कर मेरठ के विकास के लिए मुख्य मंत्री अखिलेश यादव से सपा के मंच पर मुलकात की और मेरठ के विकास के लिए आवश्यक धन जल्द रिलीज करवाने का आग्रह किया | मेयर के इस सकारात्मक मूव को सराहा जा रहा है|

भाजपाई मेयर ने पार्टी लाईन से हट कर सपाई सी एम् से मुलाक़ात की

लेकिन मेरठ से कद्दावर मंत्री शाहिद मंज़ूर मंच संचालक थे उन्होंने मेयर का नाम हरिकांत के बजाय रविकांत एनाउंस करके सबको सोचने पर मजबूर कर दिया|गौरतलब है कि सी एम् को शहर में घुमाने का कार्यक्रम नहीं बनाया गया था इसीलिए यहाँ कि सडकों +नालों+नालियों+संविदा कर्मियों के स्थाईकरण जैसे ज्वलंत समस्यायों के प्रति सी एम् का ध्यान आकर्षित किया जाना जरूरी था इसीलिए मेयर ने प्रस्तावित ४०९ करोड़ रुपये जल्द रिलीज करवाने का आग्रह किया| लेकिन इसके साथ ही मेयर एक आलोचना के शिकार भी हो रहे हैं|हरिकांत अहलुवालिया पंजाबी कोटे से मेयर का चुनाव लड़े थे और जीते |मेयर एक पंजाबी मिलन नामक संस्था के अध्यक्ष भी हैं मगर इन्होने सी एम् से आर्थिक रूप से पिछड़े पंजाबियों के कल्याण के लिए कोई यौजना की मांग नहीं की