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Tag: ajit singh

टिकैत की भावुकता काम आई,आप+रालोद+सपा+एसऐडी खुल कर समर्थन में आये

(लखनऊ,चंडीगढ़,दिल्ली)राकेश टिकैत की भावुकता काम आई,आप+रालोद+सपा और एसऐडी खुल कर समर्थन में आये ।मुजफ्फरनगर में महापंचायत में भी हजारों की संख्या में उपस्थिति दर्ज हुई
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को किसान नेता राकेश टिकैत से टेलीफोन पर बात की।
यादव ने शुक्रवार को ट्वीट कर कहा, ‘‘अभी राकेश टिकैत जी से बात करके उनके स्वास्थ्य का हाल जाना। भाजपा सरकार ने किसान नेताओं को जिस तरह आरोपित और प्रताड़ित किया है, उसे पूरा देश देख रहा है। आज तो भाजपा के समर्थक भी शर्म से सिर झुकाए और मुंह छिपाए फिर रहे हैं। आज देश की भावना और सहानुभूति किसानों के साथ है।’’ उन्होंने एक अन्य ट्वीट में कहा, ‘‘अभी भाजपाई उत्पातियों ने सिंघू बॉर्डर पर किसानों के आंदोलन पर पथराव किया है। सारा देश देख रहा है कि भाजपा कुछ पूँजीपतियों के लिए कैसे देश के भोले किसानों पर अत्याचार कर रही है। भाजपा की साज़िश और बच्चों, महिलाओं और बुजुर्ग किसानों पर की जाने वाली निर्दयता घोर निंदनीय है।’’
गौरतलब है कि किसान नेता राकेश टिकैत कृषि कानूनों के विरोध में गाजीपुर बॉर्डर पर आंदोलन कर रहे हैं यहां बिजली पानी के कनेक्शन काट दिए गए हैं।बीते दिन उन्होंने स्टेज से भावुक होकर समर्थन की अपील की थी इसके फलस्वरूप दिल्ली में सत्तारूढ़ आप के उपमुख्यमंत्री मनीष सिशोदिया+राघव चड्डा+सत्येंद्र जैन पानी का टैंकर ले कर पहुंच गए।रालोद के टॉप ब्रास अजित सिंह और उनके पुत्र जयंत चौधरी ने समर्थन दर्ज कराया।शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सांसद सुखबीर सिंह बादल ने प्रेस कांफ्रेंस करके बिजली पानी काटे जाने की निंदा की है।इससे पूर्व संसद के बजट सत्र में 20 दलों ने राष्ट्रपति के भाषण का बहिष्कार किया।

अखिलेश यादव और अजित सिंह के चौधराहट खेल में एयर पोर्ट की लुटिया मेरठ में डूबती नज़र आ रही है

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक हवाई यात्री

ओये झल्लेया मुल्क में क्या मज़ाक हो रहा है? ये तो आये दिन का रोना हो गया |सयापा ही हो गया|भई हमने तो ओनली मेरठ की मौजूदा हवाई पट्टी को प्रोमोट करके यहाँ बड़ा एयर पोर्ट बनाये जाने की मांग की थी लेकिन यार हम तो हवाई पट्टी से भी गए | एयर पोर्ट तो जब मिलेगा तब मिलेगा अभी तो हवाई पट्टी से भी गए ये तो वोही गल्ल हो गई|

आधी छोड़ पूरी मांगोगे तो आधे से भी हाथ गवाओगे

अब ये बात हमारी समझ से परे है के प्रदेश सरकार विकास कराना चाहती है और केंद्र सरकार विकास करना चाहती है|सिविल एविएशन मिनिस्ट्री हवाई अड्डे के लिए जमीन लेने को तैयार है और यूं पी गवर्नमेंट जमीन देने को तैयार है ऐसे में एयर पोर्ट की लुटिया कैसे डूब रही है|पहले तो अखिलेशी युवा सरकार और केन्द्रीय नागरिक उड्डयन मंत्रालय में बैठे घाघ मंत्री चौधरी अजित सिंह में खतोखिताबत होती रही फिर जुबानी जंग शुरू हो गई अब फिर से पत्राचार +कॉरेस्पोंडेंस +खातोखिताबत चालू हो गई है|| इन दो बड़ों की लड़ाई में छोटों का नाश होता दिखने लगा है|

अखिलेश यादव और अजित सिंह के चौधराहट के खेल में एयर पोर्ट की लुटिया मेरठ में तो डूबती नज़र आने लग गई है

अखिलेश यादव और अजित सिंह के चौधराहट के खेल में एयर पोर्ट की लुटिया मेरठ में तो डूबती नज़र आने लग गई है


झल्ला

दरसल प्रदेश सरकार को बेशक एक साल ही हुआ है मगर केंद्र सरकर के चो.अजित सिंह का तो कार्यकाल ही मात्र एक साल का रह गया है|इसीलिए उन्हें यह चिंता सता रही होगी के अपनी रालोद के बचे खुचे ५ सांसदों की संख्या अगर बड़े नहीं तो कम भी ना हो | इसीलिए मेरठ का एयर पोर्ट चौधराहट बचाए रखने के लिए बेहद जरुरी है| उधर प्रदेश में सत्ता रुड समाज वादी पार्टी के सुप्रीमो की आँखें पी एम् की कुर्सी पर हैं इसीलिए प्रदेश में कांग्रेस और उसकी सहयोगी रालोद को चौधराहट नहीं करने देना है|इसके अलावा किसानो को भी अपनी जमीन का भाव और उसके असली खरीदारों की हेसियत का पता चल गया है|अब सर्किल रेट पर नहीं बाज़ार भाव पर जमीन देने की बात करने लग गए हैं इतने पैसे देने के लिए मंत्रालय को अपने बड़ों की आज्ञा लेनी जरुरी है|
इसके अलावा एयर पोर्ट के लिए 433 एकड़ अतिरिक्त भूमि अधिग्रहण करने में किसानों के विरोध का सामना कौन करेगा|