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Tag: AkhileshYadav

मोदीभापे !हद्द ए नजर तक सियासी चक्का कहीं हिलता नजर नही आता

#मोदीभापे !

#दिलकेफफोले

बहारें जल गई,चमन जल रहा,जहां तक देखो वतन जल रहा

नक्काराए हुक्मरां है पुरजोर,हैं फुर्सत किसे,सभी हैं मसरूफ़

मोदीभापे, ये कैसा नक्कारा ,हुक्मरानों की कैसी मसरूफियत,

हद्द ए नजर तक सियासी चक्का कहीं हिलता नजर नही आता

www.jamosnews.com

#कम्पेनसशन/रिहैबिलिटेशन /अलॉटमेंट क्लेम की लूट

#PMOPG/E/2016/0125052

#MoHA 35/33/2020/R&SO

#विभाजनविभीषिकास्मृतिदिवस

#PartitionHorrorsRemembranceDaY

 

 

 

 

अखिलेश यादव ने दिल्ली दंगों को भाजपा का गुजरात मॉडल बताया

(सीतापुर ,उप्र)अखिलेश यादव ने दिल्ली दंगों को भाजपा का गुजरात मॉडल बताया
वह जिला जेल में सपा नेता आजम खान से गुरुवार को मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत कर रहे थे। अखिलेश से जब दिल्ली दंगों के बारे में सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि ‘भाजपा दंगों के लिये जिम्मेदार है और यह उनका गुजरात माडल है, जो नफरत फैलाने का काम करता है ।’ उन्होंने कहा, ‘जब अमेरिकी राष्ट्रपति वहां आये हुये थे और एक लाख से अधिक पुलिसकर्मी तैनात थे तब दंगा कैसे हो गया। अगर सरकार और पुलिस चाहती तो कभी दंगे नहीं होते। यह उनकी नाकामी है कि वह दिल्ली में दंगों पर नियंत्रण नहीं कर पाये।’ योगी आदित्यनाथ के बारे में अखिलेश ने कहा कि मुख्यमंत्री में राजनीतिक मर्यादा नहीं है, वह जो भाषा बोलते हैं, वह लोकतंत्र में किसी चुने हुये प्रतिनिधि की नहीं हो सकती है।

अखिलेश ने हार का ठीकरा पार्टी के टीवी प्रवक्ताओं पर फोड़ा

[लखनऊ,यूपी]अखिलेश ने हार का ठीकरा पार्टी के टीवी प्रवक्ताओं पर फोड़ा
सपा ने तत्काल प्रभाव से सभी टीवी पैनलिस्ट को हटा दिया है|| १७ वी लोक सभा के लिए हुए चुनावों में मुलायम परिवार से अखिलेश औरस्वयं मुलायम सिंह यादव ही जीत दर्ज करा पाए हैं |
पार्टी के मुख्य प्रवक्ता राजेंद्र चौधरी के अनुसार टीवी चैनलों से कहा गया है कि समाजवादी पार्टी के किसी भी प्रवक्ता को चैनलों पर बहस के लिये आमंत्रित नहीं किया जाए ।
फोटो राजेंदर चौधरी

Rattled Akhilesh Erazes Panel Of Spokespersons For TV Channels

[Lucknow,,UP]Akhilesh Erazes Panel Of Spokespersons For TV Channels
Samajvadi Party president Akhilesh Yadav Friday sacked its panel of leaders who act as its spokespersons on television channels.
As per SP’s chief spokesperson Rajendra Chowdhury Channels Are Asked Not To Invite any Spokesperson Of SP for debates. The order follows the poor performance of the SP in the Lok Sabha elections

Akhilesh Succeeds To Get His Father Into Lok Sabha But Jayant Fails

[Lucknow,UP]Akhilesh Succeeds To Get His Father Into Lok Sabha But Jayant Fails
Samajwadi Party founder Mulayam Singh Yadav and his son ExCM Akhilesh Yadav Got Wining Votes For lower house of Parliament
RALOD JAYANT ChoudhryRashtriya Lok Dal[RLD] Supremo Ch Ajit Singh And His Son Jayant Choudhry Both Lost In Their Bastion
Akhilesh won with a comfortable margin of 2,59,874 votes by defeating Bhojpuri star and BJP candidate Dinesh Lal Yadav Nirahua, His father Mulayam Singh Yadav won the Mainpuri seat by a margin of 94,389 votes defeating BJP’s Prem Singh Shakya.
The SP suffered a setback in Kannauj, Badaun and Firozabad, where Akhilesh’s wife Dimple and cousins Dharmendra and Akshay lost to the BJP.
Akhilesh’s Wife Dimple lost by 12,853 votes to BJP’s Subrat Pathak in Kannauj, Dharmendra lost to BJP’s Sanghmitra Maurya by 18,454 votes in Badaun and Akshay lost to BJP’s Chandra Sen Jadon by 28,781 votes in Firozabad.
In Firozabad, Akhilesh’s estranged uncle and founder of Pragatisheel Samajwadi Party Lohia, Shivpal Yadav was relegated to the third spot, securing over 91,000 votes.
The vote share of the SP has also reduced from 22.35 per cent in 2014 to 17.96 per cent this year

मुलायम बने सपा के आडवाणी :स्टार प्रचारकों की सूची से दिग्गज बाहर

[लखनऊ,यूपी]मुलायम बने सपा के आडवाणी :स्टार प्रचारकों की सूचि से दिग्गज बाहर| समाजवादी पार्टी (सपा) के संस्थापक मुलायम सिंह यादव को आजमगढ़ सीट के बजाय सपा ने इस बार मैनपुरी से उम्मीदवार बनाया है लेकिन 40 स्टार प्रचारकों की सूची में मुलायम का नाम नहीं है| गौरतलब हे के ९१ वर्षीय लाल कृष्ण आडवाणी का भी टिकट गांधीनगर से काट दिया गया है | इनकी सुरक्षित सीट से भाजपा अध्यक्ष अमित शाह चुनाव लड़ेंगे|इधर मुलायम को आजमगढ़ से हटा कर स्वयं अखिलेश यादव यहाँ से चुनाव लड़ेंगे
मुलायम इससे पहले वर्ष 1996, 2004 और 2009 में मैनपुरी से सांसद रह चुके हैं।यह सीट उनके लिए सुरक्षित मानी जा रही है |
सपा के प्रमुख महासचिव रामगोपाल यादव द्वारा रविवार को जारी की गई 40 स्टार प्रचारकों की सूची में पूर्व रक्षा मंत्री +मुख्य मंत्री+और सपा के संस्थापक +पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के पिता मुलायम सिंह यादव का नाम नहीं है।
स्टार प्रचारकों की फेहरिस्त में पार्टी मुखिया
अखिलेश यादव,
आजम खान,
डिंपल यादव,
जया बच्चन तथा कई अन्य वरिष्ठ नेताओं के नाम शामिल हैं।

“मुलायम” ‘ मोदी’ पर पिघले , मोदी को ही दुबारा पीएम बनने की कामना की

[नई दिल्ली]मुलायम मोदी पर पिघले ,अगली बार भी मोदी को पीएम बनने की कामना की
समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता पूर्व केंद्रीय रक्षा मंत्री मुलायम सिंह यादव ने लोक सभा सेशन के समापन भाषण में कहा के वे कामना करते हैं के अगली बार भी नरेंद्र मोदी ही प्रधान मंत्री बने |इस मुलायम कामना से जहां विपक्ष को मानो सांप सूंघ गया वही सत्ता पक्ष में ख़ुशी की लहर बहने लगी और उन्होंने मेजें बजा कर व्यक्त भी किया | पीएम नरेंद्र मोदी ने हाथ जोड़ कर उनका अभिवादन किया मालूम हो के मुलायम सिंह यादव के पुत्र पूर्व मुख्य मंत्री और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भाजपा के खिलाफ बी एस पी से गठजोड़ बना लिया है लेकिन मुलायम सिंह मित्र दलों से गठजोड़ को इंकार कर चुके हैं

सपा ने सडकों से लेकर विस और संसद[बजट सेशन]में तांडव मचाया उससे क्या लोक तंत्र बचा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

समाजवादी चेयर लीडर

औए झल्लेया ये यूपी में क्या हो रहा है?
हसाड़े सोणे प्रदेश में दिनदहाड़े +खुलेआम लोक तंत्र का गला घौटा जा रहा है |हसाड़े संभ्रांत अध्यक्ष श्रीमान अखिलेश यादव जी को अपने ही प्रयागराज नहीं जाने दिया गया |औए अलाहाबाद विश्वविद्यालय के कार्यक्रम में ही नहीं जाने दिया गया| झल्लेया! लोक तंत्र खतरे में है

झल्ला

पहलवान जी !आपके अध्यक्ष जी को कानून व्यवस्था को बनाये रखने के लिए वर्तमान में अतिसंवेदनशील अलाहाबाद नहीं जाने दिया गया |प्रबंधन के आग्रह पर छात्र असंतोष में सुलगते विश्व विद्यालय में नहीं जाने दिया गया तो तो लोक तंत्र खतरे में आ गया |
लेकिन जरा सोचो के समाजवादियों ने सरेआम +खुलेआम+सुबह शाम सडकों से लेकर विधानसभा और संसद के दोनों सदनों में चल रहे बजट सेशन में तांडव मचाया | ड्यूटी बजा रहे पुलिस और पत्रकारों को पीटा |उससे क्या लोक तंत्र बचा ???

सपा +बसपा गठबंधन के दरवाजे ,कांग्रेस+रालोद+शिवपाल के लिए नहीं खुले

[लखनऊ,यूपी] बसपा सुप्रीमो मायावती ने आज सपा अध्यक्ष अखिलेशयादव के साथ आयौजित अपनी संयुक्त प्रेस कांफ्रेंस में जिस गठबंधन की घोषणा की उसके दरवाजे कांग्रेस ,शिवपाल यादव और रालोद के लिए बन्द दिखाए
कांग्रेस को बसपा की वोटकटुआ और शिवपालयादव को भाजपा के पैसे का खेल बताया |
कांग्रेस की बात पर अखिलेश असहज दिखे मगर चाचा शिवपाल के नाम पर खिलखिला कर हंसते दिखाई दिए|
लोकसभा चुनाव के लिए सपा-बसपा के इस गठबंधन के दोनों सहयोगियों ने यूपी की ८० सीटों में से 38-38 सीटों पर चुनाव लड़ने का एलान किया|
बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने 2019 में होने जा रहे लोकसभा चुनाव के लिए शनिवार को उत्तर प्रदेश में गठबंधन का ऐलान किया ।
इस गठबंधन से दोनों ही दलों ने कांग्रेस को अलग रखा लेकिन कहा कि वे अमेठी और रायबरेली सीट पर उम्मीदवार नहीं उतारेंगे। इन सीटों का प्रतिनिधित्व क्रमश: कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी और संप्रग प्रमुख सोनिया गांधी करती हैं।बेशक कांग्रेस के लिए दरवाजे नहीं खुले मगर खिड़की जरूर खुली रखी गई है|
गठबंधन ने दो अन्य सीटें छोटे दलों के लिए छोड़ी हैं।
संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में गठबंधन का ऐलान करते हुए बसपा सुप्रीमो मायावती ने कहा कि इस गठबंधन से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा अध्यक्ष अमित शाह की नींद उड़ जाएगी।
गठबंधन में कांग्रेस को शामिल नहीं किये जाने के बारे में मायावती ने कहा कि उनके शासन के दौरान गरीबी, बेरोजगारी और भ्रष्टाचार में वृद्धि हुई ।
इस मौके पर सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कहा कि यह सपा—बसपा का केवल चुनावी गठबंधन नहीं है बल्कि गठबंधन भाजपा के अत्याचार का अंत भी है । ‘भाजपा के अहंकार का विनाश करने के लिए बसपा और सपा का मिलना बहुत जरूरी था ।’

यूपी में खनन भ्रष्टाचार पर भाजपा और सपा में छिड़ी तकरार

[लखनऊ,यूपी]यूपी में खनन भ्रष्टाचार पर भाजपा और सपा में छिड़ी तकरार
उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा ने रविवार को कहा कि सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव को उनके मुख्यमंत्री काल में हुए अवैध खनन मामले पर जवाब देना चाहिये।प्रदेश भाजपा प्रवक्ता चंद्रमोहन के अनुसार सीबीआई जांच में पूर्ववर्ती सपा सरकार के शासनकाल में हुए अवैध खनन की परतें अब खुलने लगी हैं।
शनिवार को सीबीआई द्वारा सपा सरकार के दौरान प्रमुख पदों पर तैनात रहीं आइएएस अधिकारी बी. चंद्रकला, खनन विभाग के कर्मचारियों और ठेकेदारों के ठिकानों पर छापेमारी की कार्रवाई से पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की कार्यप्रणाली भी सीबीआई के निशाने पर आ गई है। इससे पूर्व अखिलेश यादव ने सी बी आई की इस कार्यवाही को राजनितिक हथकंडा बताया है और प्रत्येक जांच के लिए स्वयं को प्रस्तुत करने का आश्वासन दिया है
फाइल फोटो