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CBI Gets New Director In Rishi Kumar Shukla

[New delhi]CBI Gets New Director In Rishi Kumar Shukla
Former Madhya Pradesh Police chief Rishi Kumar Shukla was on Saturday appointed CBI director for a fixed tenure of two years,
The 1983-batch IPS officer of Madhya Pradesh cadre is at present chairman of the Madhya Pradesh Police Housing Corporation.
He succeeds Alok Kumar Verma, who was on January 10 removed from the post.

Modi Reshuffles Investigators :CBI Episode

[New Delhi]Modi Reshuffles Investigators :CBI Episode
Deputy SP A K Bassi, has been shunted to Port Blair
The CBI has overhauled the investigation officer to supervisory levels probing allegations of corruption against its former Special Director Rakesh Asthana, bringing in completely new faces,
M Nageswar Rao, a 1986-batch Odisha cadre IPS officer, who took over the duties and functions of CBI director late last night, appointed Satish Dagar as Superintendent of Police to probe the case,
His first supervisor will be DIG Tarun Gauba, who had probed Vyapam cases. At joint director-level, V Murugesan has been brought in.

IT’s 12 Clerks, Booked for ‘Fraudulently’ Securing Jobs

[Nagpur,Maha]IT’s 12 Clerks, Booked for ‘Fraudulently’ Securing Jobs
The CBI’s Anti-Corruption Bureau (ACB) has registered an FIR against 11 clerks of the Income Tax office in Nagpur and one posted in Rajasthan for allegedly securing jobs through fraudulent means.
The bureau has also charged some unidentified officials of the Staff Selection Commission (SSC) with issuing letters of appointment to the accused without verifying discrepancies in their admit cards issued for the examination for the posts,
The selection process, was conducted by the SSC between 2012 and 2014.
The fraud came to light when differences were found in signatures of these employees on their admit cards for the written exam and the cards issued to them for the skill tests.

CBI Books Arms Dealer For Kickback@ 5.70m $ in Embraer Deal

[New Delhi] CBI Books UK-Based Arms Dealer in Embraer Deal
CBI has registered an FIR against a UK-based arms dealer for allegedly taking kickbacks worth over USD 5.70 million from Brazilian company Embraer in the 2008 three-aircraft deal.
As per sources,these kickbacks were allegedly paid in 2009 through subsidiaries of Embraer via a Singapore based company which is owned by the middleman.
It is alleged that payoffs were routed through Austria and Switzerland.
Preliminary enquiry registered in September, is now converted into a regular FIR
The deal for three aircraft which were to be used by Defence Research and Development Organisation (DRDO) for air-borne radar systems was inked in 2008 with Embraer.
A Brazilian newspaper had alleged that that the company had taken the services of middlemen to clinch deals in Saudi Arabia and India.
According to defence procurement rules of India, middlemen are strictly barred in such deals.
Leading Brazilian newspaper ‘Folha de Sao Paulo’ had reported that the company allegedly paid commissions to a UK-based defence agent to finalise the deal with India..
The company has been under investigation by the US Justice Department since 2010 when a contract with the Dominican Republic raised the Americans’ suspicions,

CBI,Tightening Rope,Questions Former IAF Chief Tyagi: VVIPChopper Scam

[New Delhi]CBI,Tightening Rope,Questions Former IAF Chief Tyagi: VVIPChopper Scam
CBI ,Tightening Rope Over Chopper Deal Beneficiaries, Questions Former IAF Chief SP Tyagi
CBI today examined former IAF chief SP Tyagi in connection with alleged corruption in the Rs 3,600-crore AgustaWestland VVIP chopper deal.
Tyagi arrived at CBI headquarters at around 10 AM for questioning.
The Milan Court of Appeals — equivalent of an Indian high Court — has given details of how alleged bribes were paid by helicopter-maker Finmeccanica and AgustaWestland to Indian officials through middlemen to clinch the deal.
The order mentions the name of Tyagi at several points.
CBI had registered a case against Tyagi along with 13 others including his cousins and European middlemen in the case.
The allegation against the Tyagi was that he had reduced flying ceiling of the helicopter from 6,000m to 4,500m (15,000ft) so that AgustaWestland was included in the bids.
However, this decision was reportedly taken in consultation with the officials of SPG and the Prime Minister’s Office including then NSA M K Narayanan.
CBI has alleged that the reduction of the service ceiling–maximum height at which a helicopter can perform normally–allowed the UK-based firm to get into the fray as otherwise its helicopters were not even qualified for submission of bids.
CBI which has received a copy of the Milan court order has now prepared a fresh set of questionnaire to put to Tyagi.
The agency had already questioned Tyagi but this session is the first after the Italian court order.
His cousins have also been called by the agency.

अच्छा खासा सी बी आई जैसा पला+पलाया +हरा भरा तोते को आजाद करने का मन किसका करता है

झल्ले दी झल्लियां गल्लां

प्रफुल्लित भाजपाई

ओये झल्लेया आज मजा आ गया ओये गुवाहाटी हाई कोर्ट के सी बी आई पर दिए फैसले पर सारे कांग्रेसी भम्भड़भूसे में पड़ गए हैं |देख तो आज शनिवार के अवकाश पर भी हाई कोर्ट के आदेश पर स्टे लेने अटॉर्नी जनरल वाहनवती के साथ सुप्रीम कोर्ट के चक्कर लगा रहे हैं | सी बी आई को असंवैधानिक बताये जाने पर 2जी घोटाले के आरोपी बगावत पर उतर आये हैं


अरे सेठ जी अच्छा खासा पला+पलाया +हरा भरा तोता आजाद करने का मन किसका करता है सीबीआई को असंवैधानिक बताने वाले गुवाहाटी हाइकोर्ट के फैसले के खिलाफ केंद्र सरकार की बौखलाहट पर बेशक आपका दिल फिलहाल बल्लियां उछल रहा है मगर आप भी सत्ता में आने पर आप भी अपने आप बगले झांकने लगोगे ||

जे डी यू सांसद अनिल साहनी ने एलटीसी घोटाले में स्व्यम को निर्दोष बताया,सभी सांसदों के बिलों की जाँच की मांग भी की

[नई दिल्ली ]जे डी यू सांसद अनिल साहनी ने एलटीसी घोटाले में स्व्यम को निर्दोष बताया,सभी सांसदों के बिलों की जाँच की मांग भी की एलटीसी घोटाले के आरोपी जे डी [यू ]सांसद अनिल साहनी ने अपने आप को निर्दोष बताते हुए किसी बड़ी साजिश की तरफ इशारा किया और राज्य सभा तथा लोक सभा के सांसदों के पोर्ट ब्लेयर के हवाई यात्राओं की जाँच की मांग उठाई है| : सांसद ने अपने ऊपर लगाये सी बी आई के सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए बताया कि२०+१४ एयर टिकेट्स के घोटाले का पैसा उनके खाते में नहीं आया है|यह लगभग २५ लाख रुपये है|अनिल साहनी ने इसके पीछे कोयला घोटाले के भांति किसी बड़े घोटाले की आशंका भी व्यक्त की है
बिहार से सांसद अनिल साहनी ने मोबाइल पर हुई बातचीत के दौरान यह दावा किया कि वह खुद अपने पी ऐ अविनाश की ओर से की गई धोखाधड़ी का शिकार थे। राज्यसभा सभा सांसद साहनी ने कहा कि उन्हें जब पता चला कि उनके कोटे के टिकटों को लेकर दावे किए गए हैं, तब उन्होंने इसी वर्ष सी बी आई अधिकारियों को सूचित कर दिया था। उन्होंने कहा कि ये दावे उनके नाम पर किए गए, लेकिन राज्यसभा से संबंधित लेनेदेन के लिए उनके बैंक खाते में एक भी पैसा स्थानांतरित नहीं हुआ।
उन्होंने बताया 2012 में उनके नाम पर 20 फर्जी एयर टिकटें ली गईंउसके अलावा १४ टिकेट्स भी उनके नाम पर ली गई हैं| यह धोखाधड़ी करने वाले व्यक्ति ने फोन किया और कहा कि आपकी 20 एयर टिकेट्स बेकार हो जाएंगी इसीलिए ये टिकटें किसी और को बेच दी गई हैं।पैसे का बंटवारा करने का भी आश्वासन दिया गया|
बिहार के पिछड़ा वर्ग से सम्बंधित साहनी ने अपने निजी सहायक (पीए) अविनाश पर यह षड़यंत्र रचने का आरोप लगाते हुए बताया कि सीता राम यादव के यहाँ काम करने वाले अविनाश को कप्तान निषाद का ड्राइवर उनके पास लाया था|अविनाश यात्रा टिकटों के कथित दावे किए जाने के बाद से लापता है।
गौर तलब है कि सेंट्रल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन [ सीबीआई] ने जनता दल [यूं]: के राज्यसभा सांसद डॉ अनिल कुमार साहनी के खिलाफ एल टी सी घोटाला करने का केस दर्ज किया है। इस सिलसिले में राज्यसभा सचिवालय और अन्य स्थानों पर तलाशी भी ली गई है ।
सांसद पर दिसंबर 2012 में फर्जी टिकटों के आधार पर राज्यसभा सचिवालय से साढ़े नौ लाख रुपये लेने के आरोप लगाया गया है एयर इंडिया की अधिकारी रूबीना अख्तर और टिकट बुक करने वाले ट्रेवल एजेंसी एयर क्रूज ट्रेवल्स प्राइवेट लिमिटेड भी जाँच के घेरे में आ गए हैं|
गौरतलब है कि सांसदों को साल में 34 हवाई यात्रा मुफ्त करने की सुविधा मिलती है। यात्रा के बाद सांसद इसका टिकट और बोर्डिग पास सबूत के साथ राज्यसभा या लोकसभा सचिवालय में जमा करते हैं, जहां से ये उन्हें पूरा पैसा [ reimburse ]वापिस मिल जाता है। आरोप है कि उन्होंने अपने साथ-साथ छह लोगों के लिए एयर इंडिया से पोर्ट ब्लेयर जाने के लिए ई-टिकट खरीदा। दिल्ली के लाजपतनगर स्थित एयर क्रूज ट्रेवल्स के माध्यम से खरीदे गए ई-टिकट के लिए ई-बोर्डिंग पास भी ले लिये गए, जिसे अंतिम समय में रद्द करवा लिया गया। इसके बाद एयर इंडिया ने ट्रेवल एजेंसी को टिकट बुकिंग के सारे पैसे वापस कर दिये।
अनिल साहनी बिहार से जे डी यूं राज्य सभा सदस्य हैं और स्थानीय छेत्र विकास योजना निधि के सदस्य भी हैं|

सी बी आई को लगता है कि कोयला ब्लाक साजिशन एलोट किये तो ऍफ़ आई आर में पहले पी एम् का नाम हो:पीसी पारेख

अगर सी बी आई को लगता है कि साजिशन कोयला ब्लाक एलोट किये तो ऍफ़ आई आर में पहले पी एम् का नाम हो:पीसी पारेख सीबीआई ने 2005 में कोयला ब्लॉकों के आबंटन में कथित अनियमितताओं को लेकर उद्योगपति कुमार मंगलम बिड़ला और पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख के खिलाफ जो आपराधिक साजिश और भ्रष्टाचार के मामले दर्ज किए उन्हें लेकर अब देश में की राजनीती में एक बार फिर उबाल आ गया है |
कोयला खदानों के आवंटन में साजिश तथा भ्रष्टाचार का आरोप झेल रहे पूर्व कोयला सचिव पारेख ने कहा कि कोयला ब्लाक आवंटन में तो अंतिम निर्णय प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन सिंह का था, ऐसे में उन्हें तो पहला ‘साजिशकर्ता’ समझा जाना चाहिए।लेकिन इसके साथ ही उन्होंने किसी भी साजिश से इंकार भी किया है| पारेख ने इस करार में किसी गड़बड़ी से इनकार करते हुए कहा है कि सीबीआई जनहित में लिए गए सही और गलत फैसलों में फर्क करने में नाकाम है |हिंडाल्को को तालाबीरा के आवंटन के पीछे कोई साजिश नहीं है। फिर भी अगर सीबीआई को साजिश लगती है तो इस आवंटन को मंजूरी देने वाले प्रधानमंत्री को उसे आरोपी नंबर एक बनाना चाहिए। यह हैरानी की बात है कि सीबीआई ने मेरी ही नीयत पर सवाल उठाया,
प्रमुख विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी[भाजपा] ने पूर्व कोयला सचिव पीसी पारेख की टिप्पणी के बाद आज प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह पर हमला बोलते हुए आश्चर्य जताया कि कोयला ब्लॉक आवंटन के लिए अंतिम मंजूरी देने वाला कोई व्यक्ति अपनी जिम्मेदारी से कैसे बच सकता है।
यशवंत सिन्हा ने कहा,कि अब पारेख के लिए बोलने का समय आ गया है उन्हें सब कुछ स्पष्ट करना चाहिए |अगर हिंडाल्को को आवंटन में सीबीआई को कोई साजिश लगती है तो वह सबसे पहले प्रधानमंत्री को आरोपी बनाए। ।सिन्हा ने कहा कि जितने भी कोल ब्लॉक आवंटन हुए वह प्रधानमंत्री के आदेश से हुए हैं, जो आदेश देता है, वह ज्यादा दोषी है।
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने भाजपा को चेतावनी देते कहा कि एनडीए इस मामले में जल्दबाजी न करें, क्योंकि उनके खिलाफ भी राज खुल सकते हैं।
इसके साथ ही उन्होंने पारेख को नसीहत देते हुए अपनी बात मीडिया में कहने के बजाये सी बी आई के समक्ष कहने की सलाह दी |
सीपीआई ने भी मामले की जांच की मांग की है|
बताते चलें कि देश के बड़े उद्योगपतियों में एक कुमारमंगलम बिड़ला के खिलाफ सीबीआई ने धोखाधड़ी और आपराधिक साजिश का मामला [FIR ]दर्ज किया है। उनकी कंपनी हिंडाल्को पर कोल ब्लॉक आवंटन में घपले का आरोप है। 2005 का यह मामला है, जब ओडिशा के जासूगुडा ज़िले में हिंडाल्को को तालाबेरा दो कोल ब्लॉक दिए गए।इस एफआईआर में कोयला मंत्रालय के पूर्व सचिव पीसी पारेख का भी नाम है |

पके पकाए नितीश कुमार जब झोली में आ गिरे तो सड़े गले लालू प्रसाद यादव को गले में बाँध कर कौन चुनाव लड़ना चाहेगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाड़े राज्य में न्याय के लिए देर हो सकती है अंधेर नहीं |17 साल बाद ही सही हसाड़े सहयोगी ही सही लेकिन लालू प्रसाद यादव को दोषी करार दे ही दिया गया लालू प्रसाद यादव को सी बी आई की विशेष अदालत ने चारा घोटाले में दोषी घोषित कर दिया है| ओये इसके अलावा पूर्व मुख्यमंत्री जगन्नाथ मिश्र और जे डी यूं सांसद जगदीश शर्मा सहित कुल 44 लोगों पर दोष साबित कर दिया है|
इन्हें 37.7 करोड़ रुपये का घोटाला करने के आरोप में दोषी करार दिया है. ओये अब न 3 अक्टूबर को इन्हें सजा होवे ही होवे लालू यादव के बेटे तेजस्वी यादव ने कहा है की वो इस


ओ मेरे चतुर सुजाण जी अप लोग राजनीतिक शतरंज के पुराने माहिर हो आपजी की झोली में पके पकाए नितीश कुमार अपनी जे डी यूं सहित आ गिरे हैं ऐसे में एन चुनावों के वक्त सड़े गले लालू प्रसाद यादव और उनकी आर जे डी को गले में बाँध कर फिरना तो घाटे की ही राजनीती होगी के नहीं ?

B J P Has Raised eye brows and demanded explanation on the grant of bail to Jagan Reddy after being held in custody for 16 months

B J P Has Raised eye brows and demanded explanation on the grant of bail to Jagan Reddy after being held in custody for 16 months.
In a Press Conference , B J P spokesperson ,Smt. Nirmala Sitharaman has said,today, that A total of 10 charge sheets have been filed, spread over several months. However, the prosecutors claim that in nearly 7 cases enough material has not been found, thus further reducing the charges raises doubts in our minds so The CBI has a lot of explaining to do in the case
As per the prevailing law a person held for custodial enquiry/questioning can only be held so for a maximum of 90 days, after which they have to be let off. In this case Jagan was held for 16 months.
Along with Jagan in these cases several cabinet ministers in the present Congress government are also chargesheeted. The ministers are : Smt. Sabita Indira Reddy+ Shri Dharmana Prasad Rao+Smt. Geeta Reddy. How come they are not arrested? Shri Mopidevi Vankat Ramana is in custody. Shri Ponnala Lakshmi Narayana is now only a witness and not an accused.
In May 2013 the Supreme Court ordered the CBI to complete the investigation and file chargesheet within 4 months. Having dragged its feel for over a year under political pressure it rushed to conclude the investigation?
In Party Briefing She Said “The corrupt Congress party too has a lot to answer”
She questioned “How is it that ministers who are chargesheeted still continue in Shri Kiran Reddy’s cabinet”
Why is there a delay in accepting the resignation letters submitted by the charge-sheeted ministers?
How come Smt. Sonia Gandhi and Vice President, Shri Rahul Gandhi don’t speak about continuing corrupt ministers in the cabinet in Andhra Pradesh?
Misusing the CBI, hoping to influence the by-elections, which took place in 2012 the investigation was made to protract. The Supreme Court came down heavily on this. Today, letting Jagan off without much protest, but protecting the named cabinet ministers underlines the BJP’s off-repeated allegation that the CBI has served as a tool for protecting tainted Congressmen.
The gravity of corruption which prevailed during the 2004-2009 late Y.S. Rajasekhar Reddy led congress government in Andhra Pradesh is coming out in the open now. More than 6 top ranking bureaucrats are arrested and some continue in custody even today. Can the Congress party speak on corruption anymore?
The BJP has accused of misusing the CBI to protect Congress and their friends. In AP corrupt congress cabinet ministers are being protected. In Uttar Pradesh, again in a Disproportionate Asset Case Shri Mulayam Singh is being completely let-off. The CBI files for the closure of this case. We are aware that the case against Shri Mulayam Singh has taken several twists and turns – depending on the urge of the Congress party – either to harass him or to ease the pressure on him when favours are required from the Samajwadi Party.
Congress party’s double standards are clear. When at a time after the shocking failure of the Uttar Pradesh government to maintain Law and order in Muzaffarnagar, instead of taking strict action, they reward by closing a DA case which has been in the court for several years. interestingly the case was filed by a Congressman at the first instance.
The double standard is clear also in the way in which CBI is instructed to handle cases related to Gujarat. The obsessive pursuit and harassment to please political masters standout. Why does the CBI not handle the Andhra Pradesh ministers, both on disproportionate asset or on encounters similarly?
The BJP demands the Congress party explain this double standard. We also demand the Congress party to speak about corruption in Congress ruled Andhra Pradesh.
Surely, there shall be a time when an enquiry shall reveal all about such blatant misuse of the CBI. The misuse of CBI “to protect or shield friends and oppress opponents policy” of the Congress will be exposed.
A well endowed Andhra Pradesh which voted the Congress both in 2004 and in 2009 has been completely let down. The Congress party has looted the wealth of Andhra Pradesh, protected its own tainted ministers and oppressed those who challenge them. The mass scale corruption of Congress regime which funded UPA – I is now completely in the open.
Not just the people of Andhra Pradesh but the people of India will give an appropriate reply to the Congress in the coming election.