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Tag: Digvijay singh

BJP MP Also Demands A Check On Social Media

[New Delhi] BJP MP Also Demands A Check On Social Media.Earlier Congress’s Digvijay singh Raised The similar Demand in Rajya Sabha
BJP member Nishikant Dubey Wednesday demanded that regulations be brought in to keep a check on social media to ensure there is no intrusion of privacy.
“Electronic and print media are regulated. Similar regulations should be brought in for social media so that fake news spread through such medium does not intrude on the privacy of an individual,” Dubey said in the Lok Sabha during Zero Hour.
Speaker Om Birla said that it is a “very good topic” and if a member gives notice under Rule 193, the issue could be taken up for short duration discussion.
Jayadev Galla (TDP) asked the government to take steps to ban TikTok app saying it poses serious threat.
Saugata Roy (TMC) and K Suresh (Cong) said even if the members raise important issues, neither a Cabinet Minister nor Parliamentary Affairs Minister was present in the House to take note.
To this, Birla said the Ministers have gone for a meeting of the Union Cabinet and have taken his permission before leaving the House.

Digvijay Needles NDA’s Earlier Govt Over Uri Attack

[New Delhi]Digvijay Needles NDA Govt Over Uri Attack Saying NDA govt compromised with security by releasing Masood Azhar
Masood Azhar-led JeM is suspected to be behind this Deadly Uri attack,
Congress leader Digvijay Singh today sought to put the National Democratic Alliance government in the dock, suggesting the earlier NDA regime had “compromised” with national security by releasing the terrorist following the 1999 Indian airlines hijack.
In a series of tweets, Cong Leader also made a strong pitch for building strong international pressure to isolate Pakistan in the wake of the terror strike and also stressed on looking into the “failure” of the Army to protect its camp near the LoC.
“We compromised to let Masood Azhar go after Indian Airlines hijack. Lesson? Never compromise with National Security,” the Congress General Secretary said.
“Masood Azhar’s Jaish-e-Mohammad behind the attack. Of course with full connivance of Pakistan Establishment.”
He said “Should also look at the failure of the Army to protect its Army Camp near the LOC,”
“Pay homage to the Martyrs in Uri. GOI must strongly build International pressure to isolate Pakistan”, the Congress leader added.
Flight IC 814, which was en route from Nepal to Delhi, was hijacked on December 24, 1999 with 176 passengers onboard.
Three terrorists, including Masood Azhar, were released by the Indian government in exchange for the safe release of passengers and the crew.

Digvijay Singh,Former Cong CM Of MP Booked for Fraudulently Favoring College

[Bhopal,MP]Digvijay Singh,Former Congress CM Of MP Booked for Fraudulently Favoring College
3 persons, including former Madhya Pradesh CM Digvijay Singh and one of his cabinet colleagues have been booked by the state Economic Offences Wing (EOW) for fraud and unduly favouring a private institute
Singh– who was Chief Minister of MP from 1993 to 2003 — along with his Technical Education Minister Raja Pateria have been accused of unlawfully reducing the penalty of RKDF college from Rs 24 lakh to Rs 2.5 lakh,
Apart from the duo, EOW also booked RKDF Chairman Sunil Kapoor yesterday.
According to the complaint of a local journalist Radhavallabh Sharda, both Singh and Pateria in collusion with RKDF College waived off the institute’s penalty imposed on it by the concerned department over some ‘wrongful’ admissions in 2000-01 and 2001-02.
The College had then requested Singh to slash the penalty to Rs 5 lakh but he allegedly reduced it to Rs 2.5 lakh.
The trio have been booked under section 420 (cheating), 467 (using as genuine forged document), 120 (b) (conspiracy) of IPC and relevant sections of Prevention of Corruption Act, the official said, adding further investigations are on.

कृपया अपने अमूल्य विचार व्यक्त करें :क्या कांग्रेस की छवि को हो चुके डेमेज को इसके धुरंधर कंट्रोल कर पायेंगे

१/=५/=और १२ /= में भरपेट भोजन की दलील देने वाले नेताओं से कांग्रेस द्वारा किनारा किये जाने के पश्चात अब कांग्रेस के विश्वस्त और अनुभवी नेताओं ने पार्टी की छवि को सुधारने के लिए यौजना आयोग के ३३ /= [शहर]और २७/=[ग्रामीण] के ऊपर के अमीरों वाले फार्मूले की ही आलोचना शुरू कर दी है।
[१] वरिष्ठ और अनुभवी कानून विद कपिल सिब्बल ने तो प्रश्न ही खड़ा कर दिया है कि इतनी कम राशि में कोई कैसे पेट भर सकता है| एक कार्यक्रम में केंद्रीय संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री कपिल सिब्बल ने गरीबी का आकलन करने के योजना आयोग के तरीके को चुनौती दे दी उन्होंने कहा कि पांच लोगों का परिवार 5,000 रुपये मासिक की आय में गुजर नहीं कर सकता। योजना आयोग की गरीबी की परिभाषा में कुछ गलत जरुर है।


[२] पार्टी के संकट मोचक महासचिव दिग्विजय सिंहने सोशल साइटपर ट्विट करके यौजना आयोग के इस फार्मूले के आधार को अपनी समझ से परे बताया । उन्होंने सुझाव भी दिया है कि परिवार के सदस्यों में कुपोषण को मापदंड बनाया जाना चाहिए। digvijaya singh ‏@digvijaya_28[Twitter ]I have always failed to understand the Planning Commission criteria for fixing Poverty Line . It is too abstract can’t be same for all areas
[३]]योजना और संसदीय राज्य मंत्री और पूर्व पत्रकार राजीव शुक्ला ने तो गरीबी के आंकड़ों को लेकर देश में छिड़ी बहस को बेवजह कि बहस बताते हुए एक नई दलील निकाली है श्री शुक्ला के अनुसार इन आंकड़ों को न तो सरकार ने तय किया है और न उन पर कोई निर्णय लिया है।
उन्होंने कहा कि तेंदुलकर समिति की रिपोर्ट को सरकार ने अभी तक स्वीकार नहीं किया है। इस संबंध में रंगराजन समिति की रिपोर्ट की प्रतीक्षा है जो अगले वर्ष आयेगी।
गौरतलब है कि योजना आयोग ने कहा था कि पांच लोगों का परिवार अगर ग्रामीण इलाके में 4,080 रुपये मासिक और शहरी क्षेत्र में 5,000 रुपये मासिक खर्च करता है तो वह गरीबी रेखा में नहीं आएगा।यौजना आयोग के इस फार्मूले को सपोर्ट करने के लिए कांग्रेस के प्रवक्ता राज बब्बर ने ऐ आई सी सी की प्रेस वार्ता में दावा किया की मुंबई जैसे शहर में मात्र १२/= में भरपेट खाना मिलता है| इसके पश्चात सांसद रशीद मसूद ने कहा की दिल्ली की जाम मस्जिद इलाके में तो ५/=में ही भरपेट खाना मिलता है|सरकार के सहयोगी और मंत्री फारुख अब्दुल्लाह तो इस लिमिट को मात्र १/= तक ले आये| तभी से देश में बहस चल रही है | मीडिया वाले सड़को पर ५/=और १२/= लेकर खाना तलाशते दिखाए जा रहे हैं| सोशल साईट्स पर सरकारी आयोजनों में ७७२१/= की थाली का पुनः जिक्र होने लगा है| सरकार की छवि को स्वभाविक धक्का लगा है इसी डेमेज को कंट्रोल करने के लिए धुरंधरों की टीम उतरी है लेकिन यक्ष प्रश्न है कि चुनावों में महज एक साल रह गया है इतनी कम अवधि में क्या ये धुरंधर पार्टी इमेज को हो चुके डेमेज को कंट्रोल कर पायेंगे ? कृपया अपने अमूल्य विचार व्यक्त करें

राहुल गांधी ने कांग्रेसी नेताओं और प्रवक्ताओं को मर्यादित भाषा की लक्ष्मण रेखा दिखाई

[नई दिल्ली ] कांग्रेस के युवा उपाध्यक्ष राहुल गांधी ने पार्टी नेताओं और प्रवक्ताओं को मर्यादित भाषा की लक्ष्मण रेखा दिखाई | उन्होंने दो-टूक कहा है कि पार्टी की इस विचारधारा से आगे जाने वालों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
दो दिवसीय मीडिया कानक्लेव वर्कशॉप के पहले दिन राहुल ने अपने संबोधन में कांग्रेस नेताओं के अलग-अलग बयानों से होने वाले भ्रम और फजीहत को रोकने और पार्टी की उपलब्धियों को सशक्त तरीके से जनता तक पहुंचाने पर विशेष बल दिया|
गौरतलब है के कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की ट्विटर पर असंसदीय टिप्पणी को लेकर मध्य प्रदेश पुलिस ने उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। इसी तरह शकील अहमद भी अपने एक ट्विट में इंडियन मुजाहिदीन की वकालत करते दिख रहे हैं| इन को लेकर कांग्रेस पार्टी बचाव की मुद्रा में तो दिखाई दे रही है लेकिन अभी तक किसी भी कार्नर से इसका खंडन नही हुआ है|
सूचना प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने बताया कि अलग-अलग मीडिया के जरिये किस तरह से अपनी बातों, नीतियों और उपलब्धियों को घर-घर तक पहुंचाया जा सकता है। जवाहर भवन में दो दिवसीय वर्कशॉप में सोशल मीडिया के इस्तेमाल के भी गुर सिखाए जा रहे हैं। इसके लिए कांग्रेस ने एक स्पेशल सोशल प्लेटफार्म बनाया है, जिसका नाम ‘खिड़की’ रखा गया है। पार्टी प्रवक्ता इस प्लेटफॉर्म को सोशल मीडिया पर संवाद के लिए इस्तेमाल कर सकेंगे।

सुप्रीम कोर्ट के तोता प्रेम पर कांग्रेसी राजा दिग्विजय सिंह झल्लाए ,कोर्ट के लिए ही आईना ले आये

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

एक दुखी मिस्टर ब्लैक कोर्ट[वकील]

ओये झल्लेया ये कांग्रेसी राजा दिग्विजय सिंह कौन सा कीड़ा काट रहा है है ?ओये अब उन्होंने सुप्रीम कोर्ट की टिपण्णी पर भी सिसायत शुरू कर दी है| कोल गेट की जांच की निगरानी करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने संदिग्ध गतिविधिओं पर सी बी आई को सरकार का तोता नहीं बनने की टिपण्णी तक कर दी इसे सी बी आई प्रमुख ने स्वीकार भी कर लिया और कहा कि हाँ सी बी आई स्वंतंत्र नहीं है|इसके अलावा इनकी सरकार के सहयोगी लालू प्रसाद यादव ने भी अपनी एतिहासिक रैली में तोता प्रेम को व्यक्त किया है लेकिन ये राजा जी सुप्रीम कोर्ट को ही हतोत्साहित करने का प्रयास करने लग गए हैं|

झल्ला

अरे श्रीमान जी दरअसल राजा दिग्विजय सिंह को अपने गृह प्रदेश से ताड़ी पार किया गया है |अपनी पार्टी में कोई महत्त्व नहीं दिया जा रहा | इनकी सलाह को नकार कर सत्ता के दो केन्द्रों के अस्तित्व को कायम रखा जा रहा है|इसीलिए बेचारे कभी कभाग ऐसी विवादित टिपण्णी दे कर अपनी मौजूदगी का अहसास करते रहते हैं और सरकार के विरुद्ध होने वाले कार्यवाही+राजनीतिक बयान या कोर्ट की टिपण्णी पर बेमांगे ही अपनी राय देकर उसे चर्चा के लिए मीडिया में उछालते रहते हैं|

संजय दत्त ने हीरो की तरह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जेल की सजा को सहर्ष काटने का एलान किया :माफी नहीं मांगेंगे

अवैध हथियार रखने के दोष में सजा पाए फिल्म स्टार संजय दत्त ने आज हीरो की तरह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई [और] साडे तीन साल की जेल की सजा को सहर्ष काटने का एलान कर दिया | 1993 मुंबई ब्लास्ट के संबंध में अविध हथियार रखने के दोष में सुप्रीम कोर्ट से 5 साल की जेल की सजा पाने के बाद बॉलीवुड अभिनेता संजय दत्त आज पहली बार मीडिया के सामने आए| अपना स्टेटमेंट देते समय संजय दत्त इतने भावुक हो गए कि वो रो पड़े और उनके साथ उनकी बहन सांसद प्रिय दत्त ने उन्हें कंधे का सहारा दिया|

संजय दत्त ने हीरो की तरह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जेल की सजा को सहर्ष काटने का एलान किया :माफी नहीं मांगेंगे

संजय दत्त ने हीरो की तरह सुप्रीम कोर्ट द्वारा दी गई जेल की सजा को सहर्ष काटने का एलान किया :माफी नहीं मांगेंगे


मीडिया को एड्रेस करते हुए संजय दत्त ने कहा है कि वोह [संजय] टूट चुके हैं उनका परिवार टूट चूका है लेकिन सुप्रीम कोर्ट के फैसले का सम्मान करते हैं और जेल जाने के लिए निश्चित अवधि में ही सरेंडर करेंगे |सजा से माफी के लिए कोई अपील नहीं करेंगे| कोर्ट का सम्मान करते हैं और अपने देश से प्यार करते हैं| इसके साथ उन्होंने यह भी साफ किया कि वह दिए हुए वक्त के अंदर सरेंडर करेंगे|
संजय दत्त ने अंग्रेज़ी में मीडिया से कहा कि यह मेरे [संजय]लिए काफी मुश्किल वक्‍त है. मैंने माफी की अपील नहीं की है और ना ही करूंगा.
उन्होंने कहा कि मैं उन लोगों का आभारी हूं जिन्होंने मेरा साथ दिया. मैं अपने देश और यहां के लोगों से बेहद प्यार करता हूं. इसके बाद उन्होंने मीडिया से कहा कि मुझे जेल जाने से पहले अपना काम खत्म करना है इसलिए मैं शांति चाहता हूं.|उन्‍होंने रूंधे गले से कहा, ‘मैं मीडिया से कहना चाहूंगा कि मेरे जेल जाने में कुछ ही दिन बाकी बचे हैं. मुझे बहुत से काम करने हैं जो आधे पड़े हैं. मुझे अपनी फिल्‍में पूरी करनी हैं. मुझे परिवार के साथ भी वक्‍त गुजारना है. तो मैं हाथ जोड़कर गुजारिश करना चाहूंगा कि मुझे थोड़ा वक्‍त शांति से गुजारने दें.| इसी के साथ संजय दत्त ने मीडिया से भी अपील की कि उनकी सजा को माफ किए जाने पर बहस नहीं की जाए.
इसके पश्चात संजय दत्त कमालिस्तान[कमल अमरोही स्टूडियो] फिल्म स्टूडियो में पुलिसिया फिल्म की शेष शूटिंग करने चले गए|स्टूडियो में भी भावुक नज़ारा था वहां कम करने वाले कर्मियों ने अपनी बाजु पर सफ़ेद पट्टी बाँध कर अपने नायक को समर्थन दिया|इसी बीच रिटायर्ड जस्टिस मार्कंडेय काटजू का ब्यान भी आया है उन्होंने कहा है कि संजय दत्त को माफी के लिए अपील करने की कोई जरुरत नहीं है संजय की शेष सजा माफी के लायक है और उसके लिए जरुर प्रयास किये जायेंगे|
गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने साल 1993 के मुंबई ब्‍लास्‍ट मामले में संजय दत्त को हथियार रखने का दोषी पाया है.| उन्‍हें आर्म्‍स एक्‍ट के तहत पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है|12 मार्च 1993 को सिलसिलेवार 12 धमाके हुए थे, जिसमें 257 लोगों की मौत हुई थी|
संजय पहले ही 18 महीने जेल में रह चुके हैं और १८ साल तक उनके माथे पर आतंकवादी का काला टीका लगा कर सजा दी जा चुकी है|इसके बावजूद भी उन्‍हें अब करीब साढ़ तीन साल और सजा काटनी होगी|इस अवधि में अच्छे आचरण के लिए उनकी साल भर की सजा जेल प्रशासन द्वारा कम करने की सिफारिश की जा सकती है|ऐसे में उन्हें केवल ढाई साल और जेल में गुजारने होंगे | अब ढाई साल की सजा के लिए माफ़ी की दी जानी है| उन्‍हें चार हफ्तों के अंदर खुद को सरेंडर करना है|कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह भी माफ़ी के लिए आवाज उठा चुके हैं|
राज्यसभा सांसद अमर सिंह और जया प्रदा ने भी २६ मार्च मंगलवार को महाराष्ट्र के राज्यपाल के शंकर नारायणन से मुलाकात की थी.
बीजेपी + शिवसेना +अन्ना हजारे ने इसका विरोध किया है|.उल्लेक्नीय है के [१]संजय दत्त की फिल्मो पर इंडस्ट्री का लगभग २५० करोड़ रूपया लगा हुआ है|
[२] संजयदत्त ने १८ साल तक उस अपमान को पीया है जिसके वोह दोषी नही थे [३] जो अपराध उन्होंने किया नहीं था उसके लिए डेड साल की सजा काट चुके हैं[४]अब वोह सुधर चुके हैं और सजा भी मात्र ढाई साल की बचती है ऐसे में माफी की मांग उठना स्वाभाविक ही है|