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शरद पवार की धुआंधार बालिंग के सामने बोर्ड के सचिव शिर्के और कोषाध्यक्ष जगदाले पेवेलियन लौटे

बी सी सी आई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार धुआंधार बालिंग को देखते हुए अब बोर्ड की कई विकेट्स खुद ही गिरने लगी हैं | बोर्ड के सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। श्रीनिवासन को भेजे इनके इस्तीफे में कहा गया है कि क्रिकेट में हाल ही के घटनाक्रम से वे लोग बेहद आहत हैं।इसके अलावा पवार की घोषणा के बाद सचिन तेंदुलकर ने भी स्वयम के आहत होने की बात कह दी है|
जॉइंट सेक्रेटरी अनुराग ठाकुर जो अभी तक एन श्रीनिवासन के लिए एम्पायरिंग करते फिर रहे थे उन्होंने भी अब बोर्ड की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की जरुरत स्वीकार कर ली है| भाजपा के नेता अरुण जेटली[नार्थ] और आई पी एल के चेयर मैन केन्द्रीय सरकार में संसदीय कार्यों के राज्य मंत्री राजीव शुक्ला अभी भी श्रीनिवासन को पेवेलियन लौटाने के लिए अपनी उंगली उठाने को तैयार नही दिख रहे|लेकिन प्रधान मंत्री डा. मन मोहन सिंह ने जब से खेल और राजनीती को अलग रखने की बात कही है और कांग्रेस पार्टी अध्यक्षा श्री मति सोनिया गाँधी पार्टी की इमेज सुधारने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही हैं|ऐसे में दागी आई पी एल के चेयर मैन पद से चिपके हुए राजीव शुक्ला के मंत्री पद जरूर खतरे में पड़ सकता है|
श्री जगदाले उस तीन सदस्यीय इनक्वायरी कमिटी से भी बाहर हो गए हैं, जो मयप्पन के खिलाफ आईपीएल में सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई है।हर तरफ से दबाव को देखते हुए श्रीनिवासन ने वर्किंग कमिटी की इमरजेंसी मीटिंग शनिवार को बुलाने की घोषणा की है लेकिन अविश्वास प्रस्ताव केवल आम सभा में ही लाया जा सकता है|

बीसीसीआई [ BCCI ] अध्यक्ष एन श्रीनिवासन[NShrinivasan] नाम का जहाज क्या डूबने वाला है?

लगता है कि बीसीसीआई [ BCCI ] अध्यक्ष एन श्रीनिवासन[NShrinivasan] नाम का जहाज डूबने वाला है तभी अब अपने अध्यक्ष से अलग दिखने की हौड मच लगने लगी है| बी सी सी आई के पूर्व अध्यक्ष एन सी पी सुप्रीमो और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने विवादों से घिरे आईपीएल छह के सभी 75 मैचों की जांच केन्द्रीय गृह मंत्रालय से कराने की मांग उठा दी है|
लेकिन इसके साथ ही एक कंडीशन लगाते हुए कहा है कि यदि बीसीसीआई गृह मंत्रालय को लिखित में दें और सभी मैचों की जांच करने का आग्रह करे तो सरकार सभी मैचों की जांच कर सकती है। वह किसी से भी पूछताछ कर सकती है। उसे कानूनी स्वीकृति हासिल है। उन्होंने कहा कि यदि बोर्ड इसे स्वीकार नहीं करता है तो लगेगा कि इससे निबटने के प्रति बोर्ड गंभीर नहीं है।इसमें अपने कार्यकाल की विशेषताओं को बताना नही भूले उन्होंने कहा कि अगर मै[पवार] अध्यक्ष होते यह [फिक्सिंग]कभी नही होता |
गौरतलब है कि बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति गुरुनाथ मयप्पन की जांच कर रही है और रिपोर्ट को बोर्ड की डिसिप्लिन कमिटी को सौंपा जाना है श्रीनिवासन इस सबके अध्यक्ष हैं| और अध्यक्ष ने स्वयम को जांच से अलग रहने की बात की है इसी आश्वासन को आगे बढ़ाते हुए दागी आई पी एल के कमिश्नर +केन्द्रीय संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया है कि जांच चलने तक श्रीनिवासन को अलग रहना चाहिए|
बोर्ड की वित्त समिति के चेयरमैन युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा एक दिन पहले ही अह्य्क्ष से इस्तीफे की मांग की जा चुकी है|खेल मंत्री जितेन्द्र सिंह भी अब अलग सुर अलापने लगे हैं|
यहाँ यह कहना तर्क संगत ही होगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार १५ दिनों में यह जांच पूरी की जानी है इसीलिए संभवत आनन् फानन में जाँच टीम का गठन कर लिया गया है | आने वाले दिनों में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड में मिनी वर्ल्ड कप खेला जाने वाला हैउसमे भाग लेने से पहले यह विवाद पारदर्शिता के साथ हल किये जाने से खिलाड़ियों के आत्म विश्वास में बढोत्तरी होगी और टीम की प्रतिष्ठा भी बढेगी|

आई पी एल क्रिकेट की बिसात पर घिरे बादशाह श्रीनिवासन को बचाने के लिए वजीर एम् गुरुनाथ की बलि

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

बी सी सी आई का एक चीयर लीडर

ओये झल्लेया हसाडी बी सी सी आई की निष्पक्षता देखी ?ओये जिसे देखो बी सी सी आई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर पत्थर उछालने पर तुला हुआ है| बेचारे गुरुनाथ को बेटिंग के लिए बदनाम किया जा रहा है लेकिन उसी बी सी सी आई ने अपने अध्यक्ष के दामाद एम् गुरुनाथ तक को एक झटके में जांच पूरी होने तक क्रिकेट से अलग कर दिया है|ओये दोषी किसी भी कीमत पर बक्शे नही जायेंगे|यह हमारा संकल्प है|

झल्ला

बाऊ जी पुराणी रिवायत है कि शतरंज की बिसात पर घिरे बादशाह को सुरक्षित निकालने के लिए अपने पियादों और कभी कभी तो अपने वजीर को भी बलिदान करना पड़ता है|अब श्रीनिवासन को बचाने के लिए गुरुनाथ की बलि काम नहीं आने वाली क्योंकि बेशक आपजी के गुरुनाथ ने एक करोड़ रुपये हारने की बात उछाली है लेकिन पोलिस का यह भी कहना है कि अनेको बेटिंग में हारने वाले इसी गुरुनाथ ने सी एस के टीम के मैच में बेटिंग करके भविष्य बनाया है| ऐसे में टीम और खेल के साथ जुड़े दामाद के साथ ससुर भी दोषी हैं|

आई पी एल के सर्वोच्च दोषियों को बचाने के लिए नेताओं ने भी शब्दों की वाइड बालिंग शुरू कर दी है

जेंटल मैन के गेम क्रिकेट में सुधार के नाम पर राजनीतिज्ञों में राजनीति का आई पी एल शुरू हो गया है| जबसे बी सी सी आई के सुप्रीमो एन श्रीनिवासन के दामाद एम् गुरुनाथ का नाम बेटिंग या फिक्सिंग में आया है तब से नेताओं पर भी सवाल उठने लगे हैं दिल्ली पोलिस द्वारा अपनी जांच को सिमित किये जाने के बावजूद अब कमान मुम्बई पोलिस ने संभाल ली है और गुरुनाथ को पूछ ताछ के लिए हिरासत में ले लिया है इसीलिए फेस सेविंग के लिए अब दलों ने शब्दों की/बयानों की बालिंग शुरू कर दी है लेकिन अधिकाँश बालिंग वाईड ही जा रही है| अर्थार्त वर्तमान समस्यायों को हल करने के लिए भविष्य में यौजनाएं बनाए जाने पर बल दिया जा रहा है| उदहारण देखिये
[१] सबसे पहले कांग्रेस के केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने क्रिकेट को लेकर एक नए कानून की आवश्यकता पर बल दिया|
[२]स्पोर्ट्स मिनिस्टर जीतेन्द्र सिंह ने आई पी एल को लेकर हो रहे खुलासों पर शर्मिंदगी दिखाई|
[३] संसद में विरोधी मगर क्रिकेट में साथ साथ भाजपा के राज्य सभा में नेता और बी सी सी आई के उपाध्यक्ष अरुण जेटली तथा कांग्रेस के संसदीय कार्य मंत्री और आई पी एल के चेयर मैन राजीव शुक्ला ने कानून मंत्री कपिल सिब्बल के यहाँ जा कर क्रिकेट में एक सशक्त कानून की मांग करके अपना विरोध जताने के ओपचारिकता पूरी कर दी है|गौरतलब है की कपिल सिब्बल पहले ही इसके लिए आदेश दे चुके हैं|वास्तव में राजीव शुक्ल शुरू से ही श्रीनिवासन के बचाव में रवि वसानी कमिटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने की बात कहते रहे हैं|जेटली शुरू से ही मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं|
[४]क्रिकेट जगत के एक और महायौद्धा शरद पवार की राजनितिक पार्टी एन सी पी के प्रवक्ता डी पी त्रिपाठी ने और उत्तर प्रदेश में सत्ता रुड समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने श्रीनिवासन के तत्काल इस्तीफे की मांग कर डाली है| इसके अलावा कांग्रेस के ही एक अन्य सहयोगी लालू प्रसाद यादव और बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने बड़े हलके स्वभाव में आई पी एल की आलोचना करके पल्ला झाड लिया है|
[५]सहारा श्री सुब्रोतो रॉय ने पुणे वारियर से अपनी फ़्रेञ्चाईसी को समाप्त कर दिया है और अपनी सिक्यूरिटी जब्त किये जाने से क्षुब्ध होकर रॉय ने श्रीनिवासन के अवगुण गिनाते हुए तत्काल हटाये जाने की मांग करने शुरू कर दी है| टाइम्स नॉव के एंकर अरनव गोस्वामी को दिए इंटर व्यू में रॉय ने श्रीनिवासन को नकारा साबित किया है|
जेंटल मैन गेम क्रिकेट में स्पॉट +मैच फिक्सिंग और बेटिंग के माध्यम से राष्ट्र विरोधियो के हाथ मजबूत किये जा रहे हैं ऐसे में बी सी सी आई के कर्णधार अपने सुप्रीमो को बचाने के लिए दुनिया भर की दलीलें देते फिर रहे हैं| दिल्ल्ली और मुम्बई पोलिस में भी फुटबाल शुरू हो गया है यहाँ तक के नेताओं ने वाईड बालिंग शुरू करके समय लिया जा रहा है ऐसे में यह कहना अनुचित नही होगा के जेंटल मैन का यह गेम अब असभ्य लोगों का खेल बन चुका है|

जेंटल मैन के गेम आइ पी एल में फिक्सिंग की जांच होने तक श्रीनिवासन को आफिस से बाहर बैठाना सभ्यता की निशानी होगी

भारत में कर्णधारों द्वारा एक विशेष धर्म का पालन बड़े धर्म से किया जाता है और वोह धर्म है विपक्षी के परिवारजनों के सभी नैतिक अनैतिक कार्यों पर मौन धारण करना | इस राष्ट्रीय धर्म का पालन क्रिकेट जैसे राष्ट्रीय खेल में भी किया जा रहा है| इस खेल में छोटे मोटे आरोपियों को लोहे की सलाखों के पीछे रखने के लिए दिन रात पसीना बहाया जा रहा है लेकिन क्रिकेट के कर्णधारों के परिवार जनो के प्रति मौन धर्म का पालन पूरे धर्म से किया जा रहा है|
स्पॉट फिक्सिंग की जांच अब केवल तीन खिलाड़ियों तक ही सिमित नही रही इसकी आंच बड़े लोगों तक पहुँचने लगी है|भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की पत्नी श्रीमति साक्षी धोनी और बी सी सी आई के टाप बॉस श्रीनिवासन के दामाद एम् गुरुनाथ का नाम भी आरोपियों में आने लगा है| गुरुनाथ स्वयम आई पी एल की टीम के फ्रेंचाइसी[C S K] हैं और उनके लिंक फिक्सिंग के आरोपियों से जुड़ रहे हैं|
श्री मति धोनी को एक मैच में एक आरोपी बिंदू दारा सिंह के साथ मैच में ठहाके लगाते देखा गया |उस मैच में धोनी के हाफ सेंचुअरी बनाने के बावजूद भी दूसरी टीम जीत गई| इसके अलावा स्वयम बिंदू ने अपने संबंधों को आई पी एल की एक टीम के मालिक मय्यपन गुरुनाथ [फ्रेंचाईसी] के साथ स्वीकार कर लिया है यह फ़्रेञ्चाईसी बी सी सी आई के चेयर मैन एन श्रीनिवासन का दामाद है|
दिल्ली +मुम्बई की पोलिस आये दिन एक के बाद एक नए खुलासे करके एक दूसरे पर स्कोर करने की कौशिश में हैं| कांग्रेस +भाजपा+एन सी पी आदि पार्टियों के राजनीतिक इस प्रकरण पर अफ़सोस जता रहे हैं मीडिया चिल्ला चिल्लाकर सबका ध्यान इस दिशा में ला रहा है | इस सब के बावजूद कोई श्रीनिवासन या एम् एस धोनी जैसों के विषय में बोलना भी गवारा नही कर रहा| पोलिस गुरुनाथ को आई पी सी की धारा १६० के अंतर्गत तत्काल पूछ ताछ तक के लिए अपने थाणे में नही बुला सकी|
कांग्रेस के संसदीय राज मंत्री राजीव शुक्ला[स्वयम भी पत्रकार ] की रटी रटाई स्टीरियो टाइप प्रतिक्रिया है कि कानून अपना काम कर रहा है|भाजपा कोटे के युवा नेता अनुराग ठाकुर तो किसी बात से अनभिज्ञता जाहिर करते फिर रहे हैं| भाजपा के राज्य सभा में नेता अरुण जेटली की क्रिकेट से बर्खास्तगी की मांग उठने लग गई है| इससे पूर्व पार्टी की लोक सभा में नेता श्री मति सुषमा स्वराज ने आइ पी एल पर प्रतिबन्ध लगाये जाने का विरोध जताया है|खेल से जुड़े एन सी पी के सुप्रीमो शरद पवार की चुप्पी टूटी नहीं है|टीम चयन के लिए जिम्मेदार के.श्रीकांत+ वरिष्ठ सुनील गवास्कर+कपिल देव आदि श्रीनिवासन के खिलाफ बोलने को तैयार नही दिख रहे है | पूर्व पी एम् अटल बिहारी वाजपई के दामाद से लेकर वर्तमान यूपी ऐ की अध्यक्षा के दामाद के केस में इसी धर्म का पालन किया जाता रहा है|अब क्रिकेट के चेयर मैन एन श्रीनिवासन के दामाद के केस में भी उसी लाईन को फॉलो किया जा रहा है|
देश और खेल के कर्णधारों का यह व्यवहार कहीं न कहीं इस धर्म का सन्देश जरुर देता है कि किसी के परिजनों पर अटैक नही करना चाहिए|
यहाँ यह कहना उचित ही होगा कि क्रिकेट कि सबसे बड़ी संस्था आई सी एल ने स्पॉट फिक्सिंग के मात्र आरोप के आधार पर पाकिस्तान के एम्पायर असद रऊफ को आगामी चैम्पियंस ट्रॉफ़ी क्रिकेट प्रतियोगिता से बाहर कर दिया है| लेकिन भारत में अपने प्रतिनिधि एन श्रीनिवासन को हटाने को तैयार नही है| अगर असद रऊफ़, की बर्खास्तगी खेल और प्रतियोगिता के हित में है और किसी भी जांच के नतीजे की प्रतीक्षा किये बगैर ही असद को हत्या जा सकता है तो एम् एस धोनी और एम् गुरुनाथ के विषय में कोई कार्यवाही नही की जा रही |यहाँ यह कहना अनुचित नही होगा के क्रिकेट को जेंटल मैन का गेम कहा जाता रहा है ऐसे में जेंटल मैन के नैतिक धर्म को कानून की पैचिदिगियों के नीचे नही दबाना चाहिए|इसीलिए आइ पी एल में वर्तमान फिक्सिंग की जांच होने तक एन श्रीनिवासन को आफिस से बाहर बैठाना सभ्यता की निशानी होगी|

आई पी एल बेशक आर टी आई से बची हुई है लेकिन क्या सुप्रीम कोर्ट में दायर पी आई एल से बच पायेगी

भारत सरकार बेशक अभी तक क्रिकेट के खेल को आर टी आई[ RTI ] के दायरे में लाने में सफल नहीं हुई है लेकिन अब आम जनता ने जनहित याचिका[PIL] के माध्यम से बी सी सी आई[BCCI पर नकेल कसनी शुरू कर दी है| लखनऊ के वास्तुकार सुदर्श अवस्थी ने अपने वकील जैन के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट में एक जनहित याचिका दायर की है|इस याचिका में आइपीएल मैचों की अनियमितताओं की जांच विशेष जांच दल [एसआइटी] से कराने की मांग की गई है। लखनऊ के सुदर्श अवस्थी की याचिका में 22, 24 और 26 मई को होने वाले आइपीएल सेमीफाइनल व फाइनल मैचों पर रोक की मांग की गई है। शीर्ष अदालत मंगलवार को इस याचिका पर सुनवाई कर सकती है |
याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट केंद्र सरकार व बीबीसीआइ को आइपीएल[ IPL ] पर पूरी तरह रोक लगाने का निर्देश दे। बताया गया है कि आइपीएल में बड़ी रकम का निवेश होता है जिसकी शुरुआत खिलाड़ियों की नीलामी से होती है आइपीएल की नौ टीमों के मालिक और फ्रैंचाइजी विदेशी मुद्रा में खिलाड़ियों, अंपायर, चीयर लीडर व कमेंन्टेटर को भुगतान करते हैं। खर्च का ब्योरा भी देश के नागरिकों को मुहैया नहीं कराया जाता। आइपीएल में मौजूद राष्ट्रविरोधी व असामाजिक गतिविधियां है। राष्ट्रविरोधी तत्व आइपीएल में संलिप्त हैं। विदेशों से राष्ट्रविरोधी तत्व खिलाड़ियों पर स्पॉट फिक्सिंग और मैच फिक्सिंग जैसे गलत कामों के लिए दबाव डालते हैं और उन्हें धमकाते रहते हैं।
जनहित याचक ने कहा है कि आइपीएल कालेधन, जुआ व अश्लीलता का अड्डा बन गया है। नतीजतन भारतीय क्रिकेट टीम राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रभावित हो रही है। भारतीय क्रिकेट टीम की जिम्मेदारी है कि वह देश के लिए खेले, जबकि वे स्पॉट फिक्सिंग, गैंबलिंग और बेटिंग में लगे हैं। सरकार और बीसीसीआइ के अलावा आइपीएल टीमों के मालिकों को भी पक्षकार बनाया गया है
इसके अलावा चेन्नई में एक क्रिकेट प्रशंसक ने स्पॉट फिक्सिंग में दिल्ली पुलिस द्वारा गिरफ्तार राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस में शिकायत की है |
बेशक अभी तक सरकार बी सी सी आई पर आर टी आई कि नकेल नहीं कस पाई है+पोलिस अभी तक आई पी एल के ऊंचे खिलाड़ियों से दूर है+बी सी सी आई और अन्तराष्ट्रीय क्रिकेटर बोर्ड लाखों डॉलर्स खर्च करवा कर भी अपने खिलाड़ियों पर नज़र नही रख पा रहे हैं लेकिन इस सबके बावजूद लगता है कि अब क्रिकेटर्स का मोह [अपने द्वारा बनाये गए ]क्रिकेट के हीरोज से भंग होने लगा है सुप्रीम कोर्ट में पी आई एल और चेन्नई थाणे में रिपोर्ट से यह पहल हो चुकी है|

आई पी एल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में शिल्पा शेट्टी की राजस्थान रॉयल्स के तीन खिलाड़ी और ग्यारह बुकी पकडे गए

यह तो अर्से से कहा जा रहा है कि क्रिकेट अब जेंटल मैन का गेम नहीं रहा लेकिन अब इस गेम में अपराधी तत्वों का कब्जा होने लग गया है| दिल्ली पोलिस ने आई पी एल में स्पॉट फिक्सिंग का खुलासा करके यह साबित भी कर दिया है| दिल्ली पोलिस ने मुम्बई में जाकर मैरीन ड्राईव थाणे की सहायता से श्रीसंत सहित तीन खिलाड़ी और ग्यारह बुकियों को धारा चार सौ बीस +एक सौ बीस बी के अंतर्गत गिरफ्तार करके पोलिस रिमांड में भेज दिया है| श्रीसंत फाइव स्टार होटल ट्राईडेंट में थे| आई पी एल में शिल्पा शेट्टी की राजस्थान रॉयल्स के अमित चंद्लिया+अंकित चव्हान को भी एरेस्ट किया गया है|एक टी वी चैनल पर पोलिस कमिश्नर ने और अपराधियों की गिरफ्तारी के संकेत दिए हैं|
बताया जा रहा है कि राजस्थान और मुम्बई टीम में खेले गए मैच सहित दूसरे मैच भी प्रभावित किये गए हैं इनकी संख्या दहाई DoubleDigitsमें हो सकती है|
स्पॉट फिक्सिंग में बुकीज के लिए रोचक संकेत तय किये गए थे| इनमे से कुछ इस प्रकार बताये गए हैं|ट्राउजर में तोलिया रखना + गले के लोकेट को कमीज से बाहर रखना +शर्ट बहर निकालना आदि थे पोलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने प्रेस कांफ्रेंस में गर्व से बताया कि हमारे[पोलिस] पास सूचना थी कि मुंबई अंडरवर्ल्ड कई सट्टेबाजों से संपर्क कर रहा है, इससे कुछ खिलाड़ी भी जुड़े हुए हैं। हम उन पर निगरानी रखी गई|
दाउद इब्राहिम या कोई अन्य अंडरवर्ल्ड सरगना की लिप्तता को स्वीकार नही किया गया लेकिन विदेशों से जुड़े तार की तरफ इशारा जरुर किया गया |
अब सवाल यह उठ रहा है कि भारत में सबसे ज्यादा खेले और देखे जाना वाला गेम क्रिकेट ही है|इसके प्रबंधन में अनेकों राजनीतिक दलों के नेता भी जुड़े हैं|ऐसे में इस गेम के माध्यम से हज़ारों करोड़ों की सट्टे बाजी और फिर गेम के नतीजों को प्रभावित किया जाना इस गेम में व्याप्त गंदगी की तरफ इशारा है और आई पी एल के इस टूर्नामेंट जिसमे डबल डिजिट्स में मैच प्रभावित होने के आरोप लग रहे हैं उसे जारी रखने पर पुनर्विचार जरुरी है|यह गेम+खिलाड़ी और देश हित में भी होगा|