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मौन माही की मिली भगत पर दस आवश्यक सवाल 10 QUESTIONS FROM SILENT CRICKET CAPTAIN M S DHONI

क्रिकेट में फिक्सिंग के प्रश्न पर मौन धारण करने वाले कप्तान महेंद्र सिंह धोनी[माही] के लिए भ्रष्टाचार में संलिप्तता से जुड़े १० प्रश्न और उठ खड़े हुए हैं|इन प्रश्नों का उत्तर दिए बगैर क्रिकेट में सफाए की कल्पना करना भी बैमानी होगी|
मीडिया में आ रही रिपोर्ट के अनुसार स्पोर्ट्स मार्केटिंग फर्म रीति[ RHITI ] स्पोर्ट्स में धोनी की हिस्सेदारी है। इस कंपनी ने धोनी के अलावा सुरेश रैना, रवींद्र जडेजा, प्रज्ञान ओझा और आरपी सिंह से अनुबंध किया है। ये खिलाड़ी भारतीय क्रिकेट टीम में भी धोनी की पसंद हैं| २००७ में अस्तित्व में आई यह कंपनी धोनी के पुराने दोस्त अरुण पांडे की है
रीति के बिजनेस पार्टनर होने के अलावा धोनी टीम इंडिया के कप्तान भी हैं और टीम इंडिया के लिए खिलाड़ियों के चयन में उनका सीधे तौर पर दखल है। रीति स्पोर्ट्स ने यह स्वीकर भी किया है कि धोनी सिर्फ 26 अप्रैल, 2013 तक के लिए ही कंपनी में शेयरहोल्डर थे
बीसीसीआई के अंतरिम अध्यक्ष जगमोहन डालमिया ने यद्यपि क्रिकेट में सफाए का दावा किया है| लेकिन उनकी निकटता अपने समय के कप्तान सौरभ गांगुली के साथ रही है और अभी भी है शायद इसीलिए डालमिया ने भी धोनी का बचाव करते हुए कहा कि इस मामले पर कुछ भी कहना अभी जल्दबाजी होगी।। इस कंपनी से जुड़े दो खिलाड़ी न सिर्फ भारतीय टीम बल्कि चेन्नई सुपर किंग्स में भी शामिल हैं।रीति स्पोर्ट्स चेन्नई सुपर किंग्स को भी मैनेज करती है।ऐसे में कंपनी में हिस्सेदारी का सीधा अर्थ है कि कंपनी को इन खिलाड़ियों के प्रमोशन से होने वाले फायदे का एक बड़ा हिस्सा सीधे धोनी को देना होता था।
ऐसे में सवाल स्वाभाविक सवाल उठते हैं कि उठते हैं कि
[१] खिलाड़ियों के टीम में चयन के मौके पर धोनी तटस्थ फैसला ले पाते हैं?
[२]मोटर स्पोर्ट्स के आकाश में रीति की पार्टनर माही की रेसिंग टीम इंडिया[ Mahi Racing Team India ]को प्राथमिकता मिली ?
[३] वर्ल्ड सुपर बाईक चैम्पियनशिप [ World SUPERBIKE Championship (WSC ] में कठिन प्रतिस्पर्द्धा में पहली बार ही माही की कम्पनी रेसिंग टीम इंडिया को मंचीय विजय मिली?
[4]चेन्नई सुपर किंग टीम में इनकी हिस्सेदारी ?
[५] टीम इंडिया में माही की कप्तानी बरक़रार रखने के लिए सलेक्टर मोहिंदर अमर नाथ को बाहर का रास्ता दिखाया गया?
[६]एन श्रीनिवासन की सी एस के [ CSK ]को आई पी एल[ IPL ] में फायदा पहुंचाने के लिए माही को कप्तान बनाए रखा गया ?
[७]रीति कम्पनी के शेयर लेने और[ बकौल अरुण पाण्डेय ],छोड़ने में पैसों का लेनदेन हुआ ?
[८]माही की पत्नी के साथ जांच के घेरे में आये बिंदू के साथ मैच देखने की जानकारी माही को थी?
[९]एन श्रीनिवासन की इंडिया सीमेंट में माही की हिस्से दारी है?
[१०] इंडिया सीमेंट के विज्ञापनों का कांट्रेक्ट है?
अरुण पाण्डेय की रीति कंपनी का स्लोगन है जनता[ people ]+उत्पाद[ product ]और फायदा [ profits. ]इन तीन शब्दों में जनता पहले आती है लेकिन उपरोक्त घटनाक्रम के मद्देनज़र यह कहा जा सकता है कि पिछले वर्षों अंतिम शब्द “फायदा” ही पहले रखा गया है|यहाँ यह कहना तर्क संगत ही होगा कि माही भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान हैं+रीति और इंडिया सीमेंट के पार्टनर हैं और इंडियन क्रिकेट इन्ही तीनो के इर्द गिर्द ही घूमती रही है|जाहिर है ऐसे में प्रश्न उठने स्वाभाविक ही है और इनके उत्तर की अपेक्षा करना अनुचित नही माना जाना चाहिए

बी सी सी आई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने सारी जाती देख आधी बाँट लीजिये के आधार पर मीटिंग मैच फिक्स करा कर अपनी कुर्सी बचा ही ली

सारी जाती देख आधी बाँट लीजिये के आधार पर मीटिंग मैच फिक्स करा कर बी सी सी आई अध्यक्ष एन श्रीनिवासन ने अपनी कुर्सी बचा ही ली| भारतीय क्रिकेट के ३१ मालिकों की संस्था बी सी सी आई नामक क्लब की चेन्नई में हुई मीटिंग में एन सी पी सुप्रीमो और पूर्व अध्यक्ष शरद पवार के आगमन के डर से दो पुराने शत्रु [१]जगमोहन डालमिया +[२] एन श्रीनिवासन में सत्ता बाँट ली गई|प्राप्त जानकारी के अनुसार स्पॉट फिक्सिंग की जांच से श्रीनिवासन अलग रहेंगे और जग मोहन डालमिया बोर्ड का दैनिक काम काज देखेंगे| इंग्लैंड में चल रहे चैम्पियन ट्रौफी में आई सी सी के साथ संवाद स्थापित करने की जिम्मेदारी कौन संभालेगा यह यक्ष प्रश्न अभी भी अनुत्तरित ही है|
इसके साथ ही दिल्ली की राजनीती में अपने छत्रप होने का दम्भ भरने वाले और क्रिकेट के समस्त घटना क्रम की आलोचना करते फिर रहे केन्द्रीय संसदीय कार्यों के [१]राज्य मंत्री राजीव शुक्ला +[२]भाजपा के नेता अरुण जेटली+[३]भाजपा के ही अनुराग ठाकुर+[४]कांग्रेस के ज्योतिर्मय सिंधिया आदि ने मीटिंग से अलग रह कर बी सी सी आई रूपी जन्नत में अपनी मेंबर शिप कायम रखी है|
बीसीसआई की चेन्नई में हुई बैठक की पठकथा पहले ही लिखी जा चुकी थी जिसके आधार पर मीटिंग मैच को फिक्स कराया गया|प्राप्त जानकरी के अनुसार रविवार को बैठक से पहले भी श्रीनिवासन ने खुद दो घंटे तक डालमिया से बात की। इसके बाद श्रीनिवासन की ही चली|
चुनावी साल में अरुण जेटली खुद सीधे सीधे इस लड़ाई में नहीं कूदना चाहते थे। जिस शशांक मनोहर के नाम पर थोड़ी बहुत सहमति बन रही थी वो खुद ही पीछे हट गए थे। अपने पत्ते कमजोर पड़ते देख जेटली गुट ने एक कदम और पीछे खींचा। सुबह के करीब 9 बजे ये तय हो गया कि ना तो जेटली, ना ही शुक्ला और ना ही ठाकुर बैठक में शामिल होने के लिए चेन्नई जाएंगे। तीनों ने ही फेस सेविंग के जरिये वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग का सहारा लिया|अर्थार्त रिंद के रिंद रहे और जन्नत भी हाथ से ना गई|शरद पवार का महाराष्ट्रियन गुट अब अलग थलग दिखाई देने लगा है इसीलिए निकट भविष्य में किसी प्रभावी कदम से इनकार नहीं किया जा सकता|
बीसीसीआई की आज की बैठक से पूर्व आईपीएल कमिश्नर ललित मोदी ने ट्वीट किया है कि क्रिकेट हमारे देश में धर्म है। लेकिन इसे श्रीनिवासन,राजीव शुक्ला, अरुण जेटली और अनुराग ठाकुर जैसे लोगों ने हाईजैक कर लिया है। ये देश और क्रिकेट प्रेमियों के साथ धोखा है। क्रिकेट में ये अब तक का सबसे बड़ा कवरअप है। श्रीनिवासन, जेटली और शुक्ला मिलकर साजिश रच रहे हैं। स्पॉट+मैच फिक्सिंग को लेकर मीडिया लागातार आवाज उठाता रहा है वरिष्ठ खेल विश्लेषक के अनुसार मीडिया ने इलेक्ट्रोनिक मीडिया पर १०० घंटे की कवरेज और टन प्रिंट मीडिया का इस्तेमाल हुआ है लेकिन यह दबाब बी सी सी आई को लेकर अभी तक बेकार ही गया है |अब सवाल यह उठता है कि क्या अब मीडिया को अपनी हार मान कर बैठ जाना चाहिए शायद नही मीडिया का काम ही गलत के विरुद्ध आवाज उठाना और जनता तक हकीकत को पहुँचाना है |

शरद पवार की धुआंधार बालिंग के सामने बोर्ड के सचिव शिर्के और कोषाध्यक्ष जगदाले पेवेलियन लौटे

बी सी सी आई के पूर्व अध्यक्ष शरद पवार धुआंधार बालिंग को देखते हुए अब बोर्ड की कई विकेट्स खुद ही गिरने लगी हैं | बोर्ड के सचिव संजय जगदाले और कोषाध्यक्ष अजय शिर्के ने अपने पदों से इस्तीफा दे दिया। श्रीनिवासन को भेजे इनके इस्तीफे में कहा गया है कि क्रिकेट में हाल ही के घटनाक्रम से वे लोग बेहद आहत हैं।इसके अलावा पवार की घोषणा के बाद सचिन तेंदुलकर ने भी स्वयम के आहत होने की बात कह दी है|
जॉइंट सेक्रेटरी अनुराग ठाकुर जो अभी तक एन श्रीनिवासन के लिए एम्पायरिंग करते फिर रहे थे उन्होंने भी अब बोर्ड की इमरजेंसी मीटिंग बुलाने की जरुरत स्वीकार कर ली है| भाजपा के नेता अरुण जेटली[नार्थ] और आई पी एल के चेयर मैन केन्द्रीय सरकार में संसदीय कार्यों के राज्य मंत्री राजीव शुक्ला अभी भी श्रीनिवासन को पेवेलियन लौटाने के लिए अपनी उंगली उठाने को तैयार नही दिख रहे|लेकिन प्रधान मंत्री डा. मन मोहन सिंह ने जब से खेल और राजनीती को अलग रखने की बात कही है और कांग्रेस पार्टी अध्यक्षा श्री मति सोनिया गाँधी पार्टी की इमेज सुधारने के लिए एडी चोटी का जोर लगा रही हैं|ऐसे में दागी आई पी एल के चेयर मैन पद से चिपके हुए राजीव शुक्ला के मंत्री पद जरूर खतरे में पड़ सकता है|
श्री जगदाले उस तीन सदस्यीय इनक्वायरी कमिटी से भी बाहर हो गए हैं, जो मयप्पन के खिलाफ आईपीएल में सट्टेबाजी के आरोपों की जांच के लिए बनाई गई है।हर तरफ से दबाव को देखते हुए श्रीनिवासन ने वर्किंग कमिटी की इमरजेंसी मीटिंग शनिवार को बुलाने की घोषणा की है लेकिन अविश्वास प्रस्ताव केवल आम सभा में ही लाया जा सकता है|

बीसीसीआई [ BCCI ] अध्यक्ष एन श्रीनिवासन[NShrinivasan] नाम का जहाज क्या डूबने वाला है?

लगता है कि बीसीसीआई [ BCCI ] अध्यक्ष एन श्रीनिवासन[NShrinivasan] नाम का जहाज डूबने वाला है तभी अब अपने अध्यक्ष से अलग दिखने की हौड मच लगने लगी है| बी सी सी आई के पूर्व अध्यक्ष एन सी पी सुप्रीमो और केंद्रीय कृषि मंत्री शरद पवार ने विवादों से घिरे आईपीएल छह के सभी 75 मैचों की जांच केन्द्रीय गृह मंत्रालय से कराने की मांग उठा दी है|
लेकिन इसके साथ ही एक कंडीशन लगाते हुए कहा है कि यदि बीसीसीआई गृह मंत्रालय को लिखित में दें और सभी मैचों की जांच करने का आग्रह करे तो सरकार सभी मैचों की जांच कर सकती है। वह किसी से भी पूछताछ कर सकती है। उसे कानूनी स्वीकृति हासिल है। उन्होंने कहा कि यदि बोर्ड इसे स्वीकार नहीं करता है तो लगेगा कि इससे निबटने के प्रति बोर्ड गंभीर नहीं है।इसमें अपने कार्यकाल की विशेषताओं को बताना नही भूले उन्होंने कहा कि अगर मै[पवार] अध्यक्ष होते यह [फिक्सिंग]कभी नही होता |
गौरतलब है कि बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति गुरुनाथ मयप्पन की जांच कर रही है और रिपोर्ट को बोर्ड की डिसिप्लिन कमिटी को सौंपा जाना है श्रीनिवासन इस सबके अध्यक्ष हैं| और अध्यक्ष ने स्वयम को जांच से अलग रहने की बात की है इसी आश्वासन को आगे बढ़ाते हुए दागी आई पी एल के कमिश्नर +केन्द्रीय संसदीय राज्य मंत्री राजीव शुक्ला ने यह कह कर अपना पल्ला झाड़ लिया है कि जांच चलने तक श्रीनिवासन को अलग रहना चाहिए|
बोर्ड की वित्त समिति के चेयरमैन युवा ज्योतिरादित्य सिंधिया द्वारा एक दिन पहले ही अह्य्क्ष से इस्तीफे की मांग की जा चुकी है|खेल मंत्री जितेन्द्र सिंह भी अब अलग सुर अलापने लगे हैं|
यहाँ यह कहना तर्क संगत ही होगा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के अनुसार १५ दिनों में यह जांच पूरी की जानी है इसीलिए संभवत आनन् फानन में जाँच टीम का गठन कर लिया गया है | आने वाले दिनों में क्रिकेट के मक्का कहे जाने वाले इंग्लैंड में मिनी वर्ल्ड कप खेला जाने वाला हैउसमे भाग लेने से पहले यह विवाद पारदर्शिता के साथ हल किये जाने से खिलाड़ियों के आत्म विश्वास में बढोत्तरी होगी और टीम की प्रतिष्ठा भी बढेगी|

जय नंगई +जय दबंगई +जय जय बी सी सी आई +जय श्रीनिवासन + जय श्रीकांत +सबसे बड़ा पैसा राम

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

बी सी सीआई का चीयर लीडर

ओये झल्लेया देखा हसाडे चेयर मैन एन श्रीनिवासन ने दरियादिली+न्यायप्रियता का कैसा सराहनीय प्रदर्शन किया है |एक तरफ तो अपने प्रिय दामाद को अलग किया दूसरे तुम लोग जो स्पॉट फिक्सिंग का भोंपू बजा रहे हो उसकी भी जांच करवाने के लिए कमेटी का गठन कर दिया गया है|कानून की बात करते हो तो हसाडे उपाध्यक्ष के साथ आई पी एल के चेयर मैन राजीव शुक्ला ने कड़े कानून बनाने की बात कर दी है| ओये अब तो हो जाना है दूध का दूध और पानी का पानी |श्रीनिवासन का इस्तीफा माँगने वालों को याद आ जायेगी उनके आस पास वालों की नानी वानी के साथ मामी शामी |

झल्ला

अरे मेरे चतुर सुजाण जी बकौल पूर्व कप्तान बिशन सिंह बेदी क्रिकेट मनोरंजन के लिए बनाया गया था लेकिन अब इसे पैसे के लिए खेला जाता है और पैसे अगर लोगों को नचाता है तो अनेको को चुप भी कराता है|बी सी सी आई और आई पी एल के अनेकों पदाधिकारी दोषियों को आउट करने लिए अपनी उंगली को छुपाये फिर रहे हैं| आई ओ ऐ की नाक में दम करने वाले स्पोर्ट्स मिनिस्टर+कानून मंत्री [पूर्व कौंसिल ]भी वाईड बालिंग कर रहे हैं |अब जहाँ तक जाँच की बात है तो श्रीमान रवि शास्त्री जी [क्रिकेट के खेलों में ] बरसों से कमेंट्री के मोटे +चहेते कांट्रेक्ट से दबे हुए हैं| माफ़ कीजिएगा मुजरिम को अभी तक अपने लिए वकील माँगने की इजाजत थी लेकिन अब आपके श्रीनिवासन अपने लिए मुंसिफ भी खुद ही चुन रहे हैं
इसीलिए जय नंगई +जय दबंगई +जय जय बी सी सी आई +
जय हो आई पी एल ,जय जय जय मयपन्न गुरुनाथ+
जय गवास्कर+ जय श्रीनिवासन जय जय जय श्रीकांत +
जय सी एस के +जय मुम्बई + सबसे बड़ा पैसा राम

आई पी एल क्रिकेट की बिसात पर घिरे बादशाह श्रीनिवासन को बचाने के लिए वजीर एम् गुरुनाथ की बलि

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

बी सी सी आई का एक चीयर लीडर

ओये झल्लेया हसाडी बी सी सी आई की निष्पक्षता देखी ?ओये जिसे देखो बी सी सी आई के अध्यक्ष एन श्रीनिवासन पर पत्थर उछालने पर तुला हुआ है| बेचारे गुरुनाथ को बेटिंग के लिए बदनाम किया जा रहा है लेकिन उसी बी सी सी आई ने अपने अध्यक्ष के दामाद एम् गुरुनाथ तक को एक झटके में जांच पूरी होने तक क्रिकेट से अलग कर दिया है|ओये दोषी किसी भी कीमत पर बक्शे नही जायेंगे|यह हमारा संकल्प है|

झल्ला

बाऊ जी पुराणी रिवायत है कि शतरंज की बिसात पर घिरे बादशाह को सुरक्षित निकालने के लिए अपने पियादों और कभी कभी तो अपने वजीर को भी बलिदान करना पड़ता है|अब श्रीनिवासन को बचाने के लिए गुरुनाथ की बलि काम नहीं आने वाली क्योंकि बेशक आपजी के गुरुनाथ ने एक करोड़ रुपये हारने की बात उछाली है लेकिन पोलिस का यह भी कहना है कि अनेको बेटिंग में हारने वाले इसी गुरुनाथ ने सी एस के टीम के मैच में बेटिंग करके भविष्य बनाया है| ऐसे में टीम और खेल के साथ जुड़े दामाद के साथ ससुर भी दोषी हैं|

आई पी एल के दोषियों को बचाने के लिए फिक्सिंग और बेटिंग में लाईन खींची जाने लगी है

आई पी एल में स्पॉट फिक्सिंग के आरोप में चल रही जांच में बी सी सी आई सुप्रीमो के दामाद एम् गुरुनाथ को २९ मई तक के लिए मुम्बई पोलिस ने रिमांड पर लिया है |अब गुरुनाथ और बिंदू दारा सिंह को आमने सामने बैठा कर पूछ ताछ करने के यौजना बनाई जा रही है| इस प्रकरण से श्रीनिवासन के बी सी सी आई से निर्वासन /निष्काशन की आवाज को बल मिलना शुरू हो गया है लेकिन श्रीनिवासन ने किसी दबाब में आकर अपना पद छोड़ने से मना कर दिया है|
अब गुरु नाथ कैम्प से कहा जा रहा है कि गुरुनाथ ने स्वयम बेटिंग में एक करोड़ रुपयों का नुक्सान करा लिया है अर्थार्त सहानुभूति प्राप्त करने की मुहीम शुरू हो गई है| अब प्रश्न उठाया जा सकता है कि घोड़ों की दौड़ में बेटिंग कानून सही है|ऐसे में गुरुनाथ जैसे शक्तिशाली+प्रभावशाली का एक करोड़ का नुक्सान हो गया तो वोह स्पॉट या मैच फिक्सिंग में कैसे लिप्त हो सकता है|यदि दामाद गुरु नाथ की संलिप्ता साबित कर ली जाती है तब ससुर सुप्रीमो श्रीनिवासन खुद बा खुद ही फिक्सिंग+मिस मेनेजमेंट के आरोपों से बाहर हो सकते हैं |
स्पॉट+मैच फिक्सिंग और इल्लीगल बेटिंग में खींची जा रही इस बारीक लाईन के पीछे ध्यान से देखने पर कुछ कुछ इस प्रकार देखा जा सकता है|
[१] क्रिकेट में बेटिंग अनाधिकृत है|
[२] यह अनाधिकृत कार्य क्रिकेट के वर्तमान सुप्रीमो और एक टीम के फ़्रेञ्चाईसी के मालिक ने किया है
[३]बेशक हॉर्स रेस में बेटिंग लीगल हैं मगर वहां पर स्तुवर्ड्स या बुकी या उनके परिवार जनो को भी बेटिंग की परमिशन नही है|
[४] कहा जा रहा है कि विदेशों से संचालित देश द्रोहियों की तिजोरियों में बेटिंग का पैसा जा रहा है
अब यह तो सामान्य ज्ञान का प्रश्न है कि जब गुरुनाथ जैसे एक प्रभावी +शक्तिशाली व्यक्तित्व की संलिप्तता बेटिंग में साबित हो जाती है तब यह तय करना लगभग नामुमकिन होगा कि किसी भी प्रकार की फिक्सिंग नही हुई वैसे भी बेटिंग का पैसा इल्लीगल तरीके से विदेशों में बैठे देश द्रोहियों को शक्तिशाली कर रहा हो तब किसी भी तरह की माफी के लिए किसी भी स्कोप को तलाशना आने आप में जेंटल मैन गेम और देश के हित में नहीं होगा|

आई पी एल के सर्वोच्च दोषियों को बचाने के लिए नेताओं ने भी शब्दों की वाइड बालिंग शुरू कर दी है

जेंटल मैन के गेम क्रिकेट में सुधार के नाम पर राजनीतिज्ञों में राजनीति का आई पी एल शुरू हो गया है| जबसे बी सी सी आई के सुप्रीमो एन श्रीनिवासन के दामाद एम् गुरुनाथ का नाम बेटिंग या फिक्सिंग में आया है तब से नेताओं पर भी सवाल उठने लगे हैं दिल्ली पोलिस द्वारा अपनी जांच को सिमित किये जाने के बावजूद अब कमान मुम्बई पोलिस ने संभाल ली है और गुरुनाथ को पूछ ताछ के लिए हिरासत में ले लिया है इसीलिए फेस सेविंग के लिए अब दलों ने शब्दों की/बयानों की बालिंग शुरू कर दी है लेकिन अधिकाँश बालिंग वाईड ही जा रही है| अर्थार्त वर्तमान समस्यायों को हल करने के लिए भविष्य में यौजनाएं बनाए जाने पर बल दिया जा रहा है| उदहारण देखिये
[१] सबसे पहले कांग्रेस के केंद्रीय कानून मंत्री कपिल सिब्बल ने क्रिकेट को लेकर एक नए कानून की आवश्यकता पर बल दिया|
[२]स्पोर्ट्स मिनिस्टर जीतेन्द्र सिंह ने आई पी एल को लेकर हो रहे खुलासों पर शर्मिंदगी दिखाई|
[३] संसद में विरोधी मगर क्रिकेट में साथ साथ भाजपा के राज्य सभा में नेता और बी सी सी आई के उपाध्यक्ष अरुण जेटली तथा कांग्रेस के संसदीय कार्य मंत्री और आई पी एल के चेयर मैन राजीव शुक्ला ने कानून मंत्री कपिल सिब्बल के यहाँ जा कर क्रिकेट में एक सशक्त कानून की मांग करके अपना विरोध जताने के ओपचारिकता पूरी कर दी है|गौरतलब है की कपिल सिब्बल पहले ही इसके लिए आदेश दे चुके हैं|वास्तव में राजीव शुक्ल शुरू से ही श्रीनिवासन के बचाव में रवि वसानी कमिटी की रिपोर्ट की प्रतीक्षा करने की बात कहते रहे हैं|जेटली शुरू से ही मामले पर चुप्पी साधे हुए हैं|
[४]क्रिकेट जगत के एक और महायौद्धा शरद पवार की राजनितिक पार्टी एन सी पी के प्रवक्ता डी पी त्रिपाठी ने और उत्तर प्रदेश में सत्ता रुड समाजवादी पार्टी के नेता नरेश अग्रवाल ने श्रीनिवासन के तत्काल इस्तीफे की मांग कर डाली है| इसके अलावा कांग्रेस के ही एक अन्य सहयोगी लालू प्रसाद यादव और बिहार के मुख्य मंत्री नितीश कुमार ने बड़े हलके स्वभाव में आई पी एल की आलोचना करके पल्ला झाड लिया है|
[५]सहारा श्री सुब्रोतो रॉय ने पुणे वारियर से अपनी फ़्रेञ्चाईसी को समाप्त कर दिया है और अपनी सिक्यूरिटी जब्त किये जाने से क्षुब्ध होकर रॉय ने श्रीनिवासन के अवगुण गिनाते हुए तत्काल हटाये जाने की मांग करने शुरू कर दी है| टाइम्स नॉव के एंकर अरनव गोस्वामी को दिए इंटर व्यू में रॉय ने श्रीनिवासन को नकारा साबित किया है|
जेंटल मैन गेम क्रिकेट में स्पॉट +मैच फिक्सिंग और बेटिंग के माध्यम से राष्ट्र विरोधियो के हाथ मजबूत किये जा रहे हैं ऐसे में बी सी सी आई के कर्णधार अपने सुप्रीमो को बचाने के लिए दुनिया भर की दलीलें देते फिर रहे हैं| दिल्ल्ली और मुम्बई पोलिस में भी फुटबाल शुरू हो गया है यहाँ तक के नेताओं ने वाईड बालिंग शुरू करके समय लिया जा रहा है ऐसे में यह कहना अनुचित नही होगा के जेंटल मैन का यह गेम अब असभ्य लोगों का खेल बन चुका है|