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Tag: New Satire

कस्टोडियन जी! कृपया Evacuee प्रॉपर्टी की भी जांच कर लीजिए

                                                   झल्लीगल्लां

विभाजन विभीषिका पीड़ित

ओए झल्लेया! मोदी जी ने आज दिल खुश कर दिया ! कस्टोडियन विभाग को नींद से जगा दिया गया है। कस्टोडियन/अमानती ने अपने अधीन शत्रु सम्पत्ति की जांच शुरू कर दी है।ओए आज केंद्र सरकार के इस विभाग के अधिकारियों ने मेरठ  शहर और देहात में करोड़ों ₹ मूल्य की सम्पत्ति का निरीक्षण किया।अब जल्द ही देश भर में शत्रु सम्पत्ति को  एक लाख करोड़ में  नीलाम करके राष्ट्र हित के कार्य किये जायेंगे।

झल्ला

भापा जी! Evacuee प्रॉपर्टी की भी जांच जरूरी है

 भापा जी!! ठीक है लेकिन जो सम्पत्तियों को एलॉट करके पीड़ितों को कब्जे नही दिए गए उस सम्पत्ति  को ना तो शत्रु सम्पत्ति में डाला गया और ना ही evacuee प्रॉपर्टी में ही दर्ज किया गया ।इसकी जांच भी तो करवाओ

 

पँजांब की सियासत में सिद्धू असफल और राहुल+चन्नी सफल सियासतदां (व्यंग)

                                              झल्लीगल्लां

पंजाबीचिंतक

ओए झल्लेया!आज हसाडे सोने पँजांब की पृष्ठभूमि पर नाकाम सियासतदां और मुक़म्मल सियासतदां में फर्क समझा ।

झल्ला

भापा जी!पँजांब की सियासत में सिद्धू असफल और राहुल+चन्नी सफल सियासतदां (व्यंग)

नाकाम सियासतदां समझो लाफिंग जट्ट नवजोत सिंह सिद्धू।प्रदेश में सबसे लोक प्रिय+सबसे कर्मठ+ईमानदार लेकिन इनसे  पहले मंत्रिपद गया । अब सीएम की कुर्सी मिलते मिलते हाथों से खिसक गई।अब बेचारे ओनली सीएम के संलग्नक बने घूम रहे हैं

और मुकम्मल बोले तो आज की राजनीति में  सफल सियासतदां समझो तो चरणजीत सिंह चन्नी

निर्दलीय विधायक कांग्रेस में लौटे और  दो जट्टों की लड़ाई में मलाई दलित की थाली में आ गिरी।वैसे यहां एक और कहावत चरितार्थ होती है ।बोले तो पंजाबी बिल्लियों की लड़ाई में दिल्ली के बंदर मामा ने अपनी बिसात बिछा ली ।इसीलिएझोट्टों की लड़ाई में झुंडों का तो जो हुआ सो हुआ मगर  सबसे सफल  तो दिल्ली वाले ही हुए

सीएम चन्नी ने पँजांब में पुरानी कहावत को झुठलाया

झल्लीगल्लां

कांग्रेसीचेयरलीडर

ओए झल्लेया! मुबारकां!

ओए महाराजा पटियाला अमरिन्दर सिंह जी ने जो भसूड़ी पाई थी उसमें से पँजांब कांग्रेस बाहर निकल आई ।श्रीमती सोनिया गांधी+राहुल गांधी+हरीशरावत+नवजोतसिंहसिद्धू के अथक प्रयास और सूझबूझ से ना केवल संकट टल गया बल्कि पार्टी और मजबूत बन गई है। दलित चरणजीतसिंह चन्नी को सर्वसम्मति से  मुख्यमंत्री बना कर भजपा+बसपा+एसएडी को  सकते में डाल दिया।अब 2022 में भी हसाडी ही सरकार लौट के आएगी

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजाणा !वाकई पुरानी सारी कहावतें+मान्यताएं+परम्पराएं धाराशाई हो गई।

सुनते आये थे  कि नालायक बच्चे का बस्ता भारी होता है लेकिन पंजाब के मुख्यमंत्री चरणजीत  चन्नी ने इस कहावत को भी फिलहाल तो झु टला दिया

अरे भाई ५८ वर्षीय चन्नी साहब गरीब दलित परिवार से हैं लेकिन इनके बस्ते में

डिग्री इन लॉ

बिज़नेस प्रबंध और

पोलिटिकल साइंस की डिग्रियां है। इन सब से ऊपर दलित कार्ड और कांग्रेस हाईकमांड का हाथ है

 

राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से कई सियासी लकीरें छोटी हुई

झल्लीगल्लां

जाटभजपाई

ओए झल्लेया !

इबलो तो घणा मज़्ज़ा आ गया।उरे म्हारे धाकड़ पीएम माननीय नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी जी ने म्हारे भुलाए जा चुके राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह जी को सम्मान देते हुए राजा जी के नाम पर अलीगढ़ में राज्यविश्वविद्यालय का शिलान्यास कर दिया।म्हारा सीना और चौड़ा हो गया

झल्ला

चौधरी साहब!

आपके मोदी जी ने राष्ट्र नायक राजा महेंद्र प्रताप सिंह विश्वविद्यालय से कई सियासी लकीरें छोटी कर दी

(1)AMU में  पाकिस्तान के संस्थापक और विभाजनविभिषिका के अपराधी मोहम्मद अली जिन्ना की तस्वीर की पूजा करने वालों को आईना दिखा दिया

(2)प्रदेश में आपलोगों की 6% आबादी, जिसमे अनेकों विधायक जिताने की क्षमता है ,को अपनी तरफ मौड़ लिया

(3)रालोद के अध्यक्ष जयंत चौधरी को जाट वोटबैंक में भागदौड़ में पछाड़ दिया

(4)अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी का नाम बदले बगैर दूसरा नया विश्वविद्यालय खोल कर मुस्लिमो के दिल से भजपा का डर भी कम कर लिया

अमेरिका के लिए अफगानिस्तान में आत्मरक्षार्थ फुंकारते रहना जरूरी है

झल्लीगल्लां

पाकिस्तानी कट्टरपंथी

ओए झल्लेया! ये अमेरिका कौन सा नया खेल खेलने लगा हुआ है? एक तरफ तो अपनी सेनाओं को अफगानिस्तान से 31 अगस्त तक  वापिस बुलाने की घोषणा कर रहा है तो दूसरी तरफ हवाई हमले किये जा रहा है।

झल्ला

मौलाना! अजगर अगर शाकाहारी हो जाये तो आप जैसे उसे ही मार खाएं ।इसीलिए शाकाहारी  अजगर तो अजगर सांप आदि को भी  आत्मरक्षार्थ फुंकारते रहना जरूरी है 

पाकिस्तान को तालिबान का एक और घर बनने से अब ख़ुदा ही बचा सकता है

                                                      झल्लीगल्लां

चिंतक

ओए झल्लेया! हसाडी नाक के नीचे पड़ोस में ये क्या खिचड़ी पक रही है ?पाकिस्तान के सफल रहे क्रिकेटर परंतु असफल प्रधानमंत्री इमरानखान  अफगानिस्तान पर काबिज तालिबान के प्रति हमदर्दी जता रहा है और उधर तालिबान सीना ठोक कर इमरान के पाकिस्तान को अपना दूसरा घर बता रहा है

ओये  ये दोनों तो आपस मे मिल गए अब हसाडे  कश्मीर का क्या होगा ???

झल्ला

भापा जी!हसाडा कश्मीर तो डोभाल जी  ,राजनाथ जी और नरेंद्रमोदी जी के सुरक्षित हाथों में है लेकिन अब अफगानिस्तान के पश्चात  पाकिस्तान को तालिबान के घर बनने से ख़ुदा ही बचा सकता है।

 

 

अब तो अंटा भी दागी जनप्रतिनिधियों के बावा का ,मुकद्दमे वापिसी का अधिकार

अफगान शरणार्थियों की सम्पत्ति का मुआवजा भी तालिबानी सरकार से वसूलो

                                                     झल्लीगल्ला

भारतीय गुरसिख

ओए झल्लेया!हिन्दू और सिखों को और कितने ज़ुल्म सहने होंगे!1947 में शुरू हुई पीड़ा का दर्द अभी भी हमे रुलाता है ।ऐसे में अब अफगानिस्तान से हसाडे लोगों का विस्थापन शुरू हो गया।ये तो भला हो भारत मे मोदी सरकार का जो ना केवल बचाव अभियान चलाए है बल्कि पीढ़ियों को शरण दे रही है और भारतीय नागरिकता भी देने के रास्ते साफ करती जा रही है।

झल्ला

अब समय आ गया है ।अब और विस्थापन रोकने को कमर कसनी ही होगी।इसके लिए

(1)पंजाब में होने जा रहे चुनांवों में सिख वोट बैंक और अंतराष्ट्रीय छवि मोह छोड़ कर शरणार्थी और घुंसपैठियो की  पहचान बारीकी से करनी होगी

(2)सीएए को तुरन्त लागू करना होगा

(3) पड़ोसी मुल्कों से भारत आ रहे शरणार्थियों की वहां छूट रही सम्पत्तियों का मुआवजा भीवसूलना होगा

(4)विस्थापितों को नागरिकता देने के साथ ही उन्हें बसाने के लिए तत्काल पर्याप्त ,सुरक्षित  यौजना बनानी होगी।

अक्सर ठप्प संसद भवन भी किराए पर उठा दें तो अच्छी खासी कमाई हो जाएगी

                                                       झल्लीगल्ला

भाजपाइचिंतक

ओए झल्लेया!मुबारकां!! ओए अब हसाडा मुल्क फिर से कहलायेगा “सोने की चिड़िया”

हसाडी होनहार वित्तमंत्री श्रीमती निर्मला सीतारामन जी ने  उपयोग में नही आ रही सम्पत्तियों को किराए पर उठाने का निर्णय ले लिया है।पहले चरण में रेलवे+ स्टेडियम+ऊर्जा+सड़कों को किराए पर दिया जाएगा।ओए हसाडी जनसेवा को  समर्पित सरकार ने जनसेवा के लिए छह लाख करोड़ ₹जुटाने को कमर कस ली है।अब तो भारत का बुनियादी ढांचा मजबूत होवे हीहोवे

झल्ला

हाँ जी

अब सरकारी सम्पत्तियों पर कब्जे के डर से निजात मिल जाएगी।किरायेदार जाने और जाने आंदोलनकारी

वैसे झल्लानुसार अगर अक्सर ठप्प रहने वाले संसद (पुराना)भवन को भी किराए पर उठा दिया जाए तो यहां शादी ब्याह+पार्टी+मीटिंग्स से अच्छी खासी कमाई हो सकती है।

पँजांब के गन्ना किसान राज्य सरकार के असली दांत देख कर ही आंदोलन जारी रखें