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Tag: New Satire

ये कैसा लोकतंत्र?विधायकों को केंद्र तो सीएम को संयुक्तराष्ट्र ही बचाने आएगा क्या ?

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
Jamos Cartoon ओए झल्लेया । मजा आ गया।ओए बेशक वेस्ट बंगाल में हसाडी सरकार नही बनी लेकिन हसाडे सारे 77 के 77 विधायकों को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जी सुरक्षा मुहैया करवा रहे हैं।अब तो सीआरपीएफ और सीआईएसएफ आदि के ज्वान टीएमसी के गुंडों से हसाडे विधायकों की रक्षा कर लेंगे।
झल्लाझल्ला
चतुर सुजाणा! ये कैसा लोकतंत्र है???विधायकों को केंद्र तो सीएम को संयुक्त राष्ट्र ही बचाने आएगा क्या ???

O2 अलॉटमेंट को गठित टास्क फोर्स चरमराई व्यवस्था पर ही निर्भर रहेगी ?

झल्लीगल्लां
रिटायर्डन्यायाधीश
Judiciaryओए झल्लेया! आखिरकार अदालतों ने ही लोक तन्त्र की रक्षा करनी है ।कोरोना महामारी में तीनों स्तम्भ बेशक धाराशाई हो गए लेकिन सुप्रीमकोर्ट ने ऑक्सीजन अलॉटमेंट के लिए 10 डॉक्टरों वाली 12 सदस्यीय स्पेशल टास्क फोर्स बना कर सबको राहत दी है।ओए हुण ऑक्सीजन के लिए हायतौबा बन्द हो जाणी है
झल्ला
झल्लाभापा जी!ये तो सराहनीय है लेकिन टास्क फोर्स निर्भर तो उपलब्ध चरमराई व्यवस्था पर ही रहेगी

कोरोना संकट को सेना के पाले में डालने को सियासी उधेड़बुन शुरू

झल्लीगल्लां
चिंतितबुद्धिजीवी
ओए झल्लेया!ये क्या भम्बड़भूसे में मुल्क को धकेला जा रहा है।पहले तो सियासतदां मीलों लम्बे दावे करके सत्ता कब्जा लेते हैं फिर जरा सी मुसीबत गले पड़ते ही सेना की मदद की गुहार लगाने लगते है।यहां तक माननीय न्यायालय भी सेना की बात करने लग गए।दिल्ली राज्य और हरयाणा पहले ही हाथ खड़े कर चुके है।
झल्ला
भापा जी!
मुश्किल वक्तों में सेना ने हमेशा मुल्क को उबारा है और कॉरोनानुसरों के वर्तमान संकट में तो सेवानिवर्त डिफेंस डॉक्टर्स ने e संजीवनी पर ओ पी डी भी सम्भाल ली है लेकिन ये कोरोना संकट किसी एक छेत्र में आये भूकम्प/बाढ़ आदि का नही वरण समूचे राष्टीय आपदा का है और पूरे राष्ट्र की कमान आर्मी को देने के दुष्परिणाम भी हो सकते है।इसीलिए विपक्ष+सरकारों और जनता को मिल कर ही कोरोना से मुकाबिला करना होगा ।

कैपिटेशन फी+आरक्षण वाले डॉक्टर्स की भी यह कोरोनावधि परीक्षा की घड़ी है

झल्लीगल्लां
चिन्तितबुद्धिजीवी
ओएU Turn झल्लेया!ये डॉक्टर लोग महामारी में भी क्या कुफ्र कमा रहे हैं?ओए एक तरफ तो बीमार और तीमारदार पहले से ही दुखी लाचार हैं ऊपर से ये डॉक्टर्स कोरोना प्रोटोकॉल काउल्लंघन करते हुए अनाप शनाप भारीभरकम दवाएं प्रेस्क्राइब किये जा रहे है।बेशक ये लोग अपने एमआर को ओब्लाइज कर रहे हैं और सरकारी मशीनरी कालाबाजारी देखने वाले चश्मे कही रख कर भूल चुकी हैं लेकिन मरीज तो गोलोकधाम सिधार रहे हैं
झल्लाझल्ला
भापा जी!वाकई सोचने का विषय है।कैपिटेशन फी +आरक्षण के दम पर बने डॉक्टर्स और धनाढ्य पिता के इन्वेस्टमेंट वाले अस्पतालों में उपलब्ध डॉक्टर्स की भी यह परीक्षा की घड़ी है ।

बिडेन,शेक्सपियर के हैमलेट की तरह भारत को दवाएं के भम्बड़भूसे में फंसे

झल्लीगल्लां
इंडोअमेरिकन
USAओए झल्लेया!ये नए प्रेजिडेंट जो बिडेन क्या चाहते हैं? चुनांवों के समय भारत से दोस्ती का दम भरते रहे।चुनाव जीतने के बाद कॉरोनानुसरों के वध के लिए बनाई जा रही वैक्सीन में उपयोग किये जा रहे कच्चे माल को देने में आनाकानी करने लगे।अब हमने दवाब बनाया तो सकारात्मक जवाब आने लग गए हैं।अरे इन डेमोक्रेट्स को सौचना चाहिए कि यही भारत है जिसने संकट की घड़ी में हमे बिनाशर्त दवाएं भेजी थी अब हमारी बारी आई तो हुकूमत ढील मिठयाई करने लगी।
झल्ला
सर् जी
झल्लालगता है अमेरिकन बिडेन जी ने ब्रिटिश नॉवेलिस्ट शेक्सपियर के देनमार्की पात्र हैमलेट को गम्भीरता से ले लिया है तभी कभी करूं या ना करूं के भम्भडभूसे में वडे हुए हैं

नगर निकायों में बेशक कोविड हेल्प डेस्क बनाओ लेकिन गले मे घण्टी भी बांधो

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
Jamos Cartoonओए झल्लेया!देखा हसाडी सरकार हर मोर्चे पर मुस्तैद है। कोरोना के विरुद्ध सुरक्षात्मक व्यवस्था खड़ी करने में हम सबसे आगे हैं।उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री श्री आशुतोष टण्डन जी ने सभी नगर निकायों में कोविड हेल्प डेस्क बनाने के आदेश जारी कर दिए है।ओये अब दफ़्तरों में भीड़ भाड़ नही होगी हेल्प डेस्क पर ही हेल्थ सम्बन्धी सभी मदद मुहैया करवा दी जाएगी।
झल्ला
झल्लाओ भोले सेठ जी!नगर निकायों में बेशक कोविड हेल्प डेस्क बनाओ लेकिन गले मे घण्टी भी बांधो
इन बिल्लियों के गले मे घण्टी बांधने की भी तो कोई व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि अभी तक अधिकांश हेल्प डेस्क के खिलाफ ही खबरें आ रही हैं।

धरती बचाओ वरना लैब ऑक्सीजन के लिए भी पॉलिटिक्स होती रहेगी;अर्थ डे

झल्लीगल्लां
पर्यावरणविद
ओए झल्लेया!आज धरती दिवस है।आओ सभी रल मिल पौधे रोम्पे+साक्षरता फैलाएं और अपनी स्वर्ग से सुंदर धरती को बचाने में योगदान दें
झल्ला
भापा जी !
धरती को बचाने के लिए पर्यावरण में स्वच्छता जरूरी है।इसके लिए गैसों के उत्सर्जन को रोकने के लिए दूसरों की तरफ तकते रहने के बजाय स्वयम पौधा लगाएं+प्लास्टिक को ना कहें+प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के मोह को त्यागें क्योंकि धरती गोल है और ऑक्सीजन का साइंन (o) भी लगभग गोल ही है।वरना तो कोरोना जैसी महामारी में भी लैब में बनी ऑक्सीजन के लिए हमेशा पॉलिटिक्स होती रहेगी।

बादल गरजे मगर बरसे नही ,मोदी भी टीवी पर उपदेश देकर निकल लिए

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
ओएJamos cartoon झल्लेया!देखा हसाडे कर्मठ+समर्पित पी एम नरेंद्र भाई दामोदर दास मोदी जी की सक्रियता। कोरोना के विरुद्ध संघर्ष में वोंह फ्रंट पर लड़ाई लड़ रहे हैं।उन्होंने एक ही दिन में जहां कोरोना वैक्सीन निर्माताओं से वार्ता की तो रात्रि में देश के नाम सन्देश देकर सबका हौंसला बढाया।ओये है कोई इन जैसा नेता देश में?
झल्ला
Jhallaa Cartoonचतुर सेठ जी!रात दो बातें समान हुई।
रात को बादल गरजे और बिजली भी खूब चमकी मगर निकल ली सूखे सूखे।ऐसे ही आपके मोदी जी भी टीवी पर जोरदार उपदेश दे कर निकल गए बिना कुछ दिए

पँजांब में जनहित की फाइलें दबाने वाले एक्सीलेंस अवार्ड मैनेज करने में जुटे

झल्लीगल्लां
पँजांबकांग्रेसीचेयरलीडर

Cs Taking Charge

Cs Taking Charge

ओए झल्लेया!मुबारकां!! ओये हसाडी कर्मठ चीफ सेक्रेटरी सुश्री विनी महाजन जी को एक्सेलेन्स एडमिनिस्ट्रेटर वुमन के खिताब से नवाजा गया है ।ओये हसाडे कैप्टेन साहब की कप्तानी की हर तरफ प्रशंसा हो रही है और विपक्ष वाले बेफालतू में कुढ़ते जा रहै हैं
झल्ला
Jhallaa Cartoonचातुर सुजाण जी!
#1947 के रिफ्यूजियों के हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन वाली फाइलें ना जाने किस कोने में दबा कर रखने वाले अवार्ड की सीना ठोक कर गल करते चंगे नही लगते ।इससे तो आप जी की सरकार और अवार्ड दाता की विश्वसनीयता पर स्वाभाविक प्रश्न चिन्ह लग जाता है

राष्ट्रहित मे शोधकार्यों के लिए हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा

झल्लीगल्लां

Education Policy

Education Policy

चिंतितशिक्षाविद ओए झल्लेया!हसाडे मुल्क में शिक्षा और शोध पर जो भी खर्च हो रहा है उसका पर्याप्त लाभ देश को नही मिल पा रहा।डॉक्टर/इंजीनियर/ टेक्नोक्रेट्स आदि आदि अनुदान वाले शिक्षण संस्थाओं से महंगी महंगी डिग्रियां लेकर उनका उपयोग जनता के लाभ के लिए नही करते।शोधकर्ता तो (अधिकांश)राजनीति में आने को ही लालायित रहते हैं।होस्टल में जवानी खपाने वाली प्रतिभाओं का राजनीतिक शोषण भी हो रहा है।अब देख तो कोरोना नाशक वैक्सीन के लिए भी रशियाँन स्पुतनिक और अमेरिकन पफिज़र की तरफ देखना पढ़ रहा है।किसान डिग्रियां लेकर भी खेत बेच कर कंक्रीट के जंगल विकसित करने में जुटा है।जनलाभः वाले शोध कुछ व्यवसायियों की चारदीवारी से बाहर केवल उनकी तिजोरी भरने के लिए ही निकाले जाते हैं।
झल्लाभापा जी!राष्ट्रहित मे शोधकार्यों के लिए हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा
शिक्षाआप जी की गल और उसमे लिपटी पीड़ा वाकई जायज है। लेकिन अनेकों नाम ऐसे हैं जो अपनी शिक्षा और व्यवसाय से पूर्णतया न्याय कर रहे है।डॉ हर्षवर्धन+डॉ महेशशर्मा+मनीषतिवारी+कपिल सिब्बल+रविशंकरप्रसाद जैसे अनेकों नाम गिनाए जा सकते हैं ।फिर भी चूंकि आपने जायज सवाल उठाया है सो झल्लेविचारानुसार सेवानिवृत होने वाले सरकारी/गैर सरकारी लोगों को भी शोध के लिए एक प्लेटफॉर्म दिया जाना चाहिए।हो जाये जवानी और अनुभव में प्रतिस्पर्धा