Ad

Tag: RAJYA SABHA

Puducheri ,Unanimously,Gives RS Seat 1st Time to BJP

(Puducherry)Puducheri ,Unanimously,Gives RS Seat 1st Time  to BJP

 Bharathiya Janata Party (BJP) nominee S Selvaganapathy was on Monday declared elected to the lone seat in Rajya Sabha from Puducherry without contest.This seat was declared Vacant on Oct 6

This is the first time the BJP is getting representation from Puducherry in the Upper House. Today was the last day to withdraw nominations.
Selvaganapathy is the 10th member from Puducherry to the Rajya Sabha since 1962.
He filed the nomination with the support of the AINRC heading the coalition government in Puducherry.

पुलिस पर कब्जे को “आप”का संघर्ष मुम्बई की उगाही कांड का असर तो नही

झल्लीगल्लां
cartoon cheeyar leader aap partyआमआदमीपार्टीचेयरलीडर
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है? ओए दिल्ली में हसाडी चुनी हुई सरकार के सीमित अधिकारों को भी एलजी की झोली में डाला जा रहा है। पार्लियामेंट में विपक्ष के विरोध के बावजूद केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार ने राज्यसभा मे राष्ट्रीय राजधानी राज्य छेत्र शासन ( संशोधन )बिल पारित करवा लिया।बेशक राज्य सभा मे हम अल्पमत में थे फिर भी दिल्ली के दो करोड़ लोगों आवाज बने 83 के मुकाबिले 45 मतों की भावना का आदर किया जाना चाहिए था।इसीके विरोध में मल्लिकार्जुन खड़गे जी सदन से वाकआउट कर गए।
ये केंद्र वाले हम पर कानून व्यवस्था का ठीकरा फोड़ते रहते हैं लेकिन दिल्ली पुलिस की कमान हमे सौंपने को तैयार नही होते।गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी इसे संवैधानिक बता रहे हैं।
झल्ला आपसे पूर्ण सहानुभूति है। नोटबन्दी के पश्चात अब पुलिस का झल्लासबइंस्पेक्टर ही 100 करोड़ ₹ की उगाही प्रतिमाह करवा सकता है और पार्टी चलाने के लिए पैसा जरूरी है।इसीलिए पुलिस पर कब्जा भी जरूरी है।

राज्यसभा के लिए केरल से 12 अप्रैल को तीन सदस्यों का चुनाव

(नई दिल्ली)राज्यसभा के लिए केरल से 12 अप्रैल को तीन सदस्यों का चुनाव
केरल से निर्वाचित तीन राज्‍यसभा के सदस्‍यों का कार्यकाल 21 अप्रैल 2021 को उनकी सेवानिवृत्ति के कारण समाप्‍त हो रहा है।
क्र.सं. सदस्‍य का नाम सेवानिवृत्ति की तिथि
1 अब्‍दुल वहाब। 21.04.2021
2 के.के. रागेश
3 व्‍यालार रवि

Frustrated MP Dinesh Trivedi Announces Resignation from RS

(New Delhi)Frustrated MP Dinesh Trivedi Announces Resignation from RS
TMC MP Dinesh Trivedi announced his resignation from the Rajya Sabha on Friday, saying he feels suffocated in the House as he is unable to do anything for the violence going on in his state, West Bengal.
“If you sit here quietly and cannot do anything, then it is better that you resign from here and go to the land of Bengal and be with people,” he said in the Upper House of Parliament.
Trivedi said the world looks at India when something happens.
“What I mean to say is the way violence is taking place in our state. Sitting here, I am feeling perplexed as to what should I do
The Trinamool Congress (TMC) MP said he is unable to bear various incidents that are happening in West Bengal.
Rajya Sabha Deputy Chairman Harivansh Narayan Singh said there is a due process for resigning from the House and asked Trivedi to submit his resignation in writing to the chairman.

गाली गफतौर सोशल मीडिया+ट्विटर पर सख्त हुई केंद्र सरकार

(नईदिल्ली)#सोशलमीडिया पर सरकार हुई सख्त ।
केंद्रीय मंत्री #रविशंकरप्रसाद ने आज #राजयसभा में #ट्विटर और गालिगफ़तौर मीडिया को सीधी चेतावनी दी
सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री रविशंकर प्रसाद ने फेसबुक, ट्विटर, व्हाट्सऐप और लिंक्डइन जैसे सोशल मीडिया मंचों को आगाह किया कि अगर उनका उपयोग भारत में झूठी खबरें फैलाने, हिंसा या वैमनस्य को बढ़ावा देने में किया जाता है तो उनके खिलाफ सख्ती की जाएगी।
प्रसाद ने राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान विभिन्न पूरक सवालों का जवाब देते हुए कहा कि सरकार सोशल मीडिया का सम्मान करती है और इस मंच से लोग अधिकार संपन्न हुए हैं। उन्होंने कहा कि भारत के डिजिटल इंडिया कार्यक्रम में सोशल मीडिया की अहम भूमिका रही है।
सरकार आलोचना के अधिकार का भी सम्मान करती है लेकिन ऐसे मंचों को देश के संविधान तथा कानूनों का पालन करना होगा। उन्होंने कहा कि अगर सोशल मीडिया के जरिए चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश की जाती है तो चुनाव आयोग के अलावा सरकार भी कार्रवाई करेगी।
उन्होंने कहा कि पिछले दिनों अमेरिकी संसद भवन में हिंसा और यहां लाल किले में किसानों की ट्रैक्टर परेड के दौरान हिंसा के समय ऐसे मंचों का आचरण विरोधाभासी रहा। उन्होंने कहा कि कई सोशल मीडिया मंचों ने अमेरिका में पुलिस की कार्रवाई का समर्थन किया लेकिन यहां भारत में उलटा रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि ऐसा दोहरा मानदंड स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रसाद ने कहा कि ऐसी कंपनियां भारत में काम करें, पैसे कमाएं लेकिन साथ ही वे संविधान और देश के कानूनों का भी पालन करें।
फ़ाइल फोटो

पीएम मोदी ने रास में विपक्षी नेता ग़ुलाम नबी आजाद को अविस्मरणीय,विदाई दी

(नई दिल्ली)पीएम मोदी ने रास में विपक्षी नेता ग़ुलाम नबी आजाद को अविस्मरणीय,विदाई दी
राज्यसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को विपक्ष के नेता और कांग्रेस के वरिष्ठ सदस्य गुलाम नबी आजाद की तारीफ करते हुए कई बार भावुक हुए,आंसूओं पर नियंत्रण करने के लिए रुके,पानी के घूँट भी भरे और आज़ाद को सलूट भी किया।
गौरतलब है कि गुलाम नबी आजाद का उच्च सदन में कार्यकाल पूर्ण हो रहा है और उन्हें आज विदायी दी गई।
मोदी ने उन्हें एक बेहतरीन मित्र बताते हुए कहा ‘‘सदन के अगले नेता प्रतिपक्ष को आजाद द्वारा स्थापित मानकों को पूरा करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ेगा। आजाद ने अपने दल की चिंता जिस तरह की, उसी तरह उन्होंने सदन की और देश की भी चिंता की।’’
उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता के पद पर रहते हुए आजाद ने कभी दबदबा स्थापित करने का प्रयास नहीं किया।
प्रधानमंत्री ने बताया कि जब वह गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब आजाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री थे। उन दिनों कश्मीर में पर्यटकों पर आतंकी हमला हुआ और कुछ पर्यटक मारे गए थे। इनमें गुजरात के पर्यटक भी थे।
मोदी ने कहा ‘‘तब सबसे पहले, गुलाम नबी आजाद ने फोन कर उन्हें सूचना दी और उनके आंसू रुक नहीं रहे थे। मैंने तत्कालीन रक्षा मंत्री प्रणव मुखर्जी से पर्यटकों के पार्थिव शरीर लाने के लिए सेना का हवाई जहाज उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जो उन्होंने स्वीकार कर लिया। रात को पुन: आजाद ने फोन किया। यह फोन उन्होंने हवाईअड्डे से किया और उनकी चिंता उसी तरह थी जिस तरह लोग अपने परिवार की चिंता करते हैं।’’
यह बोलते हुए प्रधानमंत्री का गला रुंध गया।
मोदी ने कहा ‘‘मेरे लिए बहुत भावुक पल था। अगले दिन सुबह पुन: आजाद का फोन आया और उन्होंने पूछा कि मोदी जी, क्या सभी पहुंच गए।’’
उन्होंने कहा ‘‘एक मित्र के रूप में घटनाओं और अनुभव को देखते हुए मैं आजाद का बहुत आदर करता हूं।’’
प्रधानमंत्री ने कुछ यादें साझा करते हुए कहा कि जब वह कोविड-19 महामारी पर सदन में विभिन्न दलों के नेताओं की बैठक बुलाने पर विचार कर रहे थे तब आजाद ने फोन कर उन्हें सभी दलों के नेताओं की बैठक बुलाने का सुझाव दिया था। मोदी ने कहा, ‘‘मैंने वह सुझाव माना और वह सुझाव उपयोगी रहा।’’
आजाद के बारे में मोदी ने कहा ‘‘आजाद को सत्ता पक्ष में रहने का और विपक्ष में रहने का गहरा और लंबा अनुभव है । 28 साल का कार्यकाल … बड़ी उपलब्धि होता है।’’
उन्होंने कहा कि बहुत पहले एक बार संसद भवन में लॉबी में वह आजाद से बात कर रहे थे। वहां से निकलने पर पत्रकारों के सवाल पूछने पर आजाद ने कहा था ‘‘टीवी पर , अखबारों में आप हमें लड़ते झगड़ते देखते हैं। लेकिन यहां हम सबके बीच एक परिवार की तरह वातावरण होता है।’’
मोदी ने मुस्कुराते हुए कहा ‘‘ अपने सरकारी बंगले को आजाद ने बहुत प्यार से संवारा और उनका बगीचा देख कर वहां कश्मीर की याद आ जाती है। उन्होंने वहां एक कश्मीर बना रखा है। स्पर्धा में उनका बंगला पहले नंबर पर आ जाता है। ’’
दोनों सदनों में आजाद के लंबे कार्यकाल का जिक्र करते हुए मोदी ने कहा कि उनकी सौम्यता, विनम्रता और देश के लिए कुछ कर गुजरने की कामना प्रशंसनीय है। प्रधानमंत्री ने कहा कि आजाद की यह प्रतिबद्धता उन्हें आगे भी चैन से नहीं बैठने देगी और उनके अनुभवों से देश लाभान्वित होता रहेगा।
सभापति एम वेंकैया नायडू ने कहा कि सदन में उन्हें आजाद की कमी खलेगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि वह जल्द ही सदन में वापस लौटेंगे।बसपा के सतीश चंद्र मिश्रा ने सुश्री मायावती के हवाले से कहा कि आज़ाद को विदाई देने वाली यूँकि पार्टी(कांग्रेस) की ही विदाई हो जाएगी।
आजाद के साथ ही भाजपा के शमशेर सिंह मन्हास, और पीडीपी के मीर मोहम्मद फ़ैयाज तथा नजीर अहमद लवाय का कार्यकाल भी समाप्त हो रहा है।
आजाद और नजीर अहमद का कार्यकाल 15 फरवरी को और मन्हास तथा मीर फयाज का कार्यकाल 10 फरवरी को पूरा हो रहा है।
प्रधानमंत्री ने मीर मोहम्मद फयाज, नजीर अहमद लवाय का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें इन दोनों सदस्यों के साथ बातचीत में कश्मीर के अनेक पहलुओं के बारे में जानकारी मिलती थी। उन्होंने कहा कि इन सदस्यों के साथ उनका व्यक्तिगत तौर पर नाता रहा।
उन्होंने भरोसा जताया कि इन दोनों सदस्यों की प्रतिबद्धता देश के लिए, खास कर जम्मू कश्मीर के लिए बेहद उपयोगी रहेगी।
शमशेर सिंह का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि वह और शमशेर सिंह दोनों ही संगठन में थे अत: उनका साथ लंबा रहा। उन्होंने कहा कि सदन में शमशेर सिंह की उपस्थिति 96 फीसदी है जो बताती है कि उन्होंने जनता द्वारा दिए गए दायित्व को निभाने का पूरा प्रयास किया।
उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर के इन चारों सदस्यों का यह कार्यकाल उनके जीवन के बेहतरीन कार्यकाल में से है।

बृजलाल ने कानून व्यवस्था से खेलने वाले पॉलिटिशियन्स को राज्यसभा मे लपेटा

(नई दिल्ली)भजपा सांसद #बृजलाल ने सुदृढ कानूनव्यवस्था की वकालत #राज्यसभा में की
पूर्व आईपीएस अधिकारी बृजलाल ने राष्ट्रपति के भाषण के समर्थन में बोलते हुए कानून व्यवस्था को खिलौना बना कर खेलने वाले पॉलिटिशियन्स पर भी तीखी टिप्पणी की।अपने सम्बोधन में पूर्व डी जी पी ने नरेंद्रमोदी की सरकार में अनुसूचित जाति जनजाति के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों की भी सराहना की
बृजलाल वर्तमान में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा के सांसद हैं। वे उत्तर प्रदेश अनुसूचित जाति और जनजाति आयोग के अध्यक्ष हैं। भारतीय पुलिस सेवा के उत्तर प्रदेश कैडर के अधिकारी बृजलाल पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के शासनकाल में पहले सहायक पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था और फिर पुलिस महानिदेशक भी रहे। उन्हें अक्टूबर 2011 में प्रदेश का डीजीपी बनाया था और वे नवंबर 2014 में सेवा निवृत्त हुए थे। 2015 में उन्होंने राजनीति में आने का फैसला लिया और बहुजन समाज पार्टी का दामन छोड़कर भारतीय जनता पार्टी में आ गए।

किसान आंदोलन सिर्फ एक राज्य का मसला: बताते भी नही समस्या क्या है : तोमर

(नयी दिल्ली)किसान आंदोलन सिर्फ एक राज्य का मसला: बताते भी नही समस्या क्या है :कृषिमंत्री तोमर
केंद्रीय कृषि एवं कल्याण मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने शुक्रवार को राज्यसभा में नए कृषि कानूनों का बचाव करते हुए इन्हें किसानों के जीवन में क्रातिकारी बदलाव लाने वाला करार दिया। साथ ही उन्होंने आरोप लगाया कि नए कानूनों को लेकर लोगों को बरगलाया जा रहा है और मौजूदा आंदोलन सिर्फ एक राज्य का मामला है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरकार किसानों के कल्याण के लिए प्रतिबद्ध हैं और नए कानूनों का मकसद किसानों की आय में वृद्धि करना है।
तोमर ने नए कृषि कानूनों के खिलाफ किसानों के आंदोलन को एक राज्य का मसला बताया और कहा कि नए कानूनों में ऐसे कोई प्रावधान नहीं हैं जिनसे किसानों की जमीन छिन जाने का खतरा हो।
तोमर ने राज्यसभा में राष्ट्रपति अभिभाषण पर पेश धन्यवाद प्रस्ताव पर हुयी चर्चा में हस्तक्षेप करते हुए कहा कि विपक्षी नेता नए कानूनों को काला कानून बता रहे हैं लेकिन वे यह नहीं बता रहे हैं कि इसमें गड़बड़ी क्या है।
कृषि मंत्री ने कहा कि वह पिछले दो महीनों से किसान यूनियनों से सवाल कर रहे हैं कि वे बताएं कि कानून में ‘काला’ क्या है?

Mayawati Suspends 7 Rebel MLAs

(New Delhi) BSP Leader Mayawati Suspends 7 Rebel MLAs
Rebel MLAs had opposed the nomination of BSP’s official candidate Ramji Gautam for the elections to the Rajya Sabha.
Mayawati also said that to ensure defeat of Samajwadi Party candidates in future MLC elections, her party will vote for BJP or any other party’s candidate.
The former UP chief minister said as soon as the rebel MLAs join any party, the BSP would take action against them under the anti-defection law.
In a jolt to the BSP on Wednesday, six party MLAs reportedly met Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav and later threw hints that they may switch sides.
Four of the group of rebels also filed an affidavit, saying their signatures on the party candidate Gautam’s nomination for the Rajya Sabha polls had been forged .

हरिवंश ,ध्वनिमत से ,दूसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए

(नयी दिल्ली) हरिवंश ,ध्वनिमत से ,दूसरी बार राज्यसभा के उपसभापति चुने गए इनके विरुद्ध राजद के मनोज झा थे
सत्तारूढ़ राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन के उम्मीदवार और जद (यू) के वरिष्ठ नेता हरिवंश सोमवार को दोबारा राज्यसभा के उपसभापति चुने गए।
उनके सभापति चुने जाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, सदन में विपक्ष के नेता गुलाम नबी आजाद, राजद के मनोज झा और विभिन्न दलों के नेताओं ने हरिवंश को बधाई दी और नए कार्यकाल के लिए शुभकामनाएं दीं। प्रधानमंत्री मोदी सहित अधिकतर नेताओं ने सदन चलाने की उनकी शैली की सराहना की।
विपक्ष ने राजद नेता मनोज झा को उपसभापति पद के लिए अपना संयुक्त उम्मीदवार बनाया था।
सत्तारूढ़ सदस्यों और विपक्ष के प्रस्तावों के बाद सभापति एम वेंकैया नायडू ने ध्वनिमत के आधार पर हरिवंश को निर्वाचित करने की घोषणा की।