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Tag: Satire Time Pass Satire

चुनाव हो लिए सो निडर सरकार ने अध्यापकों की मृत्यु पर निर्भीकता से पल्ला झाड़ा

झल्लीगल्लां
उत्तेजित शिक्षक

Teacher Unrest

Teacher Unrest

ओए झल्लेया! ये सरकार ने क्या कहर बरपा किया हुआ है?ओए पहले तो कोरोनासुरों के आतंक में चुनाव करवाये फिर हमारी मर्जी के बगैर हमारी ड्यूटी असुरक्षित छेत्रों में लगा दी।जिसके फलस्वरूप डेढ़ हजार कर्मी मारे गए लेकिन सरकार ओनली तीन शिक्षकों की मृत्यु को ही कोरोना मुआवजे के लिए सुपात्र मान कर हसाडे जले पर नमक छिड़क रही है।ओए ये तो सरकारी नाकामी और झूठ की बेशर्मी का सबूत है
झल्ला
चुनाव हो लिए सो निडर सरकार ने अध्यापकों की मृत्यु पर निर्भीकता से पल्ला झाड़ा माननीय ! मृतकों के प्रति मेरी सम्वेदनाएँ है।
चुनाव हो लिए!सो मस्त सरकार को कोई डर या जरूरत नही है।इसीलिए निर्भीकता से कहा जा रहा है कि तीन ही मरे।शेष लोगों की मृत्यु के कोई प्रमाण नही हैं

धरती बचाओ वरना लैब ऑक्सीजन के लिए भी पॉलिटिक्स होती रहेगी;अर्थ डे

झल्लीगल्लां
पर्यावरणविद
ओए झल्लेया!आज धरती दिवस है।आओ सभी रल मिल पौधे रोम्पे+साक्षरता फैलाएं और अपनी स्वर्ग से सुंदर धरती को बचाने में योगदान दें
झल्ला
भापा जी !
धरती को बचाने के लिए पर्यावरण में स्वच्छता जरूरी है।इसके लिए गैसों के उत्सर्जन को रोकने के लिए दूसरों की तरफ तकते रहने के बजाय स्वयम पौधा लगाएं+प्लास्टिक को ना कहें+प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन के मोह को त्यागें क्योंकि धरती गोल है और ऑक्सीजन का साइंन (o) भी लगभग गोल ही है।वरना तो कोरोना जैसी महामारी में भी लैब में बनी ऑक्सीजन के लिए हमेशा पॉलिटिक्स होती रहेगी।

छोटी बचत वालों की हाय+सोशलमीडिया पर आई आलोचनाओं की सुनामी से यू टर्न

झल्लीगल्लां
वरिष्ठनागरिक
U Turnओए झल्लेया!रब्ब का लाख लाख शुक्रिया।ओए केंद्र सरकार को जल्द ही सुबुद्धि आ ही गई।इन्होंने समय रहते अपनी गलती स्वीकार कर ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कह दिया है कि सरकार पीपीएफ तथा एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं में की गई बड़ी कटौती वापस लेगी और कहा कि ऐसा गलती से हो गया था।
झल्ला
झल्लाभापा जी!आप लोगों की हाय और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की सुनामी के साथ
पश्चिम बंगाल, असम और तीन अन्य राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में किये कराए पर पानी फिरने के डर ने छोटीबचत में कटौती से हुक्मरानों को यूंटर्न के लिए मजबूर कर दिया

पुलिस पर कब्जे को “आप”का संघर्ष मुम्बई की उगाही कांड का असर तो नही

झल्लीगल्लां
cartoon cheeyar leader aap partyआमआदमीपार्टीचेयरलीडर
ओए झल्लेया! ये क्या हो रहा है? ओए दिल्ली में हसाडी चुनी हुई सरकार के सीमित अधिकारों को भी एलजी की झोली में डाला जा रहा है। पार्लियामेंट में विपक्ष के विरोध के बावजूद केंद्र में सत्तारूढ़ सरकार ने राज्यसभा मे राष्ट्रीय राजधानी राज्य छेत्र शासन ( संशोधन )बिल पारित करवा लिया।बेशक राज्य सभा मे हम अल्पमत में थे फिर भी दिल्ली के दो करोड़ लोगों आवाज बने 83 के मुकाबिले 45 मतों की भावना का आदर किया जाना चाहिए था।इसीके विरोध में मल्लिकार्जुन खड़गे जी सदन से वाकआउट कर गए।
ये केंद्र वाले हम पर कानून व्यवस्था का ठीकरा फोड़ते रहते हैं लेकिन दिल्ली पुलिस की कमान हमे सौंपने को तैयार नही होते।गृह राज्यमंत्री जी किशन रेड्डी इसे संवैधानिक बता रहे हैं।
झल्ला आपसे पूर्ण सहानुभूति है। नोटबन्दी के पश्चात अब पुलिस का झल्लासबइंस्पेक्टर ही 100 करोड़ ₹ की उगाही प्रतिमाह करवा सकता है और पार्टी चलाने के लिए पैसा जरूरी है।इसीलिए पुलिस पर कब्जा भी जरूरी है।

पुलिसिये ने हड़काया तो एमपी में जंगलराज दिखा,काश!मंत्री जज को हड़काये …

झल्लीगल्लां
न्यायविद
ओएJudiciary झल्लेया!ये मध्यप्रदेश में क्या जंगलराज चल रहा है?हत्यारे नेता को दो वर्षों मे भी गिरफ्तार नही किया जा सका । भृष्ट+हत्यारोपियों को भी शासन के इस प्रकार के संरक्षण से तो वहां जंगल राज ही कहा जायेगा।
झल्ला
Jhallaaभापा जी! कांग्रेसी नेता को बसपाई ने मार डाला। पुलिसिये ने जज को हड़का डाला तो माननीय सुप्रीम कोर्ट को मध्यप्रदेश में जंगलराज दिखने लग गया।यहां 7 दशकों से पँजांब राज्य और केंद्र में अपने हक के कंपनसेशन/रिहैबिलिटेशन क्लेम के लिए भटक रहे हैं कहीं कोई सुनवाई नही हो रही।ऊपर वाले से दुआ है कि पँजांब या केंद्र का कोई मंत्री किसी जज को हड़का दे तो शायद सम्माननीय सुप्रीम कोर्ट को लोक तन्त्र की परिभाषा बदलने की जरूरत महसूस होने लगे

नए किसानी कानूनों से कब्जाई जमीनों का राज भ्र्ष्टाचार भी खुल जाना है

झल्लीगल्लां
पंजाबकांग्रेसी
ओए झल्लेया!ये केंद्र में बैठी मोदी सरकार आये दिन हसाडे किसानों के उंगली करती जा रही है।अगर किसान भड़क गए तो सब कुछ उल्टा पुलटा हो जाणा है।ओये हसाडे मुख्य मंत्री कैप्टेन अमरिन्दरसिंह जी ने असेंबली में जता भी दिया कि पंजाब में 1967 से जांची-परखी व्यवस्था चल रहा अब नए आदेशों के अनुसार एफ.सी.आई. की तरफ से किसानों को ई -भुगतान के द्वारा सीधी अदायगी के लिए ज़मीन रिकार्ड मांगने से स्थिति बद से बद्तर होगी।
झल्ला
चतुर सुज़ान जी!
1947 में पाकिस्तान गए मुसलमान और वहां से आये हिंदुओं को अलॉट किये गए कंपनसेशन क्लेम की जमीनों की हुई लूट भी तो खुल जाणी है।पँजांब में अभी भी ऐसी ही कब्जाई गई सम्पत्ति बेनामी है ।मैने तो सुना है कि जमीनों के लुटेरों में एआप लोगों के भी खास कुछ है

मोदीभापे !स्वयम का भी नया इतिहास रचो ,फिर बेशक टाइमकैप्सूल में रचवाओ

भजपाईचिंतक
ओए झल्लेया! अब आएगा मजा। ओए हसाडे धाकड़ प्रधानमंत्रीनरेन्द्रमोदी जी ने भी बहराइच में महाराजा सुहेलदेवजी के विशाल स्मारक के शिलान्यास समारोह में एलान कर दिया है कि गुलामी की मानसिकता वालों ने जो लिखा है वोही स्वतंत्रता संग्राम का वास्तविक इतिहास नही है ।ओए उन कथित इतिहास कारों ने नेताजीसुभाषचंद्रबोस,सरदारपटेल,बाबा अम्बेडकर,महाराजा सुहेलदेव जैसे अनेकों देश प्रेमियों को पार्श्व में डाल दिया। ओए अब लिखा जाएगा वास्तविक इतिहास और उसमी असली योद्धाओं को उचित स्थान दिया जाएगा
झल्ला चतुर सेठ जी!वास्तविकता ,बेशक किताबों में ही सही, बाहर तो आनी ही चाहिए लेकिन अच्छा होता कि स्वयम का नया इतिहास भी रच कर टाइमकैप्सूल में डलवाते

चीन तो सीमाओं से वापिस जा रहा ये किसान आंदोलनकारी कब बॉर्डर छोड़ेंगे

#सीमांतभोटियानागरिक
ओए झल्लेया!शुक्र है चीन को सद्बुद्धि आ गई।युद्ध की संभावनाओं को टालते हुए चीन ने अपनी अतिक्रमणकारी सेनाओं को पेंगोंग झील से वापिस बुलाने शुरू कर दिए।ओए अब इस छेत्र का भी आसानी से विकास हो पायेगा
झल्ला
भापे!ठाकुर राजनाथ सिंह के संसद में ब्यानानुसार चीन तो सीमाओं से अंगुल अंगुल (फिंगर) ही वापिस जा रहा है लेकिन ये किसान आंदोलनकारी कब राजधानी का बॉर्डर छोड़ेंगे?।कब घरों को शांति पूर्वक लौटेंगे??चीन तो चला जायेगा लेकिन संसद में और संसद के बाहर चीन को लेकर चिलपों करने वाले अतिक्रमणकारी जब अपनी अपनी सीटों पर बैठ जाएंगे तभी सही मायनों में विकास के कुछ मायने होंगे।

सुप्रीम कोर्ट की तरफ ट्रेक्टर मुड़ गए तो भैंस तो पानी मे जाए ही जाए

#पीड़ितनागरिक
ओए झल्लेया!ये किसानों के नाम पर दिल्ली को क्या गधीघेड़ में डाल रखा है।ओए इनके नेता गुरनाम सिंह चढूनी और शिव कुमार कक्का के उजागर होते आपसी स्वार्थों की तरफ से ध्यान बांटने के लिए 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रेक्टरमार्च निकालने की धमकी दी जा रही है और सर्वोच्च न्यायालय इसे रोकने के बजाय याचकों को दिल्ली पुलिस के पास भेज रही हैवोही दिल्ली पुलिस को आंदोलनकारियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन तक नही करा पाई।
#झल्ला
भापा जी!अभी तो निशाना रिपब्लिकडे परेड है अगर खुदा नाखास्ता कल को किसी ने उंगली करके सुप्रीम कोर्ट की तरफ ट्रेक्टर मौड़ दिए तो भैंस तो पानी मे जाए ही जाए

सरकार ने सहमति के दो बीज डाल दिए,अब गुड़ाई के लिए किसानों की बारी

#प्रफुल्लितकिसाननेता
ओए झल्लेया! ये मारा पापड़ वाले को।
ओए हसाडे आंदोलन ने मोदी सरकार को घुटनों पर ला दिया है।वार्ताके सातवें दौर में हसाडी आधी मांगों को मांन लिया गया है।अब #बिजली पर सब्सिडी बगैर झटकों के जारी रहेगी+#पराली पर कोई पचड़ा नही होगा+#ट्रेक्टर पर कोई टर टर नही करेगा
#झल्ला
पहाजी !
वधाइयाँ जी !!सरकार ने तो सहमति के दो बीज डाल दिये ,अब तो गुड़ाई के लिए आप आंदोलनकारियों की बारी है भेज दो आश्रितों को वापिस
सरकार तो दो कदम पीछे हट गई लेकिन आपलोग अपने वायदे के अनुरूप चार कदम पीछे चलने के लिए स्वनिर्मित #कोपस्थलों से बुजुर्ग+बच्चे+महिला,+बीमारों को वापिस घर नही भेज रहे । पहाजी चार जनवरी को होने वाले आठवें दौर की बातचीत में अपनी शेष मांगे मनवाने के लिए कुछ तो सौहार्द दिखाना होगा ।