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Tag: uttar pradesh govt.

नगर निकायों में बेशक कोविड हेल्प डेस्क बनाओ लेकिन गले मे घण्टी भी बांधो

झल्लीगल्लां
भजपाईचेयरलीडर
Jamos Cartoonओए झल्लेया!देखा हसाडी सरकार हर मोर्चे पर मुस्तैद है। कोरोना के विरुद्ध सुरक्षात्मक व्यवस्था खड़ी करने में हम सबसे आगे हैं।उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री श्री आशुतोष टण्डन जी ने सभी नगर निकायों में कोविड हेल्प डेस्क बनाने के आदेश जारी कर दिए है।ओये अब दफ़्तरों में भीड़ भाड़ नही होगी हेल्प डेस्क पर ही हेल्थ सम्बन्धी सभी मदद मुहैया करवा दी जाएगी।
झल्ला
झल्लाओ भोले सेठ जी!नगर निकायों में बेशक कोविड हेल्प डेस्क बनाओ लेकिन गले मे घण्टी भी बांधो
इन बिल्लियों के गले मे घण्टी बांधने की भी तो कोई व्यवस्था होनी चाहिए क्योंकि अभी तक अधिकांश हेल्प डेस्क के खिलाफ ही खबरें आ रही हैं।

मुख्यमंत्री योगी एहतियातन पृथक-वास में गए

(लखनऊ)मुख्यमंत्री योगी एहतियातन पृथक-वास में गए
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी ने खुद ट्वीट कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने कहा, “मेरे कार्यालय के कुछ अधिकारी कोरोना से संक्रमित हुए हैं। यह अधिकारी मेरे संपर्क में रहे हैं, अतः मैंने एहतियातन अपने को आइसोलेट कर लिया है एवं सभी कार्य वर्चुअली प्रारम्भ कर रहा हूं।”
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री के अपर मुख्य सचिव एसपी गोयल, विशेष कार्याधिकारी अभिषेक कौशिक, विशेष सचिव अमित सिंह तथा कुछ अन्य कर्मचारी कोविड-19 से संक्रमित हुए हैं।

Mayawati Questions Law & Order Situation in UP

(Lucknow) Mayawati Questions Law & Order Situation in UP
BSP Supremo Mayawati questioned the law and order situation in Uttar Pradesh, claiming that there has been no check on atrocities and crimes against Dalits and women despite several announcements and directives by the government.
She tweeted in hindi
“What is the use of such law and order if it has become difficult for the female students to step out of the house?”

Akhilesh Slams UP CM on issue of Providing Crore Jobs

(Lucknow,UP) Akhilesh slams UP CM on issue of providing One Crore jobs
Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav on Tuesday attacked Chief Minister Yogi Adityanath over the issue of providing one crore jobs to people of the state.
“Chief Minister made claim of providing one crore job in a rally but someone go and ask people what they got in their bags,” Yadav said in a tweet in Hindi.
Seeking to provide employment to migrant workers, Adityanath had recently announced a plan to generate 1 crore jobs and asked officials to increase work avenues under the Centre’s flagship Mahatma Gandhi Rural Employment Scheme (MGNREGA) as well as in industries and construction units.

मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं

मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं
२०१४ में लोक सभा के चुनाव होने हैं इसीलिए अभी से कांग्रेस के पारंपरिक मुस्लिम वोट बैंक के प्रति कांग्रेस सरकार की नीतियों में लखनऊ से दिल्ली तक खोट निकाले जाने लगे हैं| शुरुआत हज यात्रा से की जा रहे है|
उत्तर प्रदेश के काबिना मंत्री आजम खान ने हज कोटे में कटौती को लेकर केंद्र और हज कमेटी आफ इंडिया को चेतावनी दे डाली है| बीते दिन भाजपा के उभरते मुस्लिम चेहरा मुख्तार अब्बास नकवी ने भी दिल्ली में अल्पसंख्यकों के एक जलसे में हज+वक्फ+शिक्षा+ को लेकर कांग्रेस की आलोचना की और भाजपा द्वारा एक विजन डॉक्यूमेंट लाने का आश्वासन दिया है |
: उत्तर प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री एवं राज्य हज समिति के अध्यक्ष मोहम्मद आजम खां ने कहा है कि अगर हज कोटे में २०% कटौती के बाद मुस्लिमो के गुस्से में उबाल आया और कोई अप्रिय स्थिति हुई तो उसके लिए केन्द्र और हज कमेटी आफ इंडिया ही जिम्मेदार होगी।
रविवार को जारी बयान में जनाब आजम खां ने कहा कि हज कमेटी आफ इंडिया को ही अब ये सुनिश्चित करना होगा कि सऊदी अरब हुकूमत द्वारा हज यात्रियों के कोटे में बीस प्रतिशत की जो कटौती की गई है उसका असर उत्तर प्रदेश के कोटे में नही हो| उन्होंने कहा कि हज यात्रियों के कोटे को 20 % कम करने से हज यात्रियों की एक बड़ी संख्या अपनी किसी गलती के बिना हज करने से वंचित रह जायेगी, जबकि हज यात्रा के संबंध में ये लोग अपनी सभी औपचारिकताएं पूरी कर चुके हैं। सभी चयनित हज यात्री पहली किस्त में 76 हजार रुपये की अग्रिम धनराशि भी हज कमेटी आफ इंडिया के खाते में जमा कर चुके हैं।
राज्य के मंत्री ने आरोप लगाया है कि हज कमेटी आफ इंडिया यूपी फैमिली ग्रुप में हज यात्रा पर जाने वाले यात्रियों में से एक दो लोगों को कम कर रही है यह निहायत बदसुलूकी और आपत्तिजनक है।
अरब देशों से जारी दिशा निर्देशों के अनुसार इस पवित्र यात्रा को सुरक्षित बनाये रखने के लिए कुछ दिशा निर्देश जारी किये गए हैं इनमे से वहां के नियमों का पालन करना+ सीमितऔर सुरक्षित सामान लाने से से लेकर हज कोटे में २०% की कटौती भी की गई है|अब उत्तर प्रदेश से समाज वादी पार्टी के अल्प संख्यक कल्याण मंत्री आजम खान का अपने वोट बैंक के प्रति चिंतित होना स्वाभाविक ही है|
फाइल फोटो

बिजली के मुद्दे को भाजपा द्वारा हाई जेक होता देख “आप” ने उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों के विरोध में फ्रंट खोल दिया है

आम आदमी पार्टी [आप]ने दिल्ली में सफलता के पश्चात अब उत्तर प्रदेश में भी बिजली के बिलों को मुद्दा बना लिया है|”आप” पार्टी ने ४ जून से प्रदेश भर में १५ दिन के लिए हस्ताक्षर अभियान शुरू कर दिया है|इस बीच बिजली के बिलों में की गई बढोत्तरी को वापिस लेने के लिए यौजना बद्ध तरीके से दबाब बनाया जाएगा जिलों में प्रदर्शन किये जायेंगे और लखनऊ के शक्ति भवन में एम् डी श्री मिश्रा के कार्यालय में भी धरना प्रदर्शन होगा|
आम आदमी पार्टी के उत्तर प्रदेश प्रभारी और पार्टी प्रवक्ता संजय सिंह ने बताया कि प्रदेश में 43% लीकेज को रोक पाने में असमर्थ सरकार ने ४५ % दरें बड़ा दी हैं यह आम जनता के साथ धोका है और इसका भरपूर विरोध किया जाएगा|इसके लिए महिलाओं+व्यापारी+किसान आदि की अलग अलग टुकड़ियों के माध्यम से विरोध प्रदर्शन होगा|श्री संजय सिंह ने प्रदेश की सरकारोंकी कार्यप्रणाली पर टिपण्णी करते हुए बताया कि बीते बीस सालों से बिजली का उत्पादन करने के स्थान पर केवल हाई वे +एक्सप्रेस वे बनाने पर ही जोर हे क्योंकि इसके माध्यम से भ्रष्टाचार करने का अवसर आसानी से मिल जाता हे|
आप पार्टी द्वारा दिल्ली में बिजली बिलों के विरोद्ध में चलाये गए सविनय अवज्ञा आन्दोलन में साडे दस लाख हस्ताक्षर कराये गए थे| इसी के दबाब में अब बिजली विभाग ने इस साल बिजली के दाम बढाने से इंकार कर दिया हे और लगातार आंदोलनों के दबाब में आकर लीकेज भी २०१२ में मात्र १५% रह गई हे|इस तर्ज़ पर चलते हुए भाजपा ने बीते सप्ताह प्रदेश में विरोध प्रदर्शन किया और बिजली के बिलों का भुगतान नहीं करने का अहवाह्न किया |अपने मुद्दे को भाजपा द्वारा हाई जेक होता देख आप पार्टी ने उत्तर प्रदेश में बिजली के बिलों के विरोध में फ्रंट खोल दिया हे|

उत्तर प्रदेश में स्मारकों के व्यवसाईक उपयोग और उसके विरोध को लेकर वोट बैंक की राजनीती शुरू हो गई है

:उत्तर प्रदेश में जाति धर्म के आधार पर राजनीती करने वाली सत्ता रुड समाज वादी [एस पी]और विपक्षी बहुजन समाज वादी[बी एस पी] पार्टियां लगता है अब जातियों को आपस में लड़ाने की तैय्यारी में लग गई है तभी दलित उत्थान के नाम पर बनाए गए स्मारकों को लड़ाई का मैदान बनाया जा रहा है| प्रदेश के युवा मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार ने दलित महापुरुषों की याद में बने १० अरब की लागत के विशाल स्मारकों से अतिरिक्त आय अर्जित करने के लिए स्मारकों के खाली हिस्सों को मैरिज होम्स [शादी-ब्याह] की तरह प्रोफेशनल उपयोग की इजाजत दे दी है जिसके विरोध में बी एस पी ने दलितों के सड़क पर उतरने की चेतावनी देते हुए सरकार को बर्खास्त करने की मांग की है|मुख्य मंत्री का कहना है कि स्मारकों में जनता का पैसा खर्च हुआ है। वहां शादी होने से शादी करने वालों की नहीं, स्मारकों की ख्याति ही बढे़गी। उनका प्रचार भी होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि चुनाव के समय स्मारकों में अस्पताल खोलने और बेहतर इस्तेमाल की बात हुई थी, तब उसे अंदर से नहीं देखा था। यहां के एक स्मारक में अष्टधातु के जानवर और पेड़ लगे हैं। वहां के खाली स्थानों में शादी-ब्याह होने से कौन सी दिक्कत है। मुख्यमंत्री बिना नाम लिए हुए कहा कि एक सरकारी स्थान की बुकिंग के लिए लाइन रहती है, क्योंकि सब जानते हैं कि अच्छे स्थान पर कम पैसों में शादी हो जाएगी। ऐसे में स्मारक का बेहतर इस्तेमाल हो जाएगा। शादी ब्याह होगा तो उनका प्रचार भी हो जाएगा। स्मारकों की ख्याति भी फैल जाएगी।
इस सरकारी घोषणा के विरुद्ध बी एस पी कड़ी हो गई है|सत्ता मुक्त हुई बी एस पी ने इस मुद्दे को सडकों पर ले जाने की बात कह दी है और जाति वादी युद्ध की भूमिका की तरफ इशारा भी कर दिया है|पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने राष्ट्रपति से मुलाकात करके प्रदेश सरकर के निर्णय को दलित विरोधी बताते हुए सरकार को तत्काल बर्खास्त किये जाने के मांग भी कर दी है|
लगता है के २०१४ में होने वाले लोक सभा के चुनावों में अपने अपने वोट बैंक को जोड़े रखने के लिए दोनों पार्टियों को एक मुद्दा मिल गया है|