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Archive for: October 2020

Kejriwal Challenges Capt’s New Bills ;Farm Bills

(New Delhi) Kejriwal Challenges Capt’s New Bills ;Farm Bills
Delhi Chief Minister and AAP national convener Arvind Kejriwal on Wednesday said the Punjab government cannot change laws made by the Centre and asked if the farmers will get the minimum support price by the state assembly legislations.
The Punjab Assembly on Tuesday adopted a resolution rejecting the Centre’s new farm laws and passed four bills it said will counter the contentious legislation enacted by Parliament.
The bills were passed and the resolution adopted unanimously after over five hours of discussion on the second day of a special assembly session called by the Amarinder Singh-led Congress government.
Reacting to the move, Kejriwal called it a “drama” and claimed that the Punjab government cannot change the laws made by the Centre.
“Raja Sahib, you amended the laws of the Centre. Can the state change the laws of the Centre? No. You did a drama. You fooled people. The laws which you passed yesterday by them will the farmers get MSP? No. Farmers want MSP, not your fake and false laws,” Kejriwal tweeted, tagging the post of the Punjab Chief Minister Office.
The state bills provide for imprisonment of not less than three years for the sale or purchase of wheat or paddy below the minimum support price (MSP), exemption of farmers from attachment of land up to 2.5 acres and prevention of hoarding and black-marketing of agricultural produce.
The state bills, however, need the assent of the governor before they become laws. The governor could withhold assent and refer them to the president.
The Punjab Assembly also adopted a resolution rejecting the Centre’s new farm laws
The opposition and farmer unions claim that the new laws will lead to the dismantling of the MSP system, a suggestion repeatedly denied by the BJP-led government at the Centre.

कैप्टन अमरिन्दर सिंह अकालियों और आप पर बरसे

(चंडीगढ़,पँजांब)कैप्टन अमरिन्दर सिंह अकालियों और आप पर बरसे
पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने आज तीन संशोधन बिलों के सम्बन्ध में शिरोमणि अकाली दल और आम आदमी पार्टी की कड़ी आलोचना की है। उन्होंने कहा कि ये दोनों राजनैतिक पक्ष विधानसभा में इन बिलों का समर्थन करने के कुछ घंटों बाद ही इनकी निंदा करने लग पड़े।
सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने के बाद पत्रकारों के साथ बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसानों ने इन बिलों के खि़लाफ़ कुछ भी नहीं कहा जिनके हितों की सुरक्षा और राज्य के कृषि क्षेत्र को बचाने के लिए यह बिल बनाए गए हैं।
अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और आप की लीडरशिप के बयानों पर प्रतिक्रया देते हुए कैप्टन ने कहा कि यदि वह सोचते हैं कि मैं और मेरी सरकार लोगों को मूर्ख बना रहे हैं तो फिर उन्होंने सदन में यह बात क्यों नहीं कही? उन्होंने हमारे बिलों का समर्थन करते हुए वोट क्यों दिया? इन दोनों राजनैतिक पक्षों के नेताओं ने मुख्यमंत्री पर बिलों को राज्यपाल/राष्ट्रपति द्वारा दस्तख़त न करने की संभावना बारे की गई टिप्पणी का हवाला देते हुए लोगों को गुमराह करने का दोष लगाया है।
अकाली दल और आप नेताओं की तरफ से मीडिया /सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणियों के हवाले के साथ मुख्यमंत्री ने कहा कि दोनों विरोधी पक्षों ने राज्य सरकार के किसान पक्षीय प्रयासों की अहमीयत को घटाने की कोशिश करके अपना असली रंग दिखा दिया है जबकि इन दोनों पार्टियों ने पहले सदन में बिलों के समर्थन का दिखावा किया। उन्होंने कहा कि विरोधी पार्टियों के नेताओं ने केंद्र सरकार के खेती कानूनों को प्रभावहीन बनाने के लिए इन कानूनों को रद्द करने का प्रस्ताव पास करने में उनकी सरकार का साथ दिया और यहाँ तक कि राज्यपाल को कापियां सौंपने के लिए भी साथ गए और बाद में किसानी को बचाने के लिए राज्य सरकार की तरफ से उठाए गए कदमों की निंदा करना शुरू कर दिया। उन्होंने कहा कि स्पष्ट तौर पर इनमें कोई शर्म बाकी नहीं रही।
एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि अन्य राजनैतिक पार्टियाँ ख़ास तौर पर आप, जिसकी दिल्ली में सरकार है, को पंजाब जैसे कानून लाने चाहिएं ताकि केंद्रीय खेती कानूनों के घातक प्रभावों को प्रभावहीन बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि अरविन्द केजरीवाल को भी पंजाब के रास्ते पर चलना चाहिए।
मुख्यमंत्री ने दोहराते हुए कहा कि यदि केंद्र सरकार उनकी सरकार बखऱ्ास्त कर देती है तो उनको इसकी कोई परवाह नहीं परन्तु वह आखिरी दम तक किसानों के हकों की रक्षा के लिए लड़ते रहेंगे। एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि केंद्र सोचता है कि मैने कुछ गलत किया है तो वह मुझे बखऱ्ास्त कर सकते हैं। मैं डरने वाला नहीं हूँ। मैं पहले भी दो बार इस्तीफ़ा के चुका हूँ और दोबारा भी दे सकता हूँ।
एक सवाल के जवाब में मुख्यमंत्री ने कहा कि कानूनी तौर पर बहुत से रास्ते मौजूद हैं परन्तु उनको उम्मीद है कि राज्यपाल लोगों की आवाज़ सुनते हुए अपनी जि़म्मेदारी निभाएंगे। कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि पंजाब की आवाज़ राज्यपाल के पास पहुँच चुकी है और वह भारत के राष्ट्रपति को बिल भेजेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति राज्य के लोगों की भावनाओं और अपील को दरकिनार नहीं कर सकते।
इस दौरान मीडिया के साथ बातचीत के दौरान एक सवाल के जवाब में कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने कहा कि वह खुश हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू बीते दिन सदन में आए और खेती बिलों पर अच्छी बहस की।

पहलीआज़ाद सरकार और 1947 के विस्थापितों के योगदान को भुलाया

#आज़ादहिंदफौज का भुलाया जा चुका सिपाही
ओए झल्लेया! मुबारकां
ओए तुझे याद भी है?
आज के दिन हसाडे नेताजीसुभाषचंद्रबोस जी ने पहली आज़ाद सरकार बना कर अंग्रेजों को चेतावनी देकर भारतवासियों में एक नई उम्मीद जगाई थी
#झल्ला
भापा जी! नेताजी को लख लख को सैलूट है । जैसे आपलोगों के बलिदान को इतिहास में उचित स्थान नही मिला ठीक उसी तरह 1947 में लुटे पिटे ,विस्थापितों को ना केवल भुला दिया गया वरन उनके हक के #कंपनसेशन क्लेम तक लूट लिए गए

योगीजी! हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट निर्माण में कोई विशेष घराना है ???

#भजपाई चेयर लीडर
ओए झल्लेया ! हसाडे मुख्यमंत्री महंत आदित्यनाथ योगी जी महाराज ने फरमान जारी कर दिया है कि अब उत्तर प्रदेश में #हाईसेक्यूरिटीनम्बरप्लेट के बगैर कोई वाहन सड़कों पर नही चलेगा।ओए इस नम्बर प्लेट से वाहन मालिक का पूरा विवरण एक क्लिक में ही मिल जाता है।
#झल्ला
चतुर सुजान जी!पहले ये दस्सो कि इस नम्बर प्लेट के निर्माण में कौन सा घराना है क्योंकि नए वाहनों के लिए पर्याप्त हाई सिक्योरिटी रजिस्ट्रेशन प्लेट उपलब्ध नही है इसके बावजूद पुराने वाहनों के लिए भी यह #एचएसआरपी लाज़िम कर दी गई है

IndiGo to Charge ₹, 100 for Check-in at Airport Counters

(New Delhi)IndiGo to Charge ₹, 100 for Check-in at Airport Counters
The aviation ministry had in May made it mandatory for passengers to do web check-in so as to reduce touch points at the airport amid the coronavirus pandemic. Once web check-in is done, the online boarding pass is issued by the airline to the passenger.
The low-cost carrier resumed domestic passenger services in India on May 25 after a gap of two months due to the COVID-19 pandemic.

Ministry of MSME Has No Association With MSME Export Promotion Council

(New Delhi) Ministry of MSME Has No Association With MSME Export Promotion Council
Ministry of MSME, Government of India has said that it is noticed that certain messages are being circulated in Media and Social Media regarding issuance of appointment letter to the post of ‘Director’ by MSME Export Promotion Council. It is also seen that this organization is using the name of Ministry of MSME.
It is hereby clarified that Ministry of MSME, Government of India is not associated with the MSME Export Promotion Council in any way. Also, the Ministry of MSME has not authorized any posting or appointment to any post related with this council. The Public is informed and advised not to fall prey to such messages or such elements.

पँजांब में कागज झूठा कब्जा सच्चा वाली कहावत फिर हुई चरितार्थ

(चंडीगढ़,पँजांब)पँजांब में कागज झूठा कब्जा सच्चा वाली कहावत को चरितार्थ करते हुए
12 साल से काबिज़ छोटे/दर्मियाने किसानों को वाजिब कीमतों पर सरकारी ज़मीन का मालिकाना हक देने की कवायद शुरू हो गई
मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह के नेतृत्व वाली मंत्रीमंडल की मीटिंग के दौरान आज यह फ़ैसला लिया गया। मंत्रीमंडल ने पंजाब (छोटे और दर्मियाने किसानों के कल्याण और निपटारा) राज्य सरकार ज़मीन अलॉटमैंट बिल, 2020 को मंज़ूरी देकर किसानों और राज्य सरकार दोनों के हितों की रक्षा को यकीनी बनाया है।
पिछली अकाली-भाजपा सरकार ने साल 2016 में पंजाब राज्य सरकार ज़मीन अलाटमैंट एक्ट 2016 (2016 का पंजाब एक्ट नं. 54) बनाया गया था, परन्तु इस एक्ट के अधीन एक भी टुकड़ा ज़मीन किसानों को अलॉट नहीं किया गया। गौरतलब है कि 1947 के पीड़ित सैट दशकों से अलॉटमेंट लेटर लिए दर दर भटक रहे हैं

सुप्रीमकोर्ट जी!आम आदमी के दर्द की चीखें हुक्मरानों के कान से कोसों दूर

#अनुभवीवकील
ओए झल्लेया!
ये क्या हो रहा है?
ओए कोरोनावधि में भी सरकार ब्याज पर ब्याज वसूल कर आम आदमी की कमर तोड़ने पर तुली हुई है।कहने को तो सरकार इस चक्रवृद्धि ब्याज को माफ कर रही है लेकिन एक माह से ज्यादा हो गया मगर अभी तक फ़ाइल खिसकाने वाले सरकारी पहिये जाम हुए पड़े है।ओए माननीय #सुप्रीमकोर्ट ने भी आम आदमी की दिवाली को ना बिगाड़ने के आदेश दे दिए है
#झल्ला
भापा जी !सुप्रीमकोर्ट जी!आम आदमी के दर्द की चीखें हुक्मरानों के कान से कोसों दूर हैं
।अब देखों सात दशकों से 1947 के पीड़ित अपने हक के #कंपनसेशनक्लेम के लिए दर दर भटक रहे हैं लेकिन संसद तो क्या माननीय #सुप्रीमकोर्ट भी स्वतः संज्ञान नही ले रही

Licence Fee of Multiplexes For Six Months Waived

(Lucknow,UP) Licence Fee of Multiplexes For Six Months Waived
Chief Minister Yogi Adityanath on Wednesday announced exemption of licence fee of multiplexes and cinema halls for the period from April 1 to September 30.
Multiplexes and picture halls were closed during this period because of the coronavirus lockdown and the exemption will come as a major relief to their owners.
The state government has permitted reopening of cinema halls from October 15, subject to certain conditions under the coronavirus protocol.

Retiring Doctors in Pb Granted Extension For 3 Months :Covid 19

(Chd,Pb) Retiring Doctors Granted Extension For Three Months :Covid 19
The Punjab Cabinet led by Chief Minister Captain Amarinder Singh on Wednesday gave its nod to grant three months Extension/Re-employment to Doctors and Medical Specialists w.e.f. October 1, 2020 to December 31, 2020, in view of the Covid crisis.
The decision comes amid continued escalation in Covid cases in Punjab, which currently accounts for more than 1.25 lakh of India’s nearly 72 lakh cases, with infections and deaths continuing to rise on a daily basis.
The Cabinet also approved amendments to the Punjab Health and Family Welfare Technical (Group-C) Service Rules, 2016, for reduction in the prescribed promotional quota, from 25% percent to 10% for the post of Staff Nurse, and in the sanctioned permanent 4216 posts of Staff Nurse to 3577. This will help provide employment opportunities to eligible candidates through direct recruitment against the vacant posts of Staff Nurse and 639 posts surrendered to the Department of Research and Medical Education.
The Cabinet also okayed amendments in these Rules for the post of Dialysis Technician of the Health and Family Welfare Department by including the technically qualified candidates who have passed B.Sc. (Dialysis Technician), in addition to the current educational qualification prescribed for direct recruitmen