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Category: Unrest Strikes

राजस्थानी जिला कलेक्टर करेंगे राज्य में ऋण माफ़ी में अनियमितत्ताओं की जांच

[जयपुर]राजस्थानी जिला कलेक्टर करेंगे राज्य में ऋण माफ़ी में अनियमितत्ताओं की जांच
रजिस्ट्रार, सहकारिता डॉ. नीरज के पवन के अनुसार फसली ऋण माफी योजना, 2018 की अनियमितताओं की जांच जिला कलक्टर द्वारा कराई जाएगी
बताया गया है के डूंगरपुर, भरतपुर एवं चूरू आदि से प्राप्त शिकायतों के फलस्वरूप यह उठाया गया है।

Bainsla Gives Ultimatum To Cong Govt For Gujjar Quota In Rajasthan

[Jaipur] Bainsla Gives Ultimatum To Cong Govt For Gujjar Quota In Rajasthan
He gives 20-day ultimatum to Raj govt
Gujjar leader Kirori Singh Bainsla urged the Rajasthan government on Friday to resolve the issue of reservation for the community in government jobs and educational institutes within 20 days failing which he threatened to stage protest.
Bainsla, who has spearheaded Gujjar agitations in the state,
He said he will hold a ‘panchayat’ in Khandar, Nainwa, Ajmer and Dausa on January 27, February 1, 5 and 13, respectively.
Bainsla also sought support from government employees belonging to the most backward classes.
Gujjars in Rajasthan already have 1 per cent reservation in the ‘most backward’ category but are demanding 5-per cent quota under the legal limit of 50 per cent reservation.

कांग्रेस के २ धड़ों ने आपस में मलयुद्ध करके शिमला में सियासत को गरमाया

[शिमला ] कांग्रेस के २ धड़ों ने आपस में हाथापाई करके शिमला में सियासत को गरमाया
शिमला में बर्फबारी से जहाँ मौसम ठिठुरन पैदा कर रहा है वही आज कांग्रेस के दो धड़ों ने आपस में मल युद्ध करके सियासत को गरमा दिया | हिमाचल प्रदेश कांग्रेस भवन में कुलदीप राठोड के पद को लेकर पूर्व मुख्य मंत्री वीरभद्र सिंह और सुखविंदर सिंह सुखु के समर्थकों में .जम कर हाथापाई हुई

Capt Lambaste Sampla For Denying Travel Permit For Kartarpur Sahab

[Chd,Pb] Capt Lambaste Sampla For Denying Travel Permit to Sangat For Kartarpur Sahab
Punjab Chief Minister Captain Amarinder Singh has lambasted Union Minister and former Punjab State BJP President Vijay Sampla for trying to scuttle the dreams of the Sikh community by unnecessarily complicating the process of travel and darshan at the historic Kartarpur Sahib Gurdwara.Earlier Capt wrote a letter to Union Home minister for Passport Waiver For Sangat To Cross Kartarpur Corridor
The statement of Vijay Sampla rejecting the possibility of Passport waiver and making visa mandatory for the poor and illiterate pilgrims crossing the Kartarpur Sahib Corridor had once again shown that neither the ruling Bhartiya Janata Party (BJP) nor its ally SAD were interested in facilitating the devotees by making travel hassle-free, said the Chief Minister.
Sampla’s claim that all Punjabis had Passports was highly irresponsible and wrong, and showed how misinformed and disconnected from the masses the Minister was,
Capt Said,A Travel Permit could suffice to regulate entry and exit through the Kartarpur Corridor, with any official document, like the Aadhar card (which has biometric details of the citizens), as identification proof for those seeking to travel through the Corridor,

भाजपा के कटारिया बने नेता प्रतिपक्ष,रालोपा ने मूंग पर राज्यपाल के भाषण को रोका

[जयपुर]भाजपा के कटारिया बने नेता प्रतिपक्ष बनाया और रालोपा के बेनीवाल ने मूंग की मांग उठाई
राजस्थान विधानसभा के पहले सत्र के तीसरे दिन बृहस्पतिवार को राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के विधायक हनुमान बेनीवाल ने राज्यपाल के अभिभाषण के दौरान किसानों से मूंग की खरीद की मांग उठा कर हंगामा किया।
राज्यपाल कल्याण सिंह ने जैसे ही अपना अभिभाषण शुरू किया] बेनीवाल ने किसानों का मूंग दाल का मुद्दा उठाया। राज्यपाल ने अपना संबोधन जारी रखा और नवनिर्वाचित विधायकों को बधाई दी। इस बीच संसदीय कार्यमंत्री शांति धारीवाल ने राज्यपाल से अपना अभिभाषण सदन के पटल पर रखने का आग्रह किया।
हालांकि कुछ पंक्तियां पढने के बाद राज्यपाल ने अपना अभिभाषण पटल पर रख दिया और सदन से चले गए।वहीं बेनीवाल व विपक्ष के उपनेता राजेंद्र राठौड़ के बीच एक बार फिर नोक झोंक देखने को मिली।
इसके अलावा भाजपा के वरिष्ठ नेता गुलाब चंद कटारिया को नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने की घोषणा की गई।
विधानसभा अध्यक्ष सी पी जोशी ने सदन में बताया कि भाजपा ने कटारिया को नेता प्रतिपक्ष बनाये जाने के बारे में सूचित किया था जिसे स्वीकार कर लिया गया है।आठवीं बार विधायक बने कटारिया एक बार सांसद भी रह चुके हैं। वह उदयपुर विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।

कर्नाटक विसा अब जीतने वाला ही २०१९ में लोकसभा की २५ सीटों पर सिकंदर कहलायेगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कर्नाटकी वोटर

औए झल्लेया! ये क्या हो रहा है? औए हसाड़े कर्नाटक की सियासत में खरीद फरोख्त का नंगा नाच फिर शुरू हो गया| कांग्रेस और भाजपा अपने अपने विधायकों को ताले में बंद रख कर अपने आप को सुरक्षित तो बता रहा है लेकिन दूसरे पर उनके विधायक खरीदने के आरोप भी लगा रहे हैं|

झल्ला

भोले बादशाहो ! जो जीता वही लोक सभा की २५ सीटों पर २०१९ में सिकंदर कहलायेगा

Congress Seeks Removal of CVC: CBI Director Row

[New Delhi]Congress Seeks Removal of CVC: CBI Director Row
Congress spokesperson Abhishek Manu Singhvi at a press conference at the AICC headquarters said, CVC K V Chowdary is being made to “act like a puppet” of the government, and lobbying for Asthana (CBI Special Director Rakesh Asthana).
Singhvi on Saturday had alleged that the government stood exposed after Justice (retd) A K Patnaik claimed that he had not seen the commission’s recommendations against Verma and not accorded his assent.
He said the Selection Committee removed Verma based on Asthana’s charges, whose plea to quash the FIR against him was dismissed by the Delhi High Court.

गवर्नर कल्याण सिंह ने राजभवन में कर्मचारियों के साथ भोजन ग्रहण किया

[जयपुर]कल्याण सिंह ने राजभवन में कर्मचारियों के साथ भोजन ग्रहण किया | राममंदिर मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में चल रहे मुकदद्मे के दौरान जस्टिस यू यू ललित ने स्वयं को अलग कर लिया हैं तो दूसरी तरफ कल्याण सिंह कर्मचारियों का हौंसला बढ़ाते हुए दिखाई दिए | गौरतलब हे के मुस्लिम पक्ष के वकील राजीव धवन द्वारा जस्टिस ललित की तरफ अविश्वास की ऊँगली उठाते हुए कहा के जस्टिस ललित पूर्व मुख्यमंत्री और अब राजस्थान के गवर्नर कल्याण सिंह के लिए पैरवी कर चुके हैं |इतना सुनते ही ललित ने स्वयं को कार्यवाही से अलग कर लिया |
राजस्थान के राज्यपाल कल्याण सिंह ने गुुरूवार को राजभवन में कर्मचारियों के साथ पोषबड़ा प्रसादी ली।
राज्यपाल श्री सिंह ने कर्मचारियों द्वारा आयोजित कार्यक्रम की सराहना करते हुए उनका हौंसला बढ़़ाया।
राज्यपाल श्री सिंह ने कहा कि इस तरह के कार्यक्रम से कर्मचारियों में आपसी सद्भाव बढ़ता है।
एक-दूसरे को आपस में जानने का मौका मिलता है, जिससे सौहार्द बढ़ता है।

न्यायमूर्ति ललित की तरफ वकील की ऊँगली उठी तो अयोध्या मामले की सुनवाई से हो गए अलग

[नयी दिल्ली]न्यायमूर्ति ललित की तरफ ऊँगली उठी तो अयोध्या मामले की सुनवाई से हो गए अलग
इसी आधार पर अब जस्टिस रंजन गोगोई पर भी सवाल उठने लगे हैं |डॉ राम विलास वेदांती के अनुसार जस्टिस रंजन गोगोई के पिता भी आसाम में कांग्रेस के मुख्य मंत्री रहे हैं |
न्यायमूर्ति ललित पूर्व में पूर्व मुख्य मंत्री और वर्तमान में गवर्नर कल्याण सिंह की पैरवी कर चुके हैं |इसीको निशाना बनाते हुए मुस्लिम पक्ष के वकील राजिव धवन ने ऐतराज किया था|
जन्मभूमि – बाबरी मस्जिद भूमि मालिकाना हक विवाद मामले की सुनवाई करने वाली पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के सदस्य रहे न्यायमूर्ति यू यू ललित ने बृहस्पतिवार को स्वयं को सुनवाई से अलग कर लिया।
अदालत के बैठते ही मुस्लिम पक्ष की ओर से पेश वरिष्ठ वकील राजीव धवन ने प्रधान न्यायाधीश रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली पीठ को बताया कि न्यायमूर्ति ललित उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पैरवी करने के लिए 1994 में अदालत में पेश हुए थे।
हालांकि धवन ने कहा कि वह न्यायमूर्ति ललित के मामले की सुनवाई से अलग होने की मांग नहीं कर रहे हैं, लेकिन न्यायाधीश ने स्वयं को मामले की सुनवाई से अलग करने का फैसला किया।
न्यायमूर्ति गोगोई , न्यायमूर्ति ललित, न्यायमूर्ति एस ए बोबडे, न्यायमूर्ति एन वी रमना और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की सदस्यता वाली पीठ ने धवन के तर्कों पर विचार किया।
धवन ने इस ओर भी पीठ का ध्यान खींचा कि पहले तय किया गया था कि इस मामले की सुनवाई तीन न्यायाधीशों की पीठ करेगी लेकिन बाद में प्रधान न्यायाधीश ने इसे पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के समक्ष सूचीबद्ध करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ गठित करने के लिए एक न्यायिक आदेश की आवश्यकता है।
हालांकि, प्रधान न्यायाधीश ने न्यायालय के उन नियमों का हवाला दिया जिनमें कहा गया है कि हर पीठ में दो न्यायाधीश होने चाहिए और पांच न्यायाधीशों की एक संविधान पीठ गठित करने में कुछ भी गलत नहीं है।
उन्होंने कहा कि मामले के तथ्यों एवं परिस्थितियों और इससे संबंधित विशाल रिकॉर्डों के मद्देनजर यह पांच न्यायाधीशों की पीठ गठित करने के लिए उचित मामला है।
पीठ ने अपने आदेश में कहा कि शीर्ष अदालत पंजीयन सीलबंद कमरे में 50 सीलबंद पेटियों में रखे रिकॉर्डों की जांच करेगा।
उसने कहा कि मामले संबंधी रिकॉर्डों का आकार बहुत विशाल है और कुछ दस्तावेज संस्कृत, अरबी, उर्दू, हिंदी, फारसी और गुरमुखी में हैं जिनका अनुवाद किया जाना आवश्यक है।
पीठ ने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर न्यायालय पंजीयन आधिकारिक अनुवादकों की मदद ले सकता है।
इससे पहले, 27 सितंबर, 2018 को तीन सदस्यीय पीठ ने 1994 के एक फैसले में की गयी टिप्पणी पांच न्यायाधीशों की संविधान पीठ के पास नये सिरे से विचार के लिये भेजने से 2:1 के बहुमत से इनकार कर दिया था। इस फैसले में टिप्पणी की गयी थी कि मस्जिद इस्लाम का अभिन्न अंग नहीं है। यह मुद्दा अयोध्या भूमि विवाद की सुनवाई के दौरान उठा था।
जब चार जनवरी को मामले को सुनवाई के लिए पेश किया गया था, उस समय इस बात का कोई संकेत नहीं दिया गया था कि इस मामले को एक संविधान पीठ को भेजा जाएगा। उस समय शीर्ष अदालत ने केवल यह कहा था कि ‘‘एक उपयुक्त पीठ’’ मामले संबंधी आगे के आदेश 10 जनवरी को देगी।
इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय के वर्ष 2010 के आदेश के खिलाफ 14 याचिकाएं दायर हुई हैं। उच्च न्यायालय ने इस विवाद में दायर चार दीवानी वाद पर अपने फैसले में 2.77 एकड़ भूमि का सुन्नी वक्फ बोर्ड, निर्मोही अखाड़ा और राम लला के बीच समान रूप से बंटवारा करने का आदेश दिया था।

SP Again Blown Sand Of CBI In Rajya Sabha &Got House Adjourned

[New Delhi]SP Again Blown Sand Of CBI In Rajya Sabha &Got House Adjourned
Rajya Sabha proceedings were adjourned till 2 pm on Tuesday without transacting any business as the Samajwadi Party members protested amid reports that the CBI might quiz former Uttar Pradesh chief minister Akhilesh Yadav in an illegal-mining case .
No sooner had official listed papers presented to the House, SP members were up on their feet against the “political vendetta” in the Jamos cartoonsCBI initiating a probe into alleged irregularities in mining during 2012 and 2016 when Yadav held the mining portfolio in the Uttar Pradesh government. They found support in other Opposition parties such as the Bahujan Samaj Party (BSP).
Rajya Sabha Chairman M Venkaiah Naidu adjourned the proceedings till 2 pm, in less than a minute of SP members raising the issue.
But before adjourning the proceedings, he said certain members had given notices under Rule 267 for suspension of business to take up discussions on issues, but he has not allowed any of the notices.
The same can be taken up under different rules,