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Category: Unrest Strikes

विधायक बैंस के खिलाफ पासपोर्ट ऑफिस में हंगामा करने की रिपोर्ट

[लुधियाना,पंजाब]विधायक बैंस के खिलाफ पासपोर्ट ऑफिस में हंगामा करने की रिपोर्ट
लुधियाना छेत्रिय पासपोर्ट ऑफिस के अधिकारी यशपाल ने आत्मा नगर से लोक इन्साफ पार्टी के विधायक सिमरनजीत सिंह बैंस के खिलाफ मॉडल टाउन थाना में रिपोर्ट दर्ज कराई है|विधायक पर आरोप है के उन्होंने बिना अप्पोइंटमेंएट के अपने गनमेन साथियों सहित गार्ड से बदसुलूकी करके जबरन कार्यालय परिसर में प्रवेश किया और कार्यालय में ,प्रतिबंधित, वीडियो ग्राफी भी की|सरकारी कार्य में बाधा पहुँचाने और कर्मचारियों को धमकाने के भी आरोप लगे हैं |इस विषय में थाना प्रभारी और यशपाल से फ़ोन पर सम्पर्क नहीं हो सका | बैंस से भी उनका वक्तव्य नहीं मिल पाया |

रेणुका को”कास्टिंग काउच”तो खुर्शीद को कांग्रेस पर मुस्लिमो का खून सालने लगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चिंतक

औए झल्लेया ये हसाड़े सलमान खुर्शीद और रेणुका चौधरी को कौन सा कीड़ा काट गया ? देख तो खुर्शीद साहिब को कांग्रेस ही मुस्लिमों की कातिल नजर आ रही है तो रेणुका को अपनी तरक्की में भी कास्टिंग काउच दिखाई देने लग गया है|औए इनदोनो ने तो कांग्रेस के मिटटी पलीद कर दी

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान !मत हो इतना हैरान+परेशां और हलकान| रेणुका को”कास्टिंग काउच”तो खुर्शीद को कांग्रेस पर मुस्लिमो का खून सालने लगा है ये कोई नए बात नहीं है |यकीन मान कांग्रेस के प्रिय दिग्विजय सिंह और मणिशंकर अय्यर का स्थान लेने के लिए विकल्प तैयार होने लग गए हैं |और शुरू शुरूमे तो सभी बन्दूक की नाल अपनी तरफ ही करते हैं धीरे धीरे निशाना साधने में परिपक्व हो जाते है

Pb Govt to Generate Rs 200 Cr From Development Tax

[Chd,Pb] Pb Govt to Generate Rs 200 Cr From Development Tax
Capt Amarinder Singh led Punjab government is likely to notify next week the Punjab State Development Tax , which is expected to generate a revenue of Rs 150-200 crore,
The government had announced to impose Rs 200 per month Punjab State Development Tax in the budget session last month.
As part of the additional resource mobilization measures, the state development tax was proposed to be imposed on the income tax payees, who are engaged in professions, trades, callings and employments, earning Rs 30,000 per month and above.
Punjab government had cited states like Maharashtra, Gujarat, Karnataka, Andhra Pradesh and Tamil Nadu which have been collecting this tax for a long time.
Asked when the surcharge on petroleum products was going to be imposed, Badal said it has not been decided yet.
Punjab had also proposed to levy a social security surcharge not exceeding Rs two per litre on the sale of petrol and/or diesel which are subject to Punjab VAT levied under Punjab VAT Act, 2005.

Naidu Refuses To Oblige Cong,Rejects Impeachment Notice

[New Delhi]Naidu Refuses To Oblige Cong,Rejects Impeachment Notice
Rajya Sabha Chairman and Vice President Of India M Venkaiah Naidu today rejected the notice given by opposition parties led by the Congress for impeachment of CJI Dipak Misra citing lack of substantial merit in it,
Naidu held extensive consultations with top legal and constitutional experts before taking the decision
The rejection of the notice comes a day after he held the consultations with such experts to determine the maintainability of the motion.
The sources said Vice President Naidu met several experts after he re-scheduled his travel plans considering the seriousness of the matter.
Seven opposition parties led by the Congress had last week moved a notice before him for impeachment of the Chief Justice of India (CJI) on five grounds of “misbehaviour”.
This is the first time ever that an impeachment notice has been filed against a sitting CJI.

राहुल जी! संविधान सडकों पर नहीं पार्लियामेंट में ही बचेगा

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चेयर लीडर

औए झल्लेया अब आएगा मजा|हसाड़े सोने ते होनहार राहुल गाँधी जी आज संविधान बचाओ मुहीम शुरू करने जा रहे हैं |औए अब संविधान हन्ताओं की खेर नहीं | संविधान+ दलितों पर हो रहे हमलों को राष्ट्रीय स्तर पर उठाकर हमने संविधान को नष्ट होने से बचा ही लेना है |अनुसूचित जातियों+अनुसूचित जनजातियों+ अन्य कमजोर तबकों को मिली सामाजिक सुरक्षा को समाप्त करने के चल रहे षड्यंत्र को बेनकाब करदेंगे|आर एस एस की ऐसी की तैसी कर देंगे |

झल्ला

ओ मेरे चतुर सुजान !लोक तंत्र में पार्लियामेंट ही सबसे बढ़ा संविधान होता है और आपलोग उसी को बर्बाद कर रहे हो |बजट सेशन इसका एक्साम्पल है |सो पार्लियामेंट के जरिये ही संविधान बचेगा |सड़कों पर इस प्रकार के अभियान से तो असंवैधानिक संकट ही पैदा होंगे |

कैप्टेन को 9 का आंकड़ा रास नहीं आ रहा तभी 5प्यारे[विधायक]नाराज

[चंडीगढ़,पंजाब]कैप्टेन को नौ का आंकड़ा रास नहीं आ रहा तभी पांच प्यारे[विधायक] नाराज हो गए |
कैप्टेन अमरिंदर सिंह ने अपनी सरकार के बहुप्रतीक्षित विस्तार को अंजाम देते हुए नौ नए मंत्री बनाये हैं |इसी से अनुशासित पार्टी के विधायक अपना संयम खोने लगे हैं |बेशक इन्होने अभी बगावत का बिगुल नहीं बजाया लेकिन असंतोष का धुंआ उठना शुरू हो गया है
दस विधायक शपथ समारोह ग्रहण में शामिल नहीं हुए जबकि तीन विधायक पार्टी के सम्मानित पदों से इस्तीफा दे चुके हैं| विस्तार अभियान में दोआबा छेत्र की पूर्णतया उपेक्षा की गई है वरिष्ठ नेता अपनी उपेक्षा भी पचा नहीं पा रहे|
[१]संगत सिंह गिलजियां [पिछड़े वर्ग से हैं]
[२] सुरजीत सिंह धीमान
[३] नाथू राम ,
[४] गुरकीरत सिंह कोटली[स्वर्गीय बेअंत सिंह के वारिस]
[५] नवतेज सिंह चीमा आदि खुल कर अपनी नाराजगी दिखा चुके हैं
पंजाब में धर्म और समाज में पांच का विशेष महत्व है

२१०बी के दुकानदारों का सासंद+केंट बोर्ड के उत्पीड़क रवैय्ये पर रोष

[मेरठ,यूपी]२१०बी के दुकानदारों ने शासन+प्रशासन के उत्पीड़क रवैय्ये पर रोष जताया
थाना सादर बाज़ार के क्षेत्र स्थित कोठी नो॰ 210 B के आरआर मॉल के ध्वस्तीकरण में बची दुकानों को बचाने को लेकर संघर्षरत व्यापारियों ने आज मौके पर अनेको बोर्ड लगाए|बोर्डों में भाजपा के सांसद राजिंदर अग्रवाल और केंट बोर्ड के दागी अधिकारी अनुज सिंह के खिलाफ नारे लिखे हुए थे | आरोप है के अनुज चौधरी ने पहले तो ये अवैध दुकाने बनवा दी अब उन्हें उजड़ने के लिए कमर कैसे हुए हैं जबकि सांसद राजिंदर अग्रवाल पीड़ितों को न्याय दिलाने में असमर्थ हुए है केवल आश्वासन देकर ही अपनी राजनितिक रोटियां सेंकने में लगे हुए है |

File photo

File photo

एक बैनर पर लिखा है माननीय सांसद राजेन्द्र अग्रवाल जी के बोल,व्यापारियों की दुकानें तोड़ दो, उन्हें उजाड़ दो | इसके अलावा अनेकों लोगों ने अनुज सिंह को व्यपारियों का हत्यारा बताते हुए कार्यवाही की मांग की है
आज इन दुकानों को गिराया जाना था अब ये ध्वस्तीकरण आगामी सोमवार 23अप्रैल को हो सकती है।
Meerut Cantonment Board Ready For Action File Photo

Meerut Cantonment Board Ready For Action
File Photo

Cong MLAs Resented Punjab Expansion

[Chd,Pb] Cong MLAs Resented Punjab Expansion
Two Congress MLAs expressed disappointment today for being ignored in the expansion of the Punjab Cabinet, hours before the scheduled swearing-in of the new ministers.
Navtej Singh Cheema and
Gurkirat Singh Kotli
voiced their unhappiness a day after another Congress legislator
Sangat Singh Gilzian resigned from All India Congress Committee (AICC) and as Punjab Pradesh Congress Committee vice president over the issue.
Congress finalized the names of nine new ministers yesterday
Khanna MLA Gurkirat Singh Kotli, who is the grandson of former Punjab chief minister Beant Singh, said “old and traditional” families that have won elections for the party should have been considered for Cabinet berths.
Navtej Singh Cheema said “I meet all the criteria for becoming a minister but a junior person has been inducted. I fought three elections and won twice,” .
Cheema, who is from Sultanpur Lodhi in Kapurthala district, said he was disappointed that the Doaba region was “ignored.”
“Only one ministerial berth has been given to Doaba (Sunder Shan Arora) and that too represents the Kandi area. The main Doaba region comprising Jalandhar and Kapurthala, which is known as the NRI belt, is completely ignored,” Cheema said.
“Whenever Congress won seats from the Doaba region, it formed the government,” he said.
He said the party picked three ministers from one district but had ignored Doaba.
With the induction of Dera Baba Nanak MLA Sukhjinder Randhawa in the Cabinet, Gurdaspur district now has three ministers.
Tript Rajinder Singh Bajwa (Fatehgarh Churian) and Aruna Chaudhary (Dinanagar) already represented the district in the ministry.
Amritsar also has three ministers now with the induction of O P Soni (Amritsar Central) and Sukhbinder Sarkaria (Raja Sansi). Navjot Singh Sidhu from Amritsar East was already a minister.
Kotli argued in favour of Punjab’s “traditional” families.
Kotli’s grandfather Beant Singh was chief minister and his father Tej Partap Singh was a minister in previous Congress government.

कांग्रेस सीजेआई पर कीचड उछाल कर भागने के फ़िराक में तो नहीं

[नई दिल्ली]कांग्रेस सीजेआई पर कीचड उछाल कर भागने के फ़िराक में तो नहीं
कांग्रेस आज कल आप पार्टी के सिद्धांत पर चलते हुए कीचड उछाल कर भाग रही है
अच्छा होता कांग्रेस आप के डाउन फाल के कारणों को समझ लेती और श्रीमती इंदिरा गाँधी
की सत्ता में वापिसी के इतिहास को भी पढ़ लेती |पुरानी कहावत हे के काठ की हांडी एक बार ही अंगीठी पर चढ़ती है
लेकिन सियासतदां आज कल एक ही टूटी फूटी हांडी कोबार बार प्रयोग कर रहे हैं|इससे कुछ समय के लिए शोर तो मच जाता है मगर
थाली खाली ही रह जाती है | कांग्रेस कीचड उछालने के दुष्परिणामों को आत्मसात करने के बजाय जस्टिस लोया केस में मुंह की खाये खिसियानी बिल्ली की तरह सी जे आई को ही नौंचने के लिए महाभियोग लेकर आ गई है | संसद में बहुमत नहीं है +आरोपों में दम नहीं है +जनता सहयोग नहीं है फिर भी यह महाभियोग का कीचड उछाला जा रहा है | मालूम हो के कांग्रेस की इस मायने में गुरु “आप” पार्टीने महाभियोग प्रस्ताव से किनारा कर लिया है |
देश के प्रधान न्यायाधीश को पद से हटाने के लिये उनके खिलाफ महाभियोग प्रस्ताव का यह भले ही पहला मामला हो, लेकिन इसके पहले उच्चतम न्यायालय और उच्च न्यायालय के न्यायाधीशों के खिलाफ इस तरह की कार्यवाही चलायी जा चुकी है। सभी मामलों में महाभियोग को अंतिम चरण तक पहुँचाने में असफलता ही हाथ लगी है |
प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा के खिलाफ दुर्व्यवहार और पद के दुरुपयोग के आरोप में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दलों की ओर से आज राज्यसभा के सभापति एम वेंकैया नायडू को महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सौंपा है।
आजाद भारत में पहली बार किसी न्यायाधीश को पद से हटाने की कार्यवाही
मई 1993 में प्रधानमंत्री पी वी नरसिंह राव के कार्यकाल में हुयी थी। उस समय उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश वी रामास्वामी के खिलाफ लोकसभा में महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था। उनके खिलाफ 1990 में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के पद पर रहते हुये भ्रष्टाचार के गंभीर आरोपों के आधार पर पद से हटाने के लिये महाभियोग प्रस्ताव पेश किया गया था। हालांकि यह प्रस्ताव लोकसभा में ही पारित नहीं हो सका था।
साल 2011 में कलकत्ता उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सौमित्र सेन के खिलाफ ऐसा ही प्रस्ताव राज्यसभा सदस्यों ने पेश किया था। इस मामले में उच्चतम न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति बी सुधाकर रेड्डी की अध्यक्षता वाली जांच समिति ने उन्हें अमानत में खयानत का दोषी पाया था। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर ही उन्हें कदाचार के आरोप में पद से हटाने के लिये पेश प्रस्ताव को राज्यसभा ने 18 अगस्त, 2011 को पारित कर किया। इस प्रस्ताव पर लोकसभा में बहस शुरू होने से पहले ही न्यायमूर्ति सेन ने एक सितंबर, 2011 को अपने पद इस्तीफा दे दिया। हालांकि उन्होंने राष्ट्रपति को भेजे त्यागपत्र में कहा था, ‘‘मैं किसी भी तरह के भ्रष्टाचार का दोषी नहीं हूं।’’
कर्नाटक उच्च न्यायालय के मुख्य न्यााधीश पी डी दिनाकरण पर भी पद का दुरूपयोग करके जमीन हथियाने और बेशुमार संपत्ति अर्जित करने जैसे कदाचार के आरोप लगे थे। इस मामले में भी राज्यसभा के ही सदस्यों ने उन्हें पद से हटाने के लिये कार्यवाही हेतु याचिका दी थी। इस मामले में काफी दांव पेंच अपनाये गये।
न्यायमूर्ति दिनाकरण ने जनवरी, 2010 में गठित जांच समिति के एक आदेश को उच्चतम न्यायालय में चुनौती भी दी। बाद में अगस्त 2010 में सिक्किम उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश नियुक्त किये गये न्यायमूर्ति दिनाकरण ने इसमें सफलता नहीं मिलने पर 29 जुलाई, 2011 को अपने पद से इस्तीफा दे दिया। इस तरह उन्हें महाभियोग की प्रक्रिया के जरिये पद से हटाने का मामला वहीं खत्म हो गया।
तेलंगाना और आंध्र प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश सी वी नागार्जुन रेड्डी और गुजरात उच्च न्यायालय के न्यायाधीश जे बी पार्दीवाला के खिलाफ भी महाभियोग की कार्यवाही के लिये राज्यसभा में प्रतिवेदन दिये गये। न्यायमूर्ति पार्दीवाला के खिलाफ तो उनके 18 दिसंबर, 2015 के एक फैसले में आरक्षण के संदर्भ में की गयी टिप्पणियों को लेकर यह प्रस्ताव दिया गया था। लेकिन मामले के तूल पकड़ते ही न्यायमूर्ति पार्दीवाला ने 19 दिसंबर को इन टिप्पणियों को फैसले से निकाल दिया था।
मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय के न्यायाधीश एस के गंगले के खिलाफ वर्ष 2015 में एक महिला न्यायाधीश के यौन उत्पीडन के आरोप में राज्यसभा के सदस्यों ने महाभियोग प्रस्ताव का नोटिस सभापति को दिया था। इस प्रतिवेदन के आधार पर न्यायाधीश जांच कानून के प्रावधान के अनुरूप समिति गठित होने के बावजूद न्यायमूर्ति गंगले ने इस्तीफा देने की बजाय जांच का सामना करना उचित समझा। दो साल तक चली जांच में यौन उत्पीडन का एक भी आरोप साबित नहीं हो सकने के कारण महाभियोग प्रस्ताव सदन में पेश नहीं हो सका

कैप्टेन+राजनाथ में मुलाकात के बाद राहुल ने केबिनेट विस्तार लिस्ट रिजेक्ट की

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

पंजाबी कांग्रेस चेयर लीडर

औए झल्लेया ये क्या हो रहा है? यारा ये राहुल गाँधी ने तो हसाड़े मंसूबों पर पानी फेर कर रख दिया | हसाड़े जुझारू कैप्टेन साहब ने केबिनेट विस्तार के लिए लिस्ट सौंपी लेकिन राहुल ने उसे सिरे से ही नकार दिया |अब हसाड़े जैसे कार्यकर्ताओं का क्या होगा?

कैप्टेन+राजनाथ में मुलाकात बाद राहुल ने के. विस्तार लिस्ट रिजेक्ट की

कैप्टेन+राजनाथ में मुलाकात बाद राहुल ने के. विस्तार लिस्ट रिजेक्ट की


झल्ला

भापा जी १ आपजी की चिंता जायज है |लेकिन इस यक्ष प्रश्न का उत्तर प्राथनीय है के सी एम कैप्टेन अमरिंदर सिंह की लिस्ट के रिजेक्ट होंने के बाद कैप्टेन केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह से मिले? या
फिर उनकी इस बैठक के पश्चात् राहुल ने लिस्ट रिजेक्ट की??