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Category: Economy

श्मशान कर्मकांड के भाव बढ़े,नेता और व्यवसाई! करो टेकओवर की तैयारी

झल्लीगल्लां
श्मशानकाआचार्यजी
Jamos cartoonओए झल्लेया!हसाडे मेहनत के कर्मकांड के लिए दान दक्षिणा पर भी कथित समाजसेवी नाक भों सिकोड़ने लग गए।अरे हमे कोई शादी व्याह में तो बुलाता नही अब ले दे के कोई मरने पर ही यहां आता है।हम पूर्ण निष्ठा से 13 दिन कर्मकांड कराते हैं और अपना परिवार पालते हैं।अब ये कोरोना हमारे कहने से तो आया नही जो इसे लेकर हमारी थोड़ी बहुत इनकम को कोसा जा रहा है।
झल्लाझल्ला
महाराज!थोड़ा हंस वी लया करो।श्मशान में कर्मकांड के भाव बढ़ने से धन्नासेठ और राजनेता भी आकर्षित होंगे और इस कमाऊ व्यवस्था को टेकओवर करने को जुगत लड़ाएंगे।इससे आप लोगों के भी अच्छे दिन आ जाएंगे

Wheat Procurement in Pb fro Apr10 at 4K Centres@1975₹ Qtl

(Chd,Pb)Wheat Procurement in Pb fro Apr10 at 4K Centres@1975₹ Qtl
Food and Civil Supplies Minister Bharat Bhushan Ashu said. That possibility of the arrival of 130 lakh metric tonne wheat in the state’s ‘mandis’.
In a statement, the minister further said the state government has increased the number of procurement centres from 1,872 to 4,000.
Ashu further said during the 2020-21 Rabi season, the state government has made arrangements for new jute sacks of 50 Kgs for the procurement of wheat for the central pool.
Due to the Covid-19 situation, the Punjab government had earlier decided to start the procurement season from April 10 instead of April 1, the minister said, adding the procurement would continue till May 31.

कैप्टन अमरिन्दर ने भी पँजांब में बंधुआ मजदूरी पर केंद्र के पत्र पर भड़ास निकाली

(चंडीगढ़,पँजांब)कैप्टन अमरिन्दर ने भी पँजांब में बंधुआ मजदूरी पर केंद्र के पत्र पर भड़ास निकाली
सीएम ने इसे किसानों और पंजाब सरकार को बदनाम करने के लिए भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार की एक और साजिश बताया।17 मार्च के केंद्र के इस लेटर पर शिरोमणि अकाली दल बीते दिन आलोचना कर चुका है
आज पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिन्दर सिंह ने भी खेतों में बंधुआ मज़दूरों के काम करते होने के गंभीर और झूठे दोष लगाकर राज्य के किसानों बारे गलतफहमियां फैलाने के लिए केंद्र सरकार की कड़े शब्दों में आलोचना की है।
इस समूचे घटनाक्रम का ध्यानपूर्वक अध्ययन करने पर खुलासा होता है कि बी.एस.एफ. द्वारा भारत -पाकिस्तान सरहद के पास से पकड़े गए कुछ संदिग्ध व्यक्तियों की गिरफ़्तारी के सम्बन्ध में राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ सम्बन्धित बहुत ही संवेदनशील जानकारी को अनावश्यक रूप से तोड़-मरोड़ कर निराधार अनुमानों के साथ जोड़ दिया गया जिससे किसान भाईचारे के माथे पर बदनामी का कलंक लगाया जा सके। उन्होंने कहा कि यह हकीकत इस तथ्य से और भी स्पष्ट हो जाती है जिसमें कहा गया है कि, ’’केंद्रीय गृह मंत्रालय के पत्र की सामग्री के चुनिंदा अंश कुछ अगुआ अखबारों और मीडिया संस्थानों को राज्य सरकार के उचित जवाब का इन्तज़ार किये बिना ही लीक किये गए हैं।’’
वह गृह मंत्री के उस पत्र पर प्रतिक्रिया दे रहे थे जिसमें दावा किया गया कि बी.एस.एफ. द्वारा साल 2019 और 2020 में पंजाब के सरहदी जिलों में से 58 भारतीय पकड़े गए थे और बंदी बनाए व्यक्तियों ने खुलासा किया था कि वह पंजाब के किसानों के पास बंधुआ मज़दूर के तौर पर काम कर रहे थे। पत्र में केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आगे लिखा था, ’’आगे यह भी बताया गया था कि ग़ैर कानूनी मानव तस्करी सिंडिकेट इन भोले -भाले मज़दूरों का शोषण करते हैं और पंजाबी किसान इनसे अपने खेतों में घंटों काम करवाने के लिए इनको नशा देते हैं।’’
आंकड़े देते हुए उन्होंने बताया कि 58 बंदियों में से चार पंजाब के अलग-अलग इलाकों के साथ सम्बन्धित हैं और वह बी.एस.एफ. द्वारा भारत-पाकिस्तान सरहद के नज़दीक घूमते हुए देखे गए थे जबकि तीन मानसिक तौर पर अपाहिज पाए गए। एक परमजीत सिंह निवासी पटियाला जो पठानकोट के पास से पकड़ा गया, पिछले 20 सालों से मानसिक अपाहिज और पकड़े जाने से दो महीने पहले अपना घर छोड़कर गया था। रूड़ सिंह निवासी गुरदासपुर पकड़े जाने वाले दिन से ही इंस्टीट्यूट ऑफ मैंटल हैल्थ, अमृतसर में दाखि़ल करवाया गया था। एस.बी.एस. नगर का रहने वाला एक और व्यक्ति सुखविन्दर सिंह भी मानसिक रोग का सामना कर रहा है। इसके बाद ये तीनों व्यक्ति स्थानीय पुलिस द्वारा तस्दीक करने के उपरांत उसी दिन इनके परिवारों के हवाले कर दिए गए थे।
हिरासत में लिए 58 व्यक्तियों में से 16 दिमाग़ी तौर पर बीमार पाए गए जिनमें से चार बचपन से ही इस बीमारी से पीडित थे। इनमें से एक बाबू सिंह वासी बुलन्द शहर, (उत्तर प्रदेश) का तो आगरा से मानसिक इलाज चल रहा था और उसके डॉक्टरी रिकार्ड के आधार पर उसे पारिवारिक सदस्यों के हवाले कर दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि बी.एस.एफ. द्वारा पकड़े गए तीन व्यक्तियों की पहचान उनकी मानसिक स्थिति के कारण नहीं की जा सकी। उन्होंने कहा कि ऐसी मानसिक दशा वाले व्यक्तियों को कृषि के कामों के लिए बंधुआ मज़दूर के तौर पर नहीं रखा जा सकता।

हीरो समूह की व्योवर्द्ध संतोष मुंजाल (92)नही रही

(नयी दिल्ली)हीरो समूह की व्योवर्द्ध संतोष मुंजाल नही रही
हीरो समूह के प्रवर्तक मुंजाल परिवार की बड़ी बुजुर्ग संतोष मुंजाल का निधन हो गया।
हीरो मोटोकॉर्प के मानद चेयरमैन स्व. बृजमोहन लाल मुंजाल की पत्नी संतोष मुंजाल (92) का शुक्रवार को निधन हो गया।
उनके परिवार में पुत्र सुमन मुंजाल (रॉकमैन इंडस्ट्रीज लि. के कार्यकारी चेयरमैन), पवन मुंजाल (हीरो मोटोकॉर्प के चेयरमैन, प्रबंध निदेशक एवं सीईओ) तथा सुनील मुंजाल (हीरो एंटरप्राइजेज के चेयरमैन) तथा पुत्री गीता आनंद शामिल हैं। वह अपने पीछे नाती-पोतों राहुल, अभिमन्यु, उज्ज्वल, अक्षय, विदुर, वसुधा, सुप्रिया, अनुव्रत, गायत्री और अर्जुन को भी छोड़ गई हैं।

केंद्र ने मानव तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्यवाही को कहा तो अकाली भड़के

(दिल्ली,चंडीगढ़)केंद्र ने मानव तस्करी सिंडिकेट के खिलाफ कार्यवाही को कहा तो अकाली भड़के
केंद्रीय गृह मंत्रालय के अनुसार तेजी से बढती इस समस्या की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से “इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उपयुक्त उपाय करने” का केवल अनुरोध किया है।समस्या की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार से “इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए उपयुक्त उपाय करने” का केवल अनुरोध किया है।पंजाब के सीमावर्ती गाँवों में बंधुआ मजदूरों के मुद्दे पर पंजाब के किसानों को दोषी नहीं ठहराया गया
गृह मंत्रालय के अनुसार मीडिया के एक वर्ग ने गलत तरीके से बताया है कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर राज्य के किसानों के खिलाफ कथित रूप से गंभीर आरोप लगाए हैं। ये समाचार रिपोर्ट भ्रामक हैं और पंजाब के चार संवेदनशील सीमावर्ती जिलों में विगत दो वर्षों की अवधि में उभरने वाली सामाजिक-आर्थिक समस्या के बारे में एक साधारण अवलोकन की विकृत और अतिसंपादकीय राय प्रस्तुत करते हैं, जिसे संबंधित सीएपीएफ द्वारा इस मंत्रालय के संज्ञान में लाया गया है। इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता डॉ दलजीत चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में केंद्र सरकार पर हमला बोलते हुए इसे पँजांब के किसानों को बदनाम करने की साजिश बताया।

MHA is Against Human Trafficking Syndicates ,Not Blaming Punjab

(Delhi,Chd)MHA is Against Human Trafficking Syndicates ,Not Blaming Punjab
Ministry Of Home Affairs said
A section of the media has erroneously reported that this Ministry has written to the Punjab Government allegedly levelling grave charges against the farmers of the state. These news reports are misleading and present a distorted and highly editorialized opinion of a simple observation about a socioeconomic problem emerging from four sensitive border districts of Punjab over a period of two years, which has been brought to the attention of this Ministry by the concerned CAPF.
Firstly, no motive can be ascribed to a letter issued by this Ministry to a particular State or States as this is part of routine communication over Law and Order issues. This letter has also been forwarded to Secretary, Union Ministry of Labour & Employment with a request to carry out a sensitization exercise in all States, with an aim to check the duping of vulnerable victims at the hands of unscrupulous elements.
Secondly, some of the news reports about the letter have juxtaposed in a totally unrelated context to conclude that the MHA has framed “grave charges” against the farmers of Punjab and has also connected this with the ongoing farmers’ agitation. The letter clearly and only states that “human trafficking syndicates” hire such labourers and they are “exploited, paid poorly and meted out inhuman treatment” besides luring them with drugs to extract more labour affecting their “physical and mental health”.
Keeping in view the multi-dimensional and overwhelming enormity of the problem, this Ministry has only requested the State Government(s) to “take suitable measures to address this serious problem”.
Earlier Dr Baljeet Singh Cheema Slashed Central Govt Alleging that this letter is an attempt to defame Punjab’s Farmers

उपराष्ट्रपति जी! पीड़ित किसकी मां को मासी कहे

झल्लीगल्लां
भजपाईलेखक
VP M Venkaiyya naiduओए झल्लेया!हसाडे सुयोग्य उपराष्ट्रपति और राज्यसभा के सभापति एम. वेंकैया नायडू ने आज अपनी मूल जड़ों को याद रखने तथा अपनी माता, मातृभाषा, मातृभूमि और पैतृक स्थान को सम्मान देने का आह्वाहन किया है।
ओए श्री नायडू ने भुवनेश्वर राजभवन में “नीलिमारानी- माई मदर-माई हीरो” नामक पुस्तक का विमोचन करने के बाद जनसमूह को संबोधित करते हुए शिक्षा, न्यायपालिका तथा प्रशासन में मातृभाषा के व्यापक उपयोग की अपील की। “साझा करने एवं देखभाल करने” की सच्ची भावना में, उन्होंने सफल पुरूषों एवं महिलाओं को अपने पैतृक गांवों में रहने वाले लोगों की सहायता एवं समर्थन करने की अपील है।
झल्ला
चतुर सेठ जी!
झल्लाहसाडी माता रब्ब के चरणों मे समा गई।हसाडे पुरखों की मातृभूमि (रावलपिंडी/दन्दी)दूसरों को दे दी गई।मातृभाषा (पंजाबी) वालों ने 1947 के रिफ्यूजियों को लूट लिया।पैतृक स्थान वाले हुक्मरां पीड़ा सुनने तक को तैयार नही।ऐसे मैं आप ही बताओ कि मैं किसकी मां को मासी खून???

छोटी बचत वालों की हाय+सोशलमीडिया पर आई आलोचनाओं की सुनामी से यू टर्न

झल्लीगल्लां
वरिष्ठनागरिक
U Turnओए झल्लेया!रब्ब का लाख लाख शुक्रिया।ओए केंद्र सरकार को जल्द ही सुबुद्धि आ ही गई।इन्होंने समय रहते अपनी गलती स्वीकार कर ली।
केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने गुरुवार को कह दिया है कि सरकार पीपीएफ तथा एनएससी जैसी छोटी बचत योजनाओं में की गई बड़ी कटौती वापस लेगी और कहा कि ऐसा गलती से हो गया था।
झल्ला
झल्लाभापा जी!आप लोगों की हाय और सोशल मीडिया पर आलोचनाओं की सुनामी के साथ
पश्चिम बंगाल, असम और तीन अन्य राज्यों में चल रहे विधानसभा चुनावों में किये कराए पर पानी फिरने के डर ने छोटीबचत में कटौती से हुक्मरानों को यूंटर्न के लिए मजबूर कर दिया

MoRTH Achieves Record ;Daily Construction of Highways 37 Kms

(New Delhi) MoRTH Achieves Record-Breaking Milestone of Daily Construction of Highways
Tremendous progress has been achieved in building of National Highways across the country in the last few years by the Ministry of Road Transport and Highways. The Ministry has achieved the record-breaking milestone of constructing 37 kilometres highways per day in year 2020-21, which is unprecedented. Minister for Road Transport & Highways and MSME,
Average annual construction (average annual construction length) during FY2015 to FY2021 has increased by 83% compared to FY2010 to FY2014
Cumulative cost of ongoing project works has increased by 54% at the end of Financial Year 2021 compared to Financial Year 2020 (as on March 31st)