Ad

Category: Economy

Agitators Unlawfully Entered In Historical Red Fort ;Tractor Rally

( Delhi,Chd,)CM of @PunjabGovtIndia @capt_amarinder’s Appeal For Peaceful #TractorMarchDelhi Failed .Farmers Leaders Failed to Control Agitators en route
Large Number of Farmers +Tractors ,Breaking Barricades +Damaging Public Property, Entered Historical Pride of India The #RedFort
So Constitutional Ethos Are once again Challenged .Police Reacted with Tear Gas Also.
Police lathicharged Agitators at Chintamani Chowk in Shadara as some tractors taking part in the rally tried to deviate from the scheduled route and enter Delhi, on Tuesday.
The rally was scheduled to head towards Apsara Border but some of the tractors pushed through a police barricade at Chintamani Chowk. This prompted lathicharge by the police who tried to push back the farmers.
In the chaos, windshields of some vehicles were shattered.
The police managed to disperse the farmers.
A group of farmers who refused to follow the pre-decided routes, reached the ITO area in central Delhi. Police put barricades, used tear gas and lathicharge to stop them near Delhi Police headquaters to prevent them from moving towards Tilak Bridge.
Now Capt Gets Opportunity to announce Relief of these So Called ,if any,#Martyr
No Surprise if He Give them a space in Pious #JallianwalaBagh

कोरोना से उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने को बाइडेन कृषि मार्ग अपनाएं;मनप्रीतबादल

(चंडीगढ़/बठिंडा,पँजांब) कोरोना से उत्पन्न आर्थिक संकट से उबरने को बाइडेन कृषि मार्ग अपनाएं;मनप्रीतबादल
पँजाब के वित्त मंत्री ने कृषि संकट से उभरने के लिए दोतरफा हल सुझाए हैं। पहला, कृषि कानूनों को रद्द किया जाए और दूसरा, भारतीय आर्थिकता को मज़बूत करने के लिए विश्वव्यापी तजऱ् पर कृषि में व्यापक निवेश की शुरुआत की जाये। उन्होंने कहा कि अगर हमारे मूलभूत और कृषि क्षेत्र में विकास नहीं होता तो निर्माण और सेवा क्षेत्र का विकास भी संभव नहीं है।पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा है कि कोरोना महामारी के कारण उभरी आर्थिक मंदी से बाहर निकलने के लिए भारत को अमरीकी राष्ट्रपति द्वारा बनाई योजना की तरफ ध्यान देना चाहिए। भारत के प्रधानमंत्री को बाइडन के रिकवरी प्लान से प्रेरणा लेनी चाहिए, जिसने पहले ही अमरीका के कृषि विभाग को उनके खाद्य क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करने के निर्देश जारी कर दिए हैं।
आर्थिकता को फिर रेखा पर लाने की (रिकवरी योजना) अमरीका की योजना का हवाला देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री ने कहा कि अमरीका में लगभग तीन करोड़ लोगों को भूख का सामना करना पड़ रहा है और इसमें 1 करोड़ 20 लाख बच्चे शामिल हैं। उनकी सहायता के लिए नये अमरीकी प्रशासन ने अन्य सभी मुद्दों की अपेक्षा कृषि और भोजन को प्राथमिकता दी है। पाँच-नुक्ता एजंडे में उन्होंने कृषि को पहली प्राथमिकता दी है, इसके बाद वित्तीय सहायता, बुज़ुर्ग और बेरोजग़ार हैं।
आज बठिंडा में पत्रकारों को संबोधन करते हुए पंजाब के वित्त मंत्री मनप्रीत सिंह बादल ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सभी देश कोविड के स्वरूप पैदा हुए आर्थिक संकट से बाहर आने के लिए किसानों और कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि भारत के कृषि मंत्रालय को किसानों और कृषि क्षेत्र पर ध्यान केंद्रित करके विश्व स्तरीय रणनीति से प्रेरणा लेनी चाहिए।
भारत में अमरीका के मुकाबले स्थिति अधिक खऱाब है। अमरीका में दो करोड़ के मुकाबले भारत में 20 करोड़ लोग खाद्य असुरक्षा का सामना कर रहे हैं। भारत की खाद्य असुरक्षा प्रणाली नेपाल, बांग्लादेश, श्रीलंका और पाकिस्तान से भी नीचे दर्ज की गई है और कोरोना महामारी के दौरान इसमें और पतन आया है। मनप्रीत बादल ने कहा कि ऐसी स्थिति में यह लाजि़मी है कि भारत सरकार किसान की रोज़ी-रोटी पर हमला करने की बजाय उनको सहायता प्रदान करे।

मोदीभापे !पाकिस्तानी पीएम लियाकत अली की जमीन के अलावा भी सम्पत्तियां है

FB_IMG_1611286829887#भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया! अब तो खुश हो जा। ओये हसाडे धाकड़ मुख्यमंत्री महंतआदित्यनाथयोगी जी ने पाकिस्तान के प्रथम प्रधानमंत्री बनने के लिए लियाकत अली द्वारा मुजफ्फरनगर में छोडे गए 100 बीघा जमीन को उत्तरप्रदेश की सरकार के खातों में दर्ज दर्ज करने के आदेश जारी करवा दिए है ।अब यह बेशकीमती जमीन सरकारी हो जाएगी और जनता के कल्याण में उपयोग की जाएगी
#झल्ला
IMG_20210123_110130_539चतुर सेठ जी!पाकिस्तान के प्रधानमंत्री लियाकत अली की जमीन तो तो आप लोगों को दिखाई दे गई लेकिन पँजांब दिल्ली और यूपी में तत्कालीन मुस्लिम किसानों की छूटी सम्पत्तियों पर अभी भी नाजायज कब्जा है।इसीके फलस्वरूप 1947 के रिफ्यूजियों के उनके हक के #कंपनसेशन/#रिहैबिलिटेशन क्लेम लूट लिए गए ।उन पर भी दृष्टि डालिये

योगीजी!2022 से पहले मेरठ छावनी का बजट तो बढ़वा दो

FB_IMG_1611286829887#भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया!देखा हसाडे व्योवर्द्ध विधायक #सत्यप्रकाशअग्रवाल जी ने जवानों वाली एनर्जी का प्रदर्शन करके #मेरठछावनी में 11 स्थानों पर वसूले जाने वाले #टोलटैक्स पर बोर्ड को घुटनों पर ला दिया।ओए विधायक जी ने अपने स्वभाव और अनुभव से सदस्यों को भी एक कर लिया और आंदोलन छेड़े बगैर ही 3 स्थानों से टोलनाके हटवा दिए और हमारे विपक्षी बेफालतू में विधायक बदलने की रट लगाए हैं
#झल्ला
चतुर सेठ जी! बाहर से आने वाले व्यवसायिक वाहनों से वसूले जाने वाला टोलटैक्स छावनी की भलाई में ही खर्च होता।खैर 2022 से पहले अब अपनी प्रदेश सरकार से इस कटौती को तो पूरा करवा दो

मोदी जी! गरीबों को आवास मगर 1947 के पीड़ितों के कंपनसेशन क्लेम पर चुप्पी क्यूँ

#प्रसन्नचितभाजपाई
ओए झल्लेया! मुबारकां!! ओये हसाडे धाकड़ प्रधान मंत्री नरेन्द्रमोदी साहब ने आवास योजना में 6 लाख बेघरों को अपने पक्के स्थाई आवास का सुख के लिए 2691 करोड़ ₹ प्रदान कर दिए है ।ओये ये तो पिछली सरकार की गलत नीतियों थी जिनका खामियाजा बेचारे गरीबों को दशकों तक भुगतना पड़ा
#झल्ला
ओ मेरे चतुर सेठ जी!
पिछली सरकारों ने तो 1947 के हजारों शरणार्थियों के कानूनी हक के #कंपनसेशन/#रिहैबिलिटेशन क्लेम भी लूटे
उस विषय मे आपके मोदी साहब क्यूँ खामोश हैं
सोर्स लिंकhttps://pib.gov.in/PressReleseDetailm.aspx?PRID=1690393

योगी जी !विभाग कम करने से क्या आउटसोर्स कल्चर समाप्त होगी

#भजपाईचेयरलीडर
ओए झल्लेया! मुबारकां!! ओये हसाडे उत्तरप्रदेश में प्रशासनिक सुधार के लिए विभिन्न 95 विभागों को 54 विभागों में समाहित किया जाएगा।ओए अब इस एक निर्णय से दशकों से चली आ रही अनेकों विसंगतियां दूर हो जाएंगी
#झल्ला
चतुर सेठ जी!क्या इससे आउटसोर्स कल्चर समाप्त होगी ? सरकारी वेबसाइट्स पर बिना सुलझाए समस्यायों को बन्द करना बन्द कर दिया जाएगा ??

सुप्रीम कोर्ट की तरफ ट्रेक्टर मुड़ गए तो भैंस तो पानी मे जाए ही जाए

#पीड़ितनागरिक
ओए झल्लेया!ये किसानों के नाम पर दिल्ली को क्या गधीघेड़ में डाल रखा है।ओए इनके नेता गुरनाम सिंह चढूनी और शिव कुमार कक्का के उजागर होते आपसी स्वार्थों की तरफ से ध्यान बांटने के लिए 26 जनवरी को दिल्ली में ट्रेक्टरमार्च निकालने की धमकी दी जा रही है और सर्वोच्च न्यायालय इसे रोकने के बजाय याचकों को दिल्ली पुलिस के पास भेज रही हैवोही दिल्ली पुलिस को आंदोलनकारियों को कोरोना प्रोटोकॉल का पालन तक नही करा पाई।
#झल्ला
भापा जी!अभी तो निशाना रिपब्लिकडे परेड है अगर खुदा नाखास्ता कल को किसी ने उंगली करके सुप्रीम कोर्ट की तरफ ट्रेक्टर मौड़ दिए तो भैंस तो पानी मे जाए ही जाए

रामभक्त दान संग समस्याएं भी एकत्रित करें ,दानकर्ता पीड़ित को पुण्य मिले तुरन्त

#रामभक्त
ओए झल्लेया! जय श्री राम!
ओए राष्ट्रीय राम मन्दिर निर्माण के लिए भारतीयों ने खुले मन से चंदा/दान देना शुरू कर दिया है। अब तो पहले से ज्यादा धन एकत्रित होगा और मंदिर भव्य बनेगा
श्रीराम इन सबका कल्याण करें।इन्हें स्वर्ग में स्थान दें ।
#झल्ला
भापा जी!
चंदे/दान के साथ ही आम जन की शिकायतें+जरूरतें+समस्यायों को भी एकत्रित किया जाना चाहिए ताकि धन श्री राम के चरणों मे और समस्याएं मोदीसरकार की डेस्क पर पहुंचे और समस्याओं का तुरन्त निबटारा हो सके ।झल्लेविचारानुसार अगला जन्म किसने देखा है । पुण्य मिलना चाहिए तुरन्त

राममंदिर के लिए धनसंग्रह और संग्रहकर्ताओं का सेनिटाइज़ेशन जरूरी है

#मनमयूरनचाताभाजपाई
ओए झल्लेया! मुबारकां!!ओए ये विपक्षी राममंदिर निर्माण की तारीख को लेकर रामभक्तों को चिढ़ाते थे ।अब वोह ध्याड़ा आ गया है ।ओए 39 दिनों में भव्य राम मंदिर बन कर तैयार हो जाएगा। राष्ट्र के इस गौरव के लिए गौरवशाली राष्ट्रपति श्री राम नाथ कोविंद जी ने पांच लाख एक सौ ₹ का चेक देकर धनसंग्रह की शुरुआत करवा दी है
#झल्ला
चतुर सुजाण जी!राम नाम की लूट है सो आपके दागी छुटभैय्ये भी धनसंग्रह टोलियों में शामिल करा लिए गए है। झल्लेविचारानुसार धनसंग्रह और संग्रहकर्ताओं का सेनिटाइज़ेशन बहुत जरूरी है क्योंकि दूषित धन और दूषित धन संग्रहकर्ताओं से धार्मिक उद्देश्य पर सदैव प्रश्नचिन्ह लगा करते है

Punjabi Farmers Burn Copies of Farm Laws on Lohri

(Chd,Pb)Punjabi Farmers Burn Copies of Farm Laws on Lohri
Farmers in Punjab on Wednesday burnt copies of the Centre’s three new farm laws at several places on the festival of Lohri as a mark of protest against the legislations.
Bonfires are an important part of this harvest Festival
Farmers also shouted slogans against the BJP-led Centre and slammed the government for not acceding to their demands. They demanded that the new farms laws should be repealed.
Farmers including women under the banner of Kisan Mazdoor Sangharsh Committee held a protest at Pandherkalan village in Amritsar.
Farmers also burnt copies of the new farm laws at many places including Hoshiarpur, Sangrur and Kapurthala in the state.
Farmers, who have been camping at the Delhi borders, are demanding a repeal of the farm laws and a legal guarantee to the minimum support price for crops.
The Supreme Court on Tuesday had stayed the implementation of controversial new farm laws till further orders and decided to set up a 4-member committee to resolve the impasse over them between the Centre and farmers’ unions protesting at Delhi borders.