Ad

Archive for: September 2018

कैप्टेन के चक्रव्यूह से निकले तो कांग्रेसियों की गालियां:एसऐडी बनाम कांग्रेस

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

पंजाबी कांग्रेसी चेयर लीडर

औए झल्लेया इन हारे हुए अकालियों ने क्या बखेड़ा खड़ा किया हुआ है |गुरु ग्रन्थ साहब की बेअदबी पर जब विधान सभा में बहस शुरू हुई तो जीजा साले समेत सारे के सारे अकाली भाग खड़े हुए और अब टकसाली नेताओं की शरण में जा पहुंचे हैंऔए ये लोग पैसे लेकर अपने टिकट बेचने के अलावा कुछ नहीं करते | प्रदेश हो या केंद्र के मंत्री पद ,सभी पर अपने परिवार को ही स्थापित कराते हैं
cartoon Congress Cheeyar Leader

झल्ला

मेरे चतुर सुजाना !जिस तरह से आपजिओन ने विधान सभा में अकालियों को घेरने के लिए गालियों और आरोपों की व्यूह रचना की थी उससे बच निकलने के लिए इनके लिए सदन की कार्यवाही अलग से करना जरुरी हो गई थी और उसमे सोने पे होगा लगाया PTCने अब आप लोग बौखला कर सडकों पर भी गालियां देने पर उतर आये

कांग्रेस राज में ही सरकारी स्टाफ की कटौती शुरू कर दी गई थी[व्यंग]

झल्ले दी झल्लियाँ गल्लां

कांग्रेसी चीयर लीडर

औए झल्लेया! इस सरकार में ये कया हो रहा है? युवाओं को नौकरियां नहीं मिल रही है और ये हुकुमरान अपने सीने का विकास दिखते फिर रहे हैं \औए आज तो हसाड़े पी चिदंरम साहिब ने भी लेख लिख कर इनके विकास की पोल खोल कर रख दी है

झल्ला

मेरे चतुर सुजान !ये तो सत्य है आजकल सरकारी नौकरियों का अकाल है और जो नौकरियां निकलती भी हैं उनके पेपर पहले ही लीक हो जाते हैं लेकिन झललेविचारअनुसार कांग्रेस की सरकार में ही सरकारी दफ्तरों से स्टाफ की कटौती शुरू कर दी गई थी |बढे ऑफिसर्स के बजट के लिए सेविंग एंड मैचिंग की योजना के अंतर्गत सी और डी कर्मियों की संख्या पर कैंची चलाई गई

स्वराजइंडिया ने दैनिक सफाईकर्मियों के वेतन घटाने पर दिल्लीसरकार को लताड़ा

[नई दिल्ली].स्वराजइंडिया ने दैनिक सफाईकर्मियों के वेतन में ४००० की घटौती करने पर दिल्लीसरकार को लताड़ा
स्वराज इंडिया ने दिल्ली सरकार द्वारा दिल्ली नगर निगम के दैनिक वेटनभोगी स्वच्छता कर्मचारियों के वेतन को घटाकर 13,820 से 9724 किए जाने का कड़ा विरोध किया है।
स्वराज इंडिया के अनुसार एक ओर दिल्ली के विधायकों की वेतन में अभूतपूर्व वृद्धि की गई है तो वहीं दूसरी ओर सफ़ाई कर्मचारियों के वेतन को घटाकर सरकार द्वारा ही निर्धारित मिनिमम वेज से भी कम कर दिया गया है।
नवगठित राजनितिक पार्टी स्वराज इंडिया ने दमनकारी फैसले को तुरंत वापस लेने की मांग की है

Largest Lender SBI Hikes Lending Rate by .02%

[New Delhi]SBI Hikes Lending Rate by .02%
Home, auto and other loans would become costlier as the country’s largest lender SBI Saturday increased its benchmark lending rates or MCLR by 0.2 per cent, a development followed by other lenders.
The new rates are effective from today.
State Bank of India (SBI) has increased the lending rate by 20 basis points across all tenors up to three years.
The rate hike by bank comes a month after the Reserve Bank of India (RBI) hiked benchmark lending rate called repo rate by 25 basis points to 6.5 per cent.

स्मार्ट सिटी के दावेदार “मेरठ” में कचरा प्रबंधन निरंतर बदबूदार हुआ

[मेरठ,यूपी] स्मार्ट सिटी के दावेदार “मेरठ” में कचरा प्रबंधन निरंतर बदबूदार हुआ
यूपी विशेषकर स्मार्ट सिटी के दावेदार मेरठ में हाल निरंतर बदबूदार होता जा रहा है| यहाँ तत्काल कुछ ठोस सकारात्मक क़दमों की आवश्यकता है |ऐसा प्रदेश की विधान सभा और मेरठ के नगरायुक्त के दरबार में ब्यान किया गया है
लेकिन दुर्भाग्य से इस दिशा में कोई तात्कालिक कार्यवाही होती नहीं दिख रही | कचरा प्रबंधन को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन में असहयोग को समाप्त करने के लिए वर्तमान न्रेतत्व भी आगे आता नहीं दिख रहा |इसीलिए माननीय सर्वोत्तम न्यायालय के अनुसार यहाँ भी नए निर्माण पर रोक लगा देनी चाहिए
उच्चतम न्यायालय ने द्वारा महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, उत्तराखंड और चंडीगढ़ सहित कुछ राज्यों तथा केन्द्र शासित प्रदेशों में ठोस कचरा प्रबंधन नीति तैयार नहीं करने पर उन्हें आड़े हाथ लिया है
इन राज्यों में यह नीति तैयार होने तक निर्माण कार्यों पर रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति मदन बी लोकूर और न्यायमूर्ति एस अब्दुल नजीर की पीठ ने कुछ राज्यों और केन्द्र शासित प्रदेशों पर उनके इस रवैये को लेकर जुर्माना भी लगाया। पीठ ने कहा, ‘‘यदि वे चाहते हैं कि लोग गंदगी और कूड़े कचरे के बीच रहे तो फिर क्या किया जा सकता है। ’माननीय यूपी विशेषकर दावेदार मेरठ का हाल निरंतर बदबूदार होता जा रहा है कुछ कीजिये
राजधानी में 2015 में डेंगू से ग्रस्त सात साल के बच्चे की दर्दनाक मृत्यु की खबर का न्यायालय ने स्वत: संज्ञान लिया था और इस मामले की सुनवाई के दौरान कचरे के प्रबंधन का मुद्दा प्रमुखता से सामने आया था।
इसके बाद से न्यायालय ठोस कचरा प्रबंधन के मामले पर भी गौर कर रहा है।
पीठ ने कचरा नीति तैयार नहीं करने और न्यायालय के निर्देशों का पालन नहीं करने के कारण मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, उत्तराखंड और केन्द्र शासित चंडीगढ़ पर भी तीन तीन लाख रूपए का जुर्माना किया।
न्यायालय इस मामले में अब नौ सितंबर को आगे सुनवाई करेगा।